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Tag: Hindi Poems

Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
                                                            Image from Googleवो सब चाँद को अंग्रेज़ी में निहार रहे हैं..अनपढ़ है शायद कुछ झेंप रहा है चलो बेचारे को शर्मिन्दग़ी  से बचाएं कुछ देर के लिए ख़ामोश हो जाएँ ... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   11:05am 22 Sep 2019 #Hindi poems
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
बहुत खास है मेरे लिए, होना तुम्हारा.. खिलते है जिन ख्वाबों से, उनमें है आना तुम्हारा. हूँ हर्षित जिस हकीकत से, उनमें है जीना तुम्हारा.. लोग पढ़ते है जिसको जान के कविता, उनमें है बस जिक्र तुम्हारा. जिंदगी और इसकी कहानी, है दोनों ही अधूरी, गर न मिलें इनको साथ तुम्हारा… -सन्नी ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   3:37pm 24 Nov 2017 #Hindi Poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
ड्रॉअरमेंबसयूँहीपड़ीसस्तीशराबकीबोतलहूँ'बार'मेंसजाक़ीमतीस्कॉचकाख़ालीडिब्बानहीं!चाहेंतोपियेंऔरमस्तहोजाएँयाफिरडिब्बोंकोनिहारेंमनबहलायें. हाँ, अगरपियेंतोज़रासंभलकरज़ोरकाधक्कालगेगा,डिब्बोंसेकोईडरनहींसजावटीसामानहैबरसोंयूँहीरहेगा.... Read more
clicks 263 View   Vote 0 Like   6:28am 16 Sep 2017 #Hindi poems
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
Sunny Kumar काश दीवारों के भी जुबान होते, फिर हम उस महफ़िल में न बदनाम होते, लोगों का दोष क्या कहे अब, जब भीष्म मजबूरी का रोना रोते रहे, और कौरव घिनौनी हरकतों पे हंसते रहे, शुक्र है कि कल द्रौपदी को बचाने आये भगवान कृष्ण थे, पर आज क्यों कृष्ण दीवारों में ही कैद रहे? काश जिस इमारत ने द... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   9:33pm 12 Jun 2017 #Hindi Poems
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
ऐसा क्यूं है कि जो खोया था कभी उसका अक्स तुझमें है, ये मुहब्बत की आदत मेरी है या कोई करिश्मा तुझमें है… -सन्नी कुमार ***************************************** क्या इंसान भी फलों सा होता है? जो बाहर से ज्यादा मीठा वो अंदर से सड़ा होता है?? ***************************************** तुम याद आती हो अब भी रोज़, पर फिर मैं भुला देता... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:07am 27 Apr 2017 #Hindi Poems
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
तुम याद आती हो अब भी रोज़, पर फिर मैं भुला देता हूँ, दिल चाहता है तुमसे रूबरू होना, पर हसरतों को दिल में दबा देता हूँ, आज भी उलझता हूँ, उन रूठे ख्वाबों को सहेजने में, पर अब हकीकत की खुशी है इतनी, कि जिन्दगी को कर शुक्रिया, बस मुस्कुरा देता हूं… -सन्नी कुमार ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   9:17am 24 Mar 2017 #Hindi Poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
तमामकोशिशोंकेबावजूदबलिष्ठकेकड़ोंकीफ़ौलादीजकड़सेजबमैंनिकलनपायातोमैंनेइन्तज़ारकिया,और  एक-दूसरेकोखा-खाकरजब वोइतनेमोटेहोगएकीटोकरेमेंनसमाएंतोएकदिनमैं बसचुपचापफिसलकरनिकलगया. भागनेकीजुगतमेंमुझेनचाहतेभीभेड़ोंकेएकरेवड़मेंशामिलहोनापड़ा... कोईबातनहीं,मजबूर... Read more
clicks 303 View   Vote 0 Like   6:38am 19 Jan 2017 #Hindi poems
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
हर सुबह जिस आंगन में, हजारों ख्वाब खिलते है, चाहत की हर उड़ान को, जहाँ पर पंख मिलते है, है वही आँगन मेरा, जहाँ हम रोज संवरते है.. कौतूहलता की हर रात का जहाँ, अंत होता है, ज्ञान से प्रकाशित वह चौखट, जहाँ हमारा भोर होता है.. -सन्नी कुमार ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   5:10pm 5 Dec 2016 #Hindi Poems
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
Another poem by me, written for a very special friend whom i meet over Internet in 2012. Enjoy Reading!! मत आना साथ मंजिल तक, पर कुछ क़दमों तक साथ तो दो.. मत सजाना मेरी दुनियां तुम, पर एक मीठा याद तो दो.. मत मिलना तुम हकीकत में, पर अपने हसीं ख्वाब तो दो.. मत दो मुझे कोई गम, पर जो भी है तुम्हारे वो बाँट तो लो। दो पल तेरे साथ चलने से चलना सीख लूँग... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   3:22pm 25 Oct 2016 #Hindi Poems
Blogger: Ram lakhara at काव्य प्रेरण...
आज ईस्वी सन् का 8 अप्रैल है, वहीं एक साधारण सी तारीख। अप्रैल का आठवां दिन जो कल 9 हो जाएगा। लेकिन विक्रमी संवत् में आज एक खास तारीख है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2073। जी हां इसी दिन को हिन्दू नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से नया वर्ष लगता है, और इस नव वर्ष का उत्सव क... Read more
clicks 523 View   Vote 0 Like   8:55am 8 Apr 2016 #Hindi Poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
स्थूलरहगयानीचेअस्तित्वछूटगयापीछेऔरअबतोतूभीनहींसिर्फ़मुक्ताकाशअनंतशून्य. .चैतन्य.नकोईवासना, नकामना,नशिक़ायत, नप्रार्थना,नआभारही. कौनकरे ? किससे ?क्षणनिरन्तरनहींकैसेरोकोउसे ?आयाऔरगयाघटनाघटगयीबस..बातख़त्म  होगयी !Image from Google*This  poem is dedicated to Purba Chakraborty, whose ‘Paragliding…’ inspired me to write this on... Read more
clicks 344 View   Vote 0 Like   6:48am 9 Mar 2016 #Hindi poems
Blogger: Ram lakhara at काव्य प्रेरण...
आज 8 मार्च है अंतराष्ट्रीय महिला दिवस, साल का वह एकमात्र दिन जब सभी लोग महिलाओं के उत्थान की बात करते है। उसे पुरूष की सामंतवादी प्रभुत्वपूर्ण सोच से उबारने के तरीके सुझाते है और उसकी पैरोकारी करते है। हम सब जीवन के हर मोड़ पर हर पड़ाव पर कहीं न कही, किसी न किसी औरत से जुड़ाव ... Read more
clicks 445 View   Vote 0 Like   7:50am 8 Mar 2016 #Hindi Poems
Blogger: Ram lakhara at काव्य प्रेरण...
अनन्त में गूंजते स्वर का नाम है शिव। शिव वहीं जो सुंदर है, कल्याण मय और सत्य है। शिव वही जो विष पीता है। शिव वही जो जिसके सानिध्य में शत्रु भी मित्र हो जाते है, जैसे शिव के परिवार में चूहा, सर्प, मोर, सिंह परस्पर शत्रु होते हुए भी प्रेम भाव से साथ रहते है। देव बनना सरल है महा... Read more
clicks 399 View   Vote 0 Like   10:11am 7 Mar 2016 #Hindi Poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
बेबाक़आतीहैतुम्हारेरियाज़कीआवाज़देररातयाअलस्सुबह; तुम्हारीखनकती हँसी-सुरमईशामोंको दोस्तोंकेबीचसे. दीग़रहैयेबातकिमैं‘आलाप’कमसुनताहूँऔर‘कोमल’ ज़्यादा, खिलखिलाहट कमऔर बीच की ख़ामोशी लगातार. ये काँचकेटुकड़ेउसे छील नहींपाते...Image courtesy: Google       ... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   7:19am 18 Feb 2016 #Hindi poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
हाँ, तुम्हारीतरफ़हैंफूल,मेरीतरफ़खरपतवार. परजबकभी-कभारचलतीहैहवाउसरुख़सेतोलेआतीहैख़ुश्बुएंमिट्टीपरपानीकीयादोंपरमिट्टीकीबिलकुलताज़ीअक्षत, अनछुई !येकाँचकेटुकड़ेउसेकाटनहींपाते..     Image courtesy: Google    ये भी पढ़ें: दीवार-1 / दीवार- 2 ... Read more
clicks 248 View   Vote 0 Like   6:14am 15 Feb 2016 #Hindi poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
कभीउचककरया लपक करदेखभरलेतातुम्हेंबालसुखातेयाबसआते - जाते;परयेकाँच..!नहींकरपाऊँगाकोईबेजाहरकतनहींछिलें - कटेंगेमेरेहाथ - पाँवदिलमेरालेकिनहै लहूलुहान .Image courtesy: Googleये भी पढ़ें : दीवार-1 ... Read more
clicks 277 View   Vote 0 Like   8:20am 11 Feb 2016 #Hindi poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
किकहींअनाधिकारचेष्टायाअतिक्रमणकीमंशानमानबैठोमैंकुछनबोला;औरतुमनेहमदोनोंकेबीचदीवारउगादी,परउसकेछोरपेवोपैने-नुकीलेकाँचरोपनेज़रूरीथेक्या?... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   9:36am 8 Feb 2016 #Hindi poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
किकहींअनधिकारचेष्टायाअतिक्रमणकीमंशानमानबैठोमैंकुछनबोला;औरतुमनेहमदोनोंकेबीचदीवारउगादी,परउसकेछोरपेवोपैने-नुकीलेकाँचरोपनेज़रूरीथेक्या?Image courtesy: Googleये भी पढ़ें : दीवार-2 ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   9:36am 8 Feb 2016 #Hindi poems
Blogger: Rashmi Savita at मीमांषा- Meemaansha...
तुम नहीं थे, मैं नहीं जानती थी ख़ुशी,पर कभी, तुम्हारे न होने से,जानती हूँ 'ख़ुशी के बिना'कुछ लम्हें;तुम्हारे बिना मैं नहीं जानती थी 'अकेलापन' पर तुम्हारे संग,जानती हूँ कि इसका होना भी है;रोती थी मैं जब कभी,चुपके से, किसी तकिये पररख लेती थी सर,  तुम नहीं थे जब,... Read more
clicks 331 View   Vote 0 Like   7:21am 27 Dec 2015 #hindi poems
Blogger: Rashmi Savita at मीमांषा- Meemaansha...
इतना क्या उदास होना;ये लम्बे रास्ते  हैं, हैं मगर कुछ दूर तक ही, उम्र को यूँ अज़ल तक ढोना नहीं है, हर कुछ, तपे जो आग में, सोना नहीं है।  यूँ पूरी किसी की होती नहीं हैं तमन्नायें,इत्तिफ़ाक़न नहीं है ये ज़िन्दगी में काश होना; इतना क्या उदास होना; समझ के इन रास्... Read more
clicks 270 View   Vote 0 Like   1:53am 7 Nov 2015 #hindi poems
Blogger: Amit Agarwal at Safarnaamaa... सफ़रना...
बर्फ़सागलताहूँमोमसापिघलताभीतर-ही-भीतरबारिशसाबरसता..परपत्थर होगयाहूँमैंनबहताहूँनटपकतानरिसता.. ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:19pm 28 Aug 2015 #Hindi poems
Blogger: Manish Purohit at Musings of a Wandering Heart. . ....
Source: Google Images~~~ Ghazal in Hindi ~~~हुई शब की दस्तक की निकलाया चाँद अक्स-ए-रुख़ यूँ दिखा की शरमाया चाँद  थी ज़ुल्फो की साज़िश में अब्र की रज़ा केसुओं की काली घटा में छुपआया चाँदकशिश-ए-फ़ुर्क़त की ये कैसी थी गर्दिश अधूरे से मिलन में यह पूरा आया चाँद जागते ताकते राह ख्वाबों की शब भर संग हमारे वो त... Read more
clicks 377 View   Vote 0 Like   11:44am 13 Dec 2014 #Hindi Poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
पहुचेंगे तब कहेंगे, उमडेंगे उस ट्ठाई | अझू बेरा समंड मे, बोली बिगूचे काई || When I will reach the other shore I will talk about it. I am sailing right now at the middle of the ocean. मेरा मुझमे कुछ नही, जो कुछ है सो तोर | तेरा तुझको सउपता, क्या लागई है मोर || I don’t have anything of... [ This is an article summary only. Click on the article Title to continue reading this article,share your comments, browse the website and much more !! ]... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   5:55am 13 Jul 2014 #Hindi Poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
गुरू मूर्ती गती चंद्रमा, सेवक नैन चकोर | आठ पहर निरखता रहे, गुरू मूर्ती की ओर || As a chakor bird is always looking at the moon, one should always abide by what preceptor says. गुरू सो प्रीती निबाहिया, जेही तत निबटई संत | प्रेम बिना धिग दूर है, प्रेम निकत गुरू कंत || One can accomplish... [ This is an article summary only. Click on the article Title to continue reading this article,share your comments, browse the website and much more !!... Read more
clicks 411 View   Vote 0 Like   8:32am 6 Jul 2014 #Hindi Poems
Blogger: Rashmi Savita at मीमांषा- Meemaansha...
कुछ अटकाव,कुछ भटकाव पल -पल की किस्सागोई से दिन बनते हैं और अहर्निश हम जलते हैं अग्निशिखा में अपने मन कीकिसी सपन कीराह जो पकड़ी कहीं अटकते कहीं भटकते फिर से शुरू शुरू करते से एक शून्य में लगा है चक्कर भरते गए बही खाते पर चक्र चलाकर धुरी जो ... Read more
clicks 269 View   Vote 0 Like   1:52pm 1 Jun 2014 #hindi poems
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