POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: किस्सा-कहानी

Blogger: vandana a dubey
(अब तक: सच्चाई जानने के बाद बड़के दादा ने तिवारी को बुला भेजा. इस अचानक बुलावे ने तिवारी जी को संशय में डाल दिया. घर आ के भी तिवारी जी को कुछ खबर न लगी कि हुआ क्या? बस सुमित्रा जी को आनन-फ़ानन साथ ले जाने का आदेश हो गया. अब आगे-)’दादी...... कब से ढूंढ रहां हूं आपको. आज लूडो नहीं खेलें... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   1:39pm 29 Aug 2019 #लघु उपन्यास
Blogger: vandana a dubey
(अब तक- आज कोई गम्भीर मसला सामने आने वाला था, तभी तो छोटी काकी ने घर के पुरुष वर्ग को नाश्ते के बाद चौके में ही रुके रहने को कहा था. क्या था ये मसला? पढ़िये-)घर के सारे आदमियों ने नाश्ता कर लिया तो काकी की आवाज़ गूंजी-’अबै उठियो नईं लला. बैठे रओ. कछु जरूरी बात करनै है तुम सें.’था... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   1:36pm 28 Aug 2019 #्लघु उपन्यासिका
Blogger: vandana a dubey
(पिछले अंक में-बड़े दादाजी की शादी का जब ज़िक्र चला तो सुमित्रा जी को तुरन्त कुन्ती की याद आई. कुन्ती, जिसके ब्याह के लिये बाउजी कब से परेशान थे. लेकिन मंगली होने के कारण कोई बढ़िया रिश्ता ही न मिल रहा था. अब आनन-फ़ानन रिश्ता तय हो गया. ब्याह की तैयारियां होने लगीं. अब आगे-)उधर जब ... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   1:40pm 27 Aug 2019 #्लघु उपन्यासिका
Blogger: vandana a dubey
(अब तक आपने पढ़ा......सुमित्रा जी यानी सीधी सरल महिला. लेकिन उनके जीवन में उनकी ही बहन कुन्ती ने उथल-पुथल मचा दी. तरह तरह के नुस्खे आजमाती कुन्ती और उन्हें झेलती सुमित्रा. आइये पढ़ें इन बहनों की ज़िन्दगी से जुड़े अन्य किस्से और शान्त करें अपनी जिज्ञासा)अज्जू ने आनन-फानन सुमित्र... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   1:35pm 26 Aug 2019 #लम्बी कहानी
Blogger: vandana a dubey
सुमित्रा जी का रहन सहन सब शुरु में ही जान गये थे. बड़े भाईसाब ने ताकीद कर दिया था सबको कि इतने बड़े अफ़सर के घर की पढ़ी-लिखी लड़की है सो कोई भी उल्टी-सीधी बात न हो उससे. तहसीलदार साब ने बड़े नाज़ों से पाला है अपनी बेटियों को, इस बात का भी ख़याल रखा जाये. उसे रसोई के अलावा और कोई काम न दि... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   1:58pm 25 Dec 2018 #
Blogger: vandana a dubey
“सुनिये, वो कुंती आयेगी एकाध दिन में...!” कहते हुए सकुचा गयीं सुमित्रा जी.“कौन, कुंती भाभी? हां तो आने दो न. उन्हें कौन रोक पाया है आने से? अरे हां, तुम अपनी चोटी, साड़ियां, और भी तमाम चीज़ों का ज़रा खयाल रखना ” होंठों की कोरों में मुस्कुराते हुए तिवारी जी बोले. “सब चीज़ों का खयाल र... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   3:17pm 23 Dec 2018 #धारावाहिक
Blogger: vandana a dubey
सुमित्राजीकेबड़ेभाई, यानीबड़केदादाकुंतीकीहरक़तोंकोसमझतेथे, लेकिनस्वभावसेयेभीसुमित्राजैसेहीथे, सोभरसकवेकुंतीकोसमझानेकीकोशिशहीकरते, येज़ाहिरकियेबिनाकिवेउसकीहरक़तताड़गयेहैं. बड़ीजिज्जीअम्माकेसाथरसोईमेंलगीरहतीथीं, सोउन्हेंफुरसतहीनहींथीइसपूरेझमेलेकोसमझन... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   1:17pm 22 Dec 2018 #धारावाहिक
Blogger: vandana a dubey
उत्तरप्रदेशकेएकछोटेसेकस्बे कीकहानीहैये. कस्बाछोटा, लेकिनरुतबेवालाथा. औरउससेभीअधिकरुतबेवालेथेवहांकेतहसीलदारसाब - केदारनाथपांडे. लम्बी-चौड़ीकदकाठीकेपांडेजीदेखनेमेंतहसीलदारकम, थानेदारज़्यादालगतेथे. बेहदईमानदारऔरशास्त्रोंकेज्ञातापांडेजीबेटोंसेज़्यादाअ... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   1:01pm 21 Dec 2018 #धारावाहिक
Blogger: vandana a dubey
“जिज्जी….. हमेंअपनेपासबुलालो…” बसयेएकवाक्यकहते-कहतेहीकुंतीकीआवाज़भर्रागयीथी. औरइसभर्राईआवाज़नेसुमित्राजीकोविचलितकरदिया. मनउद्विग्नहोगयाउनका, जैसाकिहमेशाहोताहै. जितनीपरेशानकुंतीन  होरहीहोंगीं, उतनीसुमित्राजीहोगयीथीं. मोबाइलपरतोबसइतनाहीकहपाईं-“ काहु... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   1:24pm 20 Dec 2018 #भदूकड़ा
Blogger: vandana a dubey
जब भी लघु कथाएं पढ़ती हूं, तो चकित होती हूं कि कैसे कोई इतनी बड़ी-बड़ी बातें, जिन्हें लिखने में कहानीकार पृष्ठ दर पृष्ठ भरता चला जाता है, चंद शब्दों में व्यक्त कर पाता है? वो भी इस विशेषज्ञता के साथ कि भाव कहीं भी अपना अर्थ नहीं खोते. दीपक मशाल उन्हीं चंद लघुकथाकारों में से है... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   2:18pm 18 Apr 2017 #दीपक मशाल
Blogger: vandana a dubey
“कहां जा रही मुनिया?”“सहेली के यहां”“अकेली?, भैया को लेती जाओ. न हो तो कल चली जाना. अभी इतना अंधेरा हो गया, लौटते-लौटते तो रात हो जायेगी.”इतनी शाम गये, मुनिया को तैयार हो, अकेले घर से निकलते देख बाबूजी टोक बैठे.मुनिया कोई जवाब दिये बिना पलटी, और पांव पटकते हुए अन्दर चली गयी. ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   1:27pm 5 Feb 2017 #कहानी तुलसी
Blogger: vandana a dubey
लगातार बजती फोन की घंटी से झुंझला गयी थीं आभा जी. अभी पूजा करने बैठी ही थीं, कि फोन बजने लगा. एक बार टाल गयीं, दो बार टाल गयीं लेकिन तीसरी बार उठना ही पड़ा. अब उठने –बैठने में दिक़्क़त भी तो होती है न!! एक बार बैठ जायें, तो काम पूरा करके ही उठने का मन बनाती हैं आभा जी.  बार-बार उठक-... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   1:24pm 26 Nov 2016 #कहानी
Blogger: vandana a dubey
" How will you calculate the atomic mass of chlorine? ""-------------------------------------------------------"" नहीं  जानते ? "---------------------------------------------" A bus starting from rest moves with a uniform acceleration of 0.1ms-2 for 2 minutes , find the speed acquired , and the distance travelled..""-------------------------------------------------"" जल्दी सॉल्व करो इसे."................................................" अरे! क्या हुआ? नहीं बनता? ""..............................................."" हद है! न कैमिस्ट्री न फिजिक्स ! क... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   3:07pm 29 May 2013 #कहानी
Blogger: vandana a dubey
इक बार कहो तुम मेरी हो........-----------------------------------हम घूम चुके बस्ती-वन मेंइक आस का फाँस लिए मन मेंकोई साजन हो, कोई प्यारा होकोई दीपक हो, कोई तारा होजब जीवन-रात अंधेरी होइक बार कहो तुम मेरी होजब सावन-बादल छाए होंजब फागुन फूल खिलाए होंजब चंदा रूप लुटाता होजब सूरज धूप नहाता होया शाम ने ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   11:57am 2 Mar 2013 #
Blogger: vandana a dubey
कोई मुम्बई जाये और हाज़ी अली की दरगाह पर ना जाये ऐसा हो सकता है क्या? हम भी पूरे भक्ति भाव से दरगाह पर गये।समंदर के बीच स्थित यह दरगाह सिद्ध दरगाहों में से एक मानी जाती है। समुन्दर के पानी को काट कर बनाया गया यह पवित्र स्थल लोगों ने इतना अपवित्र कर रखा है, कि दरगाह के प्रवे... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   12:47pm 2 Jul 2012 #
Blogger: vandana a dubey
सुप्रसिद्ध शायर/शिक्षाविद शहरयार साहब अब हमारे बीच नहीं हैं. लम्बी बीमारी के बाद कल रात उनका निधन हो गया. वे ७६ वर्ष के थे. यह रचना श्रद्धान्जलि-स्वरूप.शहरयार : एक परिचय16 जून 1936-13 फरवरी, 2012वास्तविक नाम : डॉ. अखलाक मोहम्मद खानउपनाम : शहरयारजन्म स्थान : आंवला, बरेली, उत्तरप्रद... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   12:02pm 14 Feb 2012 #ग़ज़ल
Blogger: vandana a dubey
मध्ययुगीन साधकों में संत रैदास का विशिष्ट स्थान है। निम्नवर्ग में समुत्पन्न होकर भी उत्तम जीवन शैली, उत्कृष्ट साधना-पद्धति और उल्लेखनीय आचरण के कारण वे आज भी भारतीय धर्म-साधना के इतिहास में आदर के साथ याद किए जाते हैं।संत रैदास भी कबीर-परंपरा के संत हैं। संत रैदास या ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:21am 7 Feb 2012 #
Blogger: vandana a dubey
(अपने दूसरे ब्लॉग " अपनी बात..." पर मैने श्री हरिशंकर परसाई जी से जुड़ा अपना संस्मरण पोस्ट किया तो उसमें वसुधा में प्रकाशित कहानी का भी ज़िक्र आया. मेरे कई मित्रों ने उस कहानी को पोस्ट करने का आग्रह किया. तो लीजिये, आप सबकी फ़रमाइश पर ..... १९८७ में लिखी और वसुधा में परसाई जी द... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   6:27am 7 Nov 2011 #कहानी
Blogger: vandana a dubey
"नमस्ते अम्मां जी"" कौन? अरे कमला! आओ-आओ"खुद को समेटती हुई कमला, सुधा जी की बग़ल से होती हुई सामने आई और पूरे श्रद्धाभाव से उनकी चरण-वंदना की." आज इस तरफ़ कैसे?"" मामी के हियां आई थी, उनकी बिटिया का गौना रहा. हम तो पहलेई सोच लिये थे कि लौटते बखत आपसे मिलनई है. "कमला ने विनीत मुस्का... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   5:54pm 16 Aug 2011 #कहानी
Blogger: vandana a dubey
मेरा पसंदीदा गीत है ये, राष्ट्रगीत की तरह.....हम देखेंगेलाज़िम है कि हम भी देखेंगेवो दिन के जिसका वादा हैजो लौहे-अज़ल में लिखा हैजब ज़ुल्मो-सितम के कोहे-गराँरुई की तरह उड़ जायेंगेहम महकूमों के पाँव तलेजब धरती धड़-धड़ धड़केगीऔर अहले-हिकम के सर ऊपरजब बिजली कड़कड़ कड़केगी... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   6:14pm 14 Aug 2011 #गीत
Blogger: vandana a dubey
"नमस्ते अम्मां जी"" कौन? अरे कमला! आओ-आओ"खुद को समेटती हुई कमला, सुधा जी की बग़ल से होती हुई सामने आई और पूरे श्रद्धाभाव से उनकी चरण-वंदना की." आज इस तरफ़ कैसे?"" मामी के हियां आई थी, उनकी बिटिया का गौना रहा. हम तो पहलेई सोच लिये थे कि लौटते बखत आपसे मिलनई है. "कमला ने विनीत मुस्का... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   1:56pm 7 Aug 2011 #
Blogger: vandana a dubey
सर्दियों कीगुनगुनी धूप सेंकतीं औरतें,उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ताकिसी घोटाले से,करोड़ों के घोटाले से,या उससे भी ज़्यादा के.गर्मियों की दोपहर मेंगपियाती , फ़ुरसत से एड़ियां रगड़ती औरतें,वे नहीं जानतींओबामा और ओसामा के बीच का फ़र्क,जानना भी नहीं चाहतीं.उन्हें उत्तेजि... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   3:03pm 28 Jun 2011 #
Blogger: vandana a dubey
"प्रिया...रूमाल कहां रख दिये? एक भी नहीं मिल रहा."" अरे! मेरा चश्मा कहाँ है? कहा रख दिया उठा के?"" टेबल पर मेरी एक फ़ाइल रखी थी, कहाँ रख दी सहेज के?"दौड़ के रूमाल दिया प्रिया ने.गिरते-पड़ते चश्मा पकड़ाया प्रिया ने.सामने रखी फ़ाइल उठा के दी प्रिया ने." ये क्या बना के रख दिया? पता नहीं... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   11:54am 22 Apr 2011 #कहानी
Blogger: vandana a dubey
टुकड़े-टुकड़े दिन बीता, धज्जी-धज्जी रात मिलीजिसका जितना आँचल था, उतनी ही सौगात मिलीरिमझिम-रिमझिम बूँदों में, ज़हर भी है और अमृत भीआँखें हँस दीं दिल रोया, यह अच्छी बरसात मिलीजब चाहा दिल को समझें, हँसने की आवाज़ सुनीजैसे कोई कहता हो, ले फिर तुझको मात मिलीमातें कैसी घातें ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   12:54pm 17 Apr 2011 #ग़ज़ल
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3991) कुल पोस्ट (195025)