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Tag: शब्द

Blogger: prem prakash at अंगिका...
मैं तुम्हारे चेहरे पर हंस सकता हूंमैं तुमसे पूछ सकता हूंकि कोयले के खदान में क्या कम पर गया था चट्टानमैं कह सकता हूं कि तुम स्थगित कर दो अपने चेहरे को अपने अस्तित्वबोध से मैं तुम्हारे सामने नहीं खोल सकताअपने महंगे कैमरे का लेंससौंदर्य को नरम के साथ पोर्न मैगजीन को अपन... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   11:23am 27 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash at अंगिका...
तू बोले तोतिमिर तम घोरतू बोले तोभोरमभोरकड़वे बोलमीठे बोलतू बोले तोसब अनमोलमेरी जिह्वामेरी वाणीनहीं चाहिएउनका मोल13.09.18... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   8:45am 13 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash at अंगिका...
जिसे पाया नहींखोना उसका भीकचोट देता हैजिसे गाया नहींउतरना उसका अधरों सेमन मसोस देता हैदोपहर सा मनहर तरलतासोख लेता हैदुविधा का समंदरमांझी को हर बारटोक देता हैसोच कीदुबली रेखा जोअकेली ही गुजरती हैअकेले होने का खतराअच्छे-अच्छों कोदबोच लेता है11.09.18... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   11:02am 11 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash at अंगिका...
ईश्वर के पहरे मेंसोया है तालनीरवता का श्लेषएकांत का रूपक नहींप्रकृति और आस्था कायुगल अवतरणछवि और छाया कामिलन बोध हैवृक्षों की छाया कासघन पत्राचारमंदिर की महिमा सेसीधे भगवान सेद्वैत के दर्शन काअद्वैत बोध हैयहां आकर सूरजबदलता है कपड़ेयहीं चांदनीअपना धरती श्रृंगा... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   11:10am 3 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash at अंगिका...
आशा में क्षीण होनाआकांक्षा में निम्न होनाअपेक्षा में दीन होनाप्रेम में शून्य होना नहींसंवेदना में लीन होना हैकविता में शालीन होना है... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   2:09pm 31 Aug 2018 #शब्द
Blogger: kuldeep thakur at कविता मंच...
आख़िर कब तक,शब्दों को मेरे तुम बंदी बना पाओगेएक ना एक दिनतो तुम्हारे द्वारा चिनी गयी ये रूढ़ियों की दीवारेंमेरे विचारों कीतेज़ आँधियों सेटूट कर गिर जाएँगीमेरे शब्द उड़ने लगेंगेदूर-दूर तक हवा मेंकरने लगेंगे फूल-पत्ती,नदी पर्वत से संवादकण-कण से टकराएँगेदूर-दूर तक... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   5:14am 4 Jan 2016 #शब्द
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   हमारे एक मित्र ने अचानक ही अटपटी और निराशाजनक बातें कहना आरंभ कर दिया, जिससे हम लोग उसके लिए चिंतित हुए, उसे प्रोत्साहित करने लगे और उसे सलाह देने लगे। बाद में पता पड़ा कि वह ऐसा मज़ाक में कर रहा था, जान-बूझ कर कुछ गानों की पंक्तियों को इधर-उधर से मिला कर बोल रहा था जिसस... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   3:15pm 27 Mar 2015 #शब्द
Blogger: vani sharma at शब्द परिक्रम...
"अद्भुत "शब्द करामाती है ! अभिव्यक्ति के लिए शब्दों की कंगाली से आपको बचा लाता है. अंग्रेजी में तो "वंडरफुल "से काम चल जाये मगर अपनी बोली में आप इसके लिए क्या प्रयोग करते हैं , इसकी पड़ताल रोचक और जानकारीपूर्ण होगी। बहुत सोचने पर भी अपनी बोली में "गज़ब "के सिवा कुछ ढूंढ नहीं पा... Read more
clicks 348 View   Vote 0 Like   4:55am 11 Nov 2014 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
                धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !      धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !चरण शरण में आया हूँ जी , मेरी भी  उद्धार करो !विनती मेरी स्वीकार करो !!-२चरण शरण में.....!भटक गया था अपने पथ से , मुझको राह दिखायो  तुम हो रहबर सारे जग के , मुझे को भी अपनाओसोफ दिया  ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   3:22am 7 Oct 2014 #शब्द
Blogger: prem prakash at अंगिका...
सन्निधि संगोष्ठी दिल्ली में होने वाली साहित्यक गतिविधियों का अब एक जरूरी पन्ना बनता जा रहा है। इसका सतत आयोजन एक उपलब्धि की तरह है। मेरे पुराने साथी और वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत की इस आयोजन को सफल और सतत बनाने में बड़ी भूमिका रही है। इस बारे में समय-समय पर उनसे ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   10:13am 17 Sep 2014 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
                             धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!मोहब्बत हकीकी का , नशा जो चढ़ जायेपर्वत से हो राई , राई पर्वत हो जाये''शाह सतनाम जी '' का प्रेम किया , वर्णन ना जाये जीदासन दास '' मीत '' तेरा , किसी विधि से गए जी !मोहब्बत सतगुरु की जी ,... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   1:17pm 12 Mar 2014 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
                                                             धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!ईद हो गयी मोरी , पिया मोरे घर आ गएघर आ गये जी , पिया घर आ गएचाँद मोरे निकला , मोरे जी अंगना चाँद मोरे निकला , मोरे जी अंगनाऐसी ठंडक छा गई ईद ,मेरे दिलों -दिमाग छा ग... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   5:25am 9 Aug 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!गा रे मेरे मन , धन - धन - धनआज आ गए - आ गए , दो जहाँ के सनम ,सच्चे दाता का जन्म महा है , खुशियां छाई है चारो और ,सब रूहे नाच रही , जैसे वर्षा में नाचे मोरनाम नशा छा गया , सतगुरु आ गया !गा रे मेरे मन , धन - धन - धन.....रूहों को ले जाने आये है , सोणे सतगुरु जी प्यारेरू... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   3:45am 1 Aug 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
                                                          धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जीतुमने महखाना निघाहों में छिपा रखा है !होश वालों को भी दीवाना बना रखा है !नाज कैसे ना करूँ बंदा नवाजी पे तेरी मुझ गुनहगार को जब अपना बना रखा है !निघाहों से मुझ को क... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   11:25am 10 Jul 2013 #शब्द
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   लंडन शहर का सैलानियों के लिए एक प्रमुख स्थान है वहाँ का विशाल और भव्य ’सेंट पॉल्स कैथेड्रल’। सर क्रिस्टोफर वैरन द्वारा योजनबद्ध रीति से बनवाया गया यह प्राचीन गिरजाघर सबसे अधिक अपने विशाल गुम्बद के लिए जाना जाता है। इस गुम्बद में वास्तुशिल्प का एक अनोखा नमूना है - ’... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   3:15pm 27 Apr 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज : - हम छोड़ चले हैं महफ़िल को , याद .....टेक : -बन्दे छोड़ जाएगा इस जग को ,कुछ भी बनाए साथ नहीं जाना !धन , जमीन परिवार बनाए जो ,अन्त तन भी तेरे साथ नहीं जाना !!इक ख्वाब की तरह तूं इस जग में ,एक ख्वाब की तरह तूं इस जग में !हर चीज को अपनी समझे है ,हर चीज को अप... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   5:50am 14 Feb 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज : - मुझे तेरी मुहब्बत का......टेक : -प्रेम तेरा , प्यारे सतगुर , हमें न मिल गया होता !पता नहीं , जी दाता जी , हमारा हाल क्या होता !!भटकते फिर रहे कब से , काल की जून चोरासी में !समय कितना गुजर गया , जन्म - मरण की फांसी में !भटकते यूं ही रहते , सहारा ना मिल गय... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   5:53am 12 Feb 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज : - अच्छा सिला दिया तूने ....टेक : -बदला चुकाएं दाता , कैसे प्यार का !पतझड़ को बनाया , मोसम बहार का !प्रेम गुरु ने ऐसा रंग दिखाया !गुनाहगारों को प्यारे भगत बनाया !ब्यान न होए रहमत बे-शुमार का , पतझड़ को ....प्रेम से पहले थे हम मुरझाए !दुनिया व काल के थ... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   4:35am 11 Feb 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज :- हम तुम्हे चाहते है ऐसे ...टेक :-जिएं तुझ बिन गुरु जी कैसे ,मछली पानी बिना ,जिएं इक भी ना जैसे !सतगुरु जी प्यार तुम्हारा , -2 !हर पल हमें , -2 , देता रहता है नशा न्यारा ! जिएं तुझ ....तेरे चरणों का मालिक सहारा ,-2!देश (जग) झूठा लगे ,-2 ,  तू ही लगे सतगुर जी प्या... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   4:32am 1 Feb 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज :- जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करतें हैं ...टेक:-प्रेम पाके जो मुर्शिद का , जीया करतें हैं !ऐसे प्रेमी न शिकवे गम , किया करतें हैं !एक मस्ती मिलती है , जो बताई नहीं जाती !लज्जत जो प्रेम में है , वो बताई नहीं जाती !नसा छा जाता है , बे -गम वो हो जाता है !... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   5:46am 27 Jan 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!टेक:-  तेरी बीती जाये उमरिया हरि  नाम के बिना , सुमरिन कर ले  मना !हाथी दन्त बिना , पक्षी पंक बिन ,नारी पुरुष बिना !जैसे पुत्र पिता बिन ,तैसे प्राणी हरिनाम  बिना !सुमरिन कर ....कुआँ नीर बिन ,धनुष वीर बिन ,धरती मेह बिना !जैसे तरवर फूल बिन ,हिना  तैसे प्र... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   10:02am 21 Jan 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज :- लै के पहला -2 प्यार ....टेक:- जो है सच्चा करतार , सारे जग का पालनहार !काया नगरी में रहता निराला कारीगर !जो है सच्चा करतार ......हैरत का उसने कैसा मंदिर बनाया !मुर्ख बन्दे तूने भेद न पाया !दिन को करता मारो-मार , रात को सोए खराटें मार !काया नगरी .....दुनि... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   9:56am 21 Jan 2013 #शब्द
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
शब्द, शब्दों में तलाशते हैं मुझेऔर मैं ...उन शब्दों में तुम्हें !रात जर्द पत्ते सी शबनम को टटोलती चाँद जुगनू सा मंद मंद बुझा सा नदी खामोश किनारों को सहलाती हुईतब दूर कहीं सन्नाटे के जंगल में सुनाई देता है मुझे दबा सा कुछ अनकहे अनसुने शब्दों का शोर धूमिल सी अधकच्चे विचारो... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   11:22am 18 Jan 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!टेक:-इस  जगत सराए में क्यों  दिल को लगा बैठा ?दो दिन का बसेरा है , जिसे अपना बना बैठा !!न जान इसे अपना , दो दिन के लिए आया !न साथ तेरा देगी ,बन्दे जिस में तूं भरमाया !फसं माया के , सतगुर को भुला बैठा !दो दिन का ....होती है सुबह गलिफ ,कर चलने की तैयारी !जहाँ औ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   12:41pm 9 Jan 2013 #शब्द
Blogger: manoj barawal insan at शब्द और विनती...
धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा जी !!तर्ज :- जरा सामने तो आओ छलिया ...टेक :-  कुछ कर ले भजन सतगुर का ,तेरे जीवन का तो यही सार है !  बिना बंदगी भजन सतगुर के , तेरा जीवन यू ही बेकार है !जन्म मिला तुझे अनमोल हीरा , माटी में क्यों तूने खो दिया !जिस राह पे चलना तुझे , उसी राह में काँटों को बो दिया !य... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   4:36pm 1 Jan 2013 #शब्द
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