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Tag: चाणक्य नीति श्लोक

Blogger: Anju Anand at जयतु संस्कृत...
 यथा चतुर्भिः कनकं परीक्ष्यते निर्घषणच्छेदन तापताडनैः। तथा चतुर्भिः पुरुषः परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा।।--चाणक्य नीति श्लोक--- ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । (अंजु आनंद)... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:12am 3 Oct 2017 #चाणक्य नीति श्लोक
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