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Tag: सर्वाधिकार सुरक्षित

Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
आये बड़ी उम्मीद से, ख़ुदा खैर करे, तेरे दर मौत मिली, ख़ुदा खैर करे.दिल दहल जाता है देख कर मंज़र,       क्या गुज़री उन पर, ख़ुदा खैर करे.उभर आती मुसीबत में असली सीरत,लूटते हैं लाशों को भी, ख़ुदा खैर करे.मुसीबतज़दा को कभी हाथ बढ़ा करते थे,  भूखे से भी करें व्यापार, ख़ुदा खैर करे.इ... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   9:17am 24 Jun 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
अंतराल जीवन और मृत्यु का क्यों होता कभी सुख दायक कभी पीड़ा से भरा, क्यों मिलता है कभी दुःखकरने पर सत्कर्म भी और जो लीन पाप कर्म मेंक्यों पाते वे सुख समृद्धि.मानता हूँ प्रभु, कर्म पर ही है मेरा अधिकार और मेरे ही कर्म होकर लिप्त आत्मा मेंकरते प्रवेश नव शरीर में पुनर्जन्म ... Read more
clicks 270 View   Vote 0 Like   9:01am 20 Jun 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
छोटी छोटी उंगलियों से पकड़ कर हाथ चलना सीखा पिता के साथ,नहीं दे पाते थे छोटे छोटे पैरपिता के क़दमों का साथ,कर लेते अपने क़दम धीमेदेने बेटे के कदमों का साथ, थक जाने पर उठा लेते गोदी मेंनहीं महसूस हुआ कभी बेटे का भार.आज पिता के पैरहो गए अशक्तनहीं दे पाते साथबेटे के तेज़ क़... Read more
clicks 318 View   Vote 0 Like   7:28am 16 Jun 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
सारा जीवन गंवा दिया हैप्रश्नों के उत्तर देने में,बैठें भूल सभी बंधन को,कुछ प्रश्न अनुत्तरित रहने दें.सूरज पाने की चाहत में,शीतलता शशि की बिसरायी,टूटे तारों से अब क्या मांगें,अब आस यहीं पर थमने दें.रिश्ते बने कभी ज़ंजीरें,यादें बनीं कभी अंगारे,बंद करें मुट्ठी में कुछ प... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   8:09am 13 Jun 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: anjana at anjana...
दुख भी है गम भी हैदुख गमगीन दुनिया मेंगुजर रहे है यूहीं तन्हारिश्ते है जिस्म के बसदूर है शायद रुह की मंजिल पल -पल हो रहा है एहसास आ गई है मंजिल करीब धोखा है महज सिर्फमोड है केवल येन जाने कितने मोड है अब बाकि.....Anjannaचित्र गूगल साभार्... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   6:54am 9 Jun 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
इन हथेली की लकीरों से, कहाँ तक़दीर बनती है,मुसाफ़िर ही सदा चलते, कभी मंज़िल न चलती है.चलो अब घर चलें, सुनसान कोने राह तकते हैं,सुबह ढूंढेंगे फ़िर सपने, अभी तो शाम ढलती है.यकीं है आख़िरी पल तक, वो इक बार आयेंगे,रुको कुछ देर तो यारो, अभी तो साँस चलती है.उठे न उंगलियां तुम पर, यही... Read more
clicks 295 View   Vote 0 Like   10:11am 4 Jun 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
जो भी मिला जीवन में चढ़ाये था एक मुखौटा अपने चेहरे पर, हो गया मज़बूर मैं भीसमय के साथ चलने,चढ़ा लिए मुखौटेअपने चेहरे पर.तंग आ गया हूँ बदलते हर पल एक नया मुखौटाहर सम्बन्ध, हर रिश्ते को.रात्रि को जब टांग देता सभी मुखौटे खूंटी पर, दिखाई देता आईने मेंएक अज़नबी चेहराऔर ढूँढता ... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   8:14am 29 May 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
एक बार तेरे शहर में आकर जो बस गया,      ता-उम्र फड़फडाता, किस पिंज़रे में फ़स गया.नज़रें नहीं मिलाता, कोई यहाँ किसी से,एक अज़नबी हूँ भीड़ में, यह दर्द डस गया.रिश्तों की हर गली से गुज़रा मैं शहर में,स्वारथ का मकडजाल, मुझे और क़स गया.साये में उनकी ज़ुल्फ़ के ढूंढा किये सुकून,वह ... Read more
clicks 272 View   Vote 0 Like   9:16am 14 May 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
अहसासों के सूने जंगल में ढूंढ रहा वे अहसास जो हो गये गुम जीवन मेंजाने किस मोड़ पर.हर क़दम पर चुभती हैं किरचें टूटे अहसासों की, सहेज कर जिनको उठा लेता,शायद कभी मिल जायेंसभी टूटे टुकड़े और जुड़ जाये फिर सेटूटे अहसासों का आईना.बेशक़ होंगे निशान हरेक जोड़ परऔर न होगी वह गर्... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   7:47am 9 May 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
                                 मेरी प्रकाशित पुस्तक 'श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश:        बारहवाँ अध्याय (भक्ति-योग-१२.१२-२०)श्रेष्ठ ज्ञान अभ्यास से होता ध्यान ज्ञान से श्रेष्ठ कहाता.उससे श्रेष्ठ कर्म फल तजना,जिससे परम शान्ति है पाता.  (१२.१२)द्वेषहीन, मित्र है स... Read more
clicks 294 View   Vote 0 Like   7:32am 2 May 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
                                  (चित्र गूगल से साभार)दहशतज़दा है हर चेहरा मेरे शहर में,इंसान नज़र आते न अब मेरे शहर में.अहसास मर गए हैं, इंसां हैं मुर्दों जैसे, इक बू अज़ब सी आती है मेरे शहर में.हर नज़र है कर जाती चीर हरण मेरा, महफूज़ नहीं गलियां अब मेरे शहर में.घर हो गए मीनारें, इंसान ह... Read more
clicks 267 View   Vote 1 Like   7:58am 24 Apr 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
                                     (चित्र गूगल से साभार)क्यों पसरती जा रही हैवानियत इंसानों में,क्यों घटता जा रहा अंतरमानव और दानव में,क्यों हो गया मानवघृणित दानव से भी?भूल गया सभी रिश्ते और उम्रदिखाई देती केवल एक देह,बेमानी हो गए शब्द प्रेम, वात्सल्य और स्नेह,आँखों में है केवल भूख ... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   1:38pm 20 Apr 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
                                 मेरी प्रकाशित पुस्तक 'श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश:        बारहवाँ अध्याय (भक्ति-योग-१२.१-११)अर्जुन :जो भक्त निरंतर मनोयोग से सगुण रूप की पूजा करते.कुछ अविनाशी निराकार की हो एकाग्र उपासना करते.इन दोनों में कौन हे भगवन!सबसे श्रेष्ठ योग... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   8:30am 19 Apr 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
आ जाए जब  जीना और मरना जीवन के प्रत्येक पल में,हर आती जाती श्वास दे अहसास मृत्यु और पुनर्जन्म का,पहचान लें अपनी कमियाँनिरपेक्ष भाव सेजो मिटा दे कलुष अंतर्मन का,देखें केवल द्रष्टा भाव सेसभी अच्छे और बुरे कर्मों को,बिना किसी पूर्वाग्रह के झांकें दूसरों के अंतर्मन में औ... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   7:44am 12 Apr 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
मेरी प्रकाशित पुस्तक 'श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश:         ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूपदर्शन-योग-११.४७-५५) श्री भगवान:तुम पर प्रसन्न होकर के अर्जुन यह परमोत्तम रूप दिखाया.तेजोमय, अनंत, विश्वरूप यह,इससे पहले न कभी दिखाया.  (११.४७)न वेदाध्यन स्वाध्याय यज्ञ ... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   8:51am 2 Apr 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
नहीं फाग के स्वर आते हैं,ढोलक ढप हैं मौन हो गए,अब उत्साह नहीं है मन में अब होली में रंग नहीं है.न मिठास बाक़ी रिश्तों में, मिलते हैं गले अज़नबी जैसे,रंग गुलाल हैं पहले ही जैसे प्रेम पगे पर रंग नहीं हैं.महंगाई सुरसा सी बढ़ती,है गरीब की थाली खाली,कैसे ख़ुमार छाये होली का जब ग... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   8:18am 25 Mar 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
मेरी प्रकाशित पुस्तक 'श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश:        ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूपदर्शन-योग-११.३५-४६) संजय: राजन, केशव वचनों को सुनकरकिया प्रणाम था कंपित कर से।नमस्कार पूर्वक था अर्जुन बोला भय और हर्ष से रुधित गले से.  (११.३५)अर्जुन:सुनकर कीर्ति आपकी ... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   9:12am 19 Mar 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
                                                         (चित्र गूगल से साभार) शब्द थे खो जाते भाव के बवंडर में और रह जाता खड़ा बन के मौन पुतला तुम्हारे सामने.सोचा बाँध कर रख दूं एक पोटली में उन शब्दों को जो कह न पाया,और सौंप दूँ तुम्हें तुम्हारे आने पर.तुम्हारी मंज़िल की राह नहीं जाती अब इस गली ... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   7:21am 15 Mar 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
  (१)स्त्री का सम्मानपुरुषत्व की शानकब जानोगे?    (२)नारी दिवसतब बने सार्थकरोज़ दो मान.      (३)न होती जो माँ कहाँ होता अस्तित्व,वह भी है स्त्री.   (४)नहीं अबला आज की यह नारी,कल से डरो.  (५)नारी का मान बनाता घर स्वर्ग आज़मा देखो.     (६)आने दो बेटीकरोगे महसूस क्या होता प्यार.  (७)न हो ... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   4:52am 8 Mar 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
मेरी प्रकाशित पुस्तक 'श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश:        ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूपदर्शन-योग-११.२६-३४) सब धृतराष्ट्र पुत्र व राजाभीष्म द्रोण कर्ण परमेश्वर!साथ हमारे पक्ष के योद्धाकरते प्रवेश आप मुख अंदर. विकराल आपके मुख मेंशीघ्र दौड़ प्रवेश कर रहे.... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   9:25am 6 Mar 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: rashmi prabha at परिचर्चा...
प्रश्न काफी गंभीर ,हैं  जवाब दे सकेगा कोई तहेदिल से ?MERE HISSE ME TANHAYI KYU HAI?: क्या होता?क्या होता?अगर इस दामिनी की जगह सरकार के किसी बड़े नेता की बहू या बेटी की इज्ज़त लुटी होती क्या होता तब?अगर वो यूँ ही बेबस और लाचार ज़िन्दगी और मौत से जूझती अश्रु भरे नयनों से ये सवाल पूछती कि कब ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   10:00am 26 Feb 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
मिल जाताचंद लम्हों का अहसास तुम्हारे साथ होने का,गुनगुनाता तुम्हारे गीत मेरा आशियाँ आज भी.******ख्वाबों का आशियाँअब भी है बेताब रात की तन्हाई में सुनने को एक आहटतुम्हारे कदमों की.******अश्क़ भी हैं भूल गए नयनों से गिरना,रह गयीं सूखी लक़ीरेंतप्त कपोलों परतुम्हारे इंतज़ार म... Read more
clicks 297 View   Vote 0 Like   8:08am 26 Feb 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
मेरी प्रकाशित पुस्तक 'श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश:                       ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूपदर्शन-योग-११.१८-२५) तुम अविनाशी परम ब्रह्म होआश्रय परम हो इस जग के.नित्य व शास्वत धर्म के रक्षक तुम ही सनातनपुरुष विश्व के.  (११.१८)देख रहा हूँ वह रूप आपकाआदि मध... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   8:59am 4 Feb 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: Kailash C Sharma at Kashish - My Poetry...
मत बांधो मुझको परिभाषा के बंधन में,मुझको तो बस नारी बन कर जीने दो.बचपन कब बीता तितली सा,हर कदमों पर बैठा पहरा था.प्रतिपल यह याद दिलाया था, वह घर मेरा कब अपना था.सभी उमंगें मन की मन में दबी रहीं,कह न पायी मुझको मर्ज़ी से जीने दो. गृहलक्ष्मी का थोथा नाम दिया,अस्तित्व मगर खूंट... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   10:08am 29 Jan 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
Blogger: rashmi prabha at परिचर्चा...
समस्या मात्र स्त्रियों की नहीं,पुरुषों की नहीं,समाज की नहींपूरे देश के पारंपरिक अस्तित्व की है विरोध गलत का है सड़े -गले अंडे फेंकने से हमारा तरीका भी प्रश्न बन जाता है धर्म हो या स्व का सम्मान मतभेद,ज़हर फैलानेवाले वे होते हैं जिनकी मित्रता दीमकों से होती है ....... ज़... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   7:14am 29 Jan 2013 #सर्वाधिकार सुरक्षित
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