POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: hindi kavita

Blogger: Mahesh Barmate at माही.......
मेरे शहर की खिड़कियाँअब जंगलों में सिमट रही हैंरौशनी का पता नहीं हैऔर ऑक्सीजन की भी कमी है।सुना है कोई बड़ी बीमारी आई हैमैंने नन्हें कंधों पे लाशें देखी हैंकोई आस्था के नाम पर लूट रहा हैकोई प्राइवेटाइजेशन में लुट रहा है।सरकारें धोखा दे रही हैंसरकारें धोखा खा रही हैंपह... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   8:45am 16 Jun 2021 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
                         अनंतख़ामोशी                         अपलकचाँदनी                         कसक चैत्रकी                         जंगलमेंखिले                         मादकमहुएसे                         ... Read more
clicks 314 View   Vote 0 Like   7:09am 28 Feb 2018 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
मैंबाज़ारनहींजाता-बाज़ारनहींजापातादीवालीकेहफ़्ते. खाने-पीनेकीदुकानोंकेबाहरललचाईआँखोंसेताकतेभूखेबच्चे, सूखीगर्भवतीस्त्रियाँहाँफते-खाँसतेआदमीमेराज़ायक़ाकसैलाकरजातेहैंमिठाईकीकिसेपड़ी?लग्ज़रीकारोंमेंचलनेवालेफूलबेचतेलाचार-निरीहबच्चोंसेजबकरतेसौदेबाज़ीतो... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   8:42am 2 Nov 2017 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
लोआजफिर  घटाघिरआईटीसकोईभूलीफिरसेउठआईदिनमहीनेसालयूँहीभागरहेहैंज़िन्दग़ीकिसीमोड़पेठिठकीसीनज़रआईआमोंकेदरख़्ततोअबवीरानपड़ेहैंकोयलमुझेइकदिनकीकरपेनज़रआईनग़मेप्यारके  सबभूलचुकेहैंउजड़ीहुईकहानीयादमगरफिरआईमेड़ोंउगीदूबभीअबसूखचलीहैदिलकीबावड़ीमेंबसकाईहीका... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   3:13pm 9 Oct 2017 #hindi kavita
Blogger: Mahesh Barmate at माही.......
पहले तो ऐसा न थाके तुझे देखने की तड़पतुझे सुनने का एहसासतुझे छूने की चाह और तेरा होने की प्यास..कहाँ था ऐसा कुछ भीजो भी थावो&... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   5:14pm 1 May 2017 #hindi kavita
Blogger: Bal Sajag at बाल सजग...
"चिड़िया" छोटी - छोटी चिड़िया है,कितनी रंग बिरंगी है ।बाग़ बगीचे में रहती है,भोजन की चिंता नहीं करती है ।इधर फुदकती उधर फुदकती,झट से जाकर वो फूल चूसती।पेड़ की डाल पर बैठकर चहचहाती,खूब शोर मचाती और फिर उड़ जाती।इन चिड़ियों को हमें मिलकर बचाना है,इस धरती को और खूबसूरत बनाना है ।... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   11:04am 5 Mar 2017 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
Image from Googleपर्वतोंकीजड़ोंकोमीठीनदियाँसींचतीथींएकबहेलियेऔरगायकेबीचप्रेमहोगया.गायनिछावरतोथीपरविश्वासनकरपाती. बहेलियासमझातादेख, अगरमैंहोता कसाईया, तूमुर्ग़ाबीतोतेराशक़मानीहोतापरमैंभलातुझसेबेवफ़ाक्योंहोऊँगा ?दिनऔररातढलतेगएप्रेमप्रगाढ़होचला. फिरएकदिनगायकी... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   10:20am 30 Jan 2017 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
गधेरेसखेलतेनहींकेवलबल्कि जीतते  भी,घोड़ेअस्तबलोंमेंक़ैदबेचैन कसमसाते  हैं .क़लमपकड़नेकीतमीज़नहींतूलिका थाम  करबेशर्मबेहूदा फ़ोटो  खिंचवातेबेसलीक़ा  रंगलगाते ...गधेथोड़ाऔरतनतेघोड़ेशर्मिंदाहोजातेहैं.... Read more
clicks 332 View   Vote 0 Like   8:13am 15 Jan 2017 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
प्यारेदोस्तों,एकप्रगतिवादी, प्रयोगधर्मीरचनाकारहोनेकेनातेमैंनेफिरएकबारसाहसबटोराहैआपकेसामनेकुछनयीकवितायेंरखनेका. साहित्य-सेवामेंकुछऔरक़दम... आपसबविचारशील*  पाठकोंसेप्रेमानुरोधहैकिकृपयादोबारपढ़ें .. दूसरीबारमेंआपकोनया, असलीअर्थदिखेगा. आपकीटिप्पणियाँ ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   9:03am 6 Jan 2017 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
काशमैंरिक्शावालाहोतातोमेरी'वनहण्ड्रेडपर्सेंटबैंकर'बेटीचमकदारकपड़ोंमेंअपनेबॉससेकहपाती"सर, येमेरेपापाहैं"..अफ़सोसकिमैंवोभीनहीं... कुछभीनहीं!बेचारीबच्चीक्याकहे?*Dedicated to my daughters on Father’s Day(?)(Image from Google)... Read more
clicks 306 View   Vote 0 Like   6:33am 22 Jun 2016 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
गन्दानालाहूँमैँविषैला, वीभत्सदुर्गन्धितऔरकुरूप. तुमनिर्मल-गहनसमुन्दरहरे-नीले-सुनहरे-अलौकिक. उलीचताहूँतुममेंअपनाकलुषऔरपापनिरन्तरओछेपनसे.औरसमालेतेहोतुमसबकुछहँसकरअपनीगहराईमें.नसिर्फ़माफ़करतेरहतेछिछोरीहरक़तोंकोमेरीबल्किसाफ़भीकरते होमुझेज्वार- भाटाखेलक... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   7:43am 2 Feb 2016 #hindi kavita
Blogger: Neeraj Dwivedi at जिजीविषा - नी...
तुम वही हो न,जिसकी पलकों के इशारे बादलों को आकार और समय को पल पल बदलने के गुर सिखातें हैंतुम वही हो न जिसके होंठों के आकार जब चाहें मौसम में ख़ुशी और उदासी ले आते हैं तुम वही हो न जिसकी आँखों के सम्मोहन से चाँद तारे और सूरज एक निर्धारित गति से घूमते रहते हैं तुम वही हो न जिस... Read more
clicks 278 View   Vote 0 Like   2:34pm 15 Jul 2015 #hindi kavita
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
Hi friends!With your support and encouragement my first solo collection is here...Please buy online:http://www.amazon.com/Chitakte-Kaanchghar-Hindi-Amit-Agarwal/dp/9381696705/ref=sr_1_1?s=books&ie=UTF8&qid=1431186333&sr=1-1http://www.cyberwit.net/publications/779... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   5:25am 18 May 2015 #hindi kavita
Blogger: Neeraj Dwivedi at जिजीविषा - नी...
"खुशबू सीली गलियों की"के बारे में लिखने के लिए मुझे बहुत देर हो चुकी है शायद। पता नहीं किसी कविता संग्रह के बारे में लिखने के लायक हूँ मैं या नहीं परन्तु एक संग्रह है जिसके बारे में मैं कुछ लिखना चाहता हूँ। संग्रह का नाम है "खुशबू सीली गलियों की"जिसमें संगृहीत हैं सीमा दी... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   10:35am 26 Mar 2015 #hindi kavita
Blogger: Neeraj Dwivedi at जिजीविषा - नी...
मैं ही क्यों आखिर, हर बार टूटता हूँ?हर जगह छूटता हूँ,मैं ही क्यों आखिर, हर बार टूटता हूँ?मैसूर में खोया जो, कावेरी के जल में,इतिहास की धरती पर, रिमझिम से मौसम में,उस खोये कतरे को,हर जगह ढूंढता हूँ ....हर जगह छूटता हूँ,मैं ही क्यों आखिर, हर बार टूटता हूँ?इस ईंट के जंगल से, क्यों मो... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   3:27pm 14 Jan 2015 #hindi kavita
Blogger: Hardeep Rana at kunwarji's...
अनजानों में कही छिपा होता है जाना-पहचाना सा कोईकभी रास्ते बदल जाते हैतब जान पड़ता हैकभी राहे वो ही रहती हैनजरिये नहीं बदलतेऔर लोग बदल जाते है।फिर कही दूर किसी मोड़ परपलटते है हमना जाने क्या सोच करसाँस समेट कर धड़कन रोक करऔर और पीछे से जिन्दगी छेड़ती है हमेकहती है कि मै ... Read more
clicks 323 View   Vote 0 Like   7:12am 2 Dec 2014 #hindi kavita
Blogger: Neeraj Dwivedi at जिजीविषा - नी...
मैं खुश रहता हूँ,आज कल भीतुम्हारे बिना भी पर तुम्हे पता है कि मुझे कितनी हिम्मत जुटानी पड़ती है कितनी जद्दोजेहद करनी पड़ती है कितनी मेहनत करनी पड़ती हैकितना समझाना पड़ता है बरगलाना पड़ता है खुद कोकितना सचेत सावधान रहना पड़ता है हर पल हर क्षण अपने सपाट सर्द चेहरे पर मुस्कान ... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   11:22am 17 Oct 2014 #hindi kavita
Blogger: Neeraj Dwivedi at जिजीविषा - नी...
एक वृक्ष की शाख हैं हमसाथ हैं हम, हाथ हैं हम,एक वृक्ष की शाख हैं हम,विंध्य हिमाचल से निकली जो,उस धारा की गति प्रवाह हम,मार्ग दिखाने इक दूजे को,बुजुर्ग अनुभव की सलाह हम,फटकार हैं हम, डांट हैं हम, एक वृक्ष की शाख हैं हम।बचपन का उत्साह हम ही हैं,खेल कूद की हम उमंग हैं,जीवन के हर ए... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   1:10pm 15 Oct 2014 #hindi kavita
Blogger: Neeraj Dwivedi at जिजीविषा - नी...
क्षणिका - जल्दी बीतो नजल्दी बीतो न,दिन,रातऔर दूसरे समय के टुकड़ों ...तेज चलो नघडी की सुईयोंधक्का दूँ क्या ...ये टिक टिकजल्दी जल्दी टिक टिकाओ न …तुम्हारा क्या जाता हैपर मेरा जाता है।-- Neeraj Dwivedi-- नीरज द्विवेदीPlease be a follower and do not forget to share with your friends.... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   4:22pm 14 Oct 2014 #hindi kavita
Blogger: Mahesh Barmate at माही.......
कब रोका था मैंने तुझे माही!मेरी ज़िंदगी में आने से और दिल तोड़ कर फिर जाने से... मुझे अपना बनाने से मुझे पलकों में छुपाने से मेरी दुनिया में आ के कुछ देर रुक के मुझे यूं ही सताने से सता के मुहब्बत में फिर रूठ जाने से रूठ के बस यूं ही मुझसे फिर दूर जाने से कब रोका था मैंने तुझे ज़ि... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   6:25pm 13 Sep 2014 #hindi kavita
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
ग़र हो सके तो, अपनी यादों को समझा लेना. जो दलीलें दिल को दी, वो याद, इनको इनको भी करा देना।। ठीक नहीं इनका हर वक़्त आना, ठीक नहीं आकर, पलकों को भिंगो जाना. ग़र हो सके तो, अपनी यादों को समझा लेना।। मेरे टूटने के और भी बहाने है, तुम जिक्र अपना, बचा लेना. मैं रूठा हूँ जग से, तुम्हें पान... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   7:27pm 16 Jul 2014 #Hindi Kavita
Blogger: yaadein at Yaadein...
जिन दरख्तोँ की छाँव मेँ  खेलते थे गाँव मेँ  काँटे लगे जो पाँव मेँ  सहलाये जख्म  उसी की पनाह मेँ  उन्हीँ दरख्तोँ को अपने हाथ से  गिराना पड गया  अपने को अपने आप से  हराना पड गया  नये जमाने की दौड मेँ  तरक्की की इस होड मेँ  जीवन की जोड तोड मेँ  यही था मुनासिब  मन को इस... Read more
clicks 328 View   Vote 0 Like   4:00am 25 Apr 2014 #Hindi Kavita
Blogger: yaadein at Yaadein...
तेरी जुल्फ के  बादल को  अब जरा  लहर जाने दे तेरे होठों की  शबनम को  अब जरा बिखर  जाने दे डूबना चाहता हूँ  मैं अब इन  झील सी आँखों  की गहराई में तू मुझे जिस्म से  रूह में उतर जाने दे दिनेश गुप्ता 'दिन' https://www.facebook.com/dineshguptadin ... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   8:14pm 10 Apr 2014 #Hindi Kavita
Blogger: yaadein at Yaadein...
आपकी आमद से दिल  में चराग जलने लगे, मुरझाये चमन में भी  गुलाब खिलने लगे,  सालों के मानिंद गुजर  रही थी हर घड़ी ,  अब तो वक़्त के भी  पर निकलने लगे, Chitra Kumar Gupta Aapki Aamad Se Dil Mein Charag Jalne Lage तीरगी फैली हुयी थी  स्याह रात की, बनके सूरज तुम  फलक पर आने लगे, होने लगा है हर तरफ  मंजर सहर का , ... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   5:30am 8 Apr 2014 #Hindi Kavita
Blogger: yaadein at Yaadein...
चल दिये अभी से  मैदान छोङकर, अभी तो खेल की  महज इब्तिदा है, क्यूँ चेहरा है जर्द,  क्योँ सीने मेँ है दर्द, अभी तो फ़कत एक  मोहरा पिटा है, Chitra Kumar Gupta Mujhko Manjoor Tera Har Faisla Hai कोशिश खुदा की है  वो नवाजिश, परिन्दा भी तिनके से  बना लेता घोँसला है, एक छोटी सी नाकामी  और ये परेशानी, अभी तो ... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   5:00am 14 Mar 2014 #Hindi Kavita
[Prev Page] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3993) कुल पोस्ट (195242)