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Blog: लम्हों का सफ़र

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कुछ क्षणिकाएँ ( 8 क्षणिका) *******1.नाजुक टहनी *******हम सपने बीनते रहे   जो टूटकर गिरे थे   आसमान की शाखों से   जिसे बुनकर हम ओढ़ा आए थे   आसमान को कभी   ज़रा-सी धूप हवा पानी के वास्ते,   आसमान की नाज़ुक टहनी   सँभाल न सकी थी   मेरे सपनों को। _______________________2.हदब... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   8:34pm 1 Sep 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पापा ******* ख़ुशियों में रफ़्तार है इक   सारे ग़म चलते रहे   तुम्हारे जाने के बाद भी   यह दुनिया चलती रही और हम चलते रहे   जीवन का बहुत लम्बा सफ़र तय कर चुके   एक उम्र में कई सदियों का सफ़र कर चुके   अब मम्मी भी न रही   तमाम पीड़ाओं से मुक्त हो गई   तुमसे ज़... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   6:55pm 17 Jul 2021 #पुण्यतिथि
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 योग ******* जीवन जीना सरल बहुत   अगर समझ लें लोग   करें सदा मनोयोग से   हर दिन थोड़ा योग।   हजारों सालों की विद्या   क्यों लगती अब ढोंग   आओ करें मिलकर सभी   पुनर्जीवित ये योग।   साँसे कम होतीं नहीं   जो करते रहते योग   हमको करना था यहाँ   अ... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   5:36pm 21 Jun 2021 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ओ पापा! ******* ओ पापा!   तुम गए   साथ ले गए   मेरा आत्मबल   और छोड़ गए मेरे लिए   पथरीले रास्ते   जिसपर चलकर   मेरा पाँव ही नहीं मन भी   छिलता रहा है   अब तुम्हारी यादें और सोच   मन में संचितकर   भरना है स्वयं में आत्मविश्वास   और चल पड़ना ह... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   9:35am 20 Jun 2021 #पिता दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
एक गुलमोहर का इन्तिज़ार है ******* उम्र के सारे वसंत वार दिए   रेगिस्तान में फूल खिला दिए   जद्दोजहद चलती रही एक अदद घर की   रिश्तों को सँवारने की   हर डग पर चाँदनी बिखराने की   हर कण में सूरज उगाने की   अंततः मकान तो घर बना   परन्तु किसी कोने पर मेरा कोई... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   7:23pm 17 Jun 2021 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्मृति में तुम (11 हाइकु)*******1. स्मृति में तुम   जैसे फैला आकाश   सुवासित मैं।   2. क्षणिक प्रेम   देता बड़ा आघात   रोता है मन।   3. अधूरी चाह   भटकता है मन   नहीं उपाय।   4. कई सवाल   सभी अनुत्तरित,   किससे पूछें?   5. मेरे सवाल   उलझात... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   1:12pm 14 Jun 2021 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पुनर्जीवित ******* मैं पुनर्जीवित होना चाहती हूँ   अपने मन का करना चाहती हूँ   छूटते संबंध टूटते रिश्ते   वापस पाना चाहती हूँ   वह सब जो निषेध रहा   अब करना चाहती हूँ   आख़िरी पड़ाव पर पहुँचने के लिए   अपने साये के साथ नहीं   आँख मूँद किसी हाथ को था... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   6:18pm 9 Jun 2021 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पर्यावरण (20 हाइकु) ******* 1. द्रौपदी-धरा   दुशासन मानव   चीर हरण।   2. पाँचाली-सी भू   कन्हैया भेजो वस्त्र   धरा निर्वस्त्र।   3. पेड़ ढकती   ख़ामोश-सी पत्तियाँ   करें न शोर।   4. वृद्ध पत्तियाँ   चुपके झरी, उगी   नई पत्तियाँ।   5.   प... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   5:54pm 5 Jun 2021 #प्रकृति
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीने का करो जतन ******* काँटों की तक़दीर में, नहीं होती कोई चुभन   दर्द है फूलों के हिस्से, मगर नहीं देते जलन।   शमा तो जलती है हर रात, ग़ैरों के लिए   ख़ुद के लिए जीना, बस इंसानों का है चलन।   तमाम उम्र जो बोते रहे, पाई-पाई की फ़सल   बारहा मिलता नहीं, वक़्त-ए-आख़िर उनको ... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   4:30pm 4 Jun 2021 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अब डर नहीं लगता ******* अब डर नहीं लगता!   न हारने को कुछ शेष   न किसी जीत की चाह   फिर किस बात से डरना?   सब याद है   किस-किस ने प्यार किया   किस-किस ने दुत्कारा   किस-किस ने छला   किस-किस ने तोड़ा   किस-किस को पुकारा   किस-किस ने मुँह फेरा   सब के स... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   3:26pm 18 May 2021 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 कोरोना ******* 1. ओ कोरोना,   है कैसा व्यापारी तू   लाशों का करता व्यापार तू   और कितना रुलाएगा   कब तक यूंँ तड़पाएगा   हिम्मत हार गया संसार   नतमस्तक सारा संसार   लाशों से ख़ज़ाना तूने भर लिया   हर मौत का इल्ज़ाम तूने ले लिया   पर यम भी अब घबरा र... Read more
clicks 324 View   Vote 0 Like   7:03pm 30 Apr 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
प्रेम में होना   *******   प्रेम की पराकाष्ठा कहाँ तक   बदन के घेरों में   या मन के फेरों में?   सुध-बुध बिसरा देना प्रेम है   या फिर स्वयं का बोध होना प्रेम है,   अनकहा प्रेम भी होता है   न मिलाप न अधिकार   पर प्रेम है कि बहता रहता है   अविरल अविचलित,&n... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   5:48pm 18 Apr 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ज़िन्दगी भी ढलती है ******* पीड़ा धीरे-धीरे पिघल, आँसुओं में ढलती है   वक़्त की पाबन्दी है, ज़िन्दगी भी ढलती है।   अजब व्यथा है, सुबह और शाम मुझमें नहीं   बस एक रात ही तो है, जो मुझमें जगती है।   चाहके भी समेट न पाई, तक़दीर अपनी   बामुश्किल बसर हो जो, ज़िन्दगी क्यों ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:41pm 9 Apr 2021 #तुकबन्दी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
होली मइया (होली पर 21 हाइकु) ******* 1. उन्मुक्त रंग   ऋतुराज बसंत   फगुआ गाते।   2. बंधन मुक्त   भेदभाव से मुक्त,   होली संदेश।   3. फगुआ आया   फूलों ने खिलकर   रंग बिखेरा।   4. घुँघट काढ़े   पी की राह अगोरे   बावरी प्रिया।   5. कैसी ये ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   8:12am 29 Mar 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रिश्ते हैं फूल (रिश्ता पर 20 सेदोका)******* 1. रिश्ते हैं फूल   भौतिकता ने छीने   रिश्तों के रंग-गंध   मुरझा गए   नहीं कोई उपाय   कैसे लौटे सुगंध।   2. रिश्ते हैं चाँद   समय है बादल   ओट में जाके छुपा   समय स्थिर   ओझल हुए रिश्ते   अमावस पसरी।&... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   5:36pm 12 Mar 2021 #सेदोका
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अब नहीं हारेगी औरत******* जीवन के हर जंग में हारती है औरत   ख़ुद से लड़ती-भिड़ती हारती है औरत   सुख समेटते-समेटते हारती है औरत   दुःख छुपाते-छुपाते हारती है औरत   भावनाओं के जाल में उलझी हारती है औरत   मन पर पैबंद लगाते-लगाते हारती है औरत   टूटे रिश्तों को जो... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:08pm 8 Mar 2021 #महिला दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
भोर की वेला ******* 1. माँ-सी जगाएँ   सुनहरी किरणें   भोर की वेला।   2. पाखी की टोली   भोरे-भोरे निकली   कर्म निभाने।   3. किरणें बोलीं -   जाओ, काम पे जाओ   पानी व पाखी।   4. सूरज जागा   आँख मिचमिचाता   जग भी जागा।   5. नया जीवन,   प्र... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   4:19pm 27 Jan 2021 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
बात इतनी सी है ******* चले थे साथ बात इतनी सी है   जिए पर तन्हा बात इतनी सी है।   वे मसरूफ़ रहते तो बात न थी   मग़रूर हुए बात इतनी सी है।   मुफ़लिसी के दिन थे पर कपट न की   ग़ैरतमंद हूँ बात इतनी सी है।   झूठे भ्रम में जीया जीवन मैंने   कोई न अपना बात इतनी सी है।&nbs... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   7:06pm 19 Jan 2021 #तुकबन्दी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आकुल ******* 1. जीवन जब आकुल है   राह नहीं दिखती   मन होता व्याकुल है।   2. हर बाट छलावा है   चलना ही होगा   पग-पग पर लावा है।   3. रूठे मेरे सपने   अब कैसे जीना   भूले मेरे अपने।   4. जो दूर गए मुझसे   सुध ना ली मेरी   क्या पीर कहूँ उनसे।  &nb... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   5:36pm 11 Jan 2021 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कम्फ़र्ट ज़ोन से बाहर ******* कम्फ़र्ट ज़ोन से बाहर   जोखिमों की लम्बी क़तार को   बच-बचाकर लाँघ जाना,   क्या इतना आसान है   बिना लहूलुहान पार करना?   हर एक लम्हा संघर्ष है   क़दम-क़दम पर द्वेष है   यकीन करना बेहद कठिन है   विश्वास पल-पल दम तोड़ता है  &nbs... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   8:32pm 6 Jan 2021 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कहानियाँ  *******1.छोटे-छोटे लम्हों में   यादों की ढेरों कतरन हैं   सबको इकट्ठाकर   छोटी-छोटी कहानी रचती हूँ   अकेलेपन में   यादों से कहानियाँ निकल   मेरे चेहरे पे खिल जाती हैं।   2. मेरे युग के प्रारम्भ से   मेरे युग के अंत तक की   कथा लिख दी किस... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   6:49pm 4 Jan 2021 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नूतन साल *******1. दसों दिशाएँ   करती हैं स्वागत   नूतन वर्ष।   2. देकर दुःख   बीता पुराना साल   बेवफ़ा जैसे।   3. आई द्वार पे   उम्मीद की किरणें   नया बरस।   4. विस्मृत करें   बीते साल की चालें   मन के छाले।   5. डर से भागा,   आया जो नव ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   4:19pm 1 Jan 2021 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नूतन वर्ष*******1. दसों दिशाएँ   करती हैं स्वागत   नूतन वर्ष।   2. देकर दुःख   बीता पुराना साल   बेवफ़ा जैसे।   3. आई द्वार पे   उम्मीद की किरणें   नया बरस।   4. विस्मृत करें   बीते साल की चालें   मन के छाले।   5. डर से भागा,   आया जो नव व... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   4:19pm 1 Jan 2021 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
मुट्ठी से फिसल गया ******* निःसंदेह, बीता कल नहीं लौटेगा   जो बिछड़ गया, अब नहीं मिलेगा   फिर भी रोज़-रोज़ बढ़ती है आस   कि शायद मिल जाए वापस   जो जाने अनजाने, बंद मुट्ठी से फिसल गया।   खुशियों की ख़्वाहिश. गो दुखों की है फ़रमाइश   पर मन समझता नहीं, हर पल ख़ुद से उल... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   7:12pm 30 Dec 2020 #व्यथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
तकरार ******* आत्मा और बदन में तकरार जारी है,   बदन छोड़कर जाने को आत्मा उतावली है   पर बदन हार नहीं मान रहा   आत्मा को मुट्ठी से कसके भींचे हुए है   थक गया, मगर राह रोके हुए है।   मैं मूकदर्शक-सी   दोनों की हाथापाई देखती रहती हूँ,   कभी-कभी गुस्सा होत... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   4:54pm 20 Dec 2020 #व्यथा
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