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Blog: Ya Husain Ya Shah-E-Karbala

Blogger: zeashan zaidi
पैगम्बर मोहम्मद (स.) वह महापुरुष थे :जिन्होंने बेटियों को क़ब्र में ज़िंदा दफनाने की रस्म बंद कीजिन्होंने उस बीमार बुढ़िया से हमदर्दी की जो रोज़ उनपर कूड़ा फेंकती थी जिनके सच बोलने की गवाही पूरा अरब देता था चाहे उसमें दुश्मन हों या दोस्त।जिन्होंने गरीबों की मदद के लिए ज़कात ... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   3:07pm 8 Apr 2021 #Prophet Muhammad
Blogger: zeashan zaidi
कोरोना महामारी के इस वक्त में जो चीज़ सबसे ज़्यादा सुनने को मिलती है वो है जिस्म का इम्यून सिस्टम। इस वक्त यही एक चीज़ है जो इस बीमारी को मात दे रही है। ये इम्यून सिस्टम क्या है? दरअसल न सिर्फ इंसानी जिस्म बल्कि दूसरे जानदारों के जिस्म में भी कुछ ऐसे सिस्टम मौजूद होते हैं ज... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:36pm 11 Jul 2020 #Immune System
Blogger: zeashan zaidi
इमाम हज़रत अली (अ.) नहजुल बलाग़ा के खुत्बा नं 109 में बयान करते हैं, ‘वह (दुनिया) धोकेबाज़ है और उसकी हर चीज़ धोका।’यकीनन पल पल बदलती दुनिया को धोकेबाज़ ही कहा जा सकता है, जिसकी इंसान ख्वाहिश करता है लेकिन नतीजे में उसे मौत के सिवा कुछ हासिल नहीं होता। लेकिन यहाँ खास बात ये है कि जद... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   11:23am 25 May 2019 #Imam Ali
Blogger: zeashan zaidi
आज से ठीक चौदह सौ साल पहले एक ज़ालिम की ज़हर बुझी तलवार ने एक ऐसी अज़ीम हस्ती को क़त्ल कर दिया था जो हर मज़लूम का सहारा था और इंसाफ चाहने वाली हर नज़र उसी की तरफ उठती थी और उससे तलब करने वाला कभी मायूस नहीं होता था। इमाम हज़रत अली इल्म, अदालत, सखावत, बहादुरी हर गुण में बेमिसाल थे। उ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:03pm 24 May 2019 #Science and Islam
Blogger: zeashan zaidi
अक्षर हमारी ज़बान और भाषा के मूल होते हैं। अक्षरों के बिना कोई भी भाषा शुरू नहीं होती। अलग अलग भाषाओं में अक्षरों की संख्या अलग अलग है। अगर अंग्रेजी में 26 अक्षर हैं तो उर्दू में 38। हिन्दी में 47 अक्षर हैं तो मराठी में 52। अगर म अक्षरों से निकलने वाली आवाजों की बात करें तो ... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   5:05pm 3 Mar 2018 #Science and Islam
Blogger: zeashan zaidi
कुदरत के कानूनों के बारे में हम बहुत कुछ जानते हैं। ज़मीन सूरज के गिर्द चक्कर लगा रही है, चाँद जमीन के गिर्द चक्कर लगा रहा है, यह कुदरत का कानून है। बकरी घास खाती है जबकि शेर गोश्त खाता है, यह भी कुदरत का कानून है। कुदरत के कानून पूरे यूनिवर्स में मौजूद हैं। इसी के नतीजे ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:10am 1 Mar 2018 #Science and Islam
Blogger: zeashan zaidi
ज़मीन की शक्ल कैसी है और दिन रात कैसे बनते हैं इस बारे में साइंस हमेशा असमंजस में रही। और इसके बारे में लोगों ने तरह तरह की थ्योरीज़ ईजाद कर लीं जो वक्त के साथ साथ बदलती रहीं।ज़मीन को कुछ लोगों ने चौकोर बताया तो कुछ ने गोल। हालांकि जिन लोगों ने गोल बताया वह भी अपनी थ्... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   3:25pm 17 Feb 2018 #Science and Islam
Blogger: zeashan zaidi
यह एक हकीकत है की हम जिस ज़मीन पर सांस ले रहे हैं वह गोल है और उसकी बाहरी परत पर हम और तमाम जानदार व बेजान चीज़ें ज़मीन की ग्रैविटी की वजह से तिकी हुई हैं. यह भी तय है कि किसी गोले की बाहरी सतह पर कोई भी पॉइन्ट केन्द्र नहीं होता या दूसरे शब्दों में आप किसी भी पॉइन्ट को केन्द्र ... Read more
clicks 307 View   Vote 0 Like   2:32pm 15 Feb 2018 #Zeashan Zaidi
Blogger: zeashan zaidi
कुछ एतराज़ करने वाले जब क़ुरआन की सूरे बक़रा की आयत 22 ‘‘जिस ने तुम्हारे लिये ज़मीन को बिछौना बनाया’’ पढ़ते हैं तो उससे यह मतलब निकालते हैं कि कुरआन में ज़मीन को चपटा कहा जा रहा है। क्योंकि बिछौना या फर्श भी चपटा होता है। हालांकि थोड़ी सी अक्ल लगाने पर उनकी यह बात गलत साब... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   4:51pm 12 Feb 2018 #Zeashan Zaidi
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इमाम हज़रत अली(अ.) के कलाम नहजुलबलाग़ा के पहले खुत्बे में बयान है कि ‘‘हर सिफत शाहिद है कि वह अपने मौसूफ की ग़ैर है और हर मौसूफ शाहिद है कि वह सिफत के अलावा कोई चीज़ है।’’यहाँ पर इमाम अली (अ.) यूनिवर्स की बहुत बड़ी हकीक़त को ज़ाहिर कर रहे हैं। सिफत यानि कि गुण (property) और मौसूफ, जिसमें वह... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   5:41am 24 Sep 2017 #Imam Ali
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मेरी नई किताब "नहजुल बलाग़ह का साइंसी इल्म"का कवर पेज.किताब शीघ्र ही आपके सामने होगी। जिसके  प्रकाशक हैं अब्बास बुक एजेंसी,दरगाह हज़रत अब्बास, लखनऊPh : (+91) 9415102990, (+91) 9369444864... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   3:15pm 9 Jul 2017 #Book-Nahjul Balagha ka Sciensi Ilm
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 शेख सुद्दूक (अ.र.) की किताब एललुश्शरा में दर्ज हदीस के मुताबिक़ एक मरतबा हज़रत अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस्सलाम मस्जिदे कूफा में थे। मजमे से एक मर्द शामी उठा और अर्ज किया या अमीरलमोमिनीन में आपसे चन्द चीजों के मुताल्लिक कछ दरियाफ्त करना चाहता हूं। आपने फरमाया सवाल करना... Read more
clicks 291 View   Vote 0 Like   7:55am 17 Jun 2017 #Science and Islam
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मोर मोरनी की कहानी भी बहुत पुरानी किवंदती है और हज़ारों साल से बड़े बड़े जस्टिस शर्मा जैसे विद्वान भी इसे सच मानते आ रहे हैं। लेकिन आज से चौदह सौ साल पहले ही इस्लाम के धर्माधिकारी इसे गलत बता चुके हैं। आज से चौदह सौ साल पहले का इमाम हज़रत अली(अ.) का मोर के बारे में यह बयान कित... Read more
clicks 372 View   Vote 0 Like   6:48am 2 Jun 2017 #Science and Islam
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इस किताब में ऐसी आधुनिक साइंसी खोजों को शामिल किया गया है जिनके बारे में पुरानी इस्लामी किताबों में ज़िक्र मौजूद है. मिसाल के तौर पर इसके कुछ लेख इस तरह हैं :* क्या बिग बैंग थ्योरी गलत है?* क्या 'ग्रैंड डिजाइन'स्टीफन हॉकिंग ने चोरी की है?* डी.एन.ए. का कांसेप्ट दिया इस्लाम ने.... Read more
clicks 366 View   Vote 0 Like   12:43pm 14 Jun 2016 #Book
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जब किसी नास्तिक से कहा जाता है कि पूरी दुनिया ख़ुदा ने बनाई तो वह पलट कर सवाल करता है की फिर ख़ुदा को किसने बनाया?इस तरह के तमाम अटपटे सवालों के जवाब इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक़ देती है किताब - "ख़ुदा को किसने बनाया?"इसका ई संस्करण प्रकाशित हो चुका है जिसे आप निम्न लिंक स... Read more
clicks 331 View   Vote 0 Like   5:41pm 27 May 2016 #Book : Khuda Ko Kisne Banaya?
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उस शख्स ने कुरआन पर अगला एतराज़ कुछ यूं किया, ‘(अश-शूरा 51) और किसी आदमी के लिये ये मुमकिन नहीं कि खुदा उससे बात करे मगर 'वही' (दिल में सीधे उतारना) के जरिये या पर्दे के पीछे से, या कोई रसूल (फ़रिश्ता भेज दे) यानि वह अपने अज्ऩ व अख्तियार से जो चाहता है पैगाम भेजता है।’ और उ... Read more
clicks 379 View   Vote 0 Like   8:18am 24 Apr 2016 #Imam Ali
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आगे उस शख्स ने कुरआन पर एतराज़ करते हुए कहा, ‘(सूरे क़यामत आयत 22-23) उस रोज़ बहुत से चेहरे तरोताजा होंगे और अपने परवरदिगार की तरफ देख रहे होंगे।’ और दूसरी जगह वह कहता है, ‘(सूरे इनाम आयत 104) उस को आँखें नहीं देख सकती हैं और वह (लोगों की) निगाहों को देखता है। वह लतीफ खबीर है।... Read more
clicks 326 View   Vote 0 Like   5:07pm 21 Apr 2016 #Imam Ali
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कुरआन नाजिल होने के चौदह सौ सालों के भीतर बहुत से काबिल लोग इसपर उंगली उठा चुके हैं। सैंकड़ों किताबें लिखी जा चुकी हैं इसके खिलाफ। लेकिन आखिरी नतीजा यही रहा कि सबने मुंह की खायी। कुरआन के खिलाफ लिखी हर बात का जवाब हमारे इमामों व विद्वानों द्वारा दिया जा चुका है। आज औ... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   4:54pm 20 Apr 2016 #Imam Ali
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सेंट रोज़ पब्लिक स्कूल, गढ़ी पीर खाँ, लखनऊ में 13 सितंबर 2015 को आयोजित एक समारोह में डा0ज़ीशान हैदर ज़ैदी की किताब ‘खुदा को किसने बनाया?’ का विमोचन जे.एन.यू के पूर्व हेड(उर्दू विभाग) प्रोफेसर शारिब रुदौलवी के करकमलों से हुआ। समारोह की अध्यक्षता मौलाना सैयद क़ायम मेहदी पूर्व इन्... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   2:48pm 18 Sep 2015 #Zeashan Zaidi
Blogger: zeashan zaidi
इस्लामी उसूलों और मान्यताओं पर ग़ैर मुस्लिमों से बहस.... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   4:48pm 15 Jul 2015 #News
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अभी तक इस सीरीज़ में हमने इस्लाम के ऐसे धर्माधिकारियों की बात की जो शहीद हो चुके हैं और यह दुनिया उन्हें खो चुकी है। अब सीरीज़ के इस अन्तिम भाग हम इस्लाम के ऐसे धर्माधिकारी की बात करेंगे जो आज भी इस दुनिया में मौजूद है। और रहती दुनिया तक बाक़ी रहेगा क्योंकि अल्लाह का वादा... Read more
clicks 319 View   Vote 0 Like   6:39am 16 Jun 2015 #Khilafat
Blogger: zeashan zaidi
पैगम्बर मोहम्मद(स.) उस धर्म के आखिरी पैगम्बर थे जिसे अल्लाह ने दुनिया के तमाम इंसानों के लिये पसन्द किया। उस धर्म के पहले संदेशवाहक हज़रत आदम(अ.) थे और उसकी शरीयत को मुकम्मल करने वाले थे पैगम्बर मोहम्मद(स.)। इस्लाम की शरीयत को मुकम्मल करके पैगम्बर मोहम्मद(स.) सन 632 ई में इस द... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   2:19pm 11 Apr 2015 #Khilafat
Blogger: zeashan zaidi
इमाम मोहम्मद तक़ी(अ.) को उस ज़माने के ज़ालिम बादशाह ने सिर्फ पच्चीस साल की उम्र में शहीद कर दिया था। लेकिन अल्लाह का वादा कि ज़मीन कभी भी धर्म के सर्वोच्च अधिकारी से खाली नहीं रहेगी, उस वक्त भी पूरा हुआ। और इमाम(अ.) की शहादत से पहले नये धर्माधिकारी का जन्म हो चुका था।इस्लाम के ... Read more
clicks 292 View   Vote 0 Like   6:01am 3 Mar 2015 #
Blogger: zeashan zaidi
एक मरतबा पैगम्बर मोहम्मद(स.) अपने सहाबियों के साथ मस्जिद में बैठे हुए थे कि वहाँ एक अनजान शख्स आया और उन्हें अपशब्द कहने लगा। पैगम्बर(स.) ने अपने सहाबियों की तरफ देखा और कहने लगे तुममें से कौन है जो इसकी ज़बान काट सकता है? यह सुनकर दो तीन लोग तलवार व खंजर निकालकर खड़े हो गये... Read more
clicks 297 View   Vote 0 Like   12:52pm 9 Jan 2015 #Social Articles
Blogger: zeashan zaidi
इस्लाम के सच्चे धर्माधिकारी हर दौर और हर हालत में रहे हैं। कभी उन्हें मौका मिला और हालात अच्छे रहे तो पूरी दुनिया ने उनकी आब व ताब देखी और पूरी दुनिया को उन्होंने फायदा पहुँचाया। जबकि हालात खराब होने पर कभी कभी तो उन्हें पूरी जिंदगी जालिम बादशाहों की कैद में गुज़ार देन... Read more
clicks 327 View   Vote 0 Like   7:06am 20 Dec 2014 #Khilafat
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