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Blog: Kalam Ka Sipahi /a blog by Rajesh Tripathi

Blogger: Rajesh Tripathi
 महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश में गणेश चतुर्थी को गणेशोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। पूरा महाराष्ट्र और विशेषकर मुंबई महानगर इस दौरान सजधज जाता है और सभी दिशाओं से 'गणपति बप्पा मोरया', 'मंगलमूर्ति मोरया'के जयकारे से गूंज जाता है। क्या कभी आपमें से किसी ने यह सोचा ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:22pm 19 Jun 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
  जिनको अमरत्व का वरदान प्राप्त है उनमें परशुराम जी का नाम भी सम्मिलित बताया जाता है। ऐसा माना जाता है कि वे आज भी सूक्ष्म शरीर में महेंद्रगिरि पर्वत पर आज भी तपस्या में लीन हैं। जब बहुत से अत्याचारी राजा तामसी प्रवृत्ति के हो गये तब विष्णु ने अपने अंश से परशुराम र... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   7:08am 17 Jun 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
वनवास से लौटने के बाद श्रीराम अपने छोटे भाई भरत के बार-बार आग्रह करने पर अयोध्या का राजपाट संभाल लिया। श्रीराम के सिंहासनारूढ़ होने से अयोध्या की जनता की प्रसन्नता का ठिकाना ना रहा। लोग चारों ओर मंगल गीत गाने और दीपक से नगर को जगमगाने में लगे थे। लोग आपस में मिठाइयां ब... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   7:14am 13 Jun 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
हम और आप अरसे से देखते आ रहे हैं कि सब शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित किया जाता है। नियम यह है कि किसी पात्र में तेल डाल कर उसमें अपना चेहरा देखने के बाद उसे शनिदेव को अर्पित कर दिया जाता है। कहते हैं कि इससे सभी प्रकार के शनि दोष कट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   4:55am 8 Jun 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
भारत भूमि में ऐसे-ऐसे पहुंचे हुए प्रतापी ऋषि और महात्मा हुए हैं जिनकी ख्याति जग विख्यात है। वैदिक काल के ऋषियों के अतिरिक्त इस युग में भी कई सिद्ध महापुरुष और महात्मा हुए हैं जिनके प्रभाव को देश-विदेश के लोगों ने जाना और माना है। यहां हम प्राचीन काल के एक ऐसे प्रतापी ऋष... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   5:06pm 2 Jun 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट धाम जिले में है पावन तीर्थ भरतकूप। नाम से ही स्पष्ट है कि इस स्थान का किसी ना किसी तरह से भगवान राम के भ्राता भरत से संबंध है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बांदा जिला है। बांदा से सड़क पथ से पावन धाम चित्रकूट क... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   3:36pm 20 May 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
  सन्मार्ग कोलकाता कार्यालय में लिये गये फोटो में बायें से दायें-हरिराम पांडेय, बुद्धिनाथ मिश्र जी, अभिज्ञात भाई, राजेश त्रिपाठी, (पीछे खड़े हुए) जयप्रकाश मिश्र, कमलेश पांडेय श्रवंतिका दास, अनुपम सिंह___________________________________________आदमी मुसाफिर है आता है जाता है, आते जाते रास्ते म... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   6:16am 16 May 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
अगर आपसे यह कहा जाये कि अभी कलियुग में भी राजा राम एक जगह राजा के रूप में राज करते हैं  पर वह जगह अयोध्या नहीं है तो आपको शायद ही विश्वास हो। पर यह सच है कि राम राजा सरकार आज भी एक जगह राजा के रूप में विराजते हैं और उन्हें दिन में पांच बार सलामी दी जाती है। यह जगह है मध्यप्र... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   4:48pm 7 Apr 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 ब्रह्मास्त्र का निर्माण ब्रह्मा जी ने किया था. इसको राक्षसों के विनाश के लिए बनाया गया था। उनके नाम से ही इसे ब्रहमास्त्र के रूप में जाना जाता है। रामायण और महाभारत युद्ध में भी ब्रह्मास्त्रों का प्रयोग किया गया था। आपने उस समय के युद्ध के प्रसंगों में इन अस्त्रों क... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   4:14pm 3 Apr 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
भगवान शिव का चित्र जब हम देखते हैं तो उनके हर चित्र में उनके मस्तक पर चंद्रमा शोभायमान रहता है। यही कारण है कि शिव का एक नाम शशिधर भी है। शशि अर्थात चंद्रमा को धारण करने वाले। अब प्रश्न उठता है कि आखिर शिव जी ने मस्तक पर चंद्रमा को क्यों और कैसे धारण किया। इस बारे में एक स... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   7:23am 8 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 जागिये रघुनाथ कुंवर, पंछी बन बोले...जागिये रघुनाथ कुंवर, पंछी बन बोले...चंद्र किरण शीतल भई, चकवी पिय मिलन गई,त्रिविधमंद चलत पवन, पल्लव द्रुम डोले...जागिये रघुनाथ कुंवर...प्रातः भानु प्रकट भयो, रजनी को तिमिर गयो,भृंग करत गुंजगान, कमलन दल खोले...जागिये रघुनाथ कुंवर...ब्रह्माद... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   3:41am 6 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणाजाकर सुदामा भिखारी से पूछोहै करामात क्या उनके चरणों की रजजाकर के गौतम की नारी से पूछोकृपा कितनी करते हैं शरणागतों पेकृपा कितनी करते हैं शरणागतों पेबता सकते हैं यदि, मिलेंगे विभीषणपतितों को पावन, वो कैसे बनातेजटायु सरिस, माँसाहारी ... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   2:51am 5 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भगवान विष्णु का नाम आते ही उनकी जो चतुर्भुजी छवि हमारे मन-मानस में उभरती है उसमें शंख, चक्र, गदा, पद्म लिए ही प्रभु विष्णु दृष्टिगोचर होते हैं। उनकी छवि की व्याख्या करने के लिए उनकी वंदना का यह श्लोक ही काफी है।  सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्ष... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   7:37am 3 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 सनातन धर्म  की परंपराओं में एक परंपरा सिर  पर शिखा या चोटी रखने की है। शिखा भी गाय के खुर के जितनी चौड़ी। वैसे आजकल इतनी चौड़ी शिखा की परंपरा तो इस्कॉन यानी अंतरराष्ट्रीय कृष्ण संचेतना संघ के विदेशी-देशी कृष्ण भक्त अवश्य रखते हैं। उनके अतिरिक्त देश के सनातन धर्म... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   5:03pm 25 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। त्रेता युग में उनका जन्म एक ब्राह्मण ऋषि के यहां हुआ था। ऐसा उल्लेख मिलता है कि उनका जन्म भृगुकुल में हुआ था। महर्षि भृगु के पुत्र महर्षि जमदग्नि के पुत्र थे परशुराम। ऐसा भी उल्लेख है कि पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देव... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   6:03am 19 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
जब ब्रह्मा सृष्टि की रचना कर रहे थे उसी समय उनके मुख से सरस्वती का जन्म हुआ। मां सरस्वती ने जब वीणा बजानी प्रारंभ की तो सारा जग आऩंद विभोर हो गया।  वसंत पंचमी को भारत में सरस्वती  पूजा का आयोजन घर, शिक्षा प्रतिष्ठान, कला से जुड़े  संस्थानों में किया जाता  है।किसी... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   4:15am 15 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
आपमें से जिन लोगों को धार्मिक, पौराणिक कथाएं पढ़ने में रुचि है उन्होंने ऋषि दधीचि द्वारा अपनी अस्थियों का दान दिये जाने की बात मालूम  होगी। हम आपको यह बता रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन सी स्थिति आ गयी थी कि एक ऋषि को अपनी अस्थियों का दान करना पड़ा। क्या हुआ दधीचि की अस्थियों ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   6:24am 13 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
जब लक्ष्मण को मेघनाद की शक्ति प्रहार से मूर्च्छा आ गयी थी तो राम अचेत भाई का सिर गोद पर रख कर सामान्य मानवों की तरह बिलख-बिलख कर रोये थे। वे शोक में इतने विह्वल हो गये थे कि वे क्या कह रहे हैं इसका भी भान उन्हें नहीं रहा था। दुख में वे प्रलाप करते समय वह यह भी भूल गये कि लक्ष... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   7:04am 11 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भजन - ठुमक चलत रामचंद्रठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां ..किलकि किलकि उठत धायगिरत भूमि लटपटाय .धाय मात गोद लेतदशरथ की रनियां ..अंचल रज अंग झारिविविध भांति सो दुलारि .तन मन धन वारि वारिकहत मृदु बचनियां ..विद्रुम से अरुण अधरबोलत मुख मधुर मधुर .सुभग नासिका में चारुलटकत ल... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   3:58am 11 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
खड़ाऊं मुख्य रूप से लकड़ी से बनती है इसे चरण पादुका, पदत्राण आदि के नाम से पुकारा जाता है। माना कि आजकल चरण पादुकाओं या खड़ाऊं का प्रचलन कम हो गया है लेकिन साधु-संतों में आज भी चरण पादुकाओं या खड़ाऊ का प्रचलन है। इसका कारण आध्यात्मिक के साथ-साथ यह भी माना जाता है कि खड़ाऊ... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   8:23am 9 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
  कुंभकरण ऋषि विश्रवा व माता कैकसी का पुत्र व लंकाधिराज रावण का लघु भ्राता था। उसके पिता तो ऋषि थे लेकिन मां कैकसी राक्षसी थी। इसलिए कूुंभकरण राक्षस कुल का माना गया। वह विराट शरीर वाला था और एक बार में बहुत अधिक भोजन करता था। उसके चलते पृथ्वी पर अन्न भंडार की भी कमी ह... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   6:11am 5 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
सभी जानते हैं कि प्रभु रामचंद्र जी के जीवन पर कई रामायण लिखी गयी हैं। हर क्षेत्र की भाषाओं में लिखी गयी हैं लेकिन प्रसिद्ध दो ही हैं एक संस्कृत में लिखी वाल्मीकि की रामायण और गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस। इनमें वाल्मीकि रामायण संस्कृत में है जो मात्र उन विद्व... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   7:19am 1 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भारतीय धर्मग्रंथों में बद्रीनाथ धाम, द्वारका धाम, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम का उल्लेख चार पवित्र धामों के रूप में किया जाता है। आस्थावान हिंदू इन धामों के दर्शन को जीवन के परम पुण्य के रूप में मानते हैं। इनमें से ही एक धाम है बद्रीनाथ धाम जहां प्रभु विष्णु विराजते ह... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   7:30am 30 Jan 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
ऐसे ही लोग रामराज्य को उत्तम शासन का उत्कर्ष नहीं मानते हैं। रामराज्य में हर एक को न्याय मिलता था, सभी सुखी थे, सबमें समरसता, समता का भाव था। सभी रोग, ताप से मुक्त थे। पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदास ने रामराज्य के बारे में अपने महन काव्य ग्रंथ रामचरित मानस में लिखा है- राम रा... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   7:42am 23 Jan 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
आप सभी यह जानते होंगे कि रावण ने किस तरह से राम और लक्ष्मण की अनुपस्थित का लाभ उठा कर सीता को पंचवटी से  हर लाया था। उसके इस पाप कर्म का सहयोगी उसका मामा मारीच बना था। मारीच सोने का मृग बन गया था जिसे देख सीता जी ने राम से कहा कि उन्हें यह मृग चाहिए जीवित या मृत। उन्होंने ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   5:31pm 20 Jan 2021 #
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