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Blog: बस यूँ ही..........WRITINGS OF SILENCE......

Blogger: vijay kumar sappatti
मैंने अपने भीतर के मौन को सूनी रातो में जागकर शब्दों में बदला है .क्या तुम उन शब्दों में मौजूद मेरे मौन को सुन सकते हो .ये वो मौन है जो अब हमेशा हमारे दरमियान रहेगा !दरअसल ये वो मौन भी है जो हज़ारो सालो से हम जैसो के दरमियान रहा है . मैं तो बस उस मौन की कश्ती का माझी हूँ .हां ! ये ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   1:59am 2 Mar 2014 #अक्सर
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों , मैं अपने तमाम चाहने वालो का दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ, जो मेरे साथ मेरे साहित्यिक सफ़र में शुरू से रहे है , वो सारे ब्लॉगर मित्र , जिन्होंने मुझे अपने कमेंट्स, अपने विचार , अपनी सोच से मेरा हौसला भी बढ़ाया और मेरा मार्गदर्शन भी किया . आप सभी  के कारण ही मैं कविता ... Read more
clicks 321 View   Vote 0 Like   5:44am 4 Nov 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
एक श्रद्दांजलि श्री नरेन्द्र दाभोलकर जी को !!दोस्तों , बहुत कम ऐसा होता है कि समाज में किसी एक मोहिम के लिए ,कोई एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक उदाहरण बन जाता है , मैं ऐसे ही एक व्यक्ति श्री नरेन्द्र दाभोलकर जी के बारे में अपनी बात रखना चाहता हूँ. दोस्तों ,डॉ. नरेन्द्र दाभ... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   5:00am 30 Aug 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
कभी कभी जीतना ज्यादा जरुरी नही होता है ...जीना भी आना चाहिए ;और अक्सर प्रेम की राह पर जीते हुए हारा जाता है . हां ! सच्ची ! तुम्हारी कसम !!!... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   9:36am 20 Aug 2013 #फ़ासले
Blogger: vijay kumar sappatti
कभी कभी बीच का फासला एक जमीन से एक आसमान की दूरी पर हो जाता है  / बन जाता है . और कई जन्म इस फासले को तय करने में कम पड़ते है . कभी हम जमीन पर खड़े नज़र आते है और कभी वो आसमान /फलक पर सितारे बन उड़ते है ......और ये बेमज़ा ज़िन्दगी यूँ ही बस कट जाती है ......... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   3:52pm 5 Aug 2013 #इश्क
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों ; सारी दुनिया दो हिस्सों में बंटी हुई है . एक बड़े हिस्से के लोगो की ये समस्या है कि वो क्या खाए ,क्योंकि उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं है , पैसो के नहीं होने के कारण ! दुसरे छोटे हिस्से के लोगो की भी ये समस्या है कि वो क्या खाए ,क्योंकि उनके पास बहुत से विकल्प मौजूद है , प... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   8:51am 27 Jul 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे और शब्दों में अब एक रिश्ता बन गया है .... मैं रहूँ या न भी रहूँ.....मेरे शब्द हमेशा रहेंगे ....सच में .. किसी सपने में एक जोगी ने कहा था ..कुछ नज़्म लिख लो यार चाँद सांसे मैं उधार दे दूंगा .. अब तलक उस जोगी की साँसे चल रही है ,खुदा जाने , कब उसकी साँसे ख़त्म होंगी और कब मेरी कलम रुक... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   12:10pm 9 Jun 2013 #सपने
Blogger: vijay kumar sappatti
अम्मा !तेरा मुझ में अब तक बहुत कुछ बाकी है माँ.प्यार , ममता ,क्षमा और ज़िन्दगी की छाँव !!नमन !... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   4:24am 12 May 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
या खुदा इस दुनिया के आदमजाद को अक्ल दे ,सोच और समझ दे ;औरते सिर्फ जिस्म  के लिए नहीं होती ;वो भी एक औरत ही है , जिसने इस आदमजाद को जन्म दिया !औरते है तो दुनिया है !इस बात को मजहब की तरह माने !!या खुदा , इस दुनिया के आदमजाद को ये बता ,कि औरत का वतन सिर्फ उसका बदन ही नहीं होता ,जैसा कि ... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   3:03am 22 Apr 2013 #आदमजाद
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों , मुझे तो समझ में नहीं आता कि हम किस तरह के sick society में जी रहे है. आखिरकार , हमें हो क्या गया है , क्या हमारे नैतिक मूल्य इतने नीचे गिर गए है .एक छोटी सी बच्ची ! मुझे याद नहीं आता है कि पिछले १५-२० सालो में हमने  इस तरह की हैवानियत नहीं देखि है ... बीतते समय के साथ हम जानवर से भ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   2:45am 21 Apr 2013 #स्त्री
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों , अगर कोई मुश्किल दौर से गुजर रहे है तो बस इतना सा यकीन रखे ... कि ये दिन भी गुजर जायेंगे ... [  this shall too pass ....as they say ]  बस ज़िन्दगी और अपने इश्वर पर भरोसा रखे ... मैं दिल से आप सभी के लिए प्रार्थना करता हूँ .आपका अपनाविजय... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   3:49am 10 Apr 2013 #समय
Blogger: vijay kumar sappatti
बहुत बरस हुए .... कुछ बावरे युवाओ ने आज के दिन , इस देश के लिए फांसी को चुना !  वैसे वो काल अलग था . लेकिन आज भी वही युग है . बस कुछ नहीं है तो वो जज्बा जो देश के लिए उस वक़्त के युवाओ में था.......भगतसिंग ने अपनी जेल डायरी में लिखा था , ‘‘तुझे जिबह करने की खुशी और मुझे मरने का शौक है मेरी ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   5:05am 23 Mar 2013 #फांसी
Blogger: vijay kumar sappatti
ये जो काश है न , वो दुनिया को हमेशा दो टुकडो में बाँट देता है .. क्या करे.. कुछ भी समझ नहीं आता है .. बस ईश्वर से एक प्रार्थना है कि वो दुनिया के दुसरे हिस्से के बन्दों को और मजबूती दे.... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   11:05am 3 Mar 2013 #जीवन
Blogger: vijay kumar sappatti
बात सिर्फ मोहब्बत की होती तो कुछ और बात थी.. चर्चे तेरी बेवफाई के हर गली ,हर द्वारे हो गए ..अपने इश्क का कुछ ऐसा इनाम मिलेंगा , मुझे मालुम न था.. कि लोग तुझे बेवफा कहते है और मुझ पर हँसते है !!!!... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   12:58pm 2 Mar 2013 #प्यार
Blogger: vijay kumar sappatti
खुदा से बड़ा रंगरेज कोई दूसरा नहीं है यारो...  वो  किसे क्या देता है . क्यों देता है . कब देता है . किसलिए देता है ..... ये उसके सिवा कोई न जाने ... रब ही जाने ..मोहब्बत कुछ ऐसी ही नेमत है उस खुदा की .. !!!!... Read more
clicks 328 View   Vote 0 Like   4:08am 1 Mar 2013 #प्यार
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरी जानां ;मैंने अब तक के किसी भी ख़त में उन फूलो का ज़िक्र नहीं किया , जो तुम और मैं एक दुसरे के लिए लेकर आते थे .........पता नहीं वो फूल अब किस जगह दफ़न होंगे , लेकिन जब तक वो रहे उन्होंने खुशबू दी , हमारे इश्क की !!और सारा जहाँ [ हमारा ] महकता रहा ....उन्होंने हर कोने को अपनी उस खुशबु ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   7:28am 10 Feb 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
कविता : स्वामी विवेकानंदआज भी परिभाषित हैउसकी ओज भरी वाणी सेनिकले हुए वचन ;जिसका नाम था विवेकानंद !उठो ,जागो , सिंहो ;यही कहा था कई सदियाँ पहलेउस महान साधू ने ,जिसका नाम था विवेकानंद !तब तक न रुको ,जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो ...कहा था उस विद्वान ने ;जिसका नाम था विवेकानंद !स... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   1:40am 12 Jan 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरी दुनिया का कुछ हाल ऐसा है दोस्तों ;कुत्ते स्वेटर पहनते है और इंसान चीथड़े ओढ़ते है ...!... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   3:18am 11 Jan 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
एक चिट्ठी : सुना है , कल सरहद पर चली थी गोली , कुछ शहीद अब भी हमें मौन से ताकते है ...उनका कसूर क्या है दोस्त: सियासत करने वाले कब मोल समझेंगे :कल टीवी कह रहा था : हमारे नेता इस बात को कहेंगे उस कहने सुनने में बरसो बीत गए , और हजारो शहीद हो गए . मेरी श्रधांजलि , उन बन्दों को , जो मेर... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   1:28am 9 Jan 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
तुम न होती तो ...मुझे कभी भी मौसम समझ में नहीं आते .न फूल , न रंग , न ही हवा और न ही बारिश और हाँ न , न ही उदासी , जो तुम्हारे नहीं होने की वजह से है . तुम न होती तो न मुझे प्यार समझ आता और न ही बेवफाई ...खुदा तुझे खुश रक्खे .....!... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   8:32am 6 Jan 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
रिश्तो में थोडा सा gap बनाकर रखो , हो सकता है , कभी भर जाए , कौन जाने .... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   4:21pm 3 Jan 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
ओ री चिरैयानन्ही सी चिड़ियाअंगना में फिर आजा रे!ओ री चिरैयानन्ही सी चिड़ियाअंगना में फिर आजा रेअंधियारा हैं घना और लहू से सनाकिरणों के तिनके अम्बर से चुन्न केअंगना में फिर आजा रेहमने तुझपे हजारो सितम हैं किएहमने तुझपे जहान भर के ज़ुल्म किएहमने सोचा नहीतू जो उड़ जाये... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   4:19am 30 Dec 2012 #
Blogger: vijay kumar sappatti
वैसे , मरा कौन है ? वो बच्ची , दामिनी , निर्भया तो नहीं मरी . निश्चिंत ही . वो तो सदा ही जीवित रहेंगी हमारे बीच , हमेशा ही . बल्कि मरे तो हम सब है , ये समाज है , ये देश है , यहाँ का कानून है , यहाँ की सरकार है , यहाँ का total system है , यहाँ की सोच मर गयी है . और तो और , यहाँ का सच्चा पुरुष ही मर गया ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   5:39am 29 Dec 2012 #समय
Blogger: vijay kumar sappatti
आओ मित्रो , कुछ बेहतर रचे , ताकि एक नया बदलाव समाज में आये . एक नयी सोच का जन्म हो . जीवन की गति को नए पंख चाहिए अब . प्रेम और मित्रता की शाश्वतता ही नए अंकुर को जन्म देंगी .... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   3:48pm 28 Dec 2012 #समाज
Blogger: vijay kumar sappatti
मैंने कभी नहीं सुना या पढ़ा कि जानवर बलात्कार करते है. ये सब "शुभ" कार्य , सिर्फ हम इंसान ही करते है . शर्म आती है मुझे . क्या हम जानवरों से भी गए गुजरे है . हमारी मानसिकता कितनी घृणित हो चुकी है . हैरत की बात ये है की उत्तर भारत में ये ज्यादा हो रहे है . समस्या कुछ और है . एक total me... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   1:44am 19 Dec 2012 #ज़िन्दगी

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