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Blog: साझा संसार

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्तब्ध हूँ! अवाक् हूँ! मन को यकीन नहीं हो पा रहा कि सुनील मिश्र जी अब हमारे बीच नहीं हैं। कैसे यकीन करूँ कि एक सप्ताह पूर्व जिनसे आगे के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई, यूँ अचानक सब छोड़कर चले गए? उनके व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा है ''कोई दुःख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, वही हारा ज... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   6:16pm 23 Apr 2021 #कला समीक्षक
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
लम्हों का सफ़र (कविता-संग्रह) डॉ. जेन्नी शबनमप्रकाशक : हिन्द-युग्म ब्लू, नोएडा, सन - 2020मूल्य - 120/-रु., पृष्ठ - 112, ISBN NO. : 978-93-87464-73-5भूमिका-रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ एवं संगीता गुप्ता......................................................................................शब्दों में सिमटे हुए लम्हों के सफ़र -            ... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   6:27pm 7 Apr 2021 #समीक्षा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
लम्हों का सफ़र (कविता-संग्रह) डॉ. जेन्नी शबनमप्रकाशक : हिन्द-युग्म ब्लू, नोएडा, सन - 2020मूल्य - 120/-रु, पृष्ठ - 112, ISBN NO. : 978-93-87464-73-5भूमिका - रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ एवं संगीता गुप्ता ........................................................................................................ शब्दों में सिमटे हुए लम्हों के सफ़र -        ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   4:08pm 7 Apr 2021 #समीक्षा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 मेरी दूसरी पुस्तक 'प्रवासी मन' (हाइकु-संग्रह) का प्रकाशन 7 जनवरी 2021को अयन प्रकाशन से हुआ। 10 जनवरी 2021 को विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर 'हिन्दी हाइकु'एवं 'शब्द सृष्टि'के संयुक्त तत्वाधान में गूगल मीट और फेसबुक पर आयोजित पहला ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मलेन हुआ, जिसमें ... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   6:07pm 21 Mar 2021 #भूमिका
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
2017 हर साल की तरह आज भी पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। आज मेरी माँ का फ़ोन नहीं आया, अब आएगा भी नहीं। अब किसी भी महिला दिवस पर उनका संबोधन, भाषण एवं चर्चा नहीं सुन पाऊँगी। अतीत में उनके द्वारा दी गई बधाईयों, शुभकामनाओं और उनके ... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   9:44am 8 Mar 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
2017 हर साल की तरह आज भी पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। आज मेरी माँ का फ़ोन नहीं आया, अब आएगा भी नहीं। अब किसी भी महिला दिवस पर उनका संबोधन, भाषण एवं चर्चा नहीं सुन पाऊँगी। अतीत में उनके द्वारा दी गई बधाईयों, शुभकामनाओं और उनके ... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   9:44am 8 Mar 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
7 जनवरी 2021 को मेरी दूसरी पुस्तक 'प्रवासी मन' (हाइकु-संग्रह) प्रकाशित हुई है। मेरी पहली पुस्तक ‘लम्हों का सफ़र‘ (कविता-संग्रह) का लोकार्पण 7 जनवरी 2020 में पुस्तक मेले में हुआ था। सुखद यह है कि आज के दिन मेरी बेटी का जन्मदिन है और इसी दिन मेरी दोनों पुस्तकें एक साल के अंतराल में... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   7:55pm 14 Jan 2021 #मेरी दूसरी पुस्तक
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने कहा था 'अखिल भारत के परस्पर व्यवहार के लिए ऐसी भाषा की आवश्यकता है जिसे जनता का अधिकतम भाग पहले से ही जानता-समझता है, हिन्दी इस दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ है।' 'हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिन्दी हृदय की भाषा है।' भारत की आज़ादी और गाँधी जी के इंतकाल के कई द... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   9:40am 14 Sep 2020 #Social
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने कहा था 'अखिल भारत के परस्पर व्यवहार के लिए ऐसी भाषा की आवश्यकता है जिसे जनता का अधिकतम भाग पहले से ही जानता-समझता है, हिन्दी इस दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ है।' 'हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिन्दी हृदय की भाषा है।' भारत की आज़ादी और गाँधी जी के इंतकाल के कई द... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   9:38am 14 Sep 2020 #Social
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीवन के यथार्थ से जुड़ा एक भावपूर्ण गाना है - 'आईने के सौ टुकड़े करके हमने देखे हैं, एक में भी तन्हा थे सौ में भी अकेले हैं।' इस गाना के बोल आज बार-बार दोहरा रही हूँ। सचमुच हम कितने अकेले होते हैं, हज़ारों की भीड़ में भी अकेले होते हैं और यह सिर्फ हमारा मन जानता है कि हम कितने अकेले हैं। कोई नहीं जानता कि किसी चेहरे की ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   6:00pm 14 Jun 2020 #Social
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
महात्मा गाँधी ने कहा था कि व्यक्ति अगर हिंसक है तो वह पशु के समान है। मुझे यह महसूस होने लगा है कि मानव पशु बन चुका है और पशु मानव से ज्यादा सभ्य हैं। अगर पशुओं को नुकसान न पहुँचाया जाए, तो वे कुछ नहीं करते हैं। पशुओं में न लोभ है, न द्वेष, न ईर्ष्या, न प्रतिकार का भाव, न मान सम्मान अपमान की भावना। प्रकृति के साथ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   6:26pm 5 Jun 2020 #Social
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आज अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। हर साल यह दिन आता है और ऐसे चला जाता है जैसे रोज़ सुबह का उगता सूरज अपने नियत समय पर शाम क ढ़ल जाता है। कहीं कोई सुगबुगाहट नहीं, कहीं कोई शोर नहीं, बदलाव के लिए पूरज़ोर आवाज़ नहीं। मज़दूरों किसानों के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं, उनके जीने क... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   5:41pm 1 May 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आज अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। हर साल यह दिन आता है और ऐसे चला जाता है जैसे रोज़ सुबह का उगता सूरज अपने नियत समय पर शाम क ढ़ल जाता है। कहीं कोई सुगबुगाहट नहीं, कहीं कोई शोर नहीं, बदलाव के लिए पूरज़ोर आवाज़ नहीं। मज़दूरों किसानों के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं, उनके जीने क... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   5:41pm 1 May 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ऋषि कपूर का जाना मन को बेचैन कर गया है। कल से इरफ़ान खान की मृत्यु के शोक में हम सभी डूबे हुए हैं, ऐसे में आज ऋषि कपूर का चला जाना, हम सभी स्तब्ध हो गए हैं। यह बहुत दुःख भरा समय है। कोई शब्द नहीं सूझ रहा कि ऐसे वक़्त में क्या कहा जाए। एक कलाकार के चले जाने से उसके देह&nbs... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   2:43pm 30 Apr 2020 #फिल्म
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ऋषि कपूर का जाना मन को बेचैन कर गया है। कल से इरफ़ान खान की मृत्यु के शोक में हम सभी डूबे हुए हैं, ऐसे में आज ऋषि कपूर का चला जाना, हम सभी स्तब्ध हो गए हैं। यह बहुत दुःख भरा समय है। कोई शब्द नहीं सूझ रहा कि ऐसे वक़्त में क्या कहा जाए। एक कलाकार के चले जाने से उसके देह&nbs... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   2:43pm 30 Apr 2020 #फिल्म
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
सिनेमा हॉल का दरवाज़ा बंद था। खुलने के निर्धारित समय से ज्यादा वक़्त हो चला था। तभी एक गेटकीपर बाहर आया, उससे मैंने पूछा कि बहुत ज्यादा देर हो रही है, मूवी शुरू में देर क्यों है? उसने बताया कि थोड़ी देर हो जाएगी क्योंकि फिल्म के प्रोमोशन के लिए इस फिल्म के लोग आए हुए हैं। स... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   3:50pm 29 Apr 2020 #फ़िल्म
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
सिनेमा हॉल का दरवाज़ा बंद था। खुलने के निर्धारित समय से ज्यादा वक़्त हो चला था। तभी एक गेटकीपर बाहर आया, उससे मैंने पूछा कि बहुत ज्यादा देर हो रही है, मूवी शुरू में देर क्यों है? उसने बताया कि थोड़ी देर हो जाएगी क्योंकि फिल्म के प्रोमोशन के लिए इस फिल्म के लोग आए हुए हैं। स... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   3:50pm 29 Apr 2020 #फ़िल्म
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
भारत तथा विश्व की वर्तमान परिस्थिति पर ध्यान दें तो ऐसा लग रहा है कि प्रकृति हमें चेतावनी दे रही है कि अब बहुत हुआ, अब तो चेत जाओ, वापस लौट जाओ अपनी-अपनी जड़ों की तरफ, जिससे प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर एक सुन्दर दुनिया निर्मित हो सके। सिर्फ भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व आ... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   5:30pm 6 Apr 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
महिला दिवस के उपलक्ष्य में रंगारंग कार्यक्रम अपने चरम पर था। तय समय से ज्यादा वक़्त हो गया परन्तु कार्यक्रम पूरा नहीं हो पाया था। शाम के 7 बज गए थे, सभी महिलाएँ अब जाने को बेताब हो रही थी, इस लिए कार्यक्रम को शीघ्र ख़त्म करने का बार-बार आग्रह कर रही थी। आयोजक मंडली भी ज... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   6:20pm 8 Mar 2020 #महिला दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह का बयान कि जैसे सोनिया गाँधी ने राजीव गाँधी के हत्यारे को माफ़ किया है, वैसे ही निर्भया की माँ निर्भया के बलात्कारियों को माफ़ कर दें। एक स्त्री होकर वकील साहिबा ऐसा कैसे सोच सकी? राजीव गाँधी की हत्या और निर्भया के बलात्कार का अपराध एक श्रेण... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   7:05am 21 Feb 2020 #बलात्कार
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह का बयान कि जैसे सोनिया गाँधी ने राजीव गाँधी के हत्यारे को माफ़ किया है, वैसे ही निर्भया की माँ निर्भया के बलात्कारियों को माफ़ कर दें। एक स्त्री होकर वकील साहिबा ऐसा कैसे सोच सकी? राजीव गाँधी की हत्या और निर्भया के बलात्कार का अपराध एक श्रेणी ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   7:05am 21 Feb 2020 #बलात्कार
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
'लम्हों का सफ़र'को देखते ही मन ख़ुशी से झूम उठा। पुस्तक को हाथ में लेते ही एक अजीब-सा रोमांच और उत्साह महसूस हुआ। मेरी क्षमता, योग्यता और सृजन को जैसे मैंने हाथों में पकड़ रखा हो। यूँ मेरी 25 से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो साझी पुस्तक है। लेकिन यह मेरा एकल कविता-... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   5:39pm 14 Jan 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
'लम्हों का सफ़र'को देखते ही मन ख़ुशी से झूम उठा। पुस्तक को हाथ में लेते ही एक अजीब-सा रोमांच और उत्साह महसूस हुआ। मेरी क्षमता, योग्यता और सृजन को जैसे मैंने हाथों में पकड़ रखा हो। यूँ 25 से ज्यादा मेरी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो साझा-संग्रह है। लेकिन यह मेरा एकल कविता-... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   5:39pm 14 Jan 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
'लम्हों का सफ़र'को देखते ही मन ख़ुशी से झूम उठा। पुस्तक को हाथ में लेते ही एक अजीब-सा रोमांच और उत्साह महसूस हुआ। मेरी क्षमता, योग्यता और सृजन को जैसे मैंने हाथों में पकड़ रखा हो। यूँ 25 से ज्यादा मेरी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो साझा-संग्रह है। लेकिन यह मेरा एकल कविता-... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   5:39pm 14 Jan 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
'लम्हों का सफ़र'को देखते ही मन ख़ुशी से झूम उठा। पुस्तक को हाथ में लेते ही एक अजीब-सा रोमांच और उत्साह महसूस हुआ। मेरी क्षमता, योग्यता और सृजन को जैसे मैंने हाथों में पकड़ रखा हो। यूँ मेरी 25 से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो साझी पुस्तक है। लेकिन यह मेरा एकल कविता-... Read more
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