POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: great poems

Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
ज़र्रों में क्यूँ खोज रहा है काफ़िर शुकून के पल यहाँ,   ज़िन्दगी की रेत पर टिकते हैं वक़्त के निशान कहाँ |       कहीं धुप खिली है आज जहाँ, कल शायद छायाँ हो जाए.  कोई शोला है जो आज यहाँ कल शायद शबनम बन जाए | तू पथिक नहीं अकेला है दरिया की तालाश में. बहुतेरे हैं हमराही तेरे, जो झुझ र... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   4:00am 27 Mar 2014 #great poems
Blogger: Nisheeth at Miles To Go Before I Sleep...
When I go alone at night to my love-tryst, birds do not sing, the wind does not stir, the houses on both sides pf the street stand silent. It is my own anklets that grow lous at every step and I am ashamed. When I sit on my balcony and listen to his footsteps, leaves do not rustle on the...... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   3:30am 17 Jun 2013 #Great Poems
Blogger: Nisheeth at Miles To Go Before I Sleep...
Let your life come amongst them like a flame of light, my child, unflickering and pure, and delight them into silence. They are cruel in their greed and their envy, their words are like hidden knives thirsting for blood. Go and stand amidst their scowling hearts, my child, and let your...... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   8:24pm 9 Jun 2013 #Great Poems
Blogger: Nisheeth at Miles To Go Before I Sleep...
I like to be dependent, and so for ever with warmth and care of my mother my father , to love, kiss and embrace wear life happily in all their grace. I like to be dependent, and so for ever on my kith and kin, for they all shower harsh and warm advices, complaints full wondering ,true and...... Read more
clicks 291 View   Vote 0 Like   3:30am 3 Jun 2013 #Great Poems
Blogger: Nisheeth at Miles To Go Before I Sleep...
If you would have it so, I will end my singing. If it sets your heart aflutter, I will take away my eyes from your face. If it suddenly startles you in your walk, I will step aside and take another path. If it confuses you in your flower-weaving, I will shun your lonely garden. If...... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   3:30am 27 May 2013 #Great Poems
Blogger: Nisheeth at Miles To Go Before I Sleep...
 Where the mind is without fear and the head is held high;Where knowledge is free;Where the world has not been broken up into fragments by narrow domestic walls; Where words come out from the depth of truth;Where tireless striving stretches its arms towards perfection;Where the clear stream of...... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   3:30am 26 Jan 2013 #Great Poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी, शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए। हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में, हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए। सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, सा... Read more
clicks 408 View   Vote 0 Like   8:58am 14 Jan 2013 #great poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
छोडो मेहँदी खडक संभालोखुद ही अपना चीर बचा लोद्यूत बिछाये बैठे शकुनि,मस्तक सब बिक जायेंगेसुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे|कब तक आस लगाओगी तुम,बिक़े हुए अखबारों से,कैसी रक्षा मांग रही होदुशासन दरबारों से|स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैंवे क्या लाज बचायेंगेसु... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   6:55am 30 Dec 2012 #great poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नही विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, काँटों में राह बनाते हैं मुँह से न कभी उफ़ कहते हैं, संकट का चरण न गहते हैं, जो आ पड़ता सब सहते हैं, उद्योग-निरत नित रहते हैं, शूलों का मूल नसाते हैं, बढ़ खु... Read more
clicks 347 View   Vote 0 Like   6:00am 2 Dec 2012 #great poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद। जीवन अस्थिर अनजाने ही, हो जाता पथ पर मेल कहीं, सीमित पग डग, लम्बी मंज़िल, तय कर लेना कुछ खेल नहीं। दाएँ-बाएँ सुख-दुख चलते, सम्मुख चलता पथ का प्रसाद -- जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद। साँसों पर अवलम्बित का... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   5:41am 24 Nov 2012 #great poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
                       ज्यों निकल कर बादलों की गोद से।                        थी अभी एक बूँद कुछ आगे बढ़ी।।                ... This is Article Summary Only. Visit The Website To Read The Complete Article =>... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   5:30am 23 Nov 2012 #great poems
Blogger: Nisheeth at हिंदी साहित्...
गति प्रबल पैरों में भरी फिर क्यों रहूँ दर दर खड़ा जब आज मेरे सामने है रास्ता इतना पड़ा जब तक न मंज़िल पा सकूँ, तब तक मुझे न विराम है, चलना हमारा काम है। कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया कुछ बोझ अपना बँट गया अच्छा हुआ, तुम मिल गईं कुछ रास्ता ही कट गया क्या राह में परिचय कहूँ, राही हमा... Read more
clicks 372 View   Vote 0 Like   6:15am 21 Nov 2012 #great poems
[Prev Page] [Next Page]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3990) कुल पोस्ट (194012)