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Tag: जीवन

Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
जीवन तो है इक क्रीड़ांगनजीवन जो उपहार मिला था उसे व्यर्थ ही बोझ बनाया,घड़ी देखकर जगते-सोते रिश्तों को भी सोच बनाया ! तन-मन जैसे यंत्र बन गए  अब स्वत:स्फूर्त कहाँ है घटता,  वही सवाल, जवाब भी वही गुम हो गयी उर की सरसता !नहीं शेष सुवास साँसों मेंजब भी वे लघु होती जातीं, जितना ब... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   5:31am 18 May 2021 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
सहज है जीवन भूल गए जग को जहाँ सँवारा हमने मन पर धूल गिरी थी आकर, जग पानी पी-पी कर धोया मन का प्रक्षालन भूल गए !नाजुक है जो जरा ठेस से आहत होता किरच चुभे गर, दिखता आर-पार भी इसके कांच ही है यह भूल गए !तुलना करना सदा व्यर्थ है दो पत्ते भी नहीं एक से, व्यर्थ स्वयं को तौला करते स... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   5:59am 15 Jan 2021 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
          मुझे गाड़ियों के कबाड़ख़ानों में जाने से कौतूहल होता है। मुझे गाड़ियों पर कार्य करना अच्छा लगता है,इसलिए मैं अपने घर के निकट स्थित गाड़ियों के एक कबाड़खाने में अकसर जाया करता हूँ। वह एकांत स्थान है,जहाँ टूटे और त्यागे हुए गाड़ियों ढांचों में होकर, वे ढाँ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   3:00pm 30 Dec 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
भटकना ******* सारा दिन भटकती हूँ   हर एक चेहरे में, अपनों को तलाशती हूँ   अंतत: हार जाती हूँ   दिन थक जाता है, रात उदास हो जाती है!   हर दूसरे दिन फिर से   वही तलाश, वही थकान   वही उदासी, वही भटकाव   अंततः कहीं कोई नहीं मिलता!   समझ में अब आ गया है   को... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   7:31am 23 Nov 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
 कपट ******* हाँ कपट ही तो है   सत्य से भागना, सत्य न कहना, पलायन करना   पर यह भी सच है, सत्य की राह में   बखेड़ों के मेले हैं, झमेलों के रेले हैं,   कैसे कहे कोई सारे सत्य, जो दफ़न हो सीने में   उम्र की थकान के, मन के अरमान के   सदियों-सदियों से, युगों-युगों से, ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   5:53pm 3 Nov 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
बारहमासी******* रग-रग में दौड़ा मौसम   रहा न मन अनाड़ी   मौसम का है खेल सब   हम ठहरे इसके खिलाड़ी।   आँखों में भदवा लगा   जब आया नाचते सावन   जीवन में उगा जेठ   जब सूखा मन का आँगन।   आया फगुआ झूम-झूम के   तब मन हो गया बैरागी   मुँह चिढ़ाते कार्तिक आ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   12:23pm 9 Sep 2020 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
          मैं और मेरे पति किसी काम के लिए कार से जा रहे थे,और मेरे पति कार चला रहे थे,जबकि मैं उनके पास बैठी अपने फोन पर अपनी ई-मेल पढ़ रही थे। तभी मुझे एक विज्ञापन मिला,जो वहाँ की एक खाने-पीने के सामान की दुकान का था,और उनके डू-नट्स के बारे में था – और हम उस दुकान के ... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   3:00pm 16 Aug 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
ईनार******* मन के किसी कोने में   अब भी गूँजती हैं कुछ धुनें   रस्सी का एक छोर पकड़   छपाक से कूदती हुई बाल्टी   ईनार पर लगी हुई चकरी से   एक सुर में धीरे-धीरे ऊपर चढ़ती बाल्टी   टन-टन करती बड़ी बाल्टी छोटी बाल्टी   लोटा-कटोरा और बाल्टी-बटलोही   सब ... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   1:36pm 23 Jun 2020 #जीवन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--जीवन !दो चक्रकभी सरलकभी वक्र,--जीवन !दो रूपकभी छाँवकभी धूप--जीवन!दो रुखकभी सुखकभी दुःख--जीवन !दो चक्रकभी सरलकभी वक्र,--जीवन !दो रूपकभी छाँवकभी धूप--जीवन!दो रुखकभी सुखकभी दुःख--जीवन !दो खेलकभी जुदाईकभी मेल--जीवन !दो ढंगकभी दोस्तीकभी जंग--जीवन !दो आसकभी तमकभी प्रकाश--जीवन !दो स... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   6:53am 16 Jun 2020 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
का मना ? क्या है मन में  दो ही तो हैं यहाँ एक ‘मैं’ दूजा ‘तू’  ‘मैं’ है, तो यही कामना है   अर्थात बंधन  यदि ‘तू’ है तो मुक्ति ! ‘मैं’  किसी का बचता नहीं  ‘तू’ कभी मिटता नहीं  ‘मैं’ लहर है ‘तू’ सागर है  ‘मैं’ किरण है ‘तू’ दिनकर है  ‘मैं’ युक्त है तुझसे पर जानता नहीं  ‘मैं... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   10:33am 9 Jun 2020 #जीवन
Blogger: दिनेशराय द्विवेदी at अनवरत...
पता नहींदोनों क्या कर रहे थे। लेकिन पर फड़फड़ाने की आवाजें बहुत जोर की थीं। फिर एक-एक कर तिनके गिरना शुरु हुए। मैं वहाँ से चला आया। कुछ देर बाद शोभा ने आ कर बताया कि उन्हों ने अपना घर गिरा कर नष्ट कर दिया है। मैं ने जा कर देखा तो सारी बालकनी में कबूतर का घोंसला गिरा पड़ा था... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   11:28pm 14 May 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
एकांत   ******* अपने आलीशान एकांत में   सिर्फ अपने साथ रहने का मन है   जिन बातों को जिलाया मन में   स्वयं को वह सब कहने का मन है   सवालों के वृक्ष जो वटवृक्ष बन गए   उन्हें जमींदोज कर देने का मन है।   मेरे हिस्से में आई है नफरत ही नफरत   उसे दूर किसी गहरी... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   5:30pm 26 Mar 2020 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें देश अपना फले-फूले संस्कृति अद्धभुत यहाँ की  सृष्टि के नव राज खोले,  पूर्वजों ने दी विरासत  वेद की हर ऋचा बोले ! धर्म के पथ पर चलें सब  अर्थ का भंडार भर लें,  कामना भी पूर्ण होगी  मोक्ष का भी स्वाद चख लें ! पांव धरती पर टिके हों  भा... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   9:49am 25 Jan 2020 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
मन से अमन तक  हर श्वास वर्तमान में घटती है  हर वचन वर्तमान में बोला जाता है  हर भाव वर्तमान में जगता है  हर फूल वर्तमान में खिलता है  हर भूख वर्तमान में लगती है  हर गलती वर्तमान में ही हो रही होती है  सब कुछ घटा है और घट रहा है वर्तमान में  तो मन क्यों नहीं रहता वर्तमान ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   10:47am 2 Dec 2019 #जीवन
Blogger: Kopal at नन्ही कोपल...
       कितना अच्छा महसूस होता है कि मैं बेटी हूँ । बेटी होना अपने आप में एक अदभुत एहसास है अगर कल को मेरी बेटी जन्म लेती है तब उस एहसास में खुद बेटी होना मेरा आत्मविश्वास है । पर मैं बेटी हूँ अपने आंगन की ये मेरा विश्वास है ।       हम बेटियां हैं हम में विश्वास है द... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   6:40pm 21 Sep 2019 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
मृगतृष्णा सा सारा जीवन जो भी चाहो सब मिलता है  माया का जादू चलता है, फिर भी जीवन उपवन सूना दिल का फूल कहाँ खिलता है ! रूप रंग है कोमल स्वर भी थमकर देखें समय कहाँ, सपनों का इक नीड़ बनाते नींद खो गयी चैन गया ! अरमानों को बड़ा सहेजा चुन-चुन कर नव स्वप्न संजोये, बिखर गये स... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   7:13am 29 Jul 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      जौन एफ. बर्न्स चालीस वर्ष तक ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के लिए संवाददाता के रूप में कार्य करते रहे और संसार भर में होने वाली घटनाओं के बारे में लिखते रहे। अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात, 2015 में उन्होंने अपने एक साथी संवाददाता और निकट मित्र, जो अब कैंसर से मर रहा था, के ... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   3:15pm 25 Jul 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      अमेरिका के सिकोया वृक्ष सँसार के सबसे विशाल और टिकाऊ वृक्षों में से एक है। वह एक वृक्ष 300 फीट ऊँचा,  25 लाख पौंड (11 लाख किलो) वज़नी, और 3000 वर्ष तक जीवित रहने वाला हो सकता है। इस विशाल सिकोया वृक्ष का यह प्रदर्शित आकार और वैभव, सतह के नीचे अदृश्य जड़ों पर आधारित है। उस... Read more
clicks 417 View   Vote 0 Like   3:15pm 16 Jul 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      मेरे पिता युवावस्था में, अपने मित्रों के साथ शहर से बाहर जा रहे थे, कि वर्षा से गीली सड़क पर उनकी कार के टायर फिसलने से कार की भयानक दुर्घटना हो गई, जिससे उनके एक मित्र की मृत्यु हो गई, दूसरे को लकवा मार गया, और मेरे पिता को मृतक कह कर शव-ग्रह में डाल दिया गया। उनके... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   3:15pm 16 Jun 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      मुझे कभी नहीं भूलेगा कि मैं अपनी सहेली के भाई की मृत्यु के समय उसकी शैया के निकट बैठी थी। वह साधारण में असाधारण के आगमन का दृश्य था। हम तीन जन शान्त होकर बातचीत कर रहे थे जब हमें एहसास हुआ कि रिचर्ड खींच-खींच कर साँस लेने लगा है। हम उसके चारों ओर जमा हो गए, उसे द... Read more
clicks 350 View   Vote 0 Like   3:15pm 30 Mar 2019 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
जीवन मधुरिम काव्य परम का फिरे सहज श्वासों की माला मन भाव सुगंध बने, जीवन मधुरिम काव्य परम का इक सरस प्रबंध बने ! जगती  के इस महायज्ञ में आहुति अपनी भी हो, निशदिन बंटता परम उजास मेधा ही ज्योति हो ! शब्द गूँजते कण-कण में नित बांचें जान ऋचाएं, चेतन हो हर मन सुन जिसको गी... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   5:24am 28 Mar 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      हमारे पुत्र और बहु के सामने एक विकट स्थिति थी; हमारा पोता निमोनिया और ब्रोंकाइटिस से ग्रस्त था और उन्हें उसे अस्पताल लेकर जाना था। उन्होंने हम से पूछ कि क्या हम उनके पाँच वर्षीय बेटे, नेथन, को स्कूल से घर ले कर आ सकते हैं? मैं और मेरी पत्नि इसके लिए सहर्ष तैयार... Read more
clicks 293 View   Vote 0 Like   3:15pm 11 Feb 2019 #जीवन
Blogger: Himkar Shyam at शीराज़ा [Shiraza]...
(एक) रात अँधेरी कान्तिमय दीपक कंपित प्रज्वलित खड़ा अकेला सुख-दुःख संताप लड़ना चुपचाप (दो) सृजन सीख ठूंठ पर कोपल दुःख पे सुख जय आवाजाही है पतझड़ वसंत हंसते रोते जन (तीन) लघु जीवन कंटकित डगर कोशिशें बेअसर व्यथित मन हारे बैठे क्यूँ भला सीखें जीने की कला [सेदोक... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   2:48pm 4 Feb 2019 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
‘मैं’ से ‘हम’ होने में सुख है  दिल में जोश गीत अधरों पर लिए हाथ में हाथ डोलते, इक दूजे के मित्र बने अब अंतर्मन के राज खोलते ! जीवन एक यात्रा अभिनव प्रियतम का यदि संग साथ हो, ‘मैं’ से ‘हम’ होने में सुख है  धूप कड़ी या घन वर्षा हो ! दिवस महीने बरस दशक अब संग-संग जीते बी... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   4:26am 25 Jan 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ      अपने आत्मिक जीवन को और परिपक्व करने तथा परमेश्वर के प्रति और अधिक धन्यवादी होना सीखने के लिए सू ने अपने लिए एक “धन्यवादी-मर्तबान” बनाया। प्रति संध्या वह एक कागज़ पर कम से कम एक ऐसी बात जिसके लिए वह परमेश्वर की धन्यवादी रही ... Read more
clicks 339 View   Vote 0 Like   3:15pm 1 Jan 2019 #जीवन
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