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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
पुरखों का इससे अधिक, होगा क्या अपमान।जातिवाद में बँट गये, महावीर हनुमान।।--राजनीति के बन गये, दोनों आज गुलाम।जनता को लड़वा रहे, पण्डित और इमाम।।--भजन-योग-प्रवचन गये, अब योगी जी भूल।लगे फाँकने रात-दिन, राजनीति की धूल।।--रास नहीं आता जिन्हें, योगासन का कार्य।व्यापारी से बन ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:29am 1 Dec 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
दीपों का त्यौहार है, देव दिवाली पर्व।परम्परा पर देश की, हम सबको है गर्व।।--गुरु नानक का जन्मदिन, देता है सन्देश।जीवन में धारण करो, सन्तों के उपदेश।।--गुरू पूर्णिमा पर्व पर, खुद को करो पवित्र।मेले में जाना नहीं, घर में रहना मित्र।।--कोरोना के काल में, मन हो रहा उचाट।सरिताओ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   3:47am 29 Nov 2020 #गुरु नानक जयन्ती
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
एकल कवितापाठ का, अपना ही आनन्द।रोज़ गोष्ठी को करो, करके कमरा बन्द।।--कोरोना के काल में, मजे लूटता खास।मँहगाई की मार से, होता आम उदास।।--कम शब्दों के मेल से,  दोहा बनता खास।सरस्वती जी का अगर, रहे हृदय में वास।।--फिर से पैदा हो गये, बाबर-औरंगजेब।इनमें उनकी ही तरह, भरे हुए हैं ... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   1:45am 28 Nov 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आसमान का छोर, तुम्हारे हाथों में।कनकइया की डोर तुम्हारे हाथों में।।--लहराती-बलखाती, पेंग बढ़ाती है,नीलगगन में ऊँची उड़ती जाती है,होती भावविभोर तुम्हारे हाथों में।कनकइया की डोर तुम्हारे हाथों में।।--वसुन्धरा की प्यास बुझाती है गंगा,पावन गंगाजल करता तन-मन चंगा,सरगम का... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   2:09am 27 Nov 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
हिम्मत अभी नहीं हारी हैजंग ज़िन्दगी की जारी है--मोह पाश में बँधा हुआ हूँये ही तो दुनियादारी है--ज्वाला शान्त हो गई तो क्यादबी राख में चिंगारी है--किस्मत के सब भोग भोगनाइस जीवन की लाचारी है--चार दिनों के सुख-बसन्त मेंमची हुई मारा-मारी है--हाल भले बेहाल हुआ होजान सभी को ही प्... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   2:42am 26 Nov 2020 #ग़ज़ल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
कातिक की एकादशी, होती देवउठान।दुनिया में सबसे अलग, भारत की पहचान।।--तुलसी का परिणय दिवस, देता है सन्देश।शुभ कर्मों का बन गया, भारत में परिवेश।।--प्रबोधिनी एकादशी, दिन होता है खास।वन्दन देवों का करो, रखकर व्रत-उपवास।।--तुलसी के फेरे लगा, करना पूजन आप।शान्त चित्त से ... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:40am 25 Nov 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जो काम नही कर पायें दूसरे,वो जोकर कर जाये।सरकस मे जोकर ही,दर्शक-गण को खूब रिझाये।--नाक नुकीली, चड्ढी ढीली,लम्बी टोपी पहने,उछल-कूद कर जोकर राजा,सबको खूब हँसाये।--चाँटा मारा साथी को,खुद रोता जोर-शोर से,हाव-भाव से, शैतानी से,सबका मन भरमाये।--लम्बा जोकर तो सीधा है,बौना बड़ा ... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   2:25am 21 Nov 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मेरी बालकृति नन्हें सुमन सेएक बालगीतकितना सारा भार उठाता।लेकिन फिर भी गधा कहाता।।रोज लाद कर अपने ऊपर,कपड़ों के गट्ठर ले जाता।वजन लादने वाले को भी,तरस नही इस पर है आता।।जिनसे घर में चूल्हा जलता,उन लकड़ी-कण्डों को लाता।जिनसे पक्के भवन बने हैं,यह उन ईंटों को पहुँचाता।।... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   2:38am 20 Nov 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
उगते ढलते सूर्य का, छठपूजा त्यौहार।कोरोना के काल में, माता हरो विकार।। अपने-अपने नीड़ से, निकल पड़े नर-नार।सरिताओं के तीर पर, उमड़ा है संसार।। अस्तांचल की ओर जब, रवि करता प्रस्थान।छठ पूजा पर अर्घ्य तब, देता हिन्दुस्थान।। परम्पराओं पर टिका, अपना भारतवर्ष।माता जी ज... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   8:30pm 18 Nov 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जन्मदिवस चाचा नेहरू का, बच्चों भूल न जाना।ठाठ-बाट को छोड़ हमेशा, सादा जीवन अपनाना।।--नित्य-नियम से सदा सींचना, बगिया की फुलवारी।मत-मजहब के गुलदस्ते सी, वसुन्धरा है प्यारी।अपनी इस पावन धरती पर, वैमनस्य मत उपजाना। ठाठ-बाट को छोड़ हमेशा, सादा जीवन अपनाना।।--स... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   9:18am 14 Nov 2020 #वालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--देती नरकचतुर्दशी, सबको यह सन्देश।साफ-सफाई को करो, सुधरेगा परिवेश।।--दीपक यम के नाम का, जला दीजिए आज।पूरी दुनिया से अलग, हो अपने अंदाज।।--जन्मे थे धनवन्तरी, करने को कल्याण।रहें निरोगी सब मनुज, जब तक तन में प्राण।।--भेषज लाये धरा से, खोज-खोज भगवान।धन्वन्तरि संसार को, देते ज... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   11:08am 12 Nov 2020 #धन्वन्तरी जयन्ती
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--दीप खुशियों के जलाओ, आ रही दीपावली।रौशनी से जगमगाती, भा रही दीपावली।।--क्या करेगा तम वहाँ, होंगे अगर नन्हें दिये,चाँद-तारों को करीने से, अगर रौशन किये,हार जायेगी अमावस, छा गई दीपावली।रौशनी से जगमगाती, भा रही दीपावली।।--नित्य घर में नेह के, दीपक जलाना चाहिए,उत्सवों को हर्... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   2:27am 11 Nov 2020 #दीपावली
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मुफ्त में मिलती नहीं सौगात हैंतंज करने से बिगड़ती बात हैंहो सके तो वक्त से कुछ सीख लोसामने आकर खड़ी अब मात हैं सोचकर चौपाल में मुँह खोलनातल्खियाँ देतीं बड़ा आघात हैं सूफियों को ध्यान रखना चाहिएयूँ नहीं मिलती यहाँ खैरात हैं मुफलिसी में भूख लगती है बहुतकष्ट देती... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जाने कहाँ खो गया अपना, आज पुराना गाँव।नहीं रही अपने आँगन में, आज नीम की छाँव।।--घर-घर में हैं टैलीवीजिन, सूनी है चौपाल,छाछ-दूध-नवनीत न भाता, चाय पियें गोपाल,भूल गये नाविक के बच्चे, आज चलानी नाव।नहीं रही अपने आँगन में, आज नीम की छाँव।।--पहले जैसा निश्छल बचपन, नहीं द... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   8:30pm 7 Nov 2020 #नीम की छाँव
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
पर्व अहोई-अष्टमी, दिन है कितना खास।जिसमें पुत्रों के लिए, होते हैं उपवास।।--कुलदीपक के है लिए, पर्व अहोई खास।होती अपने तनय पर, माताओं को आस।।--माताएँ इस दिवस पर, करती हैं अरदास।उनके सुत का हो नहीं, मुखड़ा कभी उदास।।--सारे जग से भिन्न है, अपना भारत देश।रहता बारह मास ही, प... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   5:42am 7 Nov 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
घटते वन,बढ़ता प्रदूषण,गाँव से पलायनशहरों का आकर्षण।जंगली जन्तु कहाँ जायें?कंकरीटों के जंगल मेंक्या खायें?मजबूरी में वे भीबस्तियों में घुस आये!--क्या हाथी,क्या शेर?क्या चीतल,क्या वानर?त्रस्त हैं,सभी जानवर।खोज रहे हैं सबअपना आहार,हो रहे हैं नरअपनी भूलों का शिकार।--अभ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   2:14am 2 Nov 2020 #बचा लो पर्यावरण
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मित्रों!आज एक अतुकान्त रचना देखिए!सूर, कबीर, तुलसी, के गीत,सभी में निहित है प्रीत।आजलिखे जा रहे हैं अगीत,अतुकान्तसुगीत, कुगीतऔर नवगीत।जी हाँ!हम आ गये हैंनयी सभ्यता में,जीवन कट रहा हैव्यस्तता में।सूर, कबीर, तुलसी कीनही थी कोई पूँछ,मगरआज अधिकांश नेलगा ली हैछोटी ... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   2:28am 1 Nov 2020 #कुगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अपने छोटे से जीवन में कितने सपने देखे मन में--इठलाना-बलखाना सीखा हँसना और हँसाना सीखा सखियों के संग झूला-झूला मैंने इस प्यारे मधुबन मेंकितने सपने देखे मन में --भाँति-भाँति के सुमन खिले थे आपस में सब हिले-मिले थे प्यार-दुलार दिया था सबने बचपन बीता इस गुलशन ... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   2:32am 31 Oct 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
शरद पूर्णिमा पर हँसा, खुलकर आज मयंक।गंगा जी के नीर की, दूर हो गयी पंक।।--फसन घरों में आ गयी, कृषक रहे मुसकाय।अपने मन के छन्द को, रचते हैं कविराय।।--हरी-हरी उगने लगी, चरागाह में घास।धरती से आने लगी, सोंधी-तरल सुवास।।--देख-देख कर धान को, खुश हो रहे किसान।माता जी का हो र... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   2:14am 30 Oct 2020 #शरद पूर्णिमा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
कवियों की रचनाओं में, होते भाव प्रधान।सात सुरों का जानते, गायक ही विज्ञान।।--उच्चारण में शब्द की, मत कर देना भूल।गाना कविता-गीत को, शब्दों के अनुकूल।।--कल्पनाओं में हैं निहित, जाने कितने अर्थ।कविताओं की भावना, करते शब्द समर्थ।।--नियमित-नित्य रियाज से, बनता व्यक्ति महान।... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   4:37am 29 Oct 2020 #मत कर देना भूल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
नौका में छल-छद्म की, मतलब के सब मीत। कृष्ण-सुदामा सी नहीं, आज नहीं है प्रीत।।--मिलते हैं संसार में, भाँति-भाँति के लोग।होती तब ही मित्रता, जब बनता संयोग।।--कर्मों के अनुसार ही, मिलता सबको भोग।खुद के बस में है नहीं, विरह और संयोग।।--नहीं सरल है सीखना, जीवन का संगीत।शब्दों क... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   1:56am 28 Oct 2020 #दोहा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--बहता जल का सोता है हाथ-हाथ को धोता है --फूल कहाँ से पायेगा वो जो काँटों को बोता है --जिसके पास अधिक है होता वही अधिकतर रोता है --साथ समय के सब सम्भव है क्यों धीरज को खोता है  --फसल उगेगी कैसे अच्छी नहीं खेत को जोता है --मुखिया अच्छा वो कहलाता जो रिश्तों को ढो... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   2:13am 26 Oct 2020 #ग़ज़ल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
Remember a poem : Christina Rossettiअनुवादक : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”--मैं जब दूर चला जाऊँगा,मेरी याद तुम्हें आयेगी!जब हो जाऊँगा चिरमौन,तुम्हें यादें तड़पायेंगी!मृत हो जायेगी यह देह,चला जाऊँगा शान्त नगर में!पकडकर तब तुम मेरा हाथ,पुकारोगी मुझको स्वर में! नही अधूरी मंजिल से,मैं लौट प... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--महक रहा है मन का आँगन,दबी हुई कस्तूरी होगी।दिल की बात नहीं कह पाये,कुछ तो बात जरूरी होगी।।--सूरज-चन्दा जगमग करते,नीचे धरती, ऊपर अम्बर।आशाओं पर टिकी ज़िन्दग़ी,अरमानों का भरा समन्दर।कैसे जाये श्रमिक वहाँ पर,जहाँ न कुछ मजदूरी होगी।कुछ तो बात जरूरी होगी।।--प्रसारण भी ठप... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   11:55am 19 Oct 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--यौवन है सबसे बड़ा, कुदरत का उपहार।सुन्दरता तो स्वयं में, होती है शृंगार।।--परिचय की होती नहीं, यौवन को दरकार।होता है सौन्दर्य का, नयनों से दीदार।।--अधिक समय रहता नहीं, जीवन में ठहराव।बढ़ती है जब आयु तो, आते हैं बदलाव।।--गरमी पावस-शीत का, चलता रहता चक्र।होती है आकाश में, चा... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   8:30pm 14 Oct 2020 #दोहे
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