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Blog: स्पर्श

Blogger: deepti09
इस समतल पर पॉव रखवो चल दी है आकाश की ओरहवाओं का झूला औरघाम का संचय करशाम के बादलों से निमित्त रास्ते सेअपने गूंगेपन के साथवो टहनियों में बांधकरआंसूओं की पोटली ले जा रही हैटटोलकर कुछ बादलों कोवो सौंप देगी ये पोटलीफिर चली आयेगी उसी राह सेफडफडाती आंखों की चमक के साथइसी उ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   11:07am 26 Jun 2013 #
Blogger: deepti09
दो अंगुलियों के बीच वो अनुभूति नहीं पनपती जो तुम्हारे और मेरे बीच अक्सर पनपा करती है ।© दीप्ति शर्मा ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:54am 15 Jun 2013 #
Blogger: deepti09
 रचना क्या है??आत्मा से निकले शब्दया कुछ भावहै ये आध्यात्मिकताअन्तरात्मा से निकले भाव कीक्या दब सकती है??या कोई मार सकता है??मेरी रचना कोरचना के भाव कोजो कोमल हैबहती हुयी एक नदी हैजो निरंतर चलती हैकभी पुराणों का व्याख्यानऔर मिथों को दुत्कारतीइस रचना कोकोई मार सकता है??... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:14am 8 Jun 2013 #
Blogger: deepti09
मांग करने लायककुछ नहीं बचामेरे अंदरना ख्याल , ना हीकोई जज्बातबस ख़ामोशी हैहर तरफ अथाह ख़ामोशीवो शांत हैंवहाँ ऊपरआकाश के मौन मेंफिर भी आंधी, बारिशधूप ,छाँव  मेंअहसास करता हैखुद के होने काउसके होने पर भीनहीं सुन पाती मैंवो मौन ध्वनिआँधी में उड़तेउन पत्तों में भी नहीं... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   8:26am 5 Jun 2013 #
Blogger: deepti09
आवाज़ जोधरती से आकाश तकसुनी नहीं जातीवो अंतहीन मौन आवाज़हवा के साथ पत्तियोंकी सरसराहट मेंबस महसूस होती हैपर्वतों को लांघकरसीमाएं पार कर जाती हैंउस पर चर्चायें की जाती हैंपर रात के सन्नाटे मेंवो आवाज़ सुनी नहीं जातीदबा दी जाती हैसुबह होने परघायल परिंदे कीअंतिम सा... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   4:46pm 24 May 2013 #
Blogger: deepti09
हाथ की कुछ रेखाएँअब गहरी हो गयी हैंना जाने येकिस बात का अंदेशा हैनये जीवन के आगमन काया इस जीवन की मुक्ति का-दीप्ति शर्मा... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   2:14pm 16 May 2013 #
Blogger: deepti09
एक दरियाफ्त की थी कभी ईश्वर सेदे दो मुट्ठी भर आसमानआज़ादी से उड़ने के लिएऔर आज उसनेज़िन्दगी का पिंजरा खोल दियाऔर कहा ले उड़ ले .।- दीप्ति शर्मा... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   2:57pm 11 May 2013 #
Blogger: deepti09
किसी एक जगह पर निशान पड़ गये हैं मैं तो सीमा पर खड़ी हूँ और धसते जा रहें हैं पैर बन्दुक की नोक पर या सीमा से दलदल पर ना जानेरेत पर भी पक्के निशान कैसे पड़ जाते हैं-दीप्ति शर्मा... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   7:22am 10 May 2013 #
Blogger: deepti09
कहते हैं पुनर्जन्म के फलभोगने पड़ते हैं इस जनम मेंतो क्या मिल जाता हैइस जनम का वो हीप्यार , सोहार्द , अपनापनअगले जनम में भी ।- दीप्ति शर्मा ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   8:47am 8 May 2013 #
Blogger: deepti09
हिरासत में थाकई सालों सेयातनाओं से घिरान्याय की आस लिएमैं जासूस नहींआम इन्सान थाजो गलती कर बैठाये देश की सीमायेंनहीं जानी कभीसब अपना सा लगा परबर्बरतापूर्ण व्यवहार जो कियावो कब तक सहताआज़ाद हो लौटना था मुझेअपने परिवार के पासपर वो जेहादी ताकतेंमुझ पर हावी थींनफरत क... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   7:36am 6 May 2013 #
Blogger: deepti09
क्यों मिल गयी संतुष्टिउन्मुक्त उड़ान भरने कीजो रौंध देते हो पग मेंउसे रोते , कराहतेफिर भी मूर्त बनसहन करना मज़बूरी हैक्या कोई सह पाता हैरौंदा जाना ???वो हवा जो गिरा देती हैटहनियों से उन पत्तियों कोजो बिखर जाती हैं यहाँ वहाँऔर तुम्हारे द्वारा रौंधा जानास्वीकार नहीं उ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   3:58pm 5 May 2013 #
Blogger: deepti09
अक्सर खाक होकर भीपनपती हैं इच्छाएँजो अन्दर हीखोज लेती हैं राहऔर कभी अपनेछुपने की जगहें भी ।---    दीप्ति शर्मा... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   3:08pm 22 Apr 2013 #
Blogger: deepti09
मेरे कमरे में अबधूप नहीं आतीखिड़कियाँ खुली रहती हैंहल्की सी रौशनी हैमन्द मन्द सी हवागुजरती है वहाँ सेतोड़ती है खामोशीया शुरू करती हैकोई सिलसिलाकिसी बात के शुरू होनेसे खतम होने तक का ।कुछ पक्षी विचरते हैंआवाज़ करते हैंतोड़ देते हैं अचानकगहरी निद्रा कोया आभासी तन्... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:10pm 15 Feb 2013 #
Blogger: deepti09
उन छोटी पत्तियों पर गिर जाती है ओसकोहरा सूखा देता है उन्हें और पतझड़ गिरा देता है शायद ये ही उनकी नियति  है ।                                                     - दीप्ति शर्मा... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:18am 13 Feb 2013 #
Blogger: deepti09
गुज़र गया जो वक़्त अब हम उसकी बात नहीं करते ज़ख्म सीले हैं आँसूओं से अब हम उनसे मुलाकात नहीं करते - दीप्ति शर्मा ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   9:48am 12 Feb 2013 #
Blogger: deepti09
देखा था कल गिरतेपेड़ के हरे पत्तों कोना आँधी आयी कोईना पतझड़ का मौसम थाबस तड़पते सहतेरोते देखा था मैंनेपेड़ के हरे पत्तों कोआगे बढ़ना था उनकोविश्वास के साथकुछ पल जीने कासाथ ही तो माँगा थापर तोड़ दिया उसनेजिससे साथ चलजीने का सहारा माँगा थामुरझाते देखा था मैंनेपेड़ क... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   6:57am 11 Feb 2013 #
Blogger: deepti09
ज़फर पथ पर चल रहीबिरदैत होने की फ़िराक में हूँअभी चल रही हूँ अँधेरों परमैं उजालों की तलाश में हूँ ।क़यास लगा रही जीवन काअभी जिन्दगी के इम्तिहान में हूँख्वाबों में सच्चाई तलाशतीमैं उजालों की तलाश में  हूँ ।अल्फाज़ लिखती हूँ कलम सेआप तक पहुँचाने के इंतज़ार में हूँउलझ... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   12:30pm 3 Feb 2013 #
Blogger: deepti09
मेरे गीत तेरी पायलिया हैओ मीत तू मेरी सावरिया है|प्रेम गीत मैं गा रहा हूँतेरे लिए ही आ रहा हूँमिलन को बरस रही बादरिया हैओ मीत तू मेरी सावरिया है|मद्धम हवा साथ चली हैदिल में दीपक सी उजली हैदेख झलक गयी गागरिया हैओ मीत तू मेरी सावरिया है|अगली पहर तक आ जाऊंगातुझे दुल्हन बना ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   4:23pm 24 Jan 2013 #
Blogger: deepti09
लहरों को देखकर डर जाते हो तुम आँखें बंद कर सिहर जाते हो तुम जानते हो डूब जाओगे समन्दर में तो जानकर भी पास क्यों जाते हो तुम ।© दीप्ति शर्मा ... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   11:11am 20 Jan 2013 #
Blogger: deepti09
डर सा लगता है अकेले चलने में अँधियारे और तन्हा से उन सुनसान रस्तों पर ।जहाँ कोई नहीं गुजरता बस एक एहसास है मेरा जो विचरता है ठहरता है और फिर चल पड़ता है उन सुनसान रस्तों पर ।चौराहे तो बहुत हैं पर कोई सिग्नल नही ना कोई आवाज़ आती है जो रोक सके मुझे उन सुनसान रस्तों पर ।गहरे ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   3:50pm 9 Jan 2013 #कविता
Blogger: deepti09
नववर्ष में आओ हाथ मिलाये साथ मिलकर चल पड़े नव उमंग की चाह में हम बढ़ चले हम चल पड़े ।सूरज की रौशनी सा प्रेम भाव ले चले कदम से कदम मिला हम बढ़ चले हम चल पड़े ।आपस का बैर भूलकर नये गीत गढ़ चले सफलताऐं साथ लेकर हम बढ़ चले हम चल पड़े ।उम्मीदों की किरण जला मुस्कुराती धूप ले चले स... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   9:29am 1 Jan 2013 #
Blogger: deepti09
Published with Blogger-droid v2.0.9... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   4:20pm 30 Dec 2012 #
Blogger: deepti09
वो शब्द छोड़ दिये हैं असहायविचरने को खुले आसमान मेंवो असहाय हैं, निरुत्तर हैंकुछ कह नहीं पा रहे याकभी सुने नहीं जातेरौंध दिये जाते हैं सरेआमइन खुली सड़को परसंसद भवन के बाहरऔर न्यायालय में भीसब बहरे हैं शायद याअब मेरे शब्दों में दम नहींजो निढाल हो जाते हैंऔर अक्सर बै... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   6:40am 23 Dec 2012 #
Blogger: deepti09
एक ऐसा इंसान जो सच के लिये जीता हो... त्याग,सदभावना में विश्वास हो..मैं भी एक ऐसे इंसान को जानती हूँसच में ऐसे लोग बहुत कम होते हैं..कुछ पंक्तियाँ मेरी तरफ से..वो आत्मविश्वास जिससेखुद आगे बढ़ते जायेतलाश ले मंज़िलउन हौसलों की जोअत्यधिक अटूट हैंमैं कद्र करती हूँ ।अकेले चलन... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   3:56pm 19 Dec 2012 #
Blogger: deepti09
कब तक आबरू अपनी खोयेगीहैवानियत पर फूट फूटकर रोयेगीशरम करो नौजवानों, रहते तुम्हारेकब तक वो नारी काल के गाल में सोयेगी??© दीप्ति शर्मा... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   3:49pm 19 Dec 2012 #
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