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Blog: "प्रेम ही सत्य है"

Blogger: मीनाक्षी
जादुई आवाज़ के मालिक अमन साहब पाकिस्तान से हैं। अनदेखा अजनबी पठान जिन्हें मैं आज का मिर्ज़ा गालिब कहती हूँ बड़े बड़े शायरों के दीवान उन्हें  मुंह ज़ुबानी याद हैं, किस्से पे किस्सा कहते हुए उसी से जुड़ा हुआ शेर कह देना उनके लिए बेहद आसान है।  2020 की महामारी के दौरान हमारी म... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   3:44pm 3 May 2021 #पठान
Blogger: मीनाक्षी
meenakshi dhanwantri· पिया बिना by MeenuD... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   9:47am 26 Mar 2021 #
Blogger: मीनाक्षी
कॉरोना काल में ये सिद्ध हो गयाकि संगीत औषधि का काम करता है । StarMaker की App के जरिए खुद की सांस पर काबू पाकर जहां गीत गाने गुनगुनाने का आनंद मिला तो वहीं कितने ही ख़ूबसूरत सुरों को सुन कर उनमें डूब जाने का एहसास महसूस किया .हिंदी ब्लॉग जगत में कहानी, लेख, कविता या किसी भी विधा ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   9:05am 15 Oct 2020 #
Blogger: मीनाक्षी
आज भी माँ कहती है- “बेटी, कल्पनालोक में विचरण करना छोड़ दे, क्रियाशील हो जा, ज़िन्दगी और भी खूबसूरत दिखेगी” और मैं हमेशा की तरह सच्चे मन से माँ से ही नहीं अपने आप से भी वादा करती हूँकि धरातल पर उतर कर ज़िन्दगी के नए मायने तलाश करूँगीं  लेकिन ये तलाश कहाँ पूरी हो... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   7:42am 18 May 2020 #मेरी कविताएँ
Blogger: मीनाक्षी
महामारी के इस आलम में मन पंछी सोचे अकुला के छूटे रिश्तों  की याद सजा केख़ुद ही झुलूँ ज़ोर लगा के   आए अकेले , कोई ना अपना   साथ निभाते भरम पाल के !  ख़ुद से रूठो ख़ुद को मना के   स्नेह का धागा ख़ुद को बाँध के   यादों का झोंका आकर कहता    मस्त रह... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   4:19pm 15 May 2020 #मस्त
Blogger: मीनाक्षी
एक पुस्तक प्रेमी पाठक का कहना था - दूरदर्शन तो आँख को टिकने नहीं देता, किताब की पंक्ति पर तो आँखें रुक सकती हैं , पीछे पलट कर देख सकती हैं , पढ़ते पढ़ते आँखें नम हो जाए तो किताब तो प्रतीक्षा कर सकती है,  दूरदर्शन यंत्र कहाँ करेगा... * * * * * * * * * * साहित्य देश को गति देता है, उसे जीवन्त... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   7:52am 13 May 2020 #जीवन का रेखाचित्र
Blogger: मीनाक्षी
देश विदेश में रहने वाले सभी भारतवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं  देश के अंंदर बाहर तैनात जवानों और शहीदों के परिवाजनों को नत मस्तक प्रणाम ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   5:47am 26 Jan 2020 #
Blogger: मीनाक्षी
आभासी दुनिया में ब्लॉग जगत की अपनी अलग ही खूबसूरती है जो बार बार अपनी ओर खींचती हैअनायास..पुरानी यादों का दरिया बहता   चट्टानों सी दूरी से जा टकराता   भिगोता उदास दिल के किनारों को   अंकुरित होते जाते रूखे-सूखे ख़्याल   अतीत की ख़ुश्क बगिया खिल उठी ... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   8:07am 6 Jun 2018 #छन्दमुक्त
Blogger: मीनाक्षी
ब्लॉग जगत के सभी मित्रों को प्रणाम ! यहाँ सक्रिय होने का प्रयास सफल हो यही कामना है. इस कोशिश में शामिल होते हुए कुछ यादों को आज के दिन बाँटने का चाह जागी. इसमें कोई दो राय नहीं कि आभासी दुनिया में फेसबुक ने ब्लॉग जगत को पीछे छोड़ दिया है. ब्लॉगर ऐसा है जिसे ब्लॉग जगत से मोह ह... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   10:27am 1 Jul 2017 #
Blogger: मीनाक्षी
विश्व-पुस्तक मेला जनवरी 2017 बरसों बाद जब भारत आने का मौका मिला तो दिल्ली के पुस्तक मेले में जाने का संयोग मिलेगा सोचा नहीं था, पुस्तक मेले में जाने का पूरा क्रेडिट दोस्त रचना सिंंह को जाता है. इसी दोस्त की बदौलत मैट्रो का सफ़र करना भी आ गया. सन 2007 से अब तक ब्लॉग जगत की यही एक व... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   10:17am 1 Jul 2017 #
Blogger: मीनाक्षी
दुनिया एक किताबखाना है , हर शख्स यहाँ बेनाम किताब हैकिताबों की इस दुनिया में , दाना भी हैं औ'अनपढ़ बेहिसाब हैं !!कब से बैठे हैं ये शब्द बेरोज़गारख्वाब दे कुछ इन्हें , इनको कुछ काम देखुख़री सी आवाज़ वाले फ़ौजी गौतम राजर्षि से पहली बार मिलने का सुखद अनुभव हुआ हालाँकि कश्मीर म... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   9:25am 30 Jan 2017 #चर्चा
Blogger: मीनाक्षी
कब से बैठे हैं ये शब्द बेरोज़गारख्वाब दे कुछ इन्हें , इनको कुछ काम देखुख़री सी आवाज़ वाले फ़ौजी गौतम राजर्षि से पहली बार मिलने का सुखद अनुभव हुआ हालाँकि कश्मीर में आई बाढ़ के दिनों में चैट हुआ करती थी फिर भी आमने सामने मिलने की बात ही कुछ और होती है. उस  धारदार खरखरी आवाज़ ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   9:25am 30 Jan 2017 #
Blogger: मीनाक्षी
बादल, बिजली, बारिशऔर महफ़ूज़ घरों में हमसैनिक डटे सीमाओं परहर पल रखवाली में व्यस्त रखवाली में व्यस्त ना होते पस्तदुश्मन हो या हो क़ुदरत का अस्त्रअचल-अटल हिमालय जैसे डटे हुए बर्फ़ीले तूफ़ानों में गहरे दबे हुए आकुल-व्याकुल से नीचे धँसे हुएघुटती साँसों से लड़ते बर्फ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   8:35am 27 Jan 2017 #छंदमुक्त
Blogger: मीनाक्षी
दिल्ली से दुबई तक गणतंत्र दिवस का जश्न देखने और मनाने का आनंद अलग ही सुख दे रहा है. कई बरसों बाद पहली बार विश्व पुस्तक मेला देखा और अब गणतंत्र दिवस देखने का सौभाग्य मिला चाहे टीवी के सामने. दसवीं क्लास से कॉलेज ख़त्म होने तक हर साल परेड पर घर परिवार और मित्रों को लेकर जान... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   6:14am 26 Jan 2017 #गणतंत्र दिवस
Blogger: मीनाक्षी
सागर की लहरों से बतियाती रेत पर लकीरें खींचती पीठ करके बैठी कोस रही थी चिलचिलाती धूप को सूरज की तीखी किरणें तीलियों सी चुभ रहीं थींहवा भी लापरवाह अलसाई  हुई कहीं दुबकी हुई थी बैरन बनी चुपके से छिपकर कहीं से देख रही होगी सूरज के साथ मिल कर मुझे सता कर खुश होती है ... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   8:50pm 21 Jun 2016 #प्रकृति
Blogger: मीनाक्षी
ऑफिस से नीचे उतरते ही मैट्रो स्टेशन है. जहाँ से घर की दूरी चालीस मिनट की है. घर के पास वाला स्टेशन भी नज़दीक ही है. हर शाम पाँच बजे सीमा मदर डेरी में होती है. दूध , दही, सब्ज़ियाँ और फल लेकर ही घर जाती है. घर जाते ही फ्रेश होकर पहले अम्मा और अपने लिए चाय बनाती है. दोनों एक साथ चा... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   8:57am 14 Jun 2016 #आदर
Blogger: मीनाक्षी
शब्द शराब बनआँखों के ज़रिएउतरते हैं दिलऔर दिमाग़ मेंनशा ग़ज़ब चढ़तानस नस में उतरताधीरे धीरे असर होताशब्दों का, भावों काइसीलिए तो शब्द सबकेऔर अपने भी पी जाती हूँजो नशा बन छा जातेकरते जादू सा मुझ पर  कर देते मुझे मूक-मुग्ध !... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   4:59pm 27 May 2016 #जादू
Blogger: मीनाक्षी
मेरी यादों की गुल्लक में आज भी सालों पुराने ड्राफ्ट ताज़ा हैं. जैसे कल की बात हो जब ड्राइविंग लाइसेंस मिलने पर सबने दावत माँगी थी. दुबई में लाइसेंस मिलना आसान नहीं और मिल जाए तो फिर ड्राइविंग स्कूल में भी मिठाई बाँटनी पड़ती है. दस साल पहले तुकबन्दी की थी जो आज साझा करने... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   10:53am 21 May 2016 #दुबई
Blogger: मीनाक्षी
रात की  ख़ामोशी में कुछ गज़लें दूर किसी नई दुनिया में ले जातीं हैं... सुनिए और महसूस करके बताइए !ये शीशे, ये सपने, ये रिश्ते, ये धागे किसे क्या खबर है कहाँ टूट जाएँ  मुहब्बत के दरिया में तिनके वफा के ना जाने ये किस मोड़ पर डूब जाएँ.....   अजब दिल की वादी, अजब दिल की बस्ती हर एक ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   7:25pm 19 May 2016 #गज़ल
Blogger: मीनाक्षी
मीठी -सी माँ हैलोरी मिश्री सी घुलीप्यार की डली *********माँ की बिटियाप्यार दुलार पायासबल हुई । "मीनाक्षी धंवंतरि"... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:12am 16 May 2016 #हाइकु (त्रिपदम)
Blogger: मीनाक्षी
ब्लॉग़ जगत सागर जैसा विस्तार  लिए हुए अपनी ओर खींचता है बार बार हम पंछी से उड़ उड़ आते हैं हर बार फिर से लौटना हुआ पर क्या जानूँ कब तक रुकना होगा लेकिन हर बार लौटना रोमाँचित कर जाता है ! ... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   1:10pm 15 May 2016 #
Blogger: मीनाक्षी
नहीं जानती कि क्यों वक्त बेवक्त ब्लॉग़ पर आना हो पाता है ..चाह कर , सोच सोच कर भी न आने का कोई खास कारण नहीं है लेकिन ज़िन्दगी बेतरतीब सी है यह पता चलता है.खैर आज आने का खास कारण यह है कि जैसे ही मैंने अपना ब्लॉग खोला तो इस सन्देश को देख कर होश उड़ गए , कुछ समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों ... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   4:17pm 9 Sep 2015 #
Blogger: मीनाक्षी
अपराध बोध : अध्याय 1 : भयानक रातें               द्वारा तरुण रात का अंधेरा चारों ओर फैला हुआ था, रात के सन्नाटे को चीरती किसी उल्लू की आवाज कभी-कभी सुनायी पड़ रही थी। दूर दूर तक कुछ नजर नही आ रहा था, अशोक के कदम बड़ी तेजी से घर की तरफ बढ़ रहे थे। अचानक आसमान में बड़ी त... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   3:30am 30 Sep 2014 #बुनो कहानी
Blogger: मीनाक्षी
कारे कजरारे : अध्याय १ : परिवर्तन                      द्वारा शशि सिंह स्वाति फिर से अपने कमरे में गुमसुम-सी बैठी थी। उसकी मां रंजना हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी कि दो शब्द भी कह पाये। हो भी कैसे? उसके लाख मना करने के बाद भी लड़केवालों के सामने उसकी नुमाइश की गई। न... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   6:57am 24 Sep 2014 #बुनो कहानी
Blogger: मीनाक्षी
हर शाम जाते सूरज की बाँहों से किरणें मचल कर निकल जातीं...नन्हीं रंगबिरंगी सुनहरी किरणें बादलों के आँचल से लिपट जातीं...गुस्से में लाल पीला होता  सूरज उतरने लगता आसमान से नीचेगहराती सन्ध्या से सहमे बादल धकेल देते किरणों को उसके पीछे     ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   7:40am 17 Sep 2014 #क्षणिकाएँ
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