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Blog: लम्हों का सफ़र

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्त्री हूँ (10 क्षणिकाएँ) ******* 1. अकेली   *** रह जाती हूँ   बार-बार   हर बार   बस अपने साथ   मैं, नितांत अकेली!   2. भूल जाओ *** सपने तो बहुत देखे   पर उसे उगाने के लिए   न ज़मीन मिली   न मैंने माँगी   सपने तो सपने हैं   सच कहाँ होते ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   6:11pm 2 Dec 2020 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
दागते सवाल ******* यही तो कमाल है   सात समंदर पार किया, साथ समय को मात दी   फिर भी कहते हो -   हम साथ नहीं चलते हैं।   हर स्वप्न को, बड़े जतन से ज़मींदोज़ किया   टूटने की हद तक, ख़ुद को लुटा दिया   फिर भी कहते हो -   हम साथ नहीं देते हैं।   अविश्वास की नदी, अविर... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   3:32pm 25 Nov 2020 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
भटकना ******* सारा दिन भटकती हूँ   हर एक चेहरे में, अपनों को तलाशती हूँ   अंतत: हार जाती हूँ   दिन थक जाता है, रात उदास हो जाती है!   हर दूसरे दिन फिर से   वही तलाश, वही थकान   वही उदासी, वही भटकाव   अंततः कहीं कोई नहीं मिलता!   समझ में अब आ गया है   को... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   7:31am 23 Nov 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 वसीयत   *******   जीस्त के ज़ख्मों की कहानी तुम्हे सुनाती हूँमेरी उदासियों की यही है वसीयततुम्हारे सिवा कौन इस को सँभालेमेरी ये वसीयत तुम्हारे हवालेहर लफ्ज़ जो मैंने कहे हर्फ-हर्फ याद रखनाइन लफ़्ज़ों को जिंदा मेरे बाद रखनाकिसी से कुछ न कभी तुम बतानामेरी ये वसीयत म... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   6:30pm 16 Nov 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
प्रकाश-पर्व*******1.धूम धड़ाका   चारों ओर उजाला   प्रकाश-पर्व!2.फूलों-सी सजी   जगमग करती   दीयों की लड़ी!3.जगमगाते   चाँद-तारे-से दीये   घोर अमा में!4.झूमती गाती   घर-घर में सजी   दीपों की लड़ी! 5.झिलमिलाता   अमावस की रात  &nb... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   1:40pm 14 Nov 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जिया करो ******* सपनों के गाँव में, तुम रहा करो   किस्त-किस्त में न, तुम जिया करो!   संभावनाओं भरा, ये शहर है   ज़रा आँखें खुली, तुम रखा करो!   कब कौन किस वेष में, छल करे   ज़रा सोच के ही, तुम मिला करो!   हैं ढ़ेरों झमेले, यहाँ पे पसरे   ज़रा सँभल के ही, तुम चला क... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   4:02pm 10 Nov 2020 #तुकबंदी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
हम ******* 1. चाहता मन   काश पंख जो होते   उड़ते हम!  2. जल के स्रोत   कण-कण से फूटे   प्यासे हैं हम!  3. पेट मे आग   पर जलता मन,   चकित हम!  4. हमसे जन्मी   मंदिर की प्रतिमा,   हम ही बुरे!  5. बहता रहा   आँस... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   7:00am 8 Nov 2020 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 कपट ******* हाँ कपट ही तो है   सत्य से भागना, सत्य न कहना, पलायन करना   पर यह भी सच है, सत्य की राह में   बखेड़ों के मेले हैं, झमेलों के रेले हैं,   कैसे कहे कोई सारे सत्य, जो दफ़न हो सीने में   उम्र की थकान के, मन के अरमान के   सदियों-सदियों से, युगों-युगों से, ... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   5:53pm 3 Nov 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
दड़बा ******* ऐ लड़कियों!   तुम सब जाओ अपने-अपने दड़बों में   अपने-अपने परों को सम्हालो   एक दूसरे को अपने-अपने चोंचों से लहूलुहान करो!   कटना तो तुम सबको है, एक न एक दिन   अपनों द्वारा या गैरों द्वारा   सीख लो लड़ना, ख़ुद को बचाना, दूसरों को मात देना   तुम सी... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   1:18pm 24 Oct 2020 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
देहाती  ******* फ़िक्रमंद हूँ, उन सभी के लिए   जिन्होंने सूरज को हथेली में नहीं थामा   चाँद के माथे को नहीं चूमा   वर्षा में भींग-भींगकर न नाचा न खेला   माटी को मुट्ठी में भरकर, बदन पर नहीं लपेटा   दुःख होता है उनके लिए   जिन्हें नहीं पता कि मुंडेर क्य... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   6:05pm 21 Oct 2020 #संस्कृति
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
चलते ही रहना ******* जीवन जैसे   अनसुलझी हुई   कोई पहेली   उलझाती है जैसे   भूल भूलैया,   कदम-कदम पे   पसरे काँटें   लहूलुहान पाँव   मन में छाले   फिर भी है बढ़ना   चलते जाना,   जब तक हैं साँसें   तब तक है   दुनिया का तमाशा   खेल दिखाए ... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   12:59pm 18 Oct 2020 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 इकीगाई ******* ज़िन्दगी चल रही थी, जिधर राह मिली मुड़ रही थी   कहाँ जाना है क्या पाना है, कुछ भी करके बस जीना है   न कोई पड़ाव न कोई मंज़िल, वक़्त के साथ मैं गुज़र रही थी,   ज़िन्दगी घिसट रही थी, या यूँ कि मैं धकेल रही थी   पर जब-जब मन भारी हुआ, जब-जब रास्ता बोझिल लगा ... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   6:05pm 15 Oct 2020 #स्वयं
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
चार लाइन भावाभिव्यक्तियाँ  ******* 1. उम्र भर चले जलती धूप में   पाँव के छाले अब क़दम है रोके   कभी जो छाँव कोई, दमभर मिली   तुम कहते कि एहसान तेरा हुआ!   2. मेरे साथी! तुम तब थे कहाँ   ज़ख़्मों से जब हम थे घायल हुए   इक तीर था निशाने पे लगा   तन-मन मेरा ज... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   5:43pm 10 Oct 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 बापू हमारे ******* 1.एक सिपाही   अंग्रेजों पर भारी,   मिला स्वराज।2.देश की शान   जन-जन के प्यारे   बापू हमारे।3.कत्ल हो गया   अहिंसा का पुजारी,   अभागे हम।4.बापू का मान   हमारा अभिमान,   अब तो मानो।5.अस्सी थी उ... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   6:12pm 2 Oct 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अल्ज़ाइमर ******* सड़क पर से गुज़रती हुई   जाने मैं किधर खो गई    घर-रास्ता-मंज़िल, सब अनचिन्हा-सा है   मैं बदल गई हूँ, या फिर दुनिया बदल गई है!   धीरे-धीरे सब विस्मृत हो रहा है   मस्तिष्क साथ छोड़ रहा है   या मैं मस्तिष्क की ऊँगली छोड़ रही हूँ!   कुछ भूल जाती ह... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   2:36pm 21 Sep 2020 #विश्व अल्ज़ाइमर दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अल्ज़ाइमर ******* सड़क पर से गुज़रती हुई   जाने मैं किधर खो गई    घर-रास्ता-मंज़िल, सब अनचिन्हा-सा है   मैं बदल गई हूँ, या फिर दुनिया बदल गई है!   धीरे-धीरे सब विस्मृत हो रहा है   मस्तिष्क साथ छोड़ रहा है   या मैं मस्तिष्क की ऊँगली छोड़ रही हूँ!   कुछ भूल जाती ह... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:36pm 21 Sep 2020 #विश्व अल्ज़ाइमर दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 यादें, न आओ*******1. मीठी-सी बात   पहली मुलाक़ात   आई है याद!   2. दुखों का सर्प   यादों में जाके बैठा   डंक मारता!   3. गहरे खुदे   यादों की दीवार पे   जख्मों के निशाँ!   4. तुम भी भूलो,   मत लौटना यादें,   हमें जो भूले! 5. पराए रिश्ते   रोज़ ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   4:38pm 15 Sep 2020 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
बारहमासी******* रग-रग में दौड़ा मौसम   रहा न मन अनाड़ी   मौसम का है खेल सब   हम ठहरे इसके खिलाड़ी।   आँखों में भदवा लगा   जब आया नाचते सावन   जीवन में उगा जेठ   जब सूखा मन का आँगन।   आया फगुआ झूम-झूम के   तब मन हो गया बैरागी   मुँह चिढ़ाते कार्तिक आ... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   12:23pm 9 Sep 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
परी******* दुश्वारियों से जी घबराए   जाने क़यामत कब आ जाए   मेरे सारे राज़, तुम छुपा लो जग से   मेरा उजड़ा मन, बसा लो मन में ।   पूछे कोई कि तेरे मन में है कौन   कहना कि एक थी परी, गुलाम देश की रानी   अपने परों से उड़कर, जो मेरे सपने में आई   किसी से न कहना, उस परी क... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   6:03pm 3 Sep 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ज़िन्दगी के सफ़हे ******* ज़िन्दगी के सफ़हे पर   चिंगारी धर दी किसी ने   जो सुलग रही है धीरे-धीरे   मौसम प्रतिकूल है   आँधियाँ विनाश का रूप ले चुकी हैं   सूरज झुलस रहा है   हवा और पानी का दम घुट रहा है   सन्नाटों से भरे इस दश्त में   क्या ज़िन्दगी के सफ़हे... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   4:50pm 30 Aug 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रूह (10 क्षणिकाएँ) ******* 1. कील ******* मन के नाज़ुक तहों में   कभी एक कील चुभी थी   जो बाहर न निकल सकी   वह बारहा टीस देती है   जब-जब दूसरी नई कील   उसे और अंदर बेध देती है !   2. काँटे ******* तमाम उम्र जिंदगी से काँटे छाँटती रही   ताकि जिंदगी बस फूल ही फूल ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   12:38pm 20 Aug 2020 #चिन्तन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
विदा ******* उम्र के बेहिसाब लम्हे   जाने कैसे ख़र्च हो गए    बदले में मिले ज़िन्दगी के छल   एकांत के अनेकों कठोर पल   जब न सुनने वाला कोई, न समझाने वाला कोई   न पास आने वाला, न दूर जाने वाला कोई   न संगी न साथी, न रिश्ते न रिश्तेदारी   अपनी नीरवता में ख़ुद क... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   6:30pm 12 Aug 2020 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पहचाना जाएगा******* वक़्त मुट्ठी से फिसलता, जीवन कैसे पहचाना जाएगा   कौन किसको देखे यहाँ, कोई कैसे पहचाना जाएगा!   ज़मीर कब कहाँ मरा, ये अब दिखाएगा कौन भला   हर शीशे में कालिख पुता, चेहरा कैसे पहचाना जाएगा!   कौन किसका है सगा, भला यह कौन किसको बताएगा   आईने में ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   8:57am 26 Jul 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
चिड़िया फूल या तितली होती ******* अक्सर पूछा   खुद से ही सवाल   जिसका हल   नहीं किसी के पास,   मैं ऐसी क्यों हूँ ?   मैं चिड़िया क्यों नहीं   या कोई फूल   या तितली ही होती,   यदि होती तो   रंग-बिरंगे होते   मेरे भी रूप   सबको मैं लुभाती   हवा के ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:27pm 20 Jul 2020 #प्रकृति
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
चिड़िया फूल या तितली होती ******* अक्सर पूछा   खुद से ही सवाल   जिसका हल   नहीं किसी के पास,   मैं ऐसी क्यों हूँ ?   मैं चिड़िया क्यों नहीं   या कोई फूल   या तितली ही होती,   यदि होती तो   रंग-बिरंगे होते   मेरे भी रूप   सबको मैं लुभाती   हवा के ... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   5:27pm 20 Jul 2020 #प्रकृति
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