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Tag: क्षणिकायें

Blogger: devduttaprasoon at प्रसून...
==========(क) हाइकू नुमा क्षणिकायें |================== (१)परिवार-दिवस-आओ हम सब मनायें !परिवार को सुखी बनायें !!(२)सुखी परिवार |आज का ‘बड़ा’ नहीं |‘छोटा परिवार’ ||(३)आपस में प्रेम |यानी परिवार की-कुशल-क्षेम |====================(ख) क्षणिकायें | ============(१)दिल छोटा है तो-‘मियाँ-बीवी-बच्चे’ हैं ‘परिवार’ |दिल कुछ बड़... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   4:34pm 14 May 2013 #क्षणिकायें
Blogger: उपेन्द्र नाथ at सृजन _शिखर...
१. हथियारों के दलाल  खा गए सब हथियार सुना है कि फौजी लड़ते है लाठी और गुलेल से।।२. कुछ गरीब और आदिवासी रोजी रोटी के लिए फ़ौज में भर्ती हुए थे सुना है कि उनकी शहादत पर उनके झोपड़े को आलिशान महल बना देने की तयारी है।। ३. ना कोई हंगामा हुआ ना  किसी ने पत्थर फेंके ना कर्फ्... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   4:49am 15 Mar 2013 #क्षणिकायें
Blogger: उपेन्द्र नाथ at सृजन _शिखर...
यादहम तो थे परिंदाहमारी हर उड़ान के साथअपने लोग भी हमेंअपने दिलों सेउड़ाते गयेआलम अब ये है कीहम याद भी करें तो उनको याद नहीं आते है।। जख्महमें आदत थीउनके हर चीज कोसम्हालकर रखने कीउनके दिए हर दर्द को भीहम दिल मेंसम्हालकर रखते गएऔर जख्म  खाते रहें।।इल्जाम उनके हर इल... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   7:31am 24 Dec 2012 #क्षणिकायें
Blogger: उपेन्द्र नाथ at सृजन _शिखर...
1.   लोकतंत्र लोकतंत्रनेपूछा इसबारकिसपर लगाओगे  मुहरमतदाता  मुस्कराताहैमहँगीहोगीजिसकीशराबलोकतंत्रबेचारा फिरहोजाताहैउदास ।।2.  असमंजसभगवानबड़ेअसमंजसमेंहैकिकिसकीसुनेसौतोलेकासोनेकाहारभक्तनेआजहीचढ़ाया हैकिधंधाखूबफले- फूलेभक्तकेकसाईखाने मेंकटनेकोतैय... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   4:57pm 23 Oct 2012 #क्षणिकायें
Blogger: उपेन्द्र नाथ at सृजन _शिखर...
गुरुर एक मुद्दत के बादहम मिले थेकल एक मोडपरफिर भीन पूछे गएएक दूसरे केहालचालकुछ हम थे व्यस्तअपने पुराने जख्मसहलाने मेंतो लगा उनमे भीअभी वाकी थावही पुराना वालागुरुर ।सफ़रउनका नज़र मिलानाऔर शरमानाजारी रहापुरे सफ़रफिर न कोई हमेंठहरा देइसबार भीकसूरवारपुरे सफ़रसा... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   8:27am 13 Oct 2012 #क्षणिकायें
Blogger: उपेन्द्र नाथ at सृजन _शिखर...
खंजर ये  खुदा एक गुजारिश  है तुमसे अगली बार खंजर उनके हाथों में थमाने से पहले न भूल जाना इस दिल को पत्थर  बनाना ताजमहल इतना  भी इतराना ठीक नहीं अपनी इस सुन्दरता पर न काटे  गए होते हाथ कारीगरों के तो आज हर घर इक ताजमहल रहा होता मुस्कराहट एक गुनाह ये मुस्कराहट चली... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   7:50am 27 May 2012 #क्षणिकायें
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