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Blog: चर्चामंच

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादनआज रविवार की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है( शीर्षक और भुमिका आदरणीया सुधा देवरानी जी की रचना से)"जन्म से ले ज्ञान पर,अंत सब बिसराव है।।शून्य से  हुआ शुरू,शून्य ही ठहराव है।।"जीवन दर्शन कराती सुधा जी की अति सुन्दर रचनाइस शाश्वत सत्य को स्वीकार ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   6:31pm 27 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
शीर्षक पंक्ति: आदरणीया जिज्ञासा सिंह जी की रचना से।  सादर अभिवादन.शनिवासरीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है.देरी के लिए क्षमा!लीजिए प्रस्तुत हैं चंद चुनिंदा रचनाएँ आज के अंक में-गीत "दुर्दशा,मेरे भारत-विशाल की" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')लिखने को बहुत कुछ है अगर ल... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   3:12am 27 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है एतबार अपने पे कम है चंपावत की क्रांति आभासी खनक पर सरकार का हथौड़ा 28 साल जो मिल न सका ★★★★★गर कुछ लिखा न जा सके ★★★★★वर्तमान में ठहरे मन जब★★★★★मेरी आँखों में कोई भी बुरा नहीं ★★★★★धन्यवाद दिलबागसिंह विर्क ****... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   8:30pm 25 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक और भुमिका आदरणीय शास्त्री सर जी की रचना से)कभी शुरुआत की शिक्षा, भुलायी तो नहीं जातीमगर बुनियाद की ईंटें, दिखायी तो नहीं जाती भवन निर्माण करना हो या व्यक्तित्व... नींव की भूमिका महत्वपूर्ण होती ... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   6:31pm 22 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादन। शुक्रवारीय  प्रस्तुति में आपका स्वागत है।  शीर्षक व काव्यांश आ.अमृता तन्मय जी की रचना 'प्रेम-प्रवण ' से -आर्य प्रिय वोजो तीक्ष्ण पीड़ा सेतृण तोड़करत्राण दे सकेऔर सुरभित कस्तूरी कोतेरे गोपित नाभि सेनीलिन होकर ले सकेनिज क्लेश न्यून करऔर अप... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   6:31pm 18 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 सादर अभिवादन। सोमवारीय अंक में आपका स्वागत है। लीजिए पढ़िए चंद चुनिंदा रचनाएँ-दोहे "खेतीहर-मजदूर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक)सन्नाटा बाजार में, समय हुआ विकराल।नोट जेब में हैं नहीं, कौन खरीदे माल।।--फाँस गले में फँस गयी, शासक है लाचार।नये-नये कानून क्यों, ... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   6:31pm 14 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है( शीर्षक और भुमिका आदरणीय शास्त्री सर जी की रचना से)दिन है देवोत्थान का, व्रत-पूजन का खास।भोग लगा कर ईश को, तब खोलो उपवास।।--आप सभी को देवोत्थान एकादशी व्रत और बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएंचलते हैं आज की ... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   6:31pm 13 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।  शीर्षक व काव्यांश आ. डॉ. शरद सिंह जी की रचना 'झुकती पृथ्वी' से -पृथ्वीघूम रही हैझुकी-झुकीअपनी धुरी परकटते जंगलोंसूखती नदियोंगिरते जलस्तरोंबढ़ते प्रदूषणऔरओजोन परत मेंहो चले छेदों परआंसू बहाती हुईघब... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   6:31pm 11 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 मित्रों!आस्था के पर्व छठ-पूजा की हार्दिक शुभकामनाओं के साथप्रस्तुत है बुधवार की चर्चा!--दोहे "छठपूजा त्यौहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') छठपूजा का आ गया, फिर पावन त्यौहार।माता जन-गण के हरो, अब तो सभी विकार।।लोग छोड़कर आ गये, अपने-अपने नीड़।सरिताओं के तीर पर, ... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   6:31pm 9 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक आदरणीय शास्त्री सर जी की रचना से)********गीत "भइयादूज का तिलक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')मेरे भइया तुम्हारी हो लम्बी उमर,        कर रही हूँ प्रभू से यही कामना।लग जाये किसी की न तुमको नजर,   दू... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   6:31pm 6 Nov 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक और भुमिका आदरणीय शास्त्री सर जी की रचना से)दीप खुशियों के जलाओ, आ रही दीपावली।रौशनी से जगमगाती, भा रही दीपावली।।दीपों का त्यौहार "दीपावली "आप सभी के जीवन में रौशनी और खुशियाँ लाए.... इसी शुभकामना के स... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   6:31pm 30 Oct 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।  शीर्षक व काव्यांश आ. मनोज कायल जी की रचना 'चाँद और इश्क़' से -जोरों से दिल हमारा भी खिलखिला उठा तब lपकड़ा गया चाँद जब चोरी चोरी निहारते हुए llरुखसार से अपने बेपर्दा होते हुए देखा है हमने lचाँद को चुपके चुपक... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   6:31pm 28 Oct 2021 #
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 सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।  शीर्षक व काव्यांश आ. दिगंबर नासवा जी की रचना 'एक सौदागर हूँ सपने बेचता हूँ'से -सच खबर ... अफवाह झूठी ... या मसाला, थोक में हरबार ख़बरें बेचता हूँ. चाँदनी पे वर्क चाँदी का चढ़ा कर,एक सौदागर हूँ सपने बेचता हूँ.आइ... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   6:31pm 27 Oct 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।   शीर्षक व काव्यांश छायावादी युग के सशक्त हस्ताक्षर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की रचना मौन  से -बैठ लें कुछ देरआओ,एक पथ के पथिक-सेप्रिय, अंत और अनन्त केतम-गहन-जीवन घेरमौन मधु हो जाएभाषा मूकता की ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   12:24am 16 Oct 2021 #
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सादर अभिवादन आज की प्रस्तुति में आपका हार्दिक स्वागत है (शीर्षक आदरणीय जयकृष्ण तुषार जी की रचना से )हमारे पापों को धोते-धोते तो गंगा माँ खुद मैली हो गई आखिर हम कब समझेंगे कि -अपने मन के पापों को हमें खुद से धोना है.. कोई गंगाजल या अमृत हमारे मन की मलिनता को नहीं धो स... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   6:31pm 11 Oct 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक आदरणीया  जिज्ञासा जी की रचना से)हर साल 15 दिन का "पितृपक्ष"हमें हमारे पितरों की याद दिलाने आता है...  उनके प्रति अपनी कृतज्ञता जताने का ये सुवसर होता है... साथ ही ये भी याद दिलाने आता है कि-एक दिन हम... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   6:31pm 4 Oct 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
शीर्षक पंक्ति: आदरणीय रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक'जी की रचना से।                                              सादर अभिवादन। सोमवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। नशे के आग़ोश में समाती नई पीढ़ी,भारत का भविष्य नहीं है ख़याली सपनों की सीढ़ी।  -... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   6:31pm 3 Oct 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है। शीर्षक व काव्यांश आ.अरुण चंद्र राय जी की रचना से -ईश्वर के प्रांगण में प्रस्तरों पर उत्कीर्ण मुद्राओं को बताते हुएमार्गदर्शक ने बताया किजब यह मंदिर नहीं था यहांजब स्वयं ईश्वर भूमि से प्रकट नहीं हुए थे उस... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   6:31pm 17 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
प्रिय ब्लॉगर मित्रों।बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।--देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।--गीत "अपनी भाषा हिन्दी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')--भारतमाता के सुहाग की, जो है पावन बिन्दी। भोली-भाली सबसे प्यारी, अपनी भाषा हिन्दी।। उच्चारण --हिन्दी भारत की जनभाषा,... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   6:31pm 14 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक और भूमिका आदरणीया सुजाता प्रिया जी की रचना से )"भारत मां के माथे की,चमकती-सी है यह बिंदी,इसकी आन है हिन्दी,इसका प्राण है हिन्दी।"14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाते हैं.... हिंदी तो हमारी मातृभाषा है... और ह... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   6:31pm 13 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैशास्त्री जी को उनके पुत्र के जन्मदिन की हार्दिक बधाई कुछ अन्य लिंक वो तुम हो विभावरी गोपाल प्रधान का आलेख ‘पूँजी’ का यूरोप में प्रसार भारत आस्ट्रेलिया टू प्लस टूफिर सुनहली भोर आयी यादों ने उम्मीद का दामन अभी नहीं छो... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   7:00pm 12 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक आदरणीय आशा दी की रचना से)बिना किसी भुमिका के चलते हैं आज की कुछ खास रचनाओं की ओर......________है अस्तित्व तुम्ही से मेराहै अस्तित्व तुम्ही से मेराजब भी खोजा जानना चाहातारों भरी रात में खुद कोपहचानना चाहा |------------... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   6:31pm 11 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है। शीर्षक व काव्यांश आ. विभा रानी श्रीवास्तव जी की रचना से - हौले से चढ़ेएक-एक सीढ़ियाँगुरु का ज्ञान।आइए पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ---संस्मरण "मेरा पुनर्जन्म"  तीन-चार दिन अस्पताल की आई.सी.यू. में रहने के बाद मे... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   6:31pm 10 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है। आज गणेश चतुर्थी है। बुद्धि के देवता गणेश जी भारतीय सामाजिक जीवन में अति लोकप्रिय हैं।  उनके नाम से लोकप्रिय हुई कहावत 'श्रीगणेश कीजिए'अर्थात कार्य आरंभ कीजिए, जन-जन की ज़बान पर रहती है। गणेश चतुर्थी अर्थात ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   6:31pm 9 Sep 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
शीर्षक पंक्ति: आदरणीय रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'सादरअभिवादन। गुरुवारीयअंकमेंआपकास्वागतहै। आइए पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ-  ग़ज़ल "दिल को बेईमान न कर" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)जल-जंगल से ही जीवन हैदोहन और कटान न करजो जनता को आहत करदेऐसे कभी बयान न करपिर... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   6:31pm 8 Sep 2021 #
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