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Tag: जल

Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
नभ झाँके जिस पावन पल में सुखद खुमारी अनजानी सी ‘मदहोशी’ जो होश जगाए, सुमिरन की इक नदी बह रही रग-रग तन की चले भिगाए ! नीले जल में मन दरिया के पत्तों सी सिहरन कुछ गाती, नभ झाँके जिस पावन पल में छल-छल कल-कल लहर उठाती ! छू जाती है अंतर्मन को लहर उठी जो छुए चाँदनी, एक नजर भर ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   6:09am 20 Feb 2019 #जल
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      जंगल के इलाकों में भ्रमण के लिए जाना जोखिम भरा हो सकता है; परन्तु जिन्हें ऐसे क्षेत्रों में घूमने का शौक है, यह जोखिम ही उनके भ्रमण से जुड़े रोमाँच का कारण है। क्योंकि ऐसे भ्रमणकारियों को जितना वे अपने साथ ले जा सकते हैं, उससे कहीं अधिक पेय-जल की आवश्यकता होती ... Read more
clicks 260 View   Vote 0 Like   3:15pm 10 Oct 2018 #जल
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      क्योंकि सँसार के अनेकों भागों में पीने योग्य स्वच्छ पानी मिलना बहुत कठिन है, इसलिए एक संस्था  Water is Life ने एक अद्भुत संसाधन, “The Drinkable Book” (पीने योग्य पुस्तक) विकसित किया है। इस पुस्तक के कागज़ पर चांदी के अति-सूक्ष्म कणों की परत चढी हुई है, और ये कण लगभग 99.9% हानिकारक ज... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   3:15pm 8 Oct 2018 #जल
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   जब लोग धरती के अन्दर गहरे कुएँ या छेद बनाते हैं तो वे पानी निकालने, तेल निकालने, या फिर धरती के भीतरी भाग के नमूने निकालने के लिए ऐसा करते हैं।   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम यशायाह 12 में पाते हैं कि परमेश्वर ने अपने लोगों से, जो आत्मिक एवं भौगोलिक मरूभूमी में रह रह... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   3:15pm 9 Jan 2018 #जल
Blogger: bhavna pathak at bhonpooo.blogspot.com...
जल संबल हैजल से कल है।जल की कल-कलजल की हलचल को रोको मतबाँध बना उसको टोको मत।पूजन करते हो तुम जिनकागला घोटे भी हो उनकासारा मलबा बहा उसी मेंज़हर घोलते तुम्हीं नदी मेंलगाते डुबकी, दिखाते भक्तिनमामि नर्मदे, जय मात गंगेकी घोष करके।जब ऐसी बुद्धि मिलेगी शुद्धिकहाँ से त... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   1:08pm 22 Mar 2017 #जल
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
भारतीय गणतंत्र एक विशाल भूभाग का स्वामी है। देश है जहाँ बारहों महीने सभी मौसम दिखाई देते हैं ऐसा विश्व में अन्य किसी देश में नहीं होता। एक तरफ़ सूखा पड़ता है तो दूसरी तरफ़ बाढ का विनाशकारी तांडव रहता है। आज यही तांडव तमिलनाडू के तटीय क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, जिससे जनजी... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   10:30pm 12 Feb 2016 #जल
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
कौन भर रहा प्रीत प्राण में कौन सिखाए उड़ना खग को नीड़ बनाना व इतराना, तिरना हौले-हौले नभ में दूर देश से वापस आना ! कौन भर रहा प्रीत प्राण में शावक जो पाता हिरणी से, कौन खड़ा करता वृक्षों को पोषण पायें वे धरणी से ! सागर से जाकर मिलना है नदियों को यह चाहत देता, प्यास जगा... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   3:12am 14 Mar 2015 #जल
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
कोई सागर रहता है नयनों से जो खारा पानी हर्ष-विषाद में बहता है, खबर सुनाता, सबके भीतर कोई सागर रहता है ! सुनना होगा उन लहरों को अंतर में जो बांच रहीं, देख आत्मा के चंदा को देखो कैसे नाच रहीं ! सागर तट पर रहते आये गहराई में चमचम मोती, डूब गया मन जिसका उसमें स्वर्णिम, ... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   4:48am 31 Aug 2014 #जल
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   मोआब की पहाड़ियों से उस वाचा की हुई भूमि की वह पहली झलक मेरे लिए बहुत निराशाजनक थी। मुझे लग रहा था कि यरदन नदी के पूर्वी तट के दृश्य की अपेक्षा यहाँ का दृश्य बहुत भिन्न होगा, लेकिन मुझे कुछ खास फर्क नज़र नहीं आया। मैंने अपनी गाईड से पूछा, "जब मिस्त्र की गुलामी से निकलकर ... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   3:15pm 11 Aug 2014 #जल
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
रंगमंच जल धाराओं के सिंचन से तृप्त हुई माँ उलीचती हरियाली निज अंतर में कुछ न रखती सभी यहाँ लौटा देती है गंध, स्वाद, रंग बन मिलती धरती कई रूप में खिलती ! पुरवाई भी हुई शीतला जल संस्पर्श हर गया तप्तता झूमें वृक्ष, डालियाँ थिरकें विहग विहँसते.. परस पवन का ! अन्तरिक्... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   3:47am 16 Jul 2014 #जल
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
जल ही जीवन है, क्षितिज, जल, अग्नि, गगन एवं हवा आदि पंच तत्वों में अनिवार्य तत्व जल भी है। बिना जल के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मानव ने सभ्यता के विकास के क्रम में जल की अनिवार्य आवश्यकता की पूर्ति हेतु नदियों एवं प्राकृतिक झीलों के किनारे अपना बसेरा किया। वह नदिय... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   9:48pm 14 May 2014 #जल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at सृजन मंच ऑनला...
ब्रज बांसुरी"की रचनाएँ .......डा श्याम गुप्त ...                                    मेरे नवीनतम प्रकाशित  ब्रजभाषा काव्य संग्रह ..."ब्रज बांसुरी"...कीब्रजभाषा में रचनाएँ  गीत, ग़ज़ल, पद, दोहे, घनाक्षरी, सवैया, श्याम -सवैया, पंचक सवैया, छप... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   12:04pm 31 Mar 2014 #जल
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   मंगल ग्रह पर पानी ढूँढने के लिए अमेरिका ने लाखों डॉलर खर्च कर दिए हैं। कुछ समय पहले अमेरिकी अन्तरिक्ष संस्था, नासा ने दो रोबोट उपग्रह, मंगल ग्रह पर उतारे, यह जानने के लिए कि वहाँ पानी है या कभी था कि नहीं। अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है? जो वैज्ञानिक उन दोनों रोबोट उपग्... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   3:15pm 3 Nov 2013 #जल
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
खनकती हुई सी इक याद, जैसे सुबह की धूप नयनों में भर गया कोई, ज्यों चाँदनी का रूप उस दिन अचानक छा गये मेघ काले-धूसर देखते ही देखते स्याह हो गया अम्बर गरजने लगा इंद्र सेनापति सा परचम लहराने लगे पवनदेव झूमकर धरा उत्सुक थी स्वागत करने को ऊंचे पर्वत भी घाटियों के दामन फ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   6:58am 8 Aug 2013 #जल
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