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Tag: पर्यटन

Blogger: अजित वडनेरकर at शब्दों का सफर...
इस बार पेश है डॉक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल की ताज़ा पुस्तक "हिन्दी सरायः अस्त्राखान वाया येरेवान" की चर्चा । पुस्तक सोलहवीं-सत्रहवी सदी के उन भारतीय व्यापारियों की जड़ों की तलाश के बहाने से समूची भारतीय / हिन्दू संस्कृति की वैश्विक धरातल पर विद्वत्तापूर्ण पड़ताल क... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   4:41pm 4 Feb 2013 #पर्यटन
Blogger: anupam dixit at दुनियाँ मेरे ...
कच्छ और भुज - भूगोल: भुज एक प्राचीन स्थान है। करीब 10-12 वर्ष पूर्व एक भीषण भूकंप ने इसे नष्ट कर दिया था। तब से यह प्राचीन शहर फिर से उठ खड़ा हुआ है और मानुषी जीजीविषा का उदाहरण है। देश का दूसरा सबसे बड़ा ज़िला कच्छ कई कारणों से विशिष्ट है। कच्छ से कुछ याद आता है आपको..... नहीं? सो... Read more
clicks 313 View   Vote 0 Like   1:19pm 15 Jan 2013 #पर्यटन
Blogger: anupam dixit at दुनियाँ मेरे ...
कच्छ नहीं देखा तो कुच्छ नहीं देखागाजियाबाद स्टेशन पर ट्रेन का इंतज़ार यात्रा की तैयारी और प्रस्थान: मेरे श्वसुर जब से रिटायर हुये हैं अपने अधूरे सपनों को पूरा करने के मिशन पर हैं। वर्षों तक राज्य कर विभाग की शुष्क नौकरी करने के बावजूद जिंदगी में रस वे खोज ही लेते हैं।... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   1:10pm 9 Jan 2013 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
धरती पर गाँव-नगर, राजधानियाँ उजड़ी, फिर बसी, पर कुछ जगह ऐसी हैं जो एक बार उजड़ी, फिर बस न सकी। कभी राजाओं के साम्राज्य विस्तार की लड़ाई तो कभी प्राकृतिक आपदा, कभी दैवीय प्रकोप से लोग बेघर हुए। बसी हुयी घर गृहस्थी और पुरखों के बनाये घरों को अचानक छोड़ कर जाना त्रासदी ही है। बंज... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   12:30pm 24 Nov 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
धरती पर गाँव-नगर, राजधानियाँ उजड़ी, फिर बसी, पर कुछ जगह ऐसी हैं जो एक बार उजड़ी, फिर बस न सकी। कभी राजाओं के साम्राज्य विस्तार की लड़ाई तो कभी प्राकृतिक आपदा, कभी दैवीय प्रकोप से लोग बेघर हुए। बसी हुयी घर गृहस्थी और पुरखों के बनाये घरों को अचानक छोड़ कर जाना त्रासदी ही है... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   12:30pm 24 Nov 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
श्री अरुण कुमार शर्मा प्राम्भ से पढ़ें सिरपुर का दो दिन और दो रात का स्वपोषित पैकेज पूर्णता की और था, अर्थात हम सिरपुर भ्रमण के अंतिम चरण की और बढ़ रहे थे। आर्किओलोजी में कुछ भी अंतिम नहीं होता। नित नई खोजें सामने आती हैं और अन्य प्रमाण मिलने पर पुरानी थ्योरी बदल जाती है।... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   11:16pm 5 Nov 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
श्री अरुण कुमार शर्मा प्राम्भ से पढ़ें सिरपुर का दो दिन और दो रात का स्वपोषित पैकेज पूर्णता की और था, अर्थात हम सिरपुर भ्रमण के अंतिम चरण की और बढ़ रहे थे। आर्किओलोजी में कुछ भी अंतिम नहीं होता। नित नई खोजें सामने आती हैं और अन्य प्रमाण मिलने पर पुरानी थ्योरी बदल जाती है।... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   11:16pm 5 Nov 2012 #पर्यटन
Blogger: अजित वडनेरकर at शब्दों का सफर...
दिन भर के कार्यव्यवहार में इंगित करने, दिशा बताने के संदर्भ में हम कितनी बार‘तरफ़’शब्द का इस्तेमाल करते हैं, अन्दाज़ लगाना मुश्किल है । इस तरफ़, उस तरफ़, हर तरफ़ जैसे वाक्यांशों में तरफ़ के प्रयोग से जाना जा सकता है कि यह बोलचाल की भाषा के सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले शब... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   11:44am 5 Nov 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
संग्रहालय की कुछ मूर्तियाँ और  लक्ष्मण मंदिरप्रारंभ से पढ़े  धसकुड़से लौटते हुए रास्ते में मख्मल्ला और खरखरा नामक दो नाले मिले, बरसाती खेती में नालों का भी सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहता है। यहाँ से लौटते हुए हमें लक्ष्मण मंदिर देखना था। जो हमारे रास्ते में ही थ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   11:15pm 25 Oct 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
संग्रहालय की कुछ मूर्तियाँ और  लक्ष्मण मंदिरप्रारंभ से पढ़े  धसकुड़से लौटते हुए रास्ते में मख्मल्ला और खरखरा नामक दो नाले मिले, बरसाती खेती में नालों का भी सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहता है। यहाँ से लौटते हुए हमें लक्ष्मण मंदिर देखना था। जो हमारे रास्ते में ही थ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   11:15pm 25 Oct 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
राजीव रंजन , आदित्य सिंह, बंधू प्राम्भ से पढ़ें सिरपुरिहा मित्र को फोनिया कर हम सिरपुर पहुंचे तो वे चौक पर ही मिल गए. छुटटी का दिन होने के कारण नौकरी वाले लोग घर में ही मिल जाते हैं. राजिम में अधिक समय लगने के कारण विलंब हो गया था और अंधेरा भी. अगले दिन हमारा कार्यक्रम सिंगा... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   12:58am 20 Oct 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
राजीव रंजन , आदित्य सिंह, बंधू प्राम्भ से पढ़ें सिरपुरिहा मित्र को फोनिया कर हम सिरपुर पहुंचे तो वे चौक पर ही मिल गए. छुटटी का दिन होने के कारण नौकरी वाले लोग घर में ही मिल जाते हैं. राजिम में अधिक समय लगने के कारण विलंब हो गया था और अंधेरा भी. अगले दिन हमारा कार्यक्रम सिंगा... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   12:58am 20 Oct 2012 #पर्यटन
Blogger: डॉ टी एस दराल at अंतर्मंथन...
वर्षों पहले हम मित्रों ने एक ख्वाब बुना था -- बाल बच्चों समेत विदेश यात्रा पर जाने का . ख्वाब पूरा हुआ पूरे ३२ साल बाद जब तीन मित्रों को इक्कट्ठा कर पाए और कार्यक्रम बना पाए, हालाँकि अब बाल तो सभी के कम ही बचे थे . जैसे ही ऑफिस से अनुमति आई , हमने टिकेट कटाई , वीज़ा की अर्जी लगा... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:30am 9 Sep 2012 #पर्यटन
Blogger: lokendra singh rajput at अपना पंचू...
 स मरसता के सूत्र पुस्तक की प्रस्तावना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक कुप्.सी. सुदर्शन ने लिखी है। इसके अलावा इस पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर दिए गए उनके भाषण को भी पुस्तक में शामिल किया गया है। श्री सुदर्शन लिखते हैं कि विश्व में हिन्दू चिंतन सबसे विशिष... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   1:23pm 24 Aug 2012 #पर्यटन
Blogger: ललित शर्मा at ललितडॉटकॉम...
रामघाट नर्मदा नदी अमरकंटकप्रारंभ से पढेंकार में पड़े-पड़े नींद कम आयी और अलसाए अधिक। कच्ची नींद की खुमारी लिए सुबह हुई। कार से बाहर निकले तो सूरज का रथ धरा पर आ रहा था। हमने कार रामघाट पर लगाई, बाहर निकलते ही नंदी महाराज के दर्शन हुए। धन्य हो गए भगवन नंदी देव के दर्शन पा... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   11:15pm 24 Jul 2012 #पर्यटन
Blogger: UDAYVIR SINGH at शब्दोदय...
दीव : इतिहास में छुपा सौन्दर्य       समुद्र तल से लगभग 6मीटरकी ऊंचाई  पर स्थित दीव एक छोटा सा द्वीप है जहाँ प्रकृति नेअपने  अनुपम सौन्दर्य की चादर चारो तरफबिछा रखी है. तीन ओर सागर से घिरा एक छोटा सा द्वीप जहाँ लम्बे- लम्बे ताड़ और  नारियल के लहराते वृक्ष, सागर की चंचल जलतरंग... Read more
clicks 436 View   Vote 0 Like   2:36pm 10 Apr 2012 #पर्यटन
Blogger: अजित वडनेरकर at शब्दों का सफर...
सम्बन्धित आलेख-1.गुमशुदा और च्यवनप्राश.2.लोक क्या है ?किसी बात की जानकारी होने के सम्बन्ध में आए दिन हम ‘मालूम’और‘पता’शब्द का प्रयोग करते हैं । “मालूम नहीं”, “पता नहीं” कह कर दरअसल हम आई बला को टालने में खुद को कामयाब समझते हैं, दरअसल यह हमारी अज्ञानता का प्रदर्शन होता ह... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   6:26pm 1 Apr 2012 #पर्यटन
Blogger: Girdhari Khankriyal at गाँव...
यों तो गढ़वाल ही नहीं अपितु सारे उत्तराखंड में तीर्थ स्थलों, मंदिरों एवं सुरम्य पर्यटक स्थलों की भरमार है । इस धरोहर के लिए भारत ही नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्द है इसी कारण हजारों तीर्थ यात्री एवं पर्यटक उत्तराखंड पहुँचते हैं।प्रायः लोग मुख्य स्थानों , बदरीनाथ क... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   10:00am 4 Jan 2011 #पर्यटन
Blogger: moomal at Moomal Yatra...
विश्व में राजस्थान को अतिथि देवो भव: के रूप में पहचाना जाता है। भारत के शेष प्रदेशों में राजस्थान पर्यटन के विकास को मॉडल के रूप में देखा जाता रहा है। उसी राजस्थान की शुष्क मगर स्नेहसिक्त मरू भूमि पर पावणों (पर्यटको) से दुव्र्यवहार अब आम सी बात हो गई है।जनता द्वारा चुने... Read more
clicks 340 View   Vote 0 Like   6:09am 20 Apr 2010 #पर्यटन
Blogger: Shekhawat at Bhagatpura...
भगतपुरा में कोई एतिहासिक ईमारत या ऐसी कोई दर्शनीय जगह तो नहीं कि यहाँ विदेशी पर्यटकों का आना जाना हो बावजूद आजकल गावं में विदेशी पर्यटको का आने का तांता लगा रहता है पडोसी गांव हुडीलस्थित होटल फतह विलासमें रुकने वाले सभी विदेशी पर्यटक भगतपुरा में जस्जी शेखावत की ढाण... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:29am 21 Sep 2009 #पर्यटन
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