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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आज अहोई-अष्टमी, दिन है कितना खास।जब तक माँ जीवित रही, रखती थी उपवास।।वो घर स्वर्ग समान है, जिसमें माँ का वास।अब मेरा माँ के बिना, मन है बहुत उदास।।बचपन मेरा खो गया, हुआ वृद्ध मैं आज।सोच-समझकर अब मुझे, करने हैं सब काज।।तारतम्य टूटा हुआ, उलझ गये हैं तार।कहाँ मिलेगा अब मुझे, म... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   8:30pm 27 Oct 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
नद-नालों, सरिताओँ को जो,खुश हो करके अंग लगाती।धरती की जो प्यास बुझाती,वो पावन गंगा कहलाती।। आड़े-तिरछे और नुकीले,पाषाणों को तराशती है।पर्वत से मैदानों तक जो,अपना पथ खुद तलाशती है।गोमुख से सागर तक जाती।वो पावन गंगा कहलाती।। फसलों को नवजीवन देती,पुरखों का ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   8:30pm 15 Oct 2021 #गोमुख से सागर तक जाती
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--रावण का वध हो गया, गयी बुराई हार।विजयादशमी विजय का, पावन है त्यौहार।१। --जो दुष्टों के दलन का, करता काम तमाम।उसका होता राम सा, जग में ऊँचा नाम।२। --मर्यादाओं का रखा, जिसने भी आधार।होती है उस राम की, जग में जय-जयकार।३। --त्यौहारों का कीजिए, नहीं कभी उपहास।सब पर्वों के म... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   8:30pm 14 Oct 2021 #जग में ऊँचा नाम
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
गीत-ग़ज़ल, दोहा-चौपाई,गूँथ-गूँथ कर हार सजाया।नवयुग का व्यामोह छोड़कर ,हमने छन्दों को अपनाया।। कल्पनाओं में डूबे जब भी,सुख से नहीं सोए रातों को।कम्प्यूटर पर अंकित करके,कहा आपसे सब बातों को।जब मौसम ने ली अँगड़ाई,हमने उसका गीत बनाया।नवयुग का व्यामोह छोड़कर ,हम... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   8:30pm 10 Oct 2021 #हमने छन्दों को अपनाया
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मालिक कोई और है, जीव किरायेदार।सब उसके ही हाथ में, कितना दे अधिकार।। माता के नवरात्र की, महिमा बड़ी अपार।मानव चोला है मिला, लो परलोक सुधार।। नौ दिन तक दुर्गा जपी, फिर मुर्गा से प्यार।धोखा खुद को दे रहे, कुछ तो करो विचार।। साबुन से धोया बहुत, आया नहीं निखार।गधा ... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   8:30pm 8 Oct 2021 #पढ़ गीता के श्लोक
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
रात में उगता हुआ माहताब हैज़िन्दगी इक खूबसूरत ख़्वाब हैथा कभी ओझल हुआ जो रास्ताअब नज़र आने लगा मेहराब हैआसमां से छँट गयीं अब बदलियाँअब खुशी का आ गया सैलाब हैपत्थरों में प्यार का ज़ज़्बा बढ़ाअब बगीचे में ग़ुलों पर आब हैफूल पर मँडरा रहा भँवरा रसिकएक बोसे के लिए बेताब ह... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   7:30pm 3 Oct 2021 #ग़ज़ल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
माता दशमी तिथि को, चली गयीं परलोक।तब से अब तक हृदय में, भरा हुआ है शोक।।--पैंसठ वर्षों तक रहा, सिर पर माँ का हाथ।जब से माँ सुरपुर गयी, मैं हो गया अनाथ।।--श्रद्धा से मैं श्राद्ध को, करता हूँ निष्पन्न।होते माँ के नाम से, सभी कार्य सम्पन्न।।--लेकर भोजन थाल को, जला सुगन्धित ध... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   8:30pm 30 Sep 2021 #माता जी का श्राद्ध
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मतलब पड़ा तो सारे, अनुबन्ध हो गये हैं।नागों के नेवलों से, सम्बन्ध हो गये हैं।।बादल ने सूर्य को जब, चारों तरफ से घेरा,महलों में दिन-दहाड़े, होने लगा अँधेरा,फिर से घिसे-पिटे तब, गठबन्ध हो गये हैं।नागों के नेवलों से, सम्बन्ध हो गये हैं।।सब राज-काज देखा, भोगे विलास-वैभव,दम तोड... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   8:30pm 23 Sep 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
जीवन के पथ में मिले, जाने कितने मोड़।लेकिन में सीधा चला, मोड़ दिये सब छोड़।। पग-पग पर मिलते रहे, मुझको झंझावात।शह पर शह पड़ती रहीं, मगर न खाई मात।।मैं आगे बढ़ता गया, भले लक्ष्य हो दूर।नहीं उमर के सामने, कभी हुआ मजबूर।।साधक कभी न हारता, साधन जाता हार।सच्ची निष्ठा से मिले... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   8:30pm 21 Sep 2021 #प्यार नहीं व्यापार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
तोड़ दीजिए मिथक सब, भाषा करे पुकार।हिन्दी को दे दीजिए, अब उसका अधिकार।।ओ काशी के सांसद, संसद के शिरमौर।विदा करो अब देश से, अँगरेजी का दौर।।है कठिनाई कौन सी, क्यों हो अब लाचार।पूरे बहुमत की मिली, तुमको है सरकार।।हिन्दी-हिन्दुस्थान हो, जिस दल का आधार।हिन्दी को दे दीजि... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   8:30pm 18 Sep 2021 #हिन्दी का गुणगान
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 भौंहें वक्र-कमान न करलक्ष्यहीन संधान न करओछी हरक़त करके बन्देदुनिया को हैरान न करदीन-धर्म पर करके दंगेईश्वर का अपमान न करमन पर काबू करले प्यारेदिल को बेईमान न करजल-जंगल से ही जीवन हैदोहन और कटान न करजो जनता को आहत करदेऐसे कभी बयान न करजिससे हो नुकसान वतन काज़ारी वो ... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   10:03am 7 Sep 2021 #दिल को बेईमान न कर
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
चौकीदारी मिली खेत की, अन्धे-गूँगे-बहरों को।चोटी पर बैठे मचान की, लगा रहे हैं पहरों को।।घात लगाकर मित्र-पड़ोसी, धरा हमारी लील रहे,पर बापू के मौन-मनस्वी, देते उनको ढील रहे,बोल न पाये, ना सुन पाये, ना पढ़ पाये चेहरों को।।चोटी पर बैठे मचान की, लगा रहे हैं पहरों को।।कैसे... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   10:18am 24 Aug 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
रात-दिन आज भी आभास मुझे होता है,मेरी माँ मेरे सदा आस-पास रहती है।मुसीबतों से कभी हारना नहीं बेटा,माँ सदा मुझसे यही कहती है।।--जिन्दगी धूप-छाँव बदली है,आज दुख और सुख भी नकली है,माँ की ममता के सिवा,कुछ भी नहीं असली है,काल बदले भले ही युग बदले,एक माँ है जो पीर सहती है।मु... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   9:35am 17 Aug 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मुश्किल से हमको मिला, आजादी का तन्त्र।सबको जपना चाहिए, स्वतन्त्रता का मन्त्र।१।--आजादी के साथ में, मत करना खिलवाड़।तोड़ न देना एकता, ले मजहब की आड़।२।--मत-मजहब या जाति का, करना मत अभिमान।आजादी के समर में, हुए सभी बलिदान।३।--दुनिया में विख्यात है, भारत का जनतन्त्र। लोकत... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   10:34am 14 Aug 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पाठक-पुस्तक में हमें, करना होगा न्याय।पुस्तक-दिन के सार्थक, होंगे तभी उपाय।।--होगा जब नियमित नहीं, पुस्तक से सम्वाद।तब तक पुस्तक का दिवस, नहीं रहेगा याद।।--जहाँ पुस्तकों से अधिक, बस्ते का हो भार।होगा बच्चों को भला, कैसे इनसे प्यार।।--अभिरुचियाँ समझे बिना, रहे पौध को रोप... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   7:29am 23 Apr 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपने जीवन साथी से जो, मन की बात नहीं कर पाया।।दीन-दुखी के मन की पीड़ा, कैसे वो हर पायेगा।। सूखे जीवन-उपवन को जो, नहीं नीर से भर पाया।नयी पौध को वो खेतों में वो, अब कैसे रोपायेगा।।--शोर मचाती ओछी गागर,सूख गया आँखों का सागर,धोखा देता है सौदागर,हालत हुई खराब वतन की,झोली खा... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   4:35am 21 Apr 2021 #मन की बात नहीं कर पाया
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
नवदुर्गा  तुमको सच्चे मन से ध्याता।दया करो हे दुर्गा माता।।व्रत-पूजन में दीप-धूप हैं,नवदुर्गा के नवम् रूप हैं,मैं देवी का हूँ उद् गाता।दया करो हे दुर्गा माता।। प्रथम दिवस पर शैलवासिनी,शैलपुत्री हैं दुख विनाशिनी,सन्तति का माता से नाता।दया करो हे दुर्गा माता।। ... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अभी गाँव के देवालय में, बूढ़ा पीपल जिन्दा है।करतूतों को देख हमारी, होता वो शरमिन्दा है।।--बाबू-अफसर-नेता करते, खुलेआम रिश्वतखोरी,जिनका खाते माल, उन्हीं से करते हैं सीनाजोरी,मक्कारी के जालों में, उलझा मासूम परिन्दा है।करतूतों को देख हमारी होता वो शरमिन्दा है।।-- माँ-ब... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   8:30pm 18 Apr 2021 #बूढ़ा पीपल जिन्दा है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कल तक रुत थी बहुत सुहानी।अब गर्मी पर चढ़ी जवानी।।चलतीं कितनी गर्म हवाएँ।कैसे लू से बदन बचाएँ?नीबू-पानी को अपनाओ।लौकी, परबल-खीरा खाओ।।--खरबूजा-तरबूज मँगाओ।फ्रिज में ठण्डा करके खाओ।।गाढ़ा करके दूध जमाओ।घर में आइसक्रीम बनाओ।।--कड़ी धूप को कभी न झेलो।भरी दुपहरी में मत ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   1:31am 18 Apr 2021 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
लम्बी-लम्बी हरी मुलायम।ककड़ी मोह रही सबका मन।।कुछ होती हल्के रंगों की,कुछ होती हैं बहुरंगी सी,कुछ होती हैं सीधी सच्ची,कुछ तिरछी हैं बेढंगी सी,ककड़ी खाने से हो जाता,शीतल-शीतल मन का उपवन।ककड़ी मोह रही सबका मन।।नदी किनारे पालेजों में, ककड़ी लदी हुईं बेलों पर,ककड़ी ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   8:30pm 16 Apr 2021 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मैं भगवा का समर्थक, मन का बहुत उदार।आँख मूँदकर करता नहीं, नियम-नीति स्वीकार।।--सच्चे मन से चाहता, करे भाजपा राज।लेकिन सही सुझाव हैं, हों जनहित के काज।।--ईश्वर अल्ला एक हैं, ओम कहो या राम। आने जाने का यहाँ, होता एक मुकाम।।--बनी बोलियाँ गोलियाँ, बरसाती पाषाण।दादा प्रत... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   8:30pm 15 Apr 2021 #मन का बहुत उदार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कुम्भ शब्द बहुविकल्पी, जिसके अर्थ अनेक।मन में होना चाहिए, श्रद्धाभाव-विवेक।।--कुम्भराशि में हो गुरू, मेष राशि में सूर्य।तभी चमकती वो धरा, जैसे हो वैदूर्य।।--सागर मंथन में मिला, अमृत का जो पात्र।उसे हड़पने के लिए, पीछे पड़े कुपात्र।।--सुधा कुम्भ को ले उड़ा, नभ में देव जय... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   8:30pm 14 Apr 2021 #महापर्व में कुम्भ के
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सबको देते प्रेरणा, माता के नवरूप।निष्ठा से पूजन करो, लेकर दीपक-धूप।।--सच्चे मन से कीजिए, माता का गुण-गान।माता तो सन्तान का, रखती पल-पल ध्यान।।--अभ्यागत को देखकर, होना नहीं उदास।करो प्रेम से आरती, रक्खो व्रत-उपवास।।--शुद्ध बनाने के लिए, आते हैं नवरात्र।ज्ञानी बनने के लिए, ... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   8:30pm 13 Apr 2021 #माता के नवरूप
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--निर्बल-शोषित वर्ग पर, किया बहुत उपकार।भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार।।--पढ़ने-लिखने का सदा, मन में रहा जुनून।भारत को तुमने दिया, उपयोगी कानून।।--निर्धनता को देखकर, कभी न मानी हार।जीवनभर करते रहे, दलितों का उद्धार।।--करते माया के लिए, राजनीति का काम।तुमको करते काप... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   4:41am 13 Apr 2021 #नमन तुम्हें शत् बार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--खेतों में बिरुओं पर जब, बालियाँ सुहानी आती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती हैं।।--सोंधी-सोंधी महक उड़ रही, गाँवों के गलियारों में,खुशियों की भरमार हो रही, आँगन में, चौबारों में,बैसाखी आने पर रौनक, चेहरों पर आ जाती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती है... Read more
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