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Blog: पागलखाना PAAGAL-KHAANAA

Blogger: Sanjay Grover
लोगों को बताया गया कि कुछ न कुछ करते रहो, ख़ाली मत बैठो नही तो पागल हो जाओगे.शताब्दियां बीत गई पर लोगों की खोपड़ियों में से यह बात नहीं निकली. अब वे भले पागलपन करते रहें पर ख़ाली कभी नहीं बैठते.-संजय ग्रोवर... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   5:56am 22 Jan 2021 #insanity
Blogger: Sanjay Grover
पापा अपने बच्चे के साथ घूमने निकले.निकले ही थे कि राह में नाली दिखी.बच्चा तो बच्चा है, बोला-‘‘देखो पापा, कित्ती बदबू! कित्ता कीचड़!’’‘‘हप्प’-पापा ने डांटा, फिर समझाया-‘अपने देश की नाली के बारे में ऐसा थोड़ी बोलते हैं’’‘‘हुम्म‘-बच्चे ने सोचा, फिर बोला-’तो फिर आज घूमने किसी द... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   11:45am 7 Jun 2020 #
Blogger: Sanjay Grover
व्यवस्था ने निर्णय लिया कि ‘बेईमाना’ को, जहां है वहीं, सील कर दिया जाए।लेकिन स्टाफ़ की कमी के कारण इसके क्रियान्वन में भारी व्यवधान हुआ।हुआ यह कि जिसको भी ‘बेईमाना’ रोकने को भेजा जाता वह ख़ुद ही बेईमान निकलता और ईमानदारी की तरह ग़ायब हो जाता।सुना है कि व्यवस्था अब विदेश... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   4:45pm 9 Apr 2020 #
Blogger: Sanjay Grover
‘बड़ी अच्छी  जुगाड लगाई यार तूने, ंि दी  कादमी में लग गया! बधाई हो!’‘तू भी तो हुर्दू कादमी में फ़िट हो गया, तुझे भी बधाई!’‘इसी को तो कहते हैं ं गा-अमुना संस्कृति’‘अब तो पारदर्शिता का ज़माना है, अब तो हम खुलकर इसे कह सकते हैं-ॉग्रेस-ीजेपी संस्कृति’! ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   10:25am 17 Nov 2019 #
Blogger: Sanjay Grover
लघुकथाकुछ सफल लोग आए कि आओ तुम्हे दुनियादारी सिखाएं, व्यापार समझाएं, होशियारी सिखाएं।और मुझे बेईमानी सिखाने लगे।अगर मुझे बचपन से अंदाज़ा न होता कि दुनियादारी क्या है तो मेरी आंखें हैरत से फट जातीं।-संजय ग्रोवर05-08-2019... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   7:24am 5 Aug 2019 #sarcasm
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लकोई छुपकर रोता हैअकसर ऐसा होता हैदर्द बड़ा ही ज़ालिम हैऐन वक़्त पर होता हैशेर अभी कमअक़्ल है नाअभी नहीं मुंह धोता हैतुम ही कुछ कर जाओ नावक़्त मतलबी, सोता हैवो मर्दाना नहीं रहायूं वो खुलकर रोता है-संजय ग्रोवर... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   11:21am 20 Apr 2019 #lion
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लये तो हारा हुआ घराना हैइस ज़माने को क्या हराना हैये तो बचपन से मैंने देखा हैये ज़माना भी क्या ज़माना हैवक़्त से दोस्ती करो कैसेवक़्त का क्या कोई ठिकाना हैसच का हुलिया ज़रा बयान करोसच को सच से मुझे मिलाना हैसचके बारे में झूठ क्या बोलूंसच भी झूठों के काम आना हैसचसे बच्च... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   11:31pm 25 Mar 2019 #poem
Blogger: Sanjay Grover
चांद से चिट्ठी आई है के दुनिया आनी-जानी हैमंदिर-मस्ज़िद यहीं बना लो, मंज़र बड़ा रुहानी हैगांधीजी का नाम रटो हो, फिर भी पहने कोट पे कोटलंगोटी के नाम पे फिर क्यूं मरी तुम्हारी नानी हैआधी-पौनी दिखे सचाई, कहत ख़ुदको ज्ञानी हैअंधे कैसे होते होंगे गर ये दुनिया कानी हैसभी हुक़ूम... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   6:36am 15 Jan 2019 #mosque
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लसच में या अफ़साने मेंमंटो पागलखाने मेंमंटो, तेरे और मेरेहै क्या फ़र्क़ ज़माने मेंसच लोगों को भाता हैंसिर्फ़ रहे जब गाने मेंझूठ हंसेगा टीवी मेंमैं चलता हूं थाने मेंझूठ को मैंने खोया हैअपने सच को पाने मेंहर पगले का नाम लिखासच के दाने-दाने में-संजय ग्रोवर02-10-2018... Read more
clicks 313 View   Vote 0 Like   12:11pm 2 Oct 2018 #कड़वाहट
Blogger: Sanjay Grover
उनसे मैं बहुत डरता हूं जो वक़्त पड़ने पर गधे को भी बाप बना लेते हैं। इसमें दो-तीन समस्याएं हैं-1.     बाप बनना बहुत ज़िम्मेदारी का काम है। ऐसे ज़िम्मेदार बाप का दुनिया को अभी भी इंतेज़ार है जो सोच-समझ के बच्चा पैदा करे। वैसे जो सोचता-समझता होगा वो क्या बच्चा पैदा करेगा&n... Read more
clicks 310 View   Vote 0 Like   7:43pm 6 Aug 2018 #ego
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लcreation : Sanjay Groverसच जब अपनेआप से बातें करता हैझूठा जहां कहीं भी हो वो डरता हैदीवारो में कान तो रक्खे दासों केमालिक़ क्यों सच सुनके तिल-तिल मरता हैझूठे को सच बात सताती है दिन-रैनयूं वो हर इक बात का करता-धरता हैसच तो अपने दम पर भी जम जाता हैझूठा हरदम भीड़ इकट्ठा करता हैझूठ के पा... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   3:45pm 21 Jun 2018 #dishonest
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लपहले सब माहौल बनाया जाता हैफिर दूल्हा, घोड़े को दिखाया जाता हैजिन्हें ज़बरदस्ती ही अच्छी लगती हैउनको घर पे जाके मनाया जाता हैझूठ को जब भी सर पे चढ़ाया जाता हैसच को उतनी बार दबाया जाता हैदो लोगों में इक सच्चा इक झूठा हैबार-बार यह भ्रम फैलाया जाता हैआपस में यूं मिलने-जुल... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   2:03pm 9 May 2018 #choosing
Blogger: Sanjay Grover
बड़ों ने कहा कि अच्छे लोगों में उठो, बैठो।तभी से मैं अकेला रह रहा हूं।-संजय ग्रोवर 17-04-2018... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   12:41pm 17 Apr 2018 #elderly
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लPHOTO by Sanjay Groverविज्ञों को सम्मान चाहिएचमचों को विद्वान चाहिएजिनके अंदर शक्ति बहुत हैउनमें थोड़ी जान चाहिएबुद्वि थोड़ा कम भी चलेगीबड़े-बड़े बस कान चाहिएपीठ प चढ़के सर पे चढ़ गएसबको ही उत्थान चाहिएअंजुलि में श्रद्धा भर लाओहमको तो बस दान चाहिएइज़्ज़त, शोहरत, दौलत-वौलतसबको बड़ा ... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   1:39pm 21 Mar 2018 #lust of popularity
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लPHOTO by Sanjay Groverसच को ना औज़ार चाहिएकुछ पागल तैयार चाहिएसच क्यों जाए मंदिर-मस्ज़िदसच को सच्चे यार चाहिएसच क्यों करे भरोसा सबका !सच तुमको बीमार चाहिए ! (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-9126168104576814", enable_page_level_ads: true }); सच ना पंजाबी, मद्रासीसच को सच्चा प्यार चा... Read more
clicks 386 View   Vote 0 Like   2:35pm 19 Mar 2018 #love
Blogger: Sanjay Grover
लोग ग़ौर से देख रहे थे।कौन किसका पंजा झुकाता है ? कौतुहल.....उत्तेजना......सनसनी....जोश.....उत्सुकता......संघर्ष....प्रतिस्पर्धा.....प्रतियोगिता.....ईर्ष्या......नफ़रत......जलन.....धुंधला ही सही, लोगों को कुछ-कुछ नज़र आ हा था क्यों कि हाथों में अलग-अलग रंगों के दस्ताने भी थे.....आखि़रकार एक हाथ ने दू... Read more
clicks 272 View   Vote 0 Like   11:20am 3 Mar 2018 #dishonesty
Blogger: Sanjay Grover
झूठी कहानीएक दिन राक्षस मर गया। सब सुख चैन से रहने लगे।असली घटनाएक दिन ईमानदार आदमी मर गया।सभी बेईमानों ने राहत की सांस ली।-संजय ग्रोवर23-02-2018... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   8:23am 23 Feb 2018 #fraudulent goodness
Blogger: Sanjay Grover
PHOTO by Sanjay Groverवे अकेले पड़ गए थे।कोई समाज था जो उन्हें स्वीकार नहीं रहा था।कोई भीड़ थी जो उनके खि़लाफ़ थी।कोई समुदाय था जो उन्हें जीने नहीं दे रहा था।कोई व्यवस्था थी जो उनसे नफ़रत करती थी।कोई बेईमानी थी जिसने उनके खि़लाफ़ साजिश रची थी।मैंने बस थोड़ी-सी मदद कर दी थी, इतना भर कि वो स... Read more
clicks 335 View   Vote 0 Like   10:33am 15 Feb 2018 #experienced
Blogger: Sanjay Grover
PHOTO by Sanjay Groverसुना है प्रायोजित मंथन से प्रायोजित अमृत और प्रायोजित ज़हर निकला।पहले तो प्रायोजितजन ने ख़ुदको देवताओं और राक्षसों में बांट लिया ( कहीं बाद में कोई झगड़ा न पड़ जाए)।तब काम आसान हो गया।और राक्षसों और देवताओं ने विष और अमृत आधा-आधा बांट लिया।तब विष और अमृत एक-दूसरे... Read more
clicks 300 View   Vote 0 Like   10:58am 8 Feb 2018 #god
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लहोगे तुम भगवान कि हम तो फ्रस्ट्रेशन में रहते हैंहम तो हैं इंसान कि हम तो डिप्रेशन में रहते हैंतुमने ही भगवान बनाया, तुम्ही खोलने पोल लगेआपकी हरक़त अपनी हैरत, डिप्रेशन में रहते हैं (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हमने सच्ची कोशिश की पर मौक़े पर तुम ले गए श्रेयसच का यह अपमान हुआ ह... Read more
clicks 278 View   Vote 0 Like   12:15pm 6 Feb 2018 #depression
Blogger: Sanjay Grover
बे-ईमानदार-1बेईमानों की एक ही शर्त थी, बस, हमारे जैसे हो जाओ फिर हम तुम्हे सामाजिक कहेंगे, साहसी कहेंगे, मुक्ति का मसीहा कहेंगे, स्वतंत्र कहेंगे बल्कि, यहां तक कि ईमानदार भी कहेंगे-मैं हंसा।मैं जैसा रहूंगा ही नहीं वैसा कोई कहे भी तो ख़ुशी कैसे होगी, क्यों होगी !?लेकिन बेईम... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   9:42am 4 Feb 2018 #deformity
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लइससे जो मिलके काम करता हैमाफ़िया एहतिराम करता हैतुम्हारा डर है माफ़िया की ख़ुशीमाफ़िया ऐसे काम करता हैपहले करता है ज़िक़्रे-आज़ादीमाफ़िया तब ग़ुलाम करता हैहिंदू, मुस्लिम हैं सब क़ुबूल इसेमाफ़िया आदमी से डरता हैनाम, पैसा, रुआब क्या चहिएमाफ़िया इंतज़ाम करता है (adsbygoogle = window.adsbygoogle... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   2:51pm 20 Jan 2018 #mafia
Blogger: Sanjay Grover
एक समय की बात है एक अजीब-सी जगह पर, बलात्कार करनेवाले, बलात्कृत होनेवाले, बलात्कार देखनेवाले, बलात्कार का इरादा रखनेवाले सब मिल-जुलकर रहते थे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बीच-बीच में वे न जाने किसका विरोध और शिक़ायत करते रहते थे।शायद कोई त्यौहार मनाते हों!-संजय ग्रोवर... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   2:36pm 27 Nov 2017 #mob
Blogger: Sanjay Grover
हास्य-व्यंग्यपता नहीं कितने भाई-बहिन थे पर दो का मुझे पता है-हिटलर और बटलर....हिटलर ख़बरें बनाता था और बटलर उन्हें बताकर लोगों को डराता था...‘सारी टॉफ़ियां मुझे दे दो वरना मेरा बड़ा भाई हिटलर बहुत बदमाश है, वह आकर तुमसे छीन लेगा....’ बच्चों को समझाते हुए बटलर बिलकुल किसी-भी यून... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   11:04am 25 Sep 2017 #democraciy election
Blogger: Sanjay Grover
एक चैनल का यह विज्ञापन आपने देखा होगा। इसमें सर्वश्री/सुश्री अजय देवगन, धोनी, महिला खिलाड़ी आदि आती-जाते हैं।देखकर लगता है कि भारत में अजय देवगन, महेंद्र धोनी व महिला से पहले न तो कोई ऐक्टिंग करता था, न खेलता था, न ....एक दिन इन्होंने निर्णय लिया कि कुछ भी हो हम तो खेलेंगे, कै... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   10:14am 25 Sep 2017 #actor
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