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Blog: लम्हों का सफ़र

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्मृति में तुम (11 हाइकु)*******1. स्मृति में तुम   जैसे फैला आकाश   सुवासित मैं।   2. क्षणिक प्रेम   देता बड़ा आघात   रोता है मन।   3. अधूरी चाह   भटकता है मन   नहीं उपाय।   4. कई सवाल   सभी अनुत्तरित,   किससे पूछें?   5. मेरे सवाल   उलझात... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   1:12pm 14 Jun 2021 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पुनर्जीवित ******* मैं पुनर्जीवित होना चाहती हूँ   अपने मन का करना चाहती हूँ   छूटते संबंध टूटते रिश्ते   वापस पाना चाहती हूँ   वह सब जो निषेध रहा   अब करना चाहती हूँ   आख़िरी पड़ाव पर पहुँचने के लिए   अपने साये के साथ नहीं   आँख मूँद किसी हाथ को था... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   6:18pm 9 Jun 2021 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पर्यावरण (20 हाइकु) ******* 1. द्रौपदी-धरा   दुशासन मानव   चीर हरण।   2. पाँचाली-सी भू   कन्हैया भेजो वस्त्र   धरा निर्वस्त्र।   3. पेड़ ढकती   ख़ामोश-सी पत्तियाँ   करें न शोर।   4. वृद्ध पत्तियाँ   चुपके झरी, उगी   नई पत्तियाँ।   5.   प... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   5:54pm 5 Jun 2021 #प्रकृति
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीने का करो जतन ******* काँटों की तक़दीर में, नहीं होती कोई चुभन   दर्द है फूलों के हिस्से, मगर नहीं देते जलन।   शमा तो जलती है हर रात, ग़ैरों के लिए   ख़ुद के लिए जीना, बस इंसानों का है चलन।   तमाम उम्र जो बोते रहे, पाई-पाई की फ़सल   बारहा मिलता नहीं, वक़्त-ए-आख़िर उनको ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   4:30pm 4 Jun 2021 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अब डर नहीं लगता ******* अब डर नहीं लगता!   न हारने को कुछ शेष   न किसी जीत की चाह   फिर किस बात से डरना?   सब याद है   किस-किस ने प्यार किया   किस-किस ने दुत्कारा   किस-किस ने छला   किस-किस ने तोड़ा   किस-किस को पुकारा   किस-किस ने मुँह फेरा   सब के स... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   3:26pm 18 May 2021 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 कोरोना ******* 1. ओ कोरोना,   है कैसा व्यापारी तू   लाशों का करता व्यापार तू   और कितना रुलाएगा   कब तक यूंँ तड़पाएगा   हिम्मत हार गया संसार   नतमस्तक सारा संसार   लाशों से ख़ज़ाना तूने भर लिया   हर मौत का इल्ज़ाम तूने ले लिया   पर यम भी अब घबरा र... Read more
clicks 277 View   Vote 0 Like   7:03pm 30 Apr 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
प्रेम में होना   *******   प्रेम की पराकाष्ठा कहाँ तक   बदन के घेरों में   या मन के फेरों में?   सुध-बुध बिसरा देना प्रेम है   या फिर स्वयं का बोध होना प्रेम है,   अनकहा प्रेम भी होता है   न मिलाप न अधिकार   पर प्रेम है कि बहता रहता है   अविरल अविचलित,&n... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   5:48pm 18 Apr 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ज़िन्दगी भी ढलती है ******* पीड़ा धीरे-धीरे पिघल, आँसुओं में ढलती है   वक़्त की पाबन्दी है, ज़िन्दगी भी ढलती है।   अजब व्यथा है, सुबह और शाम मुझमें नहीं   बस एक रात ही तो है, जो मुझमें जगती है।   चाहके भी समेट न पाई, तक़दीर अपनी   बामुश्किल बसर हो जो, ज़िन्दगी क्यों ... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   5:41pm 9 Apr 2021 #तुकबन्दी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
होली मइया (होली पर 21 हाइकु) ******* 1. उन्मुक्त रंग   ऋतुराज बसंत   फगुआ गाते।   2. बंधन मुक्त   भेदभाव से मुक्त,   होली संदेश।   3. फगुआ आया   फूलों ने खिलकर   रंग बिखेरा।   4. घुँघट काढ़े   पी की राह अगोरे   बावरी प्रिया।   5. कैसी ये ... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   8:12am 29 Mar 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रिश्ते हैं फूल (रिश्ता पर 20 सेदोका)******* 1. रिश्ते हैं फूल   भौतिकता ने छीने   रिश्तों के रंग-गंध   मुरझा गए   नहीं कोई उपाय   कैसे लौटे सुगंध।   2. रिश्ते हैं चाँद   समय है बादल   ओट में जाके छुपा   समय स्थिर   ओझल हुए रिश्ते   अमावस पसरी।&... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   5:36pm 12 Mar 2021 #सेदोका
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अब नहीं हारेगी औरत******* जीवन के हर जंग में हारती है औरत   ख़ुद से लड़ती-भिड़ती हारती है औरत   सुख समेटते-समेटते हारती है औरत   दुःख छुपाते-छुपाते हारती है औरत   भावनाओं के जाल में उलझी हारती है औरत   मन पर पैबंद लगाते-लगाते हारती है औरत   टूटे रिश्तों को जो... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   5:08pm 8 Mar 2021 #महिला दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
भोर की वेला ******* 1. माँ-सी जगाएँ   सुनहरी किरणें   भोर की वेला।   2. पाखी की टोली   भोरे-भोरे निकली   कर्म निभाने।   3. किरणें बोलीं -   जाओ, काम पे जाओ   पानी व पाखी।   4. सूरज जागा   आँख मिचमिचाता   जग भी जागा।   5. नया जीवन,   प्र... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   4:19pm 27 Jan 2021 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
बात इतनी सी है ******* चले थे साथ बात इतनी सी है   जिए पर तन्हा बात इतनी सी है।   वे मसरूफ़ रहते तो बात न थी   मग़रूर हुए बात इतनी सी है।   मुफ़लिसी के दिन थे पर कपट न की   ग़ैरतमंद हूँ बात इतनी सी है।   झूठे भ्रम में जीया जीवन मैंने   कोई न अपना बात इतनी सी है।&nbs... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   7:06pm 19 Jan 2021 #तुकबन्दी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आकुल ******* 1. जीवन जब आकुल है   राह नहीं दिखती   मन होता व्याकुल है।   2. हर बाट छलावा है   चलना ही होगा   पग-पग पर लावा है।   3. रूठे मेरे सपने   अब कैसे जीना   भूले मेरे अपने।   4. जो दूर गए मुझसे   सुध ना ली मेरी   क्या पीर कहूँ उनसे।  &nb... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   5:36pm 11 Jan 2021 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कम्फ़र्ट ज़ोन से बाहर ******* कम्फ़र्ट ज़ोन से बाहर   जोखिमों की लम्बी क़तार को   बच-बचाकर लाँघ जाना,   क्या इतना आसान है   बिना लहूलुहान पार करना?   हर एक लम्हा संघर्ष है   क़दम-क़दम पर द्वेष है   यकीन करना बेहद कठिन है   विश्वास पल-पल दम तोड़ता है  &nbs... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   8:32pm 6 Jan 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कहानियाँ  *******1.छोटे-छोटे लम्हों में   यादों की ढेरों कतरन हैं   सबको इकट्ठाकर   छोटी-छोटी कहानी रचती हूँ   अकेलेपन में   यादों से कहानियाँ निकल   मेरे चेहरे पे खिल जाती हैं।   2. मेरे युग के प्रारम्भ से   मेरे युग के अंत तक की   कथा लिख दी किस... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   6:49pm 4 Jan 2021 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नूतन साल *******1. दसों दिशाएँ   करती हैं स्वागत   नूतन वर्ष।   2. देकर दुःख   बीता पुराना साल   बेवफ़ा जैसे।   3. आई द्वार पे   उम्मीद की किरणें   नया बरस।   4. विस्मृत करें   बीते साल की चालें   मन के छाले।   5. डर से भागा,   आया जो नव ... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   4:19pm 1 Jan 2021 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नूतन वर्ष*******1. दसों दिशाएँ   करती हैं स्वागत   नूतन वर्ष।   2. देकर दुःख   बीता पुराना साल   बेवफ़ा जैसे।   3. आई द्वार पे   उम्मीद की किरणें   नया बरस।   4. विस्मृत करें   बीते साल की चालें   मन के छाले।   5. डर से भागा,   आया जो नव व... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   4:19pm 1 Jan 2021 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
मुट्ठी से फिसल गया ******* निःसंदेह, बीता कल नहीं लौटेगा   जो बिछड़ गया, अब नहीं मिलेगा   फिर भी रोज़-रोज़ बढ़ती है आस   कि शायद मिल जाए वापस   जो जाने अनजाने, बंद मुट्ठी से फिसल गया।   खुशियों की ख़्वाहिश. गो दुखों की है फ़रमाइश   पर मन समझता नहीं, हर पल ख़ुद से उल... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   7:12pm 30 Dec 2020 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
तकरार ******* आत्मा और बदन में तकरार जारी है,   बदन छोड़कर जाने को आत्मा उतावली है   पर बदन हार नहीं मान रहा   आत्मा को मुट्ठी से कसके भींचे हुए है   थक गया, मगर राह रोके हुए है।   मैं मूकदर्शक-सी   दोनों की हाथापाई देखती रहती हूँ,   कभी-कभी गुस्सा होत... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   4:54pm 20 Dec 2020 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 गंगा *******1. चल पड़ी हूँ   सागर से मिलने   गंगा के संग।   2. जीवन गंगा   सागर यूँ ज्यों कज़ा   अंतिम सत्य।   3. मुक्ति है देती   पाप पुण्य का भाव   गंगा है न्यारी।   4. सब समाया   जीवन और मृत्यु   गंगा की गोद।   5. हम हैं पापी  &nbs... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   9:44am 18 Dec 2020 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पत्थर या पानी *******  मेरे अस्तित्व का प्रश्न है -   मैं पत्थर बन चुकी या पानी हूँ?   पत्थरों से घिरी मैं, जीवन भूल चुकी हूँ   शायद पत्थर बन चुकी हूँ   फिर हर पीड़ा, मुझे रूलाती क्यो है?   हर बार पत्थरों को धकेलकर   जिधर राह मिले, बह जाती हूँ   शायद पानी ब... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   6:46pm 12 Dec 2020 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्त्री हूँ (10 क्षणिकाएँ) ******* 1. अकेली   *** रह जाती हूँ   बार-बार   हर बार   बस अपने साथ   मैं, नितांत अकेली!   2. भूल जाओ *** सपने तो बहुत देखे   पर उसे उगाने के लिए   न ज़मीन मिली   न मैंने माँगी   सपने तो सपने हैं   सच कहाँ होते ... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   6:11pm 2 Dec 2020 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
दागते सवाल ******* यही तो कमाल है   सात समंदर पार किया, साथ समय को मात दी   फिर भी कहते हो -   हम साथ नहीं चलते हैं।   हर स्वप्न को, बड़े जतन से ज़मींदोज़ किया   टूटने की हद तक, ख़ुद को लुटा दिया   फिर भी कहते हो -   हम साथ नहीं देते हैं।   अविश्वास की नदी, अविर... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   3:32pm 25 Nov 2020 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
भटकना ******* सारा दिन भटकती हूँ   हर एक चेहरे में, अपनों को तलाशती हूँ   अंतत: हार जाती हूँ   दिन थक जाता है, रात उदास हो जाती है!   हर दूसरे दिन फिर से   वही तलाश, वही थकान   वही उदासी, वही भटकाव   अंततः कहीं कोई नहीं मिलता!   समझ में अब आ गया है   को... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   7:31am 23 Nov 2020 #जीवन
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