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Blog: ENDEAVOUR, एक प्रयास

Blogger: Anshuman Aashu
ढाई साल के बाद आज इधर आया हूँ। पिछले कई सालों से यहाँ पहले की तरह आना नहीं हो पाता था। ज़िन्दगी में कई सारे बदलाव आये। समय की कमी और काम के प्रति व्यस्तता इस कदर बढ़ गयी कि चाह कर भी इधर आना संभव नहीं हो सका। या सच कहूँ तो कभी इधर आने की चाहत ही वैसी कुछ खास नहीं हुई।जीवन में... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   8:16pm 21 Sep 2018 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
घर के आस-पड़ोस में कई प्राणी देखने को मिल जाते हैं। कुछ जो सुबह सुबह अपनी ज़िन्दगी को दो-चार भली बुरी बातें बोलते हुए अपने काम को निकल जाते हैं। परिवार के पेट पालने की जद्दोजहद में दिनभर आने वाले कल की चिंता में अपने खून के साथ अपना आज जलाते हुए शाम को थक-हार कर घर वापस आ... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   10:48am 20 Jan 2016 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
वो पड़ा था,औंधे मुंह,लहरों के बीच,रेत पर,मासूम सा, निर्दोष।सांसें बंद थीं,नब्ज़ रुकी हुई।जाना पहचाना सा लग रहा था,इंसानियत सा,दम तोड़ चुका।... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   4:07pm 3 Sep 2015 #Poem
Blogger: Anshuman Aashu
कुछ महीने पहले की बात है। ट्विटर के बाज़ार पर दो भारतीय फिल्मों का किस्सा गर्म था। मराठी फिल्म कोर्ट और हिंदी फिल्म मसान। कोर्ट पहले ही रिलीज़ हो गयी थी मगर देखने का मौका नहीं मिला हालांकि चाहत देखने की काफी थी। मसान ने कान फिल्म महोत्सव में अच्छा धमाका किया था। इंतज़... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   8:03pm 27 Jul 2015 #Movie
Blogger: Anshuman Aashu
जीवन एक यात्रा है। निरंतर चलती हुई। अंतिम सांस के साथ आने वाली मौत पर ही रुकने वाली। छोटे से इस जीवन में कई मुकाम आते हैं। रेलगाडी के सफर में आने वाले स्टेशनों की तरह। गाडी रुकती है, कुछ लोग चढते हैं कुछ उतर जाते हैं। गाडी फिर आगे बढ जाती है। नए लोगों का साथ मिलता है पुरान... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   5:30pm 4 Jul 2015 #Personal
Blogger: Anshuman Aashu
कुछ दिनों पहले परीक्षाओं को लेकर पढाई में काफी व्यस्त था। दिन भर हॉस्टल के कमरे में किताबों के बीच पड़ा रहता था। बाहरी दुनिया से भौतिक तालमेल टूट चुका था। इंटरनेट के माध्यम से ही मन बहलाने का काम चलता था। बाहर जाना, घूमना-फिरना इन सब के लिए न तो समय था और न ही समय निकाल ... Read more
clicks 344 View   Vote 0 Like   10:53am 7 Jun 2015 #Raj Kapoor
Blogger: Anshuman Aashu
कुछ दिनों से इधर घर से बाहर हूँ। हालांकि परदेस में ये अपने परिवार का घर ही है मगर फिर भी बात अपने आशियें की कुछ और होती है। दिनचर्या में बदलाव आ जाता है और रूटीन की गतिविधियाँ थोड़ी अनियमित हो जाती हैं। कल काफी दिन के बाद NDTV इंडिया पर रविश की रिपोर्ट देखने का मौका मिला। रव... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   12:45pm 2 Jun 2015 #Politics
Blogger: Anshuman Aashu
इधर कई दिनों के बाद हिंदी में कुछ पढ़ने को मिला। टेक्नोलॉजी के इस युग में सब कुछ सॉफ्ट होता चला जा रहा है। उपन्यासों को कांख के अंदर दबा कर चलने वाले भी अब सोफ्टकॉपी रखते हैं टेबलेट में। अंग्रेजी की कई किताब पहले से सॉफ्ट फॉर्म में मिलती थी। हिंदी पढ़ने वालों के लिए ज्य... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   12:46pm 31 May 2015 #Literary
Blogger: Anshuman Aashu
परीक्षा के दिनों में ब्लॉग पर सक्रिय हो जाने की बीमारी मेरी पुरानी है। MBBS के दिनों में अक्सर परीक्षा के समय ज्यादा पोस्ट लिखा करता था। ऐसे समय पर जब दिमाग ज्यादा चलता है तो शायद रचनात्मकता भी अपने आप ही बढ़ जाती है। या हो सकता है कि दिन भर किताबों में व्यस्त रहने और कमर... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   1:58am 26 Apr 2015 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
कुछ दिनों से BBC पर प्रसारित एक डाक्यूमेंट्री ने अपने देश में खासा ही बवाल खड़ा कर रखा है। दिल्ली के निर्मम बलात्कार काण्ड की सच्चाई बयां करती इस डाक्यूमेंट्री को कोर्ट ने भारत में प्रसारित होने से रोक लगा दी है। इंसानी फितरत होती है, जो नहीं करने बोला जाये वैसा ही करन... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   10:22pm 14 Mar 2015 #Literary
Blogger: Anshuman Aashu
कुछ साल पहले डायरी लिखने की शुरुआत की थी। पहले हर रात लिखा करता था। फिर कुछ अंतराल आने लगे। अंत में सब बंद हो गया। शुरुआत क्यों हुई थी और अंत क्यों हुआ इसके बारे में कभी गहरे विश्लेषण की जरुरत है। बस लिखा करता था। लिखने का शौख था शायद इसलिए या शायद कुछ ऐसी बातें होती थी जो ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   10:58am 24 Feb 2015 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
पिछले हफ्ते आई फिल्म PK अपने साथ कई विवाद लेकर आई। धर्म के प्रति इंसान के अन्धविश्वास को बड़ी ही सहजता से दर्शाती यह फिल्म अकारण ही हिन्दू धर्मावलम्बियों के निशाने पर आ गयी है। इसको लेकर सोशल मीडिया में बहस और फिल्मकार और फिल्म से जुड़े अन्य कलाकारों के प्रति कई प्रकार ... Read more
clicks 247 View   Vote 0 Like   3:31pm 27 Dec 2014 #Movie
Blogger: Anshuman Aashu
बुजुर्गों से हमेशा सुबह उठने के फायदे सुनता रहा हूँ। पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुबह जल्दी उठने की प्रथा जैसे ख़त्म ही होती जा रही है। पापा हमेशा सुबह उठते हैं, आज भी। हम सारे भाई-बहन मॉर्निंग स्कूल के दिनों को छोड़कर कभी सुबह जल्दी उठ नहीं पाये। जैसे जैसे बड़े होते गए, रूटीन और भी ब... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   3:14am 6 Aug 2014 #Personal
Blogger: Anshuman Aashu
जीने की चाह से भरीवो टिमटिमाती सी आँखें। मुझसे पूछती हैं,'तू घबराया सा क्यूँ है?'मैं चुप खड़ा हूँ। उसे देख रहा, एकटक।महसूस कर रहा हूँ उसके ज़िंदा रहने की चाहत को.महसूस करता हूँ उस निर्दयी मौत की आहट को। झांकता हूँ उसकी आँखों में,देखता हूँ उनमें,मुझसे उम्मीदें ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   7:54pm 6 May 2014 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
ऐसे पेशे में रहना जहां जीवित रहने के लिए (और मरीज़ों को रखने के लिए भी) पढ़ाई करने की जरुरत हमेशा बनी रहती है वहाँ अपने आप को किताबी-कीड़ा कहने में कोई परहेज़ नहीं होना चाहिए। हालांकि मुझे इस सम्बोधन से हमेशा ऐतराज़ रहा है और ऐसे किसी भी व्यक्ति की संगत मुझे कभी रास न... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   5:42pm 7 Apr 2014 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
तकरीबन चार साल बीत गए हैं। इसी ब्लॉग में एक पोस्टलिखा था फ़िल्म इश्क़िया के बारे में और फ़िल्म देखने के बाद याद आये अपने कॉलेज के शुरूआती दिनों के बारे में। फ़िल्म में खुल कर देशी पुरबिया गालियों के प्रयोग से लेकर सूती साड़ी में लिपटी विद्या बालन का गज़ब का सेक्सी दिख... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   7:32pm 28 Jan 2014 #Movie
Blogger: Anshuman Aashu
शाम के लगभग पौने सात-सात बजे होंगे। दिन भर किसी सेमिनार से थका-हारा हॉस्टल के अपने कमरे में घुसा ही था। मोबाइल को चार्ज में लगा कर पलटा ही था कि उसी मोबाइल की रिंग बज उठी। पापा का फ़ोन था। शाम के उस समय में उनका फ़ोन आना थोड़ा अटपटा लगा था। फ़ोन उठाया और पापा के हेल्लो बो... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   10:53am 11 Jan 2014 #Personal
Blogger: Anshuman Aashu
उफ्फ़! फिर वही कन्फेशन। एक पूरा साल बीत गया। कभी अंदाजा ही नहीं लगा। इतने दिन बीत गए इधर आये हुए। ऐसा कुछ भी नहीं कि 13 अंक से कोई नफरत हो या वैसा कुछ अंधविश्वास कि 2013 में कुछ काम ही न करूँ। वक़्त के लहरों में न जाने कब पूरा एक साल बह निकला, इसका अहसास ही कभी नहीं हो सका। पि... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   5:59pm 9 Jan 2014 #Hindi
Blogger: Anshuman Aashu
कमरे में अकेला,पलंग पर करवटें बदलता,घड़ी की टिक-टिक सुनता,कोसता उस आवाज़ कोजो याद दिला रही थी उसेबीते हुए वो दिन, वो पल,वो सब कुछ।वो चेहरा, वो मुस्कराहट,बड़ी सी मुस्कुराती आँखेंशरारत से लबालब,होठों के नीचे वो काला तिल,तिल पर टिपटिपाती उंगलियाँ,वो छोटी छोटी प्यारी उंगलि... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   6:22pm 5 Nov 2012 #Literary
Blogger: Anshuman Aashu
शाम के साढ़े चार बजे थे। सुबह वार्ड की थकान को मिटाने वो आराम से अपने कमरे में सो रहा था। दुर्गा पूजा की छुट्टियाँ चल रही थी। वार्ड में ज्यादा पेशेंट थे नहीं। पिछले हफ्ते जिनका ओपरेशन हुआ था वही 3-4 बचे थे बस। एक को छोड़कर सब स्टेबल हो गए थे। एक की हालत थोड़ी गंभीर बनी हुई थ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   3:23pm 23 Oct 2012 #Doctor
Blogger: Anshuman Aashu
कमरे में वो अकेला बैठा हुआ था। न जाने कितनी देर से। बाहर धीरे धीरे अँधेरे ने घर कर लिया था और उसे इसका अंदाजा तक न लग सका। कानों में इयरफोन लगाए लैपटॉप के आगे बैठा गाने सुन रहा था, गुलाल फिल्म के। गीत के भयानक बोलों में खोया था या किसी और उलझन में, पता नहीं। बस समय का अंदाजा ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   2:12pm 17 Oct 2012 #Personal
Blogger: Anshuman Aashu
शाम के 5 बज चुके थे........वो बेचैन सा हो रहा था.......लैब में बैठे बैठे कोई काम न था.........बस मैडम के जाने का इंतज़ार.....मन ही मन गालियाँ दे रहा था......कब जाएगी ये खूसट और कब निकलूंगा मैं बाहर. बाहर जाने की यूँ कोई हड़बड़ी नहीं रहती थी, पर उस दिन बेचैन था. वो जो आई हुई थी. बाहर लाइब्ररी में ब... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   6:53pm 20 Feb 2012 #
Blogger: Anshuman Aashu
वो हँसता था, खिलखिलाता था,झूमता था, गाता था, गुनगुनाता था,दोस्ती थी, प्यार था,मस्ती थी, तकरार था.वो जिंदा था, क्यूंकि,वो ज़िन्दगी को जीता था.हँसता वो आज भी है, मगर,वो हँसी कही खो गयी.खिलखिलाना वो भूल गया है,झूमना, गाना, गुनगुनानाउसकी आदत नहीं रही.दोस्त हैं, प्यार है, मगर.वो प्य... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   6:07am 4 Feb 2012 #Literary
Blogger: Anshuman Aashu
भगवान् भला करे उसका जो आज ड्यूटी पर आने से पहले उससे बात हुई और उसने दुआ दी कि आज कोई डेथ सर्टिफाई न करनी पड़े........पता नहीं इमरजेंसी ड्यूटी के ऐसे कितने और 8 घंटे मिलेंगे ज़िन्दगी में जिसमे एक भी मौत से पाला न पड़े.........अपनी 8 घंटे की ड्यूटी बजाकर इमरजेंसी से निकल ही रहा था कि ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   12:19pm 13 Dec 2010 #Literary
Blogger: Anshuman Aashu
चंद रोज़ बेगारी के,कुछ पल कामचोरी के,कई सफहों को कलम फिर गंदा कर गयी!वो जब कुछ नहीं करता तो कितना कुछ कर देता है या कितना कुछ कर देने की शक्ति रखता है. कमरे में अकेले किताबों के बीच बैठा हुआ. बड़ी मुश्किल से ध्यान वहीँ बगल में रखे अपने लैपटॉप पर से हटा पाता है. किताबों ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   2:01pm 1 Dec 2010 #Poem
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