POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: पुस्तक

Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
प्रणब मुखर्जी की आने वाली किताब को लेकर उनके बेटे और बेटी के बीच असहमति का कारण समझ में नहीं आता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह असहमति ट्विटर पर व्यक्त की गई है, जबकि यह बात आसानी से एक फोन कॉल पर व्यक्त हो सकती थी। इतना ही नहीं पूर्व राष्ट्रपति के पुत्र ने किताब को लेकर प्र... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   4:06am 16 Dec 2020 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
 पुस्तक चर्चा लोकतंत्र के घाट पर...डॉ. चंदन कुमारी समय बीतता जाता है। भविष्य के कालखंड में अब के बीते हुए समय की प्रवृत्ति और प्रकृति को यदि कोई अनुसंधित्सु जानना-समझना चाहेगा,तो वह अतीत के पन्नों में अंकित अक्षरों को ढूँढेगा। पन्ने जिनमें समय के सत्य का प्रामाणिक औ... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   3:00pm 13 Nov 2020 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
शुभाशंसा चाँदी के वर्क लगा आँवले का मुरब्बा - प्रो.  गोपाल शर्मा समाचारपत्रों के संपादकीय पाठकों को सूचना देने, जागरूक और शिक्षित बनाने के साथ साथ ही उनका मनोरंजन करने का दायित्व भी पूरा करते हैं। इसलिए इनके लेखक एक साथ ही पहरेदार, शिक्षक और जनमत निर्माता की भू... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   1:19pm 11 Nov 2020 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
 संपादकीयटिप्पणियोंमेंसचसेवार्तालाप प्रो.निर्मलाएसमौर्यकुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर,उत्तर प्रदेश   दैनिकसमाचारपत्रमेंसंपादकीयपृष्ठसमाचारकीअपेक्षाविचारकापृष्ठहोता  है।उसमेंभीसंपादकीयआलेखवालाकालमतोएकप्रकारसेअखबार... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   1:50pm 7 Nov 2020 #पुस्तक
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
जनता कर्फ्यू के दिन से यदि जोड़ लिया जाये तो लॉकडाउन जैसी स्थिति के दो महीने हो चुके हैं. वैसे लॉकडाउन वास्तविक स्वरूप में 25 मार्च से आया था. हमने उसी दिन दे स्केचिंग करना फिर से शुरू कर दिया था. किसी समय स्केचिंग खूब की. स्कूल के समय में, कॉलेज में इसका भरपूर आनंद लिया. बाद ... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   6:23pm 23 May 2020 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
संपादकीयम्— भविष्य का आईना, वर्तमान की नज़रPraveen PranavApr 28डा० ऋषभदेव शर्मा ने बहुत स्नेह के साथ अपनी ये पुस्तक लगभग एक महीने पहले भेंट की, लेकिन इसे पढ़ने का अवसर अब मिला। इन दिनों व्यस्तता बहुत रही लेकिन ऐसा नहीं कि इस बीच कुछ पढ़ा ही नहीं। कुछ मिठाई ऐसी होती है जिसे आप स्वाद ल... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   2:12pm 2 May 2019 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
पुस्तक समीक्षा ‘संपादकीयम्’ : वर्तमान का आईना - डॉ. चंदन कुमारी chandan82hindi@gmail.com ‘संपादकीयम्’(2019) ऋषभदेव शर्मा के चुनिंदा संपादकीयों का संग्रह है। ये संपादकीय नियमित रूप से हैदराबाद के एक दैनिक अख़बार में प्रकाशित होते रहे हैं और यह क्रम अब भी जारी है। डॉ. योगेंद्... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   7:52pm 3 Apr 2019 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
शांति लाने में है बहादुरी : ‘संपादकीयम्’-डॉ. रामनिवास साहूआज का मानव अपनी सभ्यता के विकास को चरम स्थिति पर पाकर जहाँ गर्व से फूला जा रहा है, वहीं आज के चिंतक, दार्शनिक, वैज्ञानिक, साधु, ऋषि, मुनि, उपदेशक, रक्षक, संरक्षक, यहाँ तक कि उच्चतम पत्रकार, संपादक संसार  के, विश्व के,... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   4:36pm 23 Mar 2019 #पुस्तक
Blogger: Saurabh Kudesia at विचार-मंथन...
जिस काम को पूरा करने में आप सालों से जुटे हो वो एक दिन साक्षात होकर आपके समक्ष खड़ा होकर मुस्कुराने लगे तो आपको कैसा लगेगा? अपनी प्रथम हिंदी थ्रिलर नोवल "खंड १: आह्वान" को पहली बार अपने हाथों में पकड़कर मुझे भी कुछ ऐसा ही एहसास हुआ था| सालों की मेहनत, मारा-मारी, दिमागी उलझन... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:20am 8 Mar 2019 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
सं. बिश्नोई, मिलन (2018), किन्नर विमर्श : साहित्य और समाज, कानपुर : विद्या भूमिका उत्तर आधुनिक विमर्श का दौर आने पर हिंदी साहित्य सृजन और समीक्षा के क्षेत्र में परिधि का केंद्र की ओर सरकने का जो क्रम शुरू हुआ था, उसके काफी अच्छे परिणाम निकले हैं। कल तक जो समुदाय और मुद्दे स... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   4:36pm 29 Dec 2018 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
दो शब्द‘हिंदी है हम विश्व मैत्री मंच’ की स्थापना तथा ‘हिंदी की दुनिया और दुनिया में हिंदी’ का प्रकाशन एक सपने के फलीभूत होने जैसी सुखद घटनाएँ हैं. सपने को फालतू चीज न समझें, वह भी चेतना की अवस्थाओं में से एक है. सपना देखे बिना कुछ हो भी नहीं सकता. यह सृष्टि ईश्वर का और ईश्... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   4:58pm 6 Jul 2018 #पुस्तक
Blogger: Kopal at नन्ही कोपल...
                मेरे घर विशाल पुस्तकों का संसार         आज विश्व पुस्तक वाचन दिवस है  हमारे जीवन में पुस्तकों का बहुत महत्व होता है समाज में पुस्तकों की उपयोगिता और पुस्तकों के पाठक वर्ग के सन्दर्भ में बात करते हुए हमारे अवलोकन के परास में सामान्यतः वह समा... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   9:27am 23 Feb 2018 #पुस्तक
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   मैं परदेश से वापस घर आने के लिए हवाई-अड्डे पर पहुँचा और विमान-सेवा वालों को अपना पासपोर्ट जाँच के लिए पकड़ाया; उन्होंने अपनी सूची में देखा तो मेरा नाम उस सूची में नहीं था। कारण था कि उपलब्ध सीटों से अधिक का आरक्षण हो रखा था, और मैंने समय से अपने यात्रा करने की पुष्टि न... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   3:15pm 30 Nov 2017 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भूमिकाहल्की बूँदाबाँदी में चहल कदमी संतोष अलेक्स (1971) बहुभाषाविद अनुवादक और रचनाकार हैं. ‘हमारे बीच का मौन’ यों तो उनका दूसरा कविता संग्रह है, लेकिन यह उनकी तीसवीं प्रकाशित पुस्तक है. स्वभाव से विनम्र और मृदुभाषी संतोष निरंतर अनुवाद और सृजन में लगे रहते हैं. उनकी रचन... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   8:29pm 30 May 2017 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भूमिका रामकिशोर उपाध्याय अपने इस कविता संग्रह ‘दीवार में आले’ के माध्यम से एक ऐसे सुपरिचित संवेदनशील कवि के रूप में अपनी पहचान को गहराते हुए सामने आते हैं जिसके निकट वैयक्तिक और निजी अनुभूतियाँ भी तभी सार्थक और व्याख्येय हैं जब वे किसी सामान्य और सामाजिक अनुभव के ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   9:13pm 19 May 2017 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
मिल जाएँ दो पानियों जैसेवैयक्तिकता और निजी अस्मिता के चरम विस्फोट के इस दौर में जो सामाजिक संस्था सर्वाधिक विचलित हुई दिखाई देती है, वह है विवाह व्यवस्था. भारतीय समाज की नींव माने जाने वाले परिवार के हिलने से इस समाज-सभ्यता की पूरी संरचना काँपने लग गई है. विदेशी आर्थि... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   8:22pm 23 Mar 2017 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
चुप रहूँ ... या बोल दूँ / प्रवीण प्रणव/ गीता प्रकाशन, हैदराबाद/ 2017/ 149 रुपए/ पेपरबैक : 136  पृष्ठ भूमिका आपने कहा है तो मान जाता हूँ चलिए हामी में सर हिलाता हूँ दरिया मिलता है यूँ तो समंदर से मैं अश्कों को पानी में मिलाता हूँ ...ज़रा मुश्किल तो है पर बच्चों को सूखी रोटी ख़्... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   10:16am 23 Mar 2017 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
न्यू होराइजन कॉलेज, बेंगलूरु (कर्नाटक) में 29 जनवरी, 2016 को ''हिंदी भाषा एवं शिक्षण''विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी हुई थी. मुझे उसमें बीज भाषण करने का अवसर मिला था. हिंदी विभाग की अध्यक्ष और संगोष्ठी संयोजक डॉ. नीलिमा दुबेके संपादकत्व में उस संगोष्ठी के सभी भाषण और शोधपत्र''प... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   7:25pm 20 Mar 2017 #पुस्तक
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   द न्यू इंगलैंड प्राइमर नामक आरंभिक पाठ्यपुस्तिका सर्वप्रथम सन 1600 के अन्त के समय में प्रकाशित हुई थी। उन सभी उपनिवेशों में, जो बाद में संगठित होकर ’संयुकत राज्य अमेरिका’ बने यह पुस्तक आरंभिक पढ़ना-लिखना सीखने के लिए बहुतायत से उपयोग होने वाला स्त्रोत बनी। यह प्रा... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   3:15pm 9 Dec 2016 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
अदृश्य तंबुओं की खोज में (सेबास्टियन की चुनिंदा कविताएँ)भूमिकाअग्रणी समकालीन मलयालम कवि सेबास्टियन व्यापक सरोकारों और गहरे सौंदर्यबोध के कवि हैं. उनकी कविताओं से गुजरने पर मलयालम कविता का उत्तरआधुनिक चेहरा सहज ही उभरकर सामने आ जाता है. वस्तु विन्यास से लेकर अभिव्य... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   10:48am 6 Jul 2016 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भास्वर भारत / दिसंबर 2015 / पृष्ठ 52-53पुस्तक समीक्षा : ऋषभदेव शर्माअनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान की व्यावहारिक परखमनुष्यों द्वारा विचारों और मनोभावों की अभिव्यक्ति के लिए व्यवहार में लाई जाने वाली भाषा के वैज्ञानिक अध्ययन के शास्त्र को भाषाविज्ञान कहा जाता है. सामान्य भाषाव... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   7:49pm 23 Dec 2015 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
पीड़ा से संवाद/ (दोहा संग्रह)/ डॉ. श्याम मनोहर सिरोठिया / 2015/ नवदीप प्रकाशन, दिल्ली-110092/ 88 पृष्ठ/ 225 रुपये. ‘पीड़ा से संवाद’ छंदोबद्ध कविता और गीति परंपरा के सिद्ध-सुजान हस्ताक्षर डॉ. श्याम मनोहर सीरोठिया का नवीनतम दोहा-संग्रह है. कवि श्याम मनोहर के ये दोहे मनुष्य के अंतर्ब... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   6:55am 22 Dec 2015 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
ख़लिश / प्रवीण प्रणव / 2016 / गीता प्रकाशन, हैदराबाद / 149 रु. / 144 पृष्ठ सूखी आँखों में लरजती पानी की बूँदें‘ख़लिश’ युवा कवि प्रवीण प्रणव का यूँ तो पहला कविता संग्रह है लेकिन साहित्य सृजन के क्षेत्र में वे लंबे समय से सक्रिय हैं.  साहित्य और संगीत में प्रवीण प्रवीण उत्तर आधुनिक... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   2:00pm 17 Dec 2015 #पुस्तक
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
हिंदी में आदिवासी साहित्य /डॉ.इसपाक अली 09845432221, 09902964647 /साहित्य संस्थान, ई-10/ 660, उत्तरांचल कॉलोनी, निकट - संगम सिनेमा लोनी बॉर्डर, गाज़ियाबाद - 201102 / 2014 / 272 पृष्ठ /  सजिल्द/ 154 रुपये /  शुभाशंसाधरती के असली मालिक वे नहीं हैं जो इसका दोहन और उपभोग करने को सबसे बड़ा पराक्रम मानते हुए स्वय... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   11:58am 19 Jul 2015 #पुस्तक
[Prev Page] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3990) कुल पोस्ट (194136)