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Blog: बाल सजग

Blogger: Bal Sajag
    हो रहा विवाद है दूर कहीं एक स्थान है ।जो देखने में पर्वत के सामान है ।।वहां जाने का अनोखा विचार है ।पर उस रास्ते में नहीं कोई इंसान है ।।लोगों की इच्छा ने जाने की लालसा दी ।इंसानियत की पहचान दी ।हम जमाने  के इंसान ने ।।विश्व में छोड़ दी अपनी परवाह ।जहां देखो वहां इंसान... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   3:44pm 21 Dec 2012 #ashok kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
     बचपन ओ मेरे बचपन कहाँ तुम गए ?जब हम खेले थे लुका -छिपी ।।एक दूजे के मारते थे धप्पी ।हमें अपने दे दूर करके ।बचपन के सारे साथी भी गए ।।ओ मेरे बचपन कहाँ तुम गए ?बारिस से भरे गड्ढे - नालों में ।।उस नाव पे बैठाते थे चीटे को हम ।कागज की नाव बहाते थे संग -संग ।।हमारी ये खुंशिया क... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   4:25pm 20 Dec 2012 #ashish kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
          स्त्री भारत की राजधानी दिल्ली में ।घटी एक भयानक घटना ।।पढ़ी - किखी समाज की लड़की को ।उन दानव ने जिंदगी  कर दी बर्बाद ।।वह लड़की जिंदगी मौत से कहरा रही है दिन -रात।रात के दानवों ने आबरू छीन ली ।और  अधेड़ स्त्री के भाँती सड़को में फेक दिया ।।आखिर वह भी एक स्त्री है ।वह भी ए... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   4:31pm 19 Dec 2012 #kavita mukesh kumar - bal kavita
Blogger: Bal Sajag
   सोचो फिर चलो पहले सोचो फिर समझो ।फिर करने की ठानो ।।ये कुदरत की कहानी है ।हस करके तो देखो ।।हिम्मत रखो करने की ।पहले से क्यों डरते हो ।।चलने से पहले उस पथ में ।क्यो पीछे हटते हो ।।कुछ नहीं है ।हम में तुम में ।।सब एक जैसी तो है ।फिर क्यों नहीं चलते एक साथ ।।कुछ तो है ।आपस ... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   2:21pm 18 Dec 2012 #ashok kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
उसी पथ से गुजरना है आसान समझ कर देखो तो ,हर पथ सरल है ,उसमे चल के देखो तो ,हर मोड़ पर पर्वत है ,उसी मोड़ पर ,एक और मोड़ है ,उसमे भी पर्वत की दीवाल है ,पर उनके लिए ,हाथो में मजबूती की जरूरत है ,वह मजबूती दिखाने की नहीं ,किसी को डराने को नहीं ,वह हाथो को हाथो मे ,ल्र्कत चलने वाली है ,जरूर... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   4:33pm 16 Dec 2012 #ashok kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
   हिन्दुस्तान हमारा वहां दूर एक जहान है,नाम जिसका हिन्दुस्तान है , लोग वहाँ के जिनके पास ,न रोटी , न कपड़ा और न ही मकान हैनेताओं की इस राजनीति मे फसकर ,यंहा का हर एक बंदा परेशान  है ,आजाद हुए ज़माना गुजर गया ,लेकिन गरीब अभी परेशान है ,बालत्कार ,चोरी ,डकैतीइनका भी सबसे ऊपर नाम है... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   4:45pm 15 Dec 2012 #dharmendra bal kavita bal kavitaye
Blogger: Bal Sajag
 हकलाने के कारण  एक लड़की को मैंने देखा , वह  गरीब 8  साल की होती है ।वह रोज स्कूल पढ़ने जाती है ,और हर होम वर्क पूरा कर लती है ।वह  कहानी सुनना चाहती है ,वह बाल  सभा के सामने भी आती है।और वह कड़ी होती है कुछ सुनाने के खातिर ,लेकिन वह अपना नाम भी नहीं ले पाती  है।पूछो क्यों ?क्यों क... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   4:16pm 10 Dec 2012 #mukesh kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
   जीवन यात्रा जीवन के इस अदभुत संसार मे ,पाया तूने जो मनुष्य का जीवन ।इस समाज के लिए है कुछ करना ।महसूस न करना कभी अकेला पन ।।जीवन की इस लम्बी यात्रा मे ।मुश्किले बहुत है आयेंगी ।।डटकर लड़ना इन मुश्किलों से ,सफलता तुझे खुद मिल जायेगी ।पद का अपने मत करना अभिमान ,देना तुम सब... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   3:02pm 9 Dec 2012 #dharmendra bal kavita bal kavitaye
Blogger: Bal Sajag
शीर्षक : उम्मीदों को छोड़ो उम्मीदों को छोड़ो ।हकीकत को मानो ।पता को पहचानो ।उस पथ  पर  चलाना सीखो ।खुद की उमीदो को छोड़ो । बात मानो तो ,खुद को पहचानो ।न मिले कोई तो ,अकले ही चल दो ।थोडा कष्ट  होगा जरूर ।।लेकिन पता को पहचान होगी ।चलने का अनुभव होगा ।।न  भोजन हो तो भी ।जल से भूख म... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   4:41pm 7 Dec 2012 #ashok kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
शीर्षक : हमारे नेता के वादे एक बार मुझे सरकार बनाने दो ।और फिर सत्ता मे आने दो ।।कसम खुदा की भारत को स्वर्ग बना दूँगा ।भाषण से अपने गरीबी का भूत भगा दूँगा ।।सड़क नाली और बिजली पानी ,ख़तम होगी इन सब की परेशानी ,मई जनसेवक हूँ थोड़ा पुण्य कमाने दो ,बस एक बार मुझे सरकार बनाने दो ।... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   4:27pm 5 Dec 2012 #dharmendra bal kavita bal kavitaye
Blogger: Bal Sajag
        सबका अधिकार है जहाँ देखो चोर ,डकैत अपहरण से भर मार है ।लड़कियो  को इज्जत नहीं मिलती यही लोगो की गुहार है ।।लड़कियो  को निकलना बड़ा मुस्किल हो गया ।यहाँ ,वहाँ शोहदों का घर हो गया ।।मेरा यही कहना है ।पुरुषों की संख्या ज्यादा है ।।लडकियो की संख्या कम है ।लड़कियो को भी जीन... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   4:30pm 4 Dec 2012 #chandan kumaar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
शीर्षक : कुत्ता काश मै भी सेठ जी का कुत्ता होता ।तो हमारे मजे ही मजे होते ।सुबह - सुबह बाइक मे बैठ कर ।।करता मै भी सैर ।खाने को मिलता माखन , बिस्कुट ,प|नी मे होता ताजा दूध ।खुल जाते भाग्य  हमारे ।।यदि सेठ के कुत्ते होते हम बेचारे ।सर्दी की तो बात निराली ,एक बढ़िया सा होता मेरा ... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   4:33pm 3 Dec 2012 #ashish kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
      मजदूर  गाँव से दूर .....एक सुबह को मजदूर ।आज की दुनिया .....आज का मजदूर ।।आज के भी ठेकेदारों .. का है कोई जवाब नहीं । एक रात ऐसी नहीं .... जो मिले कवाब नहीं । मजदूरों पर क्या बीतती .... क्या है उनकी मजबूरी । जो इस तरह जुटकर .... दिन -रात करते मजदूरी । नहीं उठता है फावड़ा .... फिर करते ह... Read more
Blogger: Bal Sajag
     फिर भी मेरा भारत महानआजाद हिंदुस्तान की आजाद कहानी , हिंदुस्तान की है ये जवानी ,अनगिनत होते है अत्याचार ,बनकर नेता करते भष्ट्राचार , आजाद हिंदुस्तान की आजाद कहानी ,हर नेता करता मनमानी ,माँ बेटियो पर होते अत्याचार ,कन्हा गया वो अब शिष्टाचार ,आँखों मे वो डर बसा है ,  आँख... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   3:29pm 2 Dec 2012 #dharmendra bal kavita bal kavitaye
Blogger: Bal Sajag
       दुष्ट दरिन्दे कुछ लोग तो दुष्ट  दरिन्दे है ।अपने लिए अपनो को लूटा करते है ।।वो चिल्लाती रहती नहीं - नहीं  ,फिर भी हम तरस नहीं करते है ।।फिर कहते है जाने दो यार ,अपनी बहन कौन , पड़ोसी की है ।।कुछ लोग तो दुष्ट  दरिन्दे है ।उनके भी कुछ अरमान होंगे ।।नहीं सोचते हम उनकी वर्त... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   4:42pm 1 Dec 2012 #sager kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
      "2012"  2012 बड़ा है खतरनाक ।अमेरिका मे ले आया तूफान ।।2012 ने दिखा दी अपनी शान ।जाने कितने मारे गए बेजान ।।भारत में 2012 का रहा जलवा ।मुंबई नगरी मेंमचा दी तबाही।।इसकी हम कैसे दी गवाही ।कितने फिल्म स्टारों को ले गया अपने साथ ।।लेकिन 2012 ने नहीं छोड़ा हमारा साथ ।2012 को जब याद किया ... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   4:03pm 30 Nov 2012 #mukesh kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
    "लक्ष्य " सभी कोएक लक्ष्य ,की तलाश होती  हैलक्ष्य तक पहुँचने के लिए ,एक कठिन राह होती है ...सभी को कठिनाइयों की राहों से, एक दिन गुजरना पड़ता है ......कोई राहों से गुजर जाता है ,तो कोई राहों से भटक जाता है ।सभी को एक लक्ष्य ,की तलाश होती  है ।नाम : ज्ञान कुमार, कक्षा : 9, अपना घर , ... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   9:07am 30 Nov 2012 #gyan kumar bak kavita
Blogger: Bal Sajag
    " भूखा मजदूर"अगर न होते बाग - बगीचे ।और न होते खेत - खलिहान ।।कहाँ से आता गेंहूँ चावल ।कैसे भरता हम लोगो का पेट ।।किसान उगाता है सब्जी।गेंहूँ, चावल, और भांटा ।।किसान अपनी मेहनत करके खाता है ।और हमें खिलाता है ।।नाम : जितेन्द्र कुमार, कक्षा : 9, अपना घर , कानपुर  ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:30pm 29 Nov 2012 #
Blogger: Bal Sajag
      जिंदगी डस्टबीन कैसी ये जिंदगी है ,जो  डस्टबीन की तरह लगती है । डस्टबीन की तरह लुढ़कती है ।।लुढ़क - लुढ़क कर एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचती है ।पहुंच- पहुंच कर कूड़े करकट को ढूँढती है ।।कैसी ये जिंदगी है ,जो  डस्टबीन की तरह लगती है ।और ये उधर ,इधर घूमा करती है ।।कूड़े कर कट क... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   3:42pm 28 Nov 2012 #sager kumar bak kavita
Blogger: Bal Sajag
  कवि की छवि एक था बहुत बड़ा कवि ।जब हमने देखी उसकी छवि ।।उड़ गए होश हमारे गश खाकर हम गिरे ,देख के हमको दौड़े लोग बेचारे ।मै तो था बेहोश ,पानी ही पड़ते हमको आया होश ।।कवि ने पूछा अरे ओ भईया ,हमने बोला क्या रे कविया ?सुनकर हमारी ये बतियाँ ,कवि के गुस्से से लाल हो गई अँखियाँ ।काले ब... Read more
clicks 247 View   Vote 0 Like   3:47pm 27 Nov 2012 #ashish kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
        जिंदगी बड़ी तो कठिन है जिंदगी ।वक्त पर चलना सिखाती है जिंदगी ।।लक्ष्य जो तेरे हाथ मे है ।उस लक्ष्य तक पहुचाती है जिंदगी ।।तेरे सभी सपनों को ।सच में बदलती है जिंदगी ।।बन गया लक्ष्य तेरा तो ,झूम के हंसती , गाती है जिंदगी ।वक्त से पहले अगर संभल न पाये ,तो हर शाम भूखो सुल... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   4:37pm 26 Nov 2012 #dharmendra kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
          कुछ तो सीखोदहत कुछ सीखने को मिलता है ।हमें अपने वातावरण मे ।।बन जाता है मौसम अचानक । पानी गिराने लगता है गगन से ।।नहीं किसी को पराया समझाना ।कभी - कभी  धूप में छाया भी करना ।।लेकिन नहीं सीख  पाते है हम कुछ ।अपने वातावरण और गगन से ।।अपने ब्रम्हाण्ड और धरती से सीखो ।ए... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   4:44pm 23 Nov 2012 #gyan kumar bak kavita
Blogger: Bal Sajag
       काम ही कामतू किस सोच मे डूबा है ।अब तो सोच अपनी बदल ।।वरना चला जाएगा यह समय ।तू अपने को न बदल पायेगा ।।हाथ है तेरे स्वतंत्र ,फिर भी तेरा मन है परतंत्र ।।फिर भी अपने के वास्ते ।इऊ खुद कर  स्वतंत्र।।तेरा पता नहीं है कोई फूलो सा सजा ।जो जब मन आये बैठे कर ली आराम ।।आराम तेर... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   3:14pm 21 Nov 2012 #ashish kumar bal kavita
Blogger: Bal Sajag
     यह भी जिंदगीक्या इंसान भी वो होते है ।जो भूखे ही सोते है ।।नहीं है उनका कोई सहारा ।भूखा रहता है उनका पेट बेचारा ।।जो दे देता है उनको दान ।वो करते है उनका सम्मान ।।भलाई का जमाना नहीं रहा है ।युग कलयुग का चल रहा है ।।नाम :ज्ञान कुमार कक्षा : 9अपनाघर , कानपुर ... Read more
clicks 227 View   Vote 1 Like   3:14pm 21 Nov 2012 #gyan kumar bak kavita
Blogger: Bal Sajag
 पिंडो के सामान आकाशीय  पिंडो में ,भिड़ने की छमता नहीं होती ।आकर्षण के कारण ,उन मे  की  मिलने की ,सम्भावना नहीं होती ।पक्षियों को झुण्ड में चलने  की आदत  होती है,उन में  भी मिलने की सम्भावना नहीं होती ।इंसानों में तो ,सारी योग्यता होती है फिर भी ,हर एकपथ  में,एकअलग  ही चाह... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   4:32pm 15 Nov 2012 #ashok kumar bal kavita

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