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Tag: स्वप्नमेरे

Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
जेबों में चराग़ों को अपने ले के निकलना.मुमकिन है के थम जाए आज रात का ढलना. है गाँव उदासी का आस-पास संभालना.हो पास तेरे कह-कहों का शोर तो चलना. मासूम पतंगों की ज़िन्दगी से न खेलो,हर बार तो अच्छा नहीं मशाल का जलना. कश्ती को चलाने में होंसला है ज़रूरी,मंज़ूर नहीं हम को साहिलो... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   12:43pm 11 May 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
पाँव बादल पे उसी रोज़ पड़ गए होते.पीठ पर हम जो परिन्दों के चढ़ गए होते. जिस्म पत्थर है निकल जाता आग का दरिया,एक पत्थर से कभी हम रगड़ गए होते. ढूँढ़ते लोग किसी फिल्म की कहानी में,घर से बचपन में कभी हम बिछड़ गए होते. फिर से उम्मीद नई एक बंध गई होती,  वक़्त पे डाल से पत्ते जो झड़ गए ... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   10:45am 20 Apr 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
ले कर गुलाब रोज़ ही आएँ … मुझे न दें.गैरों का साथ यूँ ही निभाएँ … मुझे न दें. गम ज़िन्दगी में और भी हैं इश्क़ के सिवा,कह दो की बार बार सदाएँ … मुझे न दें. इसको खता कहें के कहें इक नई अदा,हुस्ने-बहार रोज़ लुटाएँ … मुझे न दें. सुख चैन से कटें जो कटें जिंदगी के दिन,लम्बी हो ज़िन्दग... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   3:47pm 7 Apr 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
ये सोच-सोच के हैरान सी हैं दीवारेंघरों के साथ ही दिल में खिची हैं दीवारें लगे जो जोर से धक्केगिरी हैं दीवारेंकदम-कदम जो चले खुद हटी हैं दीवारें सभी ने मिल के ये सोचा तो कामयाबी है जहाँ है सत्य वहीं पर झुकी हैं दीवारें इन्हें तो तोड़ ही देना अभी तो हैं कच्ची   &nbs... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   8:19am 31 Mar 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
ये सोच-सोच के हैरान सी हैं दीवारेंघरों के साथ ही दिल में खिची हैं दीवारें लगे जो जोर से धक्केगिरी हैं दीवारेंकदम-कदम जो चले खुद हटी हैं दीवारें सभी ने मिल के ये सोचा तो कामयाबी है जहाँ है सत्य वहीं पर झुकी हैं दीवारें इन्हें तो तोड़ ही देना अभी तो हैं कच्ची   &nbs... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   8:19am 31 Mar 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
गम न हो गम ख़ुशी ख़ुशी ना हो. रब करे ऐसी ज़िन्दगी ना हो. रेत पर लिख दिया तुझे उस दिन,ख्वाहिशों की वहाँ नदी ना हो. चुप से आँसू हँसी में क्यों छलके,मुसकराहट ये खोखली ना हो. नींद कमबख्त दूर है बैठी,रात पहलू में जागती ना हो. खुशबुओं से महक उठा मौसम,तू कहीं पास ही खड़ी ना हो.&nb... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   7:34am 18 Feb 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
आपकागमआपकीरुस्वाइयाँलेजाऊँगा.देखते ही देखतेपरछाइयाँलेजाऊंगा . आपनेमुझकोकभीमानानहींअपनामगर,ज़िन्दगीसेआपकीकठिनाइयाँलेजाऊँगा. हाथसेछूकरकभीमहसूसतोकरलोहमें, आपकेसरकीकसमतन्हाइयाँलेजाऊँगा. आपकीमहफ़िलमेंआकरआपकेपहलूसेमें, शोखनज़रोंसेसभीअमराइयाँल... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   6:37pm 11 Feb 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
तुमझुकोगेनहींबातहोगीनही.ज़िन्दगीभरमुलाक़ातहोगीनही. थामलोहाथकिस्मतसेमिलताहैये,उम्रभरफिरयेसौगातहोगीनही. आजमौकामिलाहैतोदामनभरो,फिरयेखुशियोंकीबरातहोगीनहीं. धूपनेहैबनायाअँधेरोंमेंघर,देखनाअबकभीरातहोगीनही. दिलमेंनफरतकेदीपकजोजलतेरहे, मीठेपानीकी... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   4:02pm 2 Feb 2021 #स्वप्नमेरे
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
बहला रहे हो झूठ से पगले नहीं हैं हम.बोलो न बात जोर से बहरे नहीं हैं हम. हमसे जो खेलना हो संभल कर ही खेलना,शतरंज पे फरेब के मोहरे नहीं हैं हम. सोने सी लग रही हैं ये सरसों की बालियाँ,तो क्या है जो किसान सुनहरे नहीं हैं हम. हरबार बे-वजह न घसीटो यहाँ वहाँ,   मसरूफियत है, ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   4:25pm 23 Nov 2020 #स्वप्नमेरे
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