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Blog: गीत-ग़ज़ल

Blogger: शारदा अरोरा
 सो न जाये इंसानियत कहींसीने में ज़मीर को जिन्दा रखियेकितना भी कटु हो इतिहासअपने आज को जिन्दा रखिये वक्त के साथ बदल जाता है बहुत कुछमगर यादों में उल्लास को जिन्दा रखियेमर न जाये कहीं बेवक्त अहसास अपनी आवाज को जिन्दा रखियेखो न जाये वो नफासत ,नजाकत सँगीत भरे माह... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   6:40am 19 Nov 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
 मेरी शान भी तू, मेरी पहचान भी तूमेरी साँसों में बसी , मेरी जान भी तूदिल से दिल की है राह सदा उजली और तो और मैंने अपनी ही सूरत तुझमें देखी सदा मेरे जीने के बहानों का अरमान भी तू मेरे कदमों के नीचे न थी कोई जमीं ओढ़ा कर जो तू लाया मुझे आसमाँ , मैंने देखामेरे कदमों का द... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   2:29am 9 Nov 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
इक धूप सी जमी है निगाहों के आस-पास गर ये आप हैं तो आपके कुर्बान जाइये आ ही गये हैं हम भी सितारों के देश में पलकों पे रखे ख़्वाब हैं,इनमें ही आप जरा आन मुस्कराइये शुरुआत थी इतनी हँसीं ,अन्जाम की खबर किसे दिलवालों की दुनिया में फ़ना होने का हुनर ज... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   10:20am 12 Oct 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
 तुम इस तरह आओ के मँगल कलश छलके मेरे घर में ख़ुशी ही ख़ुशी चहके ताउम्र रहे साथ तुम्हारे मेरा प्यार मेरी दुआओं का असर बन के हर तरफ हो सितारों का मेला तुम्हारी हँसी झन्कार सी खनके वफ़ा के रँग ने नवाज़ा  तुम्हें तुम्हारे चारों तरफ कोई फ़िज़ाँ महके आज का द... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   3:10am 29 Sep 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
अपने ही घर में बेगाने हुए उम्र का कौन सा पड़ाव है , के अफ़साने हुए गुजर जायेगी उम्र तो यूँ ही अपने सावन तो गुजरे ज़माने हुए मिलते रहते हैं ज़िन्दगी से अक्सर वरना भूल जायेंगे मुस्कराना भी , के सयाने हुए नहीं जानते के किसको क्या पढायें हम ये दुनिया के सबक हिला ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   2:22am 12 Apr 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
ग़मगीन ही सही , जो तुम्हें पसन्द हो , वो गीत अक्सर गुनगुनाया करो वक़्त के साथ-साथ तुम भी तो मुस्कराया करो वक़्त के फेर में उलझ जाता है हर कोई तुम जरा वक्त से परे हो कर , ज़िन्दगी को सजाया करो कौन जाने कब बदल जायेगा मौसम का मिजाज तुम इस तरह भी फिजाँ को बुलाया करो आईना यू... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   8:00am 29 Feb 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
हिन्दू होना या मुसलमाँ होनामजहब से ऊपर है इन्साँ होनावतन वतन है , जड़ें तेरीमुश्किल है जमीँ से ज़ुदा होनाआदमी आदमी को सहता कब हैबहुत मुमकिन है ,हस्ती का गुमाँ होनाघर को साबुत रखने की कोशिश मेंहोना पड़ता है अना को फना होनाखून का रँग भी एक ही हैकिसने समझा है दर्दे-अहसास क... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   1:07am 6 Feb 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
बाँटी है खुदा ने हर आँगन में थोड़ी धूप ,थोड़ी छाँव ,थोड़ी पुरवाई उलझ गये रिश्तों के आँचल में थोड़ा रन्ज ,थोड़ी ख़ुशी ,थोड़ी बेवफाई सच्चाई तो पानी भरती है बाजार में थोड़ा छल ,थोड़ा कपट , थोड़ी बेहयाई फासले रख के मिलें हर किसी से थोड़ा अभिमान ,थोड़ा कद ,थोड़ी... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   2:56pm 16 Jan 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
आज रस्मों के सहारे जो अपने हुएकल वही लिखेंगे इबारतें दिल कीखुदा भी इबादत में अपना दर रखते हैंभागती-दौड़ती दुनिया में मन्जिल का पता किसकोइश्क की लौ ही काफी हैहम रौशनी में अपना घर रखते हैं... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   11:01am 8 Jan 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
ज़िन्दगीइतनी आसान भी नहीं थी दूर के मकान से देखी हुई दास्तान भी नहीं थी दूर भागे भी तुझी से, गले लगाया भी तुझी को महबूब की तरह इतनी मेहरबान भी नहीं थी कैसे दिल लगा लेते हर शहर , हर घर से ज़िन्दगी टिक के रहने का सामान भी नहीं थी लम्हा-लम्हा जो गुजरा कोई कैसे बताये&... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   3:15am 16 Nov 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
किच्छा की गलियों सेनानी के आँगन सेदरियों की पँगत सेबाल्टी भर आमों सेकजन्स की सँगत सेमासियों मामों सेरिश्ता जो अपना हैलाया है कौन हमेंयूरोप के शहरों तकलहराती नदियों तकसुरम्य नज़ारों तकसारा जग अपना हैगगन की बाँहों तकज़िन्दगी की रँगत हैवही तो जोड़े हैदुआ सलामों सेब... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   1:05pm 18 Sep 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
वक़्त हमें क्या देगा क्या किस्मत जो बदल देगा वीरानियों ने पूछा है क्या कोई गुमाँ है जो बचपन देगा जहान तो है इक बाज़ार ही खोटे सिक्के सा तुझे पलट देगा दर्द जैसे जागता है हर सीजन चोट को कोई क्या भुला देगा वो मेरी जड़ें खोद रहा है ये गम ही मुझे कज़ा देगा बड़ी म... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   1:50pm 29 Jul 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
प्यार इज़हार माँगता है ,और बार बार माँगता है जीने की वजह बनता है ,इसीलिए तो इकरार माँगता है ख़ुशी भी छलकती है , और ग़म भी झलकता है वो जो आँखों से बयाँ होता है , दिल वही सुनने को तरसता है तुम जो हो आस पास तो , हम हो जाते हैं बेफिक्रे दिल के टुकड़ों को कोई कैसे सम... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   8:28am 1 Jul 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
उठ रे मन कोई सुबह कर ले आतिशे-ग़म की इन्तिहाँ कर ले यूँ ही नहीं चल सकेगा आगे माथे में कोई उजाला भर ले राहें अँधेरी , दिन भी अँधेरे कैसे निभेंगे सुब्हो-शाम के फेरे कोई न कोई तो भुगतान होगा तू भी गम से किनारा कर ले जां पे रखेगा जो पत्थर कोई मुर्दा नहीं है हलचल त... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   8:15am 30 Sep 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
I wrote this for my son inlaw for the wedding day...आया है एक मेहमाँजादू सा कोई अरमाँसाँसों ने छेड़ी सरगमखिला दिल का यूँ गुलिस्ताँरँगों ने हवाओं में इक शय सी मिला दी हैऔर फिज़ाओं ने महफिल भी सजा ली हैसीने में धड़कता दिल ,आँखों को मिली जुबाँआया है एक मेहमाँगालों की रंगत ने हर बात बता दी हैबस एक पिया की गल... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   9:37am 11 Jul 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
मान-अपमान भी तय है ,वितृष्णा भरी आँख का सामान भी तय है न भटकना ऐ दिल , तुझको सहना है जो वो तूफ़ान भी तय है न राहों से गिला , न कश्ती से शिकायत मुझको तूफानों के समन्दर में , मेरा इम्तिहान भी तय है डूबेंगे कि लग पायेंगे किनारे से हम  है किसको पता ,मगर अपना अन्जाम भी तय ह... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   9:39am 21 Sep 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
आज फुर्सत में हूँ मैं ,कहाँ हो बोलो प्यारे तुमसे हैं बातें करनी,आ जाओ कान्हा प्यारे    सदियों से देखें रस्ता ,ये आँखें जागी-जागी राह में ऐसे लगीं हैं , जैसे हों कोई अभागी मुरली की तान सुनाने ,कुछ मेरी भी सुन जाने आ जाओ कान्हा प्यारे गये तुम कौन गली हो ,तुम्हारे ब... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   11:45am 14 Aug 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
ये मेरे साथ चल रहा है किसी आँच का धुआँ इतनी बदली हुई फ़िज़ाँ है के होशो-हवास में नहीं है समां ऐ वक़्त , इस ज़िल्लत का शुक्रिया ,ये पीड़ा जो मुझे ले आई है कसक के इस मुकाम तक सीखा गई है जीना , टूट जाने तलक ज़िन्दगी ने बड़ी भारी कीमत माँगी है जो राह पहुँचाती है ज़िन्दगी तक , उसक... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   8:41am 27 Jul 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
ये देश बदल रहा है , इतिहास रच रहा है गाँधी के सपनों का भारत , करवट बदल रहा है थोड़ी सी कस है खानी , थोड़ी सी परेशानी अपने हितों से बढ़ कर , पहचानो है देश प्यारा आओ हम आहुति दें , इक बेहतर कल का निर्माण चल रहा है ये देश बदल रहा है उग्रवाद , कालाबाजारी और जाली नोटों का धन्धा... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   2:18am 5 Dec 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
दिल के बदले दिल चाहियेहमको सौदा खरा चाहियेमुश्किल नहीं है बहुतहमको रिश्ता सगा चाहियेआहें ही बसती रहींदिल दुआ से भरा चाहियेजी भर के रो लें मगरतेरा काँधा जरा चाहियेपतझड़ के मौसम में भीदिल हमको खिला चाहिये लाइये , शेख जी लाइये हमको मौसम हरा चाहिये ... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   7:33am 1 Jun 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
गुलाब को उसके काँटों की वजह से मत छोड़ो अवगुणों की वजह से गुणों को मत छोड़ो गुजारा है जो वक़्त साथ-साथ , वो बोलता ही मिलेगा खुशबुएँ साथ-साथ चलती हैं ,वरना दिल तन्हा ही मिलेगा सारी खरोंचें जायेंगी भर ,गुलाब सा चेहरा दमकता ही मिलेगा गुलाब को उसके काँटों की वजह से म... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   8:32am 10 Mar 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
ऐसे उठ आये तेरी गली से हमजैसे धूल झाड़ के कोई उठ जाता हैयादों की गलियों में थे अँधेरे बहुतवक़्त भी आँख मिलाते हुए शर्माता हैवक़्ते-रुख्सत न आये दोस्त भीगिला दुनिया से भला क्या रह जाता हैलाये थे जो निशानियाँ वक़्ते-सफर कीरह-रह कर माज़ी उन्हें सुलगाता है अब मेरे हाथ लग गया अ... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   11:44am 7 Oct 2015 #
Blogger: शारदा अरोरा
तू न देख के कितना है रन्ज रिश्ते में अपने,तू ये देख के क्या क्या है निभाया मैंने सारी दुनिया मिलती है किसे ,टुकड़ों में मिली धूप को कैसे गले लगाया मैंने तू मुझसे जुदा ही नहीं है ,कैसे समझाये कोई अपने ही जिगर को बोले जो कभी भी तुम सख़्त होकर ,दरक गया कुछ तो कैसे सँभाला म... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   10:54am 18 Sep 2015 #
Blogger: शारदा अरोरा
और हाँ नैनीताल जैसे ज़न्नत , और अब विदा लेने का वक्त आ चला है ....कोई मेरे हाथों से जन्नत को लिये जाता है मेरे ख्वाबों के फलक को , लम्हों में पिये जाता है घबरा के मुँह फेर लेती है आशना अक्सर अब ये आलम है के दिल दीवाना किये जाता है  अपने ही शहर में मुसाफिर की तरह रहे हम अप... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   12:37pm 31 Jul 2015 #
Blogger: शारदा अरोरा
इतने साल इस शहर में बिता कर अब जाने का वक्त हो चला है , सँगी-साथियों से बिछड़ने का वक़्त …हम तेरे शहर से चले जायेंगे कितना भी पुकारोगे , नजर न आयेंगे अभी तो वक़्त है , मिल लो हमसे दो-चार बार और फिर ये चौबारे मेरे , मुँह चिढ़ायेंगे भूल जाना जो कभी , दिल दुखाया हो मैंने तेरा&n... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   5:46am 20 Jul 2015 #
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