POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: शिखा दीपक

Blogger: Shikha Deepak
तुम्हारे बाद अब मेरा जान-ए-वफ़ा  कोई न हो हमदर्द कोई न हो राज़दान कोई न हो अपने माज़ी की कैद में हूँ मुझको कोई तो निकालो शर्त ये है बढ़ने वाला हाथ अब नया कोई न हो जो भी कहना है अब निगाहों निगाहों में ही कहना तुम्हे कसम हैं राज़ हमारा अब बयाँ कोई न हो।... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   5:19pm 8 Dec 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
अंतर में लगे तन्हाइयों के मेले से ऊब कर घुटन मचाती हाहाकार खामोशियाँ भी हो जाती हैं विवश चिल्लाने को तब सन्नाटा भी मचाता है शोर और तब मैं अपने ह्रदय में ठहर चुके इस बवंडर कोहटाने की करती हूँ कोशिश लेकिन हर बार हो जाती हूँ असफल और डूबा देते हैं ये अँधेरे मुझे फिर से ... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   5:18pm 8 Dec 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
कहती हूँ प्यार करना छोड़ दो दीवानगी बुरी बात है ये तुम्हे बहकायेगी उस राह पर ले जायेगी जो राह सिर्फ जाती है पलट के न वापस आती है ये ले जाती है मंजिल से दूर खुद से दूर अपनों से दूर जिन्दगी से दूर बियाबान में एक उजड़े हुए अनजान से बिखरे हुए मकान में जिसकी दीवारों पे रंग बे... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   5:16pm 8 Dec 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
मैंने पूछा कि ए कविताकैसे होता है निर्माण तेरा तो वो बोली कि ह्रदय की वेदना जब तड़पायेगी मन की गागर पीड़ा से भर जायेगी तब होगी उसमें एक हलचल सी निःशब्द छल्केंगी उसमें से कुछ शब्द रुपी मोती सी बूंदे जब तेरा विवेक तेरी बुदधी एक सूत्र में पिरोयेंगे उनको तो एक माला सी बन ज... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   5:11pm 8 Dec 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
पागल नज़रें ढूंढ रही हैं अब तो आजाओ दिल बुझ गया मेरा कोई दीप जला जाओ पतवार मेरी टूटी साहिल मेरा छूटा  डूबी हुई नय्या को तुम पार लगा जाओ कभी दूर न जाओगे ये तुम ही तो कहते थे क्यूँ रूठ गए हमसे इतना तो बता जाओ दुनिया मेरी वीरां है महफ़िल भी वीरां है जो दिल को तसल्ली दे वो गीत स... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   5:07pm 8 Dec 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
क्यूँ नहीं सुलभ मुझे .......समाज में थोड़ी सी आज़ादी...........क्यूँ लगे हैं प्रश्न चिन्ह..........मेरे जीवन और शैली पर.........क्यूँ हैं बंधन मेरे परिधानों पर........क्यूँ मेरे रिश्ते तौले जाते हैं औरो की नज़रों से.........क्यूँ सारे समझौते हैं मेरे हिस्से में...........क्यूँ मैं सीमित हूँ चंद दीवारों ... Read more
clicks 191 View   Vote 1 Like   4:25pm 5 Dec 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
वो चंद रिश्ते नेह से भीगे..........उन रिश्तो पर..........हुआ संकीर्ण सोच का.........कुठाराघात..........वो रिश्ते जो पगे रहते थे..........स्नेह और प्रेम के मधुर पाग मे.......... हो गयी उनमें मिलावट .......... संशय की..........और सूख गया स्नेह का पाग..........अब उन रिश्तों पर सफेदी दिखने लगी है..........जो धीरे धीरे कड़वाहट, दुःख... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   4:49pm 30 Nov 2012 #मेरी कवितायें
clicks 157 View   Vote 0 Like   11:44am 30 Nov 2012 #
Blogger: Shikha Deepak
कोई अपना ही है मेरे दिल को दुखाने वालागैरों को तो इस दर का पता ही न दिया मैंनेउसका हर लफ्ज तीर सा सीने में धंस गयाहर बात पर एक एक आंसू जब्तकियामैंनेइकपलमेंअपनोंसेपरायोंमेंबिठादियावोबदलजायेगायूँकभीसोचाभीनथामैंनेवोमेराहैकुछकुछमेरेदिलमेंमकामहैउसकामेरेदर्दसे... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   6:04am 23 Apr 2012 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
शिखा दीपक: वजह....: उसने अंदर आते ही कहा ....... मैं आज गाँव जा रहा हूँ , घरवाले बार बार बुला रहे हैं ......... ओ - हो .... तो इसलिए जा रहे ह...... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   1:02pm 19 Apr 2012 #
Blogger: Shikha Deepak
उसनेअंदरआतेहीकहा.......मैंआजगाँवजारहाहूँ, घरवालेबारबारबुलारहेहैं.........ओ-हो....तोइसलिएजारहेहोकिवोबुलारहेहैं......लड़कीनेपूछा............हाँतोऔरक्याकरूँ.......इसबेवजहकीजिंदगीसेथकगयाहूँ........मुझेनहींलगतामेरेलियायहाँकोईनौकरीहै........खालीआश्वासनोंऔरउम्मीदोंसेपेटनहींभरता.....क्या... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   10:47am 19 Apr 2012 #कुछ बेतरतीब सा
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:22pm 29 Nov 2011 #
Blogger: Shikha Deepak
बातोंसेतोजताताहैवोमेराअपनाहैबातोंकेअसरसेलगताहैगैरोंमेंगिनता हैतन्हा मिले तो हर एक अदा कातिलानामहफ़िल में आये तो अजब रंग में दिखता हैकोई बेसबब बेसाख्ता दूरियां नहीं बनातायूँ ही नहीं कोई दिले गुलशन उजड़ता हैकभी किसी का दीद आँखों में नूर भरता हैकभी कोई ख्याले वस... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   8:56am 30 Mar 2011 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
होजाएँगीजिन्दासभीवीरानमहफ़िलेंजोतेरेनामकेसाथएक मेराभीजिक्रचलेयेदोस्तएहबाबसभीजिन्दगीकीहदमेंहैंउसकोबनालोअपनाजोउसपारभीचलेबनतानहींयादगारकोईकिस्साकोईअफसानाजबतलकशम्माकेसंगपरवानाभीनजलेक्यूँआवाराबनाफिरताहैवोमेरामसीहाअल्लाहज़रामुझपेअबयेराज़भीखु... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   6:03am 19 Mar 2011 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
अजबमोड़परलायीहैजिन्दगीजहाँमुझकोमेराहीपतानहींहरशैमेंहै उसकी ही रौशनीकोईजगहनबचीजहाँवो नहींये गुनाहनहीं कोई सबाबहैजोइससिम्तआगयीआजमैंमुझेयकीनहैयेतेराकरमहीहैमुझसेहुईकोईखतानहींतेरेदरहीकेआगेख़ाकहोंइससेज्यादाक्याचाहिएवोबशरहीक्याजिसकीजिंदगीतेरेइश... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   7:58am 9 Mar 2011 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
सीनेमेंउठीहैएकलहरशायदमुहब्बतनामहैदोदिलोंकोजोड़नामहकानाहीइसकाकामहैआतीजातीहरसांसपरतेरीआरज़ूकेरागहैंहरएकधड़कनमेरेदिलकीअबतोतुम्हारेनामहैतेरीफुर्कतसेरंगीमेरीतन्हाहरशामहैहरदिनबदबख्तसाहुआऔरग़मज़दाहररातहैमेरीतड़पतोदेखतूकिजिंदगीकीकैदसेतेरावस्लही... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   7:34am 22 Feb 2011 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
फोनपरतुम्हारेवोशब्द...........मैंअबथकगयाहूँ...........हारगयाहूँ..........दिलचाहताहैइसजिंदगीकोही ख़त्मकरदूं...........येक्याकहगएतुम..........तुमऔरऐसीनिराशाकीबातें..........तुम्हारेमुंहसेऐसीबातेंमुझेबर्दाश्तनहींहोती.........परिस्थितियाँचाहेजैसीहों...........हालातचाहेजैसेरहेहों........परमैंनेतुमक... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   6:54am 31 Jan 2011 #मन की बात
Blogger: Shikha Deepak
अपरिचितसालगनेलगाहै.......अबमुझकोमेराहीवज़ूद..............क्यूंकिमैंजोहूँऔरजोदिखतीहूँ..........उसमेंउतनाहीअंतरहै...........जितनीयेधरतीऔरआसमानहैदूर.............मेरीनज़रोंमेंस्पष्टसीपहचानहै.......किक्यासचहैऔरक्याझूठ..........लेकिनमैंनेदेखाहैअक्सर..........खुदकोनकारतेहुए.......जोकिसामनेहैमौजूद................ Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   4:45am 25 Jan 2011 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
ह्रदय की वेदना जबहलचल मचायेमेरे अंतर मेंकुछ कंपनकुछ स्पंदन सेहुए मन मेंआरम्भ हुआमस्तिष्क मेंएक मंथनकुछ शब्द आयेमनस पटल परऔर सजने लगेक्रम सेसुंदर व्यवस्थितमचली लेखनीकरने को अंकितऔर फिरसृजन हुआएक कविता का........... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:00pm 15 Jan 2011 #मेरी कवितायें
Blogger: Shikha Deepak
तुम !!!!!! मेरेजीवनकाकेंद्रतुम.........तुममेंहीतोबसतेहैंमेरेप्राण........तुम हो वहीँ तो हूँ मैं .........जो तुमहोतोमैंहूँ.........तुमहोइसीलिएतोहूँमैं........तुममेरेजीवनमेंआशाकासंचारहो........मेरीसाँसोंकाआधारहोतुम .........मेरीआँखोंकीरोशनीकीचमकहोतुम.........मेरी आवाज की खनक हो तुम..........मेरीहरधड़क... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   7:58am 10 Jan 2011 #कुछ बेतरतीब सा
Blogger: Shikha Deepak
हाँमैंजलतीरही........मैंजलीकि तुमकोरौशनीमिलसके.........अँधेरे तुमसे दूर रहें.........तुम्हारी राहें रोशन हों.........जिनपर चल कर तुम तरक्की की बुलंदियों को छू सको............नहीं मैंने तुम पर कोई एहसान नहीं किया........यूँ जलना ही मेरा भाग्य था........यूँ पिघलना ही मेरी नियति थी..........ये फैसला उपरवाले ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   11:14am 4 Jan 2011 #कुछ बेतरतीब सा
Blogger: Shikha Deepak
आजकितनेदिनबीतगएतुमकोगएहुए..........पीछेरहगयीमैंऔरतुम्हारेसाथबितायेहुएचंदहसीनलम्हे........मुझेयादहैतुमनेजातेजातेकहाथाअपनाख्यालरखना..........हाँख़तलिखतीरहना........यकीनकरोकईबारकलमउठाईतुमकोलिखनेकेलिए........परलिखहीनहींपायी........क्याकरूँ.........येजज्बातोंकीआँधीजोउठतीहैतोमुझे... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   5:10am 29 Dec 2010 #कुछ बेतरतीब सा
Blogger: Shikha Deepak
तुम्हारीयाद........जानेकिनबीतेहुएलम्होंमेंलेजातीहै .......वोतुमसेपहलीमुलाक़ात.....इतनीभीड़केबीचखड़ेतुम.........सबसेजुदादिखतेतुम.....तुमकोदेखातोतुममेंहीखोगयी......उससेभीख़ासलम्हा........जबतुमनेमुझकोदेखा.........औरमैंनेतुमकोमेरीओरदेखतेदेखा........वोनज़र......भीतरतकभेदगयी........दिलमेंकुछयूँ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   7:23am 23 Dec 2010 #कुछ बेतरतीब सा
Blogger: Shikha Deepak
लड़कीबनकरपैदाहोनाहीशायद.एकअभिशापहैजन्मसेहीनीयतिकदमकदमपरपरीक्षाओंकेजालबिछातीचलीजातीहै......जिन्दगीहरमोड़परढेरोंलक्ष्मणरेखाएंखींचदेतीहै......इनसबसेजूझतेहुएअपनेस्वकोबचाकरजीनाहीऔरतकाभाग्यहै।वोभीजिन्दगीकेइसखेलसेअछूतीनरहसकी......वो......वोलड़की!!!उसकाजन्मएकसंभ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   3:20pm 19 Dec 2010 #कहानी
Blogger: Shikha Deepak
सुनो......... मुझे तुमसे कुछ चाहिए...........कुछ माँगना चाहती हूँ.................देखो इनकार न करना.............तुम्हारे घर की वो जो बालकनी हैं न...............जहाँ से दूर दूर तक फैले हिमालय के पर्वत सुबह की किरण के साथ स्वर्णिम छटा बिखेरते दिखते है.............जहाँ तक नज़र जाए रंग बिरंगे फूल दिखते हैं.............जैसे वहा... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   9:08am 18 Dec 2010 #मन की बात
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3990) कुल पोस्ट (194358)