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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीत को पचाने को, हार भी जरूरी हैप्यार को मनाने को, रार भी जरूरी है--घूमते हैं मनचले अलिन्द बाग में बहुतफूल को बचाने को, ख़ार भी जरूरी है--जंग लगे शस्त्र से, युद्ध में विजय कहाँशौर्य को दिखाने को, धार भी जरूरी है--कुम्भ को कुम्हार. थाप मार-मार पीटताशिष्य को सिखाने को, मार भी ज... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   1:48am 5 Apr 2021 #हार भी जरूरी है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीत को पचाने को, हार भी जरूरी हैप्यार को मनाने को, रार भी जरूरी है--घूमते हैं मनचले अलिन्द बाग में बहुतफूल को बचाने को, ख़ार भी जरूरी है--जंग लगे शस्त्र से, युद्ध में विजय कहाँशौर्य को दिखाने को, धार भी जरूरी है--कुम्भ को कुम्हार. थाप मार-मार पीटताशिष्य को सिखाने को, मार भी ज... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   1:48am 5 Apr 2021 #हार भी जरूरी है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--भटक रहा है आज आदमी, सूखे रेगिस्तानों में।चैन-ओ-अमन, सुकून खोजता, मजहब की दूकानों में।--चौकीदारों ने मालिक को, बन्धक आज बनाया है,मिथ्या आडम्बर से, भोली जनता को भरमाया है,धन के लिए समागम होते, सभागार-मैदानों में।--पहले लूटा था गोरों ने, अब काले भी लूट रहे,धर्मभीरु भक्तों को, ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   8:30pm 3 Apr 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 “हिन्दी में रेफ लगाने की विधि”            अक्सर देखा जाता है कि अधिकांश व्यक्ति आधा "र"का प्रयोग करने में बहुत त्रुटियाँ करते हैं। उनके लिए व्याकरण के कुछ सरल गुर प्रस्तुत कर रहा हूँ!         हिन्दी में रेफ  अक्षर के नीचे “र” लगाने के  लिए सदैव यह ध्या... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   8:30pm 2 Apr 2021 #हिन्दी व्याकरण
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अब समय आ गया सुखनवरो!अपने शब्दों में धार भरो।सोई चेतना जगाने को,जनमानस में हुंकार भरो।।--अनुबन्धों में भी मक्कारी,सम्बन्ध बन गये व्यापारी।जननायक करते गद्दारी,लाचारी में दुनिया सारी।अब नहीं समय शीतलता का,मलयानिल में अंगार भरो।सोई चेतना जगाने को,जनमानस में हुंकार भ... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   8:30pm 1 Apr 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मूर्खदिवस हो रहे, भद्दे आज मजाक।प्रथा अनोखी देखकर, लोग हुए आवाक।।--जाने कैसे चल पड़ा, जग में अजब रिवाज।बुद्धिमान मूरख बने, मूर्ख दिवस पर आज।।--अच्छे-अच्छों की हुई, हालत आज विचित्र।उल्लू बन जाना नहीं, मूर्ख दिवस पर मित्र।।--जो कृतज्ञ होते नहीं, वो मूरख इंसान।होता उन... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   2:34am 1 Apr 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--आज तुम्हारी वर्षगाँठ को,मिल कर सभी मनायेंगे।जन्मदिवस पर प्यारी बिटिया को,हम बहुत सजाएँगे।।--मम्मी-पापा हर्षित होकर,लायेंगे उपहार बहुत,जो तुमको अच्छे लगते हैं,वस्त्र वही दिलवायेंगे।--होली की पिचकारी होंगीं,रंग सलोने भी होंगे,गुब्बारे और खेल-खिलोने,सुन्दर-सुन्दर ला... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   2:42am 13 Mar 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--फूलों-कलियों पर चढ़ा, अब उपवन में रंग।वासन्ती परिधान के, बड़े निराले ढंग।।--प्रेम-प्रीत के रंग ले, आया है ऋतुराज।प्रणय-प्रीत में मस्त है, अब तो सकल समाज।।--चोंच कपोत लड़ा रहे, करते दिल की बात।मिलकर यापन कर रहे, जन्म-ज़िन्दगी साथ।।--शाखाओं पर आ गये, नवपल्लव पर... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   12:45am 13 Mar 2021 #भ्रमर करे गुंजार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--हे नीलकंठ हे महादेव!तुम पंचदेव में महादेव!!--तुम विघ्नविनाशक के ताताजो तुमको मन से है ध्याताउसका सब संकट मिट जाताभोले-भण्डारी महादेव!तुम पंचदेव में महादेव!!--कर्ता-धर्ता-हर्ता सुधीरतुम सुरसेना के महावीरदुर्गम पर्वतवासी सुबीरहे निराकार-साकार देव!तुम पंचदेव में ... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   8:30pm 11 Mar 2021 #शिव वन्दना
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--शिव मन्दिर में ला रहे, भक्त आज उपहार।दर्शन करने के लिए, लम्बी लगी कतार।१।--बेर-बेल के पत्र ले, भक्त चले शिवधाम।गूँज रहा है भुवन में, शिव-शंकर का नाम।२।--काँवड़ लेकर आ गये, भाई-बहन अनेक।पावन गंगा नीर से, करने को अभिषेक।३।--जंगल में खिलने लगा, सेमल और पलाश।हर-हर, बम-बम नाद से,... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   8:30pm 10 Mar 2021 #महादेव शिव बन गये
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--भोले-शंकर आओ-आओ।निद्रा-तन्द्रा दूर भगाओ।।--आज आदमी है बेचारा,बौराया है ये जग सारा,दूषित है परिवेश हमारा,हे शिव! आकर आज वतन में,डमरू का तुम नाद सुनाओ।निद्रा-तन्द्रा दूर भगाओ।।--छाया है घनघोर अँधेरा,नकली भगवानों ने घेरा,गड़े हुए हैं तम्बू-डेरा,सच्चाई को करो उजागर,ढोंग और ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   8:30pm 9 Mar 2021 #डमरू का अब नाद सुनाओ
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--शुभ-आशीषों की सौगात,लेकर आयी है शिवरात,बोलो हर-हर, बम-बम..!बोलो हर-हर, बम-बम..!!--शंकर जी की आई याद,बम भोले के गूँजे नाद,बोलो हर-हर, बम-बम..!बोलो हर-हर, बम-बम..!!--भूत-पिशाच गणादि साथ,लेकर निकले शिव बारात,बोलो हर-हर, बम-बम..!बोलो हर-हर, बम-बम..!!--जागा दयानन्द का ज्ञान,भागा तमरूपी ... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   10:44am 9 Mar 2021 #जागा दयानन्द का ज्ञान
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--स्वर्ग धरती को बनाना चाहता हूँऔर इक सूरज उगाना चाहता हूँ--इक नई गंगा बहाना चाहता हूँप्यास धरती की बुझाना चाहता हूँ--पर्यावरण अपना बचाने के लिएपेड़ धरती पर लगाना चाहता हूँ--चल रहा हूँ मैं कँटीली राह परमुकद्दर को आजमाना चाहता हूँ--भूल बैठे जो अमन की राह कोरास्ता उ... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--लीक पीटने का कहीं, छूट न जाय रिवाज।मना रहा है इसलिए, महिला-दिवस समाज।।--जग में अब भी हो रहे, मौखिक जोड़-घटाव।कैसे होगा दूर फिर, लिंग-भेद का भाव।--नारी की अपनी अलग, कैसे हो पहचान।ढोती है वो उमर भर, साजन का उपनाम।।--सीमाओँ में है बँधी, नारी की आवाज।नारी की कमनीयता,... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   8:30pm 7 Mar 2021 #नारी की आवाज
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कहने को महिला दिवस, मना रहे सब आज।मगर नारियों की यहाँ, रोज लुट रही लाज।१। --कुछ महिलाएँ हैं अभी, दुनिया से अनजान।घर के बाहर है नहीं, जिनकी कुछ पहचान।२।--परिणय के पश्चात ही, मिल जाता उपनाम।ढोना इस उपनाम को, अब तो उम्र तमाम।३।--नारी नर की खान है, सब देते सन्दे... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   8:30pm 6 Mar 2021 #विश्व महिला दिवस
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मुझको पुरुष बना कर प्रभु ने,बहुत बड़ा उपकार किया है।नर का चोला देकर भगवन,अनुपम सा उपहार दिया है।--नारी रूप अगर देते तो,अग्नि परीक्षा देनी होती।बार-बार जातक जनने की,कठिन वेदना सहनी होती।।--चूल्हे-चौके में प्रतिदिन ही,खाना मुझे बनाना होता।सबको देकर भोजन-पानी,मुझे अन्त म... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जन्मदिन पर आज कुछ उपहार दूँगा।हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।--उन्नति की राह पर बढ़ते रहो तुम,नित्य नवसोपान पर चढ़ते रहो तुम,ज्ञानवर्धक पोथियाँ पढ़ते रहो तुम,गर भटक जाओ कभी मझधार में,पार करने को तुम्हें पतवार दूँगा। हृदय से निकले हुए उद्गार दूँगा।।--काम से अपने कभ... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   2:26am 5 Mar 2021 #पौत्र का जन्मदिन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मना रहे थे लोग जब, होली का त्यौहार।पौत्र रत्न के रूप में, मुझे मिला उपहार।।--जन्मदिवस पर पौत्र को, देता हूँ आशीष।पढ़-लिखकर बन जाइए, वाणी के वागीष।।--कुलदीपक के साथ में, बँधी हुई ये आस।तुमसे ही गुलजार है, मेरा ये आवास।।--सारे जग में देश का, रौशन करना नाम।नयी सोच के साथ में, कर... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   8:30pm 3 Mar 2021 #पाँच मार्च
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मधुमक्खी है नाम तुम्हारा।शहद बनाना काम तुम्हारा।।--छत्ते में मधु को रखती हो।कभी नही इसको चखती हो।।--कंजूसी इतनी करती हो।रोज तिजोरी को भरती हो।।--दान-पुण्य का काम नही है।दया-धर्म का नाम नही है।।--इक दिन डाका पड़ जायेगा।शहद-मोम सब उड़ जायेगा।।--मिट जायेगा यह घर-बार।लुट ज... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--बौरायें हैं सारे तरुवर, पहन सुमन के हार।मोह रहा है सबके मन को बासन्ती शृंगार।।--गदराई है डाली-डाली,चारों ओर सजी हरियाली,कुहुक रही है कोयल काली, नीम-बेर-बेलों पर भी आया है नया निखार।मोह रहा है सबके मन को बासन्ती शृंगार।।--हँसते गेहूँ, सरसों खिलती, तितली भी फू... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मार्च महीना आ गया, मन है बहुत उदास।फिर भी सबको प्यार से, बुला रहा मधुमास।१।--महँगाई के दौर में, जपो राम का नाम।आसमान को छू रहे, ईंधन के अब दाम।२।--महँगाई पर मौन हैं, मोदी, नड्डा-शाह।भगवा की बंगाल मे, बहुत कठिन है राह।३।--गेहूँ-सरसों फूलते, रहे सुगन्ध लुटाय।मधुमक्खी-... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:06am 1 Mar 2021 #बहुत कठिन है राह
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पवन बसन्ती लुप्त हो गई,मौसम ने ली है अँगड़ाई।गेहूँ की बालियाँ सुखाने,पछुआ पश्चिम से है आई।।पर्वत का हिम पिघल रहा है,निर्झर बनकर मचल रहा है,जामुन-आम-नीम गदराये,फिर से बगिया है बौराई।गेहूँ की बालियाँ सुखाने,पछुआ पश्चिम से है आई।।रजनी में चन्दा दमका है,पूरब में सूरज चमक... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   2:04am 28 Feb 2021 #मौसम ने ली है अँगड़ाई
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--वासन्ती मौसम आया है,प्रीत और मनुहार का।गाता है ऋतुराज तराने,बहती हुई बयार का।।--पंख हिलाती तितली आयी,भँवरे गुंजन करते हैं,खेतों में कंचन पसरा है,हिरन कुलाँचे भरते हैं,टेसू हुआ लाल अंगारा,बरस रहा रँग प्यार का।गाता है ऋतुराज तराने,बहती हुई बयार का।।--नीड़ बनाने को पक्षी... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:00am 27 Feb 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 धक्का-मुक्की रेलम-पेल।आयी रेल-आयी रेल।। इंजन चलता सबसे आगे।पीछे -पीछे डिब्बे भागे।।हार्न बजाता, धुआँ छोड़ता।पटरी पर यह तेज दौड़ता।। जब स्टेशन आ जाता है।सिग्नल पर यह रुक जाता है।।जब तक बत्ती लाल रहेगी।इसकी जीरो चाल रहेगी।।हरा रंग जब हो जाता है।तब आगे को बढ़ ज... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   1:51am 26 Feb 2021 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--दुख आने पर नयन बावरे,खारा जल बरसाते हैं।हमें न सागर से कम समझो,आँसू यही बताते हैं।।--हार नहीं जो कभी मानता,पसरे झंझावातों से,लेकिन हुआ पराजित मनवा,अपनों की कटु बातों से,चोट अगर दिल पर लगती,तो आँसू को ढरकाते हैं।हमें न सागर से कम समझो,आँसू यही बताते हैं।।--सुमन हम... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   12:48am 25 Feb 2021 #गीत

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