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Tag: जिन्दगी

Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
.....क्या खूब इन्सानियत की हस्ती हो गई हथियार बेशकीमती जिंदगी सस्ती हो गई !!सु-मन ... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   9:14am 27 May 2019 #जिन्दगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
राह पर मन की गुजरते आज जीलें अभी जीलें जो कल कभी आया नहीं, जिन्दगी ने गीत उसके सुर साज पर गाया नहीं ! सुख समाया इस घड़ी में हम जहाँ पल भर न ठहरे, वह छुपा उस रिक्तता में जिसे भरने में लगे थे ! अभी रौनक, रंग, मेले पलक झपकी खो गये सब, एक पल में जो सजे थे स्वप्न सारे सो गये अ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   9:24am 4 Apr 2019 #जिन्दगी
Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी : ...
कुछ द्वीपदियाँ1 : फितरतछीन लूँ हक किसी का, ऐसी फितरत नहीं.आईना जब भी देखा, खुशी ही हुई.**2: नियतिनियत तो अच्छी थी,पर नियति की नीयत बिगड़ गई *जीवन के थपेड़े खाते- खातेवह महलों से वृद्धाश्रम पहुंच गई *3: इंसानियतबाजार सज गए हैं...चलो इंसानियत खरीद लाएँ ***4: सामंजस्यसामंजस्य नह... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   5:46pm 20 Nov 2018 #जिन्दगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
ठक ठक ...कौन ? अंदर से आवाज़ आई |मैं \ बाहर से उत्तर आया |मैं !! मैं कौन ?जिंदगी .... , उसने जवाब दिया |अच्छा ! किसकी ? \ अंदर से सवाल |तुम्हारी \ भूल गई मुझे ... | इसी बीच मन के अधखुले दरवाजे को लांघ कर उसने भीतर प्रवेश कर लिया | मैं कभी किसी को नहीं भूलती \ पर अकसर खुद को भूला देती हूँ दूसरों के ... Read more
clicks 278 View   Vote 0 Like   11:47am 24 Jun 2018 #जिन्दगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
चल उम्मीद के तकिये पर सर रख कर सोयें ख़्वाबों में बोयें कुछ जिन्दगी क्या मालूम सुबह जब आँख खुले हर उम्मीद हो जाये हरी भरी !!सु-मन ... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   5:56am 7 Oct 2016 #जिन्दगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
बुलबुलों से ख़्वाबों को दे दूँ पल भर की उड़ान जीने दूँ उनको,उनके हिस्से की कुछ जिन्दगी !!सु-मन ... Read more
clicks 359 View   Vote 0 Like   7:02am 8 Feb 2016 #जिन्दगी
Blogger: Kalipad "Prasad" at मेरे विचार मे...
जिन्दगी और रेलगाड़ी... दोनों एक जैसी हैं |कभी तेज तो कभी धीमी गति से लेकिन चलती है |पैसेंजर ट्रेन... स्टेशन पर रुक जाती हैऔर देर तक रुकी रहती है |जिन्दगी के कुछ लम्हे ऐसे भी होते हैजिसमे आकर जिन्दगी रुक जाती है |लाख कोशिश करे जिन्दगी आगे नहीं बढती लगता है तबआखरी स्टेशन आ गया ह... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   2:09am 3 Sep 2015 #जिन्दगी
Blogger: dayanand arya at ..जिंदगी के नश...
मैं नहीं चाहूँगा  की दिल्ली मेरे रग रग में बहे  जरूरत बनकर। मैं चाहूँगा की जैसे  यादों की खुसबू बनकर  मौके बेमौके महकते हैं  देहरादून और नागपुर।  या फिर दोस्तों के निश्चिन्त ठहाकों की तरह जैसे कानों में कभी कभी गूंज जाता है हैदराबाद।  वैसे ही किसी भूले बिसरे गीत की तरह ... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   5:44pm 2 Sep 2015 #जिन्दगी
Blogger: dayanand arya at ..जिंदगी के नश...
हर कलाकार अपनी कला के माध्यम से जिंदगी को समझने-समझाने की कोशिश करता है । कहीं एक पहलू तो कहीं दूसरे पहलू को विस्तार देता है ताकि उसकि कई बारीकियों तक हमारी निगाह पहुँच सके । कला के ग्राहक वर्ग में हर एक आम इंसान होता है जो उसमें अपनी और अपने आस-पास की जिंदगियों और उसके व... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   5:11am 5 Jul 2015 #जिन्दगी
Blogger: dayanand arya at ..जिंदगी के नश...
क्यूँ ठिठक सा गया वक़्त मेरी जिंदगी के कैनवस पे अपनी कूचियों से रंग भरते-भरते। .... दूर आकाश में चमकते सितारों के चकाचौंध सपने मैं  कहाँ मांगता हूँ- धूसर मिटटी का रंग तो भर देते। ....  कहीं-कहीं मौके-बेमौके कुछ बारिश- कुछ हरियाली, सर के ऊपर एक अरूप आकाश और आँखों के सामने कु... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   5:43pm 3 May 2015 #जिन्दगी
Blogger: KAMAL KUMAR at Guide2india...
जिन्दगी को कैसे बनाएं सुखद और मजेदार (Life Hindi Tips) Make easy life hindi tips – हम इन्सान जितने complicated है दुनिया में कोई और प्रजाति नहीं है और इसका कारण है हमारे महसूस करने और जीवन के प्रति एक अलग और विकसित नजरिये होना | हम जब पैदा होते है उसके थोड़े समय बात ही हम जान लेते है कि हमे दुनिया में बने र... Read more
clicks 571 View   Vote 0 Like   4:41am 10 Apr 2015 #जिन्दगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
दो बूँद अश्क पीकर पाक हुई रूह खाली दामन को काँटों से भर आबाद हुआ ज़िस्म आज फिर-जिंदगी की मज़ार पर अधूरे अरमानों ने सजदा किया !!सु-मन ... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   5:23am 7 Apr 2015 #जिन्दगी
Blogger: सरिता भाटिया at गुज़ारिश ...
सफ़र है जिंदगी  कई मोड़ होंगे हर मोड़ पर नया हादसा हादसों का सफ़र है या सफ़र में हादसे..किसी ने अपने खोयेकिसी ने अपनापन खोया किसी ने अपने को ही खो दिया जिंदगी है दोस्तों संभल के चला कीजिये मिलेंगे कई साथी साथ चलने को कोई एक मोड़ तक साथ देगा कोई एक शहर तक  कोई हम... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   5:13am 6 Feb 2015 #जिन्दगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों, एक सप्ताह के लिए इस वर्ष की अंतिम यात्रा पर आज ही निकलना है, उत्तर भारत में भीषण सर्दी है इसके बावजूद..नये वर्ष की शुभकामनाओं के साथ विदा. नये वर्ष के लिए आप सभी को उपहार स्वरूप कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत हैं.  नये वर्ष की इबादत जाते हुए बरस की हर घड़ी य... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   3:21am 23 Dec 2014 #जिन्दगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
जिन्दगी खुद से खुद की पहचान हो गयी जिन्दगी सुबह की अजान हो गयी जिनको पड़ोसियों से भी गुरेज हुआ करता था सारे जहान से जान-पहचान हो गयी आंसुओं से भीगा रहता था दामन हर अदा अब उनकी मुस्कान हो गयी दिलोजां लुटे जाते हैं जमाने पर दिल से हर शिकायत अनजान हो गयी फासले खुद ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   7:57am 10 Dec 2014 #जिन्दगी
Blogger: राजीव कुमार झा at देहात...
.अगर  हम जिन्दगी को गौर से देखें तो यह एक कोलाज की तरह ही है. अच्छे -बुरे लोगों का साथ ,खुशनुमा और दुखभरे समय के रंग,और भी बहुत कुछ जो सब एक साथ ही चलता रहता है. कोलाज यानि ढेर सारी चीजों का घालमेल. एक ऐसा घालमेल जिसमें संगीत जैसी लयात्मकता हो ,तारतम्य हो और इससे भी अधि... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:05am 1 Sep 2013 #जिन्दगी
Blogger:  राजीव कुमार झा at यूं ही कभी...
अपनों के बीच अपनापन तलाशता हूँ मकानों के बीच घर तलाशता हूँ इतना खो गया हूँ दुनियाँ की भीड़ में खुद में ही खुद को तलाशता हूँ|| आजकल आदमी का हुलिया बदल गया है अब आदमी के बीच आदमी को तलाशता हूँबहुत देखा है संबंधों की गहराई अब सम्बन्ध में सम्बन्ध तलाशता हूँ || इंसानियत तो अ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   11:48am 25 Aug 2013 #जिन्दगी
Blogger:  राजीव कुमार झा at यूं ही कभी...
           तनहा कट गया जिन्दगी का सफ़र कई साल काचंद अल्फाज कह भी डालिए अजी मेरे हाल परमौसम है बादलों की बरसात हो ही जाएगीहंस पड़ी धूप तभी इस ख्याल पर फिर कहाँ मिलेंगे मरने के बाद हमसोचते ही रहे सब इस सवाल परखुशबुओं की राह से एक दिन गुजर गयाकहाँ से आ गई ये रा... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   10:35pm 12 Aug 2013 #जिन्दगी
Blogger: Manav Mehta at मानव 'मन'...
.......कभी गरम धूप सी चुभती है जिंदगी,कभी हसीं शाम सी कोमल लगती है जिंदगी....कभी मासूम सुलझी सी दिखती है जिंदगी,कभी उलझनों के जाले बुनती है जिंदगी......कभी लगता है कि ये अपनी ही हो जैसे,कभी गैरों सी अजनबी लगती है जिंदगी......कभी झरनों सा तूफान लगती है जिंदगी,कभी नदी सी खामोश लगती है ज... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   9:46am 19 Jun 2013 #जिन्दगी
Blogger: धीरेन्द्र सिंह at काव्यान्जलि...
जिन्दगी, कब   तक  मुझे   ऐसे   सतायेगी  जिन्दगी और  कितना   मुझको  रुलायेगी  जिन्दगी,   अपनी  यादों की तस्वीर  को  टंगा देखता हूँ     क्या  रोज  यही  मंजर दिखायेगी  जिन्दगी,    इन्तजार  कर  रहा  हूँ उसके  पास जाने का   जाने कब  तलक उससे मिलायेगी जिन्दगी,   खीचकर  एक  तार, साज मे... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   1:08pm 12 Jun 2013 #जिन्दगी
Blogger: kiran mishra at किरण की दुनिय...
प्रिय मित्र समय! तुम्हारे निकलने के पल पल का एहसास है, लेकिन अभी बचे है  मेरे अन्दर कुछ विचार, और  क्रियांवित करने का आधार कुछ घटनाये जो अभी होना बाकी है,क्योकि जिन्दगी अभी बाकी है. तुम सुन रहे हो मित्र!कुछ एहसास हुआ या नही एक बार फिर देना मेरा साथ, बस अब मेरा लक्ष्य है बहु... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   3:03pm 1 May 2013 #जिन्दगी
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी at palash "पलाश"...
रेल की पटरी पर ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार से दौड रही थी, और घोष उस पटरी पर अपनी जिन्दगी की रफ्तार को खत्म करने के लिये उस पर अपनी पूरी रफ्तार से दौड रहा था, कि विघुत गति से एक हाथ अचानक आया और वो पटरी से अलग आ गया। घोष-आपने मुझे क्यों बचाया, मै जीना नही चाहता, मुझे मरना है, आप मुझे ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   5:03pm 4 Oct 2012 #जिन्दगी
Blogger: Maheshwari Kaneri at अभिव्यंजना...
जिन्दगी जिन्दादिली का नाम है , तो चलो जी के देख लेंदर्दे दिल ही जब दवा बन जाए, तो चलो पी के देख लेंबेवजह पड़ी हुई थी जिन्दगी, काटे नही कटती थी जिन्दगीअपने लिए बहुत जी लिए, औरों के लिए भी जी कर देख लेंचलना ही जिन्दगी है अगर, तो फिर धूप क्या छाँव क्या हैफूल से राहों में सब चलते ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   5:35am 3 Oct 2012 #जिन्दगी
Blogger: kiran mishra at किरण की दुनिय...
ज़िन्दगी एक सोपान और कुछ नियति सी,कुछ अनसुलझे प्रशन सीकुछ उलझे से उत्तर सी.ज़िंदगी एक गहरी उदासी सी,और निरूद्देश जीवन भीकभी सागर सीकभी छोटे झरने सी.जिन्दगी कभी माँ की ममता सीकभी दुश्मन की नफरत सी,कुछ गहरी शांति सीकुछ प्रेम की पुण्यता सी.कुछ यादो की गठरिया सीकुछ वादों... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   4:12am 26 Aug 2012 #जिन्दगी
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