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Tag: समीक्षा

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at साझा संसार...
लम्हों का सफ़र (कविता-संग्रह) डॉ. जेन्नी शबनमप्रकाशक : हिन्द-युग्म ब्लू, नोएडा, सन - 2020मूल्य - 120/-रु., पृष्ठ - 112, ISBN NO. : 978-93-87464-73-5भूमिका-रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ एवं संगीता गुप्ता......................................................................................शब्दों में सिमटे हुए लम्हों के सफ़र -            ... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   6:27pm 7 Apr 2021 #समीक्षा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at साझा संसार...
लम्हों का सफ़र (कविता-संग्रह) डॉ. जेन्नी शबनमप्रकाशक : हिन्द-युग्म ब्लू, नोएडा, सन - 2020मूल्य - 120/-रु, पृष्ठ - 112, ISBN NO. : 978-93-87464-73-5भूमिका - रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ एवं संगीता गुप्ता ........................................................................................................ शब्दों में सिमटे हुए लम्हों के सफ़र -        ... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:08pm 7 Apr 2021 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
“एहसास के गुंचे”जीवन्ता की सम्वेदना    “एहसास के गुंचे”की रचयिता को मन मिला है एक कवयित्री का, जो सम्वेदना की प्रतिमूर्ति तो एक कुशल गृहणी और एक कामकाजी महिला है। ऐसी प्रतिभाशालिनी कवयित्री का नाम है अनीता सैनी "दीप्ति"जिनकी साहित्य निष्ठा देखकर मुझे प्रकृ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   7:00am 5 Oct 2020 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at शब्दों का दंग...
बाल सुलभ जिज्ञासाओं की अभिव्यक्तियाँ“खेलें घोड़ा-घोड़ा”      सहारनपुर निवासी डॉ.आर.पी.सारस्वत 2016 में मेरे द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय दोहाकार समागम“ में खटीमा पधारे थे। मेरी धारणा थी कि ये दोहाकार ही हैं मगर तीन-चार दिन पूर्व मुझे इनका बाल कविता संग्रह “खेले... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:07am 6 Nov 2019 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
उदात्त भावनाओं की अभिव्यक्ति       अदबी दुनिया में साधना वैद अब तक ऐसा नाम था जो काव्य के लिए ही जाना जाता था। किन्तु हाल ही में इनका कथा संग्रह “तीन अध्याय” और बाल कथा संग्रह “एक फुट के मजनूँमियाँ” प्रकाशित हुआ तो लगा कि ये न केवल एक कवयित्री है अप... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   7:30pm 23 Oct 2019 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
समीक्षित पुस्तक : कादंबिनी क्लब, हैदराबाद रजतोत्सव संस्मारिका/  संपादक मंडल : डॉ. रमा द्विवेदी, मीना मुथा, अवधेश कुमार सिन्हा, डॉ. आशा मिश्र एवं प्रवीण प्रणव/ प्रकाशक : कादंबिनी क्लब, हैदराबाद/ संस्करण : 2019/ पृष्ठ : 140  पुस्तक समीक्षा हैदरा... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:35pm 13 Jul 2019 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
समीक्षा-सकारात्मक एवं अर्थपूर्ण सूक्तियाँ(समीक्षक डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)        मुझे आज डाक से हीरो वाधवानी कृत“सकारात्मक अर्थपूर्णसूक्तियों”की कृति मिली। जिसे पढ़कर मुझे अलौकिक अनुभूति हुई। मैंने अब तक गद्य-पद्य की सैकड़ों कृतियों पर अपने विचा... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   12:20pm 7 May 2019 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
आसान नहीं है बाल साहित्य को रचना      कई दिनों पूर्व मुझे डाक से जय सिंह आशावत जी की बालकृति "गौरैया ने घर बनाया"प्राप्त हुई। जो मुझे बहुत अच्छी लगी और मुझे अपने उन दिनों की याद दिला गयी जब मेरे पौत्र-पौत्री छोटे थे और प्रतिदिन ही नये विषय पर नई कविता की माँग कर द... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   1:30am 15 Apr 2019 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at सृजन मंच ऑनला...
पुस्तक-समीक्षा —-जिज्ञासा काव्य-संग्रह ---डा श्यामगुप्त                                  पुस्तक-समीक्षा------समीक्ष्य कृति—-जिज्ञासा काव्य-संग्रह --- रचनाकार–श्री प्रेमशंकर शास्त्री ‘बेताव’ ..प्रकाशक—अखिल भारतीय अगीत परिषद्, लख... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   5:38pm 21 Jan 2018 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at मयंक की डायरी...
"मुखर होता मौन"ग़ज़ल संग्रहमेरी नज़र से"वियोगी होगा पहला कवि, हृदय से उपजा होगा गान।निकल कर नयनों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान।।"     आमतौर पर देखने में आया है कि जो महिलाएँ लेखन कर रही हैं उनमें से ज्यादातर चौके-चूल्हे और रसोई की बातों को ही अपने ब्लॉगपर लगाती... Read more
clicks 423 View   Vote 0 Like   12:19pm 10 Jul 2016 #समीक्षा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
 कवि और कवितास्व. मोहन चन्द्र जोशी --संसार के प्रत्यक व्यक्ति के मन में हर समय कुछ न कुछ चलता रहता है, लेकिन जो अपने हृदय के भावों को कलमबद्ध कर लेता है वह कवियों की कतार में शामिल हो जाता है। जीवन के उतार-चढ़ाव और अनुभूतियों का प्राकट्य ही तो कविता है। सच पूछा जाये तो ... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   2:32pm 26 Apr 2016 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
शोध पत्रऋषभदेव शर्मा के काव्य में स्त्री विमर्श-     विजेंद्र प्रताप सिंहहिंदी में विमर्श शब्द अंग्रेजी के ‘डिस्कोर्स‘ शब्द के पर्याय के रूप में प्रचलित है, जिसका अर्थ है वर्ण्य विषय पर सुदीर्घ एवं गंभीर चिंतन। सामान्य रूप से कहा जाए तो विमर्श किसी समस्या अथ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   7:57pm 25 Nov 2014 #समीक्षा
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu at hindu0007...
मेरे प्रथम हाइकु संकलन "मुक्त उड़ान"की समीक्षा आदरणीया ऋता दी के द्वारा.......मुक्त उड़ान-हाइकु के क्षेत्र में एक नया हस्ताक्षर कुमार गौरव अजीतेन्दुशुक्तिका प्रकाशन, कोलकाता द्वारा प्रकाशित हाइकु संग्रह 'मुक्त उड़ान'पढ़ने को मिली| यह युवा हाइकुकार कुमार गौरव अजीतेन्द... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   4:41pm 30 May 2014 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at पूर्णिमा...
-डॉ. पूर्णिमा शर्मासाहित्य मनोरंजन, रसास्वादन और चेतना को उद्बुद्ध करने जैसे कई काम करता है. लेकिन उसका सबसे चुनौतीपूर्ण काम शिक्षा प्रदान करने और चरित्र निर्माण करने का होता है. यह काम चुनौतीपूर्ण इसलिए है कि इसकी सिद्धि के लिए साहित्य को उपदेश का सहारा नहीं लेना है. ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   4:33pm 17 Sep 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भूमिका तुम्हारा पोता ही नहीं दादा! यहाँ आदमी ही गुम हो गया‘जीवन : एक संघर्ष’ आंध्रप्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्षडॉ.एस.वी.सत्यनारायण की 50 तेलुगु कविताओं का डॉ.के.श्याम सुंदर द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद है. इस अनूदित काव्यकृति के माध्यम से हिंदी के पाठक समकाल... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   7:22pm 7 Aug 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
मत हँसो पद्मावती; निर्मला भुराड़िया; 2011; वाणी प्रकाशन, 4695, 21ए, दरियागंज, नई दिल्ली-110002; पृष्ठ – 106; मूल्य – 200/=निर्मला भुराड़ियापेशेवर पत्रकार हैं और सामाजिक एवं स्त्री विमर्श विषयक लेखन के लिए खासतौर पर जानी जाती हैं. ‘एक ही कैनवास पर बार बार’ के बाद‘मत हँसो पद्मावती’ (2011) उनक... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   12:30pm 14 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
हैदराबाद : मोहल्ले, गली और कूचे : ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, खंड - 1; डॉ.आनंद राज वर्मा; 2013; अकादमिक प्रतिभा, सरस्वती निवास, यू -9, नियर सोलंकी रोड, सुभाष पार्क, उत्तम नगर, नई दिल्ली-110059; पृष्ठ – 258; मूल्य – रु.800 (पेपरबैक), रु.1600 (हार्डबाउंड)हैदराबाद की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक गौरव-गरिमा क... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   12:15pm 14 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
अरुंधति रॉय का ‘आहत देश’ अरुंधति रॉय (1961)मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में सुपरिचित बागी लेखिका है. उनका लेखन बड़ी सीमा तक व्यवस्था विरोधी ही नहीं प्रचारात्मक भी है. यही कारण है कि  ‘आहत देश’(2012) को पढ़ते समय बराबर ऐसा लगता है कि लेखकीय पक्षधरता अपनी सीमाएँ लाँघकर राजनै... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:37pm 11 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
(भास्वर भारत/ जून 2013/ पृष्ठ 52)प्रार्थना  करो कि शब्दों पर भरोसा बना रहे ‘कहीं कोई दरवाज़ा’ [2013]हिंदी के लब्धप्रतिष्ठित  वरिष्ठ कवि अशोक वाजपेयी [1941]का चौदहवाँ कविता संग्रह है. एक पके हुए कवि का यह कहते हुए युग चेतना के द्वार पर दस्तक देना आश्वस्त करता है कि कविता को लेकर उत्... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   4:28pm 11 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
बीसवीं शताब्दी के दूसरे तीसरे दशक में भारतीय साहित्य में लोकतंत्र और राष्ट्रीयता की चेतना से ओतप्रोत कृतियाँ रची गईं. यह युग ब्रिटिश उपनिवेशवाद से मानसिक स्तर पर मुक्ति की घोषणा का युग था जिसके एक सिरे पर स्वराज्य को जन्मसिद्ध अधिकार मानने वाले लोकमान्य तिलक तथा दू... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   9:40pm 3 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भारत को खंड खंड करने के अनेक प्रयासों के बावजूद समय समय पर ऐसे उदाहरण सामने आते रहते हैं जो इस देश की सामासिकता और अखंडता को प्रमाणित करते हैं. षड्यंत्रपूर्वक भारतीय संस्कृति को आर्य संस्कृति और द्रविड़ संस्कृति में बाँटना या भारतीय भाषाओं को आर्य भाषा और द्रविड़ भा... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   7:25pm 2 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
वर्तमान विश्व को सबसे बड़ा खतरा जिस एक चीज से है वह है आतंकवाद. रक्तबीज की तरह आतंकवाद खुद अपने रक्तबिंदुओं में से नए भीषण, क्रूर, नृशंस और पैशाचिक स्वरूपों में प्रकट होता रहता है. आतंकवाद व्यवस्थित प्रकार से हिंसा का ऐसा प्रयोग है जिसके द्वारा व्यापक जनसंख्या को भयभी... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:16pm 2 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
पूर्व राष्ट्रपति और जाने माने वैज्ञानिक ए.पी.जे.अब्दुल कलाम अपने कृतित्व और चिंतन के कारण 21 वीं शताब्दी के भारतीय नागरिकों के प्रेरणापुरुष हैं. उन्होंने भारत को आर्थिक रूप से विकसित विश्वशक्ति बनाने के सपने को साकार रूप देने के लिए एक कार्ययोजना प्रस्तुत की थी. वस्तु... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   7:06pm 2 Jun 2013 #समीक्षा
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई के पूर्व वैज्ञानिक और भारतीय राजस्व सेवा, नई दिल्ली में आयकर आयुक्त गोपाल कमल विज्ञान, दर्शन और इतिहास के मर्मज्ञ विद्वान हैं. भारतीय संस्कृति उनका विशेष रुचि क्षेत्र है. ‘हिंद महासागर का सांस्कृतिक इतिहास’ (2012) में उन्होंने सांस्क... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   8:02pm 1 Jun 2013 #समीक्षा
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