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Tag: ईश्वर

Blogger: पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा at कविता "जीवन क...
सत्य है यह, या थोड़ा सा अर्धसत्य!सत्य, क्या महज इक नजरिया?या समक्ष होकर, कहीं कुछ है विलुप्त!फिर, जो समक्ष है, उसका क्या?जो प्रभाव डाले, उसका क्या?सत्य है यह, या थोड़ा सा अर्धसत्य!पहाड़ों पर, वो तलाशते हैं क्या?वो अनवरत, पत्थरों को सींचते हैं क्यूँ?सजदे में क्यूँ, झुक जाते हैं ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   2:41am 29 Jan 2021 #ईश्वर
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
                                                             अमर स्पर्श “वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान उमड़ कर आँखों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान” इन कालजयी पंक्तियों के रचियता छायावाद के प्रमुख स्तम्भ, हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि, विचारक और दार्शनिक सुमित्रानंदन पंत को यूँ तो... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   5:24am 3 Sep 2020 #ईश्वर
Blogger: Atheism Research Foundation at The Atheist Junction...
मैं आपके ईश्वर से नाराज़ नही हूँ…आपके नेता से भी मेरी कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है…ना ही आपकी राजनैतिक और धार्मिक आस्थाएं मेरी चिढ़ की … The post मैं आपके ईश्वर से नाराज़ नही हूँ… appeared first on Atheism-Justification. ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   5:36pm 18 May 2020 #ईश्वर
Blogger: mahendra verma at शाश्वत शिल्प ...
14 जुलाई, 1930 को, अल्बर्ट आइंस्टीन ने भारतीय दार्शनिक, संगीतकार और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का बर्लिन के अपने घर में स्वागत किया। दोनों की बातचीत इतिहास में सबसे उत्तेजक, बौद्धिक और दिलचस्प विषय पर हुई, और वह विषय है - विज्ञान और धर्म के बीच पुराना संघर्ष -आइ... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   10:17am 31 Aug 2018 #ईश्वर
Blogger: mahendra verma at शाश्वत शिल्प ...
14 जुलाई, 1930 को, अल्बर्ट आइंस्टीन ने भारतीय दार्शनिक, संगीतकार और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का बर्लिन के अपने घर में स्वागत किया। दोनों की बातचीत इतिहास में सबसे उत्तेजक, बौद्धिक और दिलचस्प विषय पर हुई, और वह विषय है - विज्ञान और धर्म के बीच पुराना संघर्ष -आइ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   10:17am 31 Aug 2018 #ईश्वर
Blogger: R Ravi at वर्धमान...
मानव तन असंख्य कोशिकाओं से बना है। हर कोशिका अपने आप में एक जीवित इकाई है। यह शरीर  अनगिणत सूक्ष्म शरीर (कोशिकाओं) का मानो एक सुव्यवस्थित समाज है। हर कोशिका अपना काम निरंतर करती रहती है, बगैर इस शरीर के बोध के।यह शरीर चेतन है, यह चेतना हमें "अहं"का बोध देती है। मगर इस "अहं... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   10:31pm 13 Feb 2017 #ईश्वर
Blogger: मधुलिका पटेल at मेरी स्याही क...
माँ तुझे खोकर तेरी यादों को पाया हैवो चेहरा जो रोज़ नज़र में थाआज दिल में समाया हैढलती सेहत नेतुम्हारी नींद कहीं छुपा दी थीतुम्हें खोकर आजसारा घर जाग रहातुम्हारी नींद बहुत लंबी हैशांत शरीर में बीमारी की थकान नहीं चिंताओं की माथे परकोई शिकन नहींवो जिजीविषा शब्दतुम्हा... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   11:48am 7 Dec 2016 #ईश्वर
Blogger: सुशील बाकलीवाल at नजरिया...
           एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई । जब उसे इसका आभास हुआ तो उसने देखा कि भगवान उसके समक्ष एक सूटकेस हाथ में लिये खडे हैं और उससे कह रहे हैं - चलो मेरे बच्चे, तुम्हारा समय पूरा हो गया है ।           व्यक्ति बोला - इतनी जल्दी ! अभी तो मेरे सामने ढेर... Read more
clicks 335 View   Vote 0 Like   1:34am 10 Jun 2016 #ईश्वर
Blogger: Sumit at मेरी दुनिया.. ...
ये क्या मिला शीशे के घर से मुझे,लगता है डर हर एक पत्थर से मुझे..किस की ताक़त थी मारे ज़हर से मुझे,मगर मार डाला उसने अपनी नज़र से मुझे..में आसमां की छत भी चूम सकता हूँ,नवाज़ दे परिन्दा कोई अपने पर से मुझे..वो मेरे दर पर आया है लेने उजाला,जो डराता था कभी अँधेरे सफर से मुझे..गलत... Read more
clicks 315 View   Vote 0 Like   7:15am 28 Apr 2016 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at बस यूँ ही..........WR...
अब शायद ये समय आ गया है कि हम अपने अपने धर्मग्रंथो को फिर से पढ़े और समझे कि दुनिया के सारे धर्मग्रन्थ सिर्फ इंसान से प्रेम करना ही सिखाते है न कि नफरत करना........इसी बहाने से हम अपने अपने ईश्वर / खुदा पर थोडा रहम करे, क्योंकि वो कभी नहीं चाहता है कि हम आपस में झगडे और उसके नाम प... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   5:07am 15 Dec 2015 #ईश्वर
Blogger: Kalipad "Prasad" at मेरे विचार मे...
              तू है तो चितचोरब्रह्माण्ड के निपुण चितेरे दुनियां को रंगा सात रंग से जानता नहीं कोई कितने रंग हैं तेरे |धरती पर कहीं अगाध जल,कहीं मरुभूमि, जलहीन सिक्तारे आधार हीन आसमां में टांगा असंख्य सूर्य चन्द्र तारे | तू रूप है या अरूप है सिद्ध योगी न जान पाये,... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   1:40am 23 Sep 2015 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at कविताओं के मन...
यूँ ही ...ज़िन्दगी भर कुछ साए साथ साथ ही चलते है और उन्ही सायो की याद में ये ख़ाक ज़िन्दगी;.......कभी कभी गुलज़ार भी होती है !!!सोचता हूँ अक्सर यूँ ही रातो को उठकर ...अगर अम्मा न होती , अगर पिताजी न होते . अगर तुम न होती ..अगर वो दोस्त न होता ......चंद तकलीफ देने वाले रिश्तेदार न होते ......चंद प्य... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   12:30am 22 Aug 2015 #ईश्वर
Blogger: मधुलिका पटेल at मेरी स्याही क...
मेरा रूप माँ बहन बेटी या गृहणि का रहता हैपर मेरा मन हर दिन नई कविता कह लेता हैशंखनाद हो जाता हैसुबह के सूरज की लालिमा सेउद्गम हो जाता है सरिता काबहने लगते हैं शब्द कईउन्हें मैं चुनती जाती हूँपहल करती हूँ ईश्वर की पूजा सेबच्चों की मासूमियत सेआँगन की रांगोली से सूखे आं... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   8:25pm 9 Jun 2015 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at कविताओं के मन...
दोस्तों, आज पिताजी को गुजरे एक माह हो गए. इस एक माह में मुझे कभी भी नहीं लगा कि वो नहीं है. हर दिन बस ऐसे ही लगा कि वो गाँव में है और अभी मैं मिलकर आया हूँ और फिर से मिलने जाना है. कहीं भी उनकी कमी नहीं लगी. यहाँ तक कि संक्रांति की पूजा में भी ऐसा लगा कि वो है. बस कल अचानक लगा कि फ़ो... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   1:40am 22 Jan 2015 #ईश्वर
Blogger: Sanjay Grover at पागलखाना PAAGAL-KHA...
(एक काल्पनिक व्यंग्यात्मक बातचील)घंटी बजती है।दरवाज़ा खुलता है।सामने एक ऐसी चेहरा दिखाई देता है जिसे संभ्रांत और सौम्य वगैरहा कहा जाता है। साथ में रंग-बिरंगे कपड़े पहने लोगों का हुजूम है, सरों पर टोपियां, हाथों में पैम्फ़लेट आदि हैं। कई युवा हैं।‘जी कहिए !’‘दरवाज़ा खोलि... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   9:46am 18 Jan 2015 #ईश्वर
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
पितामह और  संध्याकाल गणेश स्तुति रामरक्षा हनुमान चालीसा और ध्यान कहीं अंधेरे में कुछ कुछ दिखता हुआ शायद भगवान सुबह की दौड़ बस्ता प्रार्थना सभा ईशू के गीत चमकता चेहरा दाड़ी कुछ कथाऐं बलिदान करता हुआ एक भगवान पच्चीस दिसम्बर सजी हुई एक इमारत मोमबत्तियाँ केक चर्च कहानि... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   4:29pm 25 Dec 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at THE INNER JOURNEY ::: अंतर...
कृष्ण भक्त हैं, और भगवान भी हैं। और जो भी भक्ति में प्रवेश करेगा, वह भक्त से शुरू होगा और भगवान पर पूरा हो जाएगाइस संबंध में थोड़ी सी बात पीछे हुई है, लेकिन हमें समझ में नहीं आती है, इसलिए फिर दूसरी तरह से लौट आती है। मैंने प्रार्थना के संबंध में जो कहा, वह थोड़ा खयाल में लेंगे... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   10:06am 4 Oct 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at THE INNER JOURNEY ::: अंतर...
भक्ति बीज पलटै नहीं, जो जुग जाय अनन्त |ऊँच नीच घर अवतरै, होय सन्त का सन्त ||की हुई भक्ति के बीज निष्फल नहीं होते चाहे अनंतो युग बीत जाये | भक्तिमान जीव सन्त का सन्त ही रहता है चाहे वह ऊँच - नीच माने गये किसी भी वर्ण - जाती में जन्म ले |भक्ति पदारथ तब मिलै, तब गुरु होय सहाय |प्रेम प... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   10:05am 4 Oct 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at THE INNER JOURNEY ::: अंतर...
दोस्तों , आधी दुनिया की चिंता ये है कि क्या खाए - क्योंकि उनके पास बहुत पैसा है और उनके पास खाने की choices  भी बहुत है . और ठीक उसी समय या फिर at any point of given time , बाकी की बची हुई आधी दुनिया की भी यही चिंता है कि क्या खाए - क्योंकि उनके पास खाने के लिए कम से कम खाना भी नहीं है , पैसे नहीं है ,इ... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   8:56am 17 Sep 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at THE INNER JOURNEY ::: अंतर...
मेरे प्रिय आत्मीय मित्रो , नमस्कार आपका जीवन शुभ हो इसी मंगलकामना के साथ मैं एक बात कहना चाहता हूँ . हमारे शरीर की एक मात्र सम्पूर्ण अभिव्यक्ति सिर्फ हमारी जीभ ही है . और प्रभु ने इसे लचीला बनाया है ताकि हम सुगमता से इसका उपयोग कर सके . लेकिन अक्सर ये होता है कि क्र... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   2:08am 20 Jun 2014 #ईश्वर
Blogger: ajay kumar jha at ब्लॉग बुलेटि...
प्रिये ब्लॉगर मित्रों सादर नमस्कार,प्रस्तुत है आज का बुलेटिन एक अलग विषय पर | उम्मीद है आपका रेस्पोंसे अच्छा मिलेगा कमेंट्स और क्रिटिक के साथ | क्या, ईश्वर आधीन है ? अपने भक्तों का, नहीं ईश्वर आधीन हो गया हमारे विचारों में | ईश्वर को माना है एक एजेंट की तरह या उसको रिश्व... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   1:21pm 27 Mar 2014 #ईश्वर
clicks 243 View   Vote 0 Like   11:27am 31 Jan 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti at THE INNER JOURNEY ::: अंतर...
मेरे आत्मन, नमस्कार . हम सभी अपने जीवन को जीते हुए अक्सर एक छोटी सी बात को भूल जाते है और वो बात होती है जीवन का रिश्ता - जीवन में बने हुए रिश्तो से !विवेकाननद के इस सूक्ति में गहरा रहस्य छुपा हुआ है ! आप सभी को एक बेहतर जीवन की ढेर सारी शुभकामनाये ! आपका अपना विजय... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   11:11am 5 Jan 2014 #ईश्वर
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at आपका ब्लॉग...
सकल सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ प्राणी होता है |बीज नित्य नव आशाओं के मानव बोता है |जाने कितनी नयी नयी सुख -सुविधा भोगीं ,कष्ट पड़े फिर भला आज तू क्यों रोता है |सुख साधन के हेतु उचित-अनुचित सब भूला,जो भी जग को दिया वही तो अब ढोता  है |उचित व अनुचित मानव तभी समझ पाता  है,जब उसको अन... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   5:23pm 30 Sep 2013 #ईश्वर
Blogger: Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
‘गोली मत मारना, मुझे कुछ बात......’ ‘आहा, डरते हो, कुछ नहीं कर पाओगे जिंदग़ी में, डरपोक आदमी, हा हा हा .............’‘हां डरता हूं, मुझे गोलियों में खेलने की आदत नहीं है भाई, पर उससे भी ज़्यादा मैं इसलिए डरता हूं कि तुम मुझसे भी ज़्यादा डरपोक हो। तुम डरके मारे, मुझे गोली मार दोगे और जो ब... Read more
clicks 379 View   Vote 0 Like   6:10am 22 Aug 2013 #ईश्वर
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