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Blog: ..भीगे अलफ़ाज़..!!!

Blogger: suman sourabh
 तुम जो अगर,मुझ पर प्यार से....अपना एक हक़ जता दो तो शायरी में जो मोहब्बत है, उसे ज़िंदा कर दूँ.... हम तो तेरी याद में ही जी लेंगे ...तुम अगर जीवन भर, मेरे साथ चल दो तो फिर खुद को मैं ज़िंदा कर दूँ ----------*----------... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   2:59pm 11 Mar 2021 #
Blogger: suman sourabh
 मेरे  हर  पाने  के साथ खोने का एहसास जुड़ा रहा मेरे हर जीत के साथ हार का साथ चलता रहा--------*---------... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   4:51am 7 Aug 2020 #
Blogger: suman sourabh
जब मेरा चेहरा आईने में देखा तो..अब वो मुझसा नहीं लगता है |पर कुछ जाना पहचाना सा लगता है ...इस शहर में हर शख़्स शायद ऐसा ही दिखता है |समय के साथ दुनिया ने इस गढ़ा है -कुछ झूठ, कुछ छल, कुछ चालाकी ...कुछ बेईमानी, कुछ मैं से इसे सजाया है ...एक मासूम को इस उम्र ने एक मुखौटा पहनाया है ||———*—... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   1:02am 8 May 2020 #
Blogger: suman sourabh
खुद को इतनी बार धोखा देते हैंजाने कैसे वो आईने से नज़र मिलते हैंखुद को मतलब हुआ तो बात कर लीकल को कुछ काम नहीं तो मुंह फेर लीझूठ तो ऐसे जैसे हमें कुछ पता नहींऐसे वो बेरंग चेहरे को झूठ से सजाते हैंसोचता हूँ मतलबी दुनिया में थोड़ा मतलबी हम भी बन जाएँ||----------*----------... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   6:52pm 7 Apr 2018 #
Blogger: suman sourabh
ज़िन्दगीकुछ दिखाती है कुछ छुपाती है जाने कितनी कहानियां ये खुद में दोहराती है कुछ सुने से कुछ  अनसुने से लुभाती है ये कहानी, बुलाती है ये कहानीएक कहानी हम भी लिख रहे हैं अनजानी सी कुछ पन्ने तेरे साथ लिखे, कुछ तेरी याद में कुछ पन्ना सब ने पढ़ा, कुछ है अभी भी अनपढ़े ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   7:50pm 1 Mar 2018 #
Blogger: suman sourabh
कैसी होती है ज़िन्दगीकुछ होने से पहले सब सामान्य चलता हैबातें , कदम- ताल , कहकहे, अपने - परायेकैसी होती है ज़िन्दगीएक शख्स मरता हैकिसी की सनक की वज़ह सेकैसी होती है ज़िन्दगीएक बच्चा भूखा सोता है माँ की पेट मेंगरीब है उसकी माँ इसलिएकैसी होती है ज़िन्दगीये इंसानियत है - मतलबों स... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   9:21pm 7 Aug 2017 #
Blogger: suman sourabh
ऐसे अकेले हो गया है येकि किसी की ख़ुशी में भीखुद को शामिल नहीं कर पातामानो एक अलग सीदुनिया बसा ली हो इसनेकोई  खोजने वाला भी नहीं हैफिर भी छुप कर कहीं बैठा हैएक कोने में इस वीराने मेंजाने किससे डरा हुआ हैजाने क्या ये खोजता हैचाहतें सारी खो गयी इसकीउमंगें न कोई ज़िंदा हैं... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   6:02pm 21 Jun 2017 #
Blogger: suman sourabh
उस पीली धूप में जब तुमपीले सलवार में चलती थीपीले दुपट्टे में जब.........तेज़ रौशनी से खुद केचेहरे को छुपाती थीयाद है मुझे आज भीजब उस लम्बी सुनसान काली सड़क परतुम अकेले इठलाती हुईअपने घर को जाया करती थी  ||       ----------*----------... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:07pm 20 Jun 2017 #
Blogger: suman sourabh
 एक आवारा सा हवा था वोजाने क्यों आज रुक गया हैहर वक़्त जो शरारतें करता थाजाने क्यूँ आज वो शांत हैमहफ़िल में मौजूद तो रहता हैपर किसी और ख्याल में खोया हैबातें तो करता हैपर खुद से गुमसुम सा हो गया है वोलोग कहते हैं ----दफ़ना दिया उसने अपनी ख्वाहिशों कोज़िन्दगी ने उसे खुद का क़ा... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   7:16pm 15 Mar 2017 #
Blogger: suman sourabh
वो मुझसे कहते हैंतुम क्या देख लेते हो मेरे चेहरे मेंजो तारीफ़ें करते  हो इतनी मेरीआईना तो मैं भी रोज़ देखती हूँमुझे तो कुछ अलग नहीं दिखतामैंने कहा ---आइना तो ले आये हो तुम बाज़ार सेपर देखने के लिए मेरी नज़र कहाँ से लाओगेएक बार मेरी नज़रों में नज़र मिलाकर देख लोतुम्हारे सभी स... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   5:26pm 18 Dec 2016 #
Blogger: suman sourabh
मुर्दों के इस शहर मेंज़िंदा इंसान कहाँ से खोजूं...हर चेहरे पर मतलब का नक़ाब हैतेरा चेहरा ही सच्चा है......इंतज़ार-ए -दीदार में हर वक़्त रहता हूँ...बस तेरी मेहरबानी कभी कभी होती है..तुम जो कभी कभी मिलते हो...मुस्कुराता  हूँ तुझे देख कर...मुझे जिंदा कर देती हो... तुम !!!!----------*----------... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:03am 28 Aug 2016 #
Blogger: suman sourabh
मैं तुम्हें नहीं पूजतापर जिसे मैं पूजता हूँवो तुम्हें मानती हैमेरे खुद के रहने का घर नहींपर तेरे  लिए एक जगह ढूंढता हूँक्या करूँ मैं अपनी माँ को मानता हूँ...       **********... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   7:38pm 21 Feb 2016 #
Blogger: suman sourabh
हर बार वो रास्ता कोई और बनाते रहे हम हैं कि इंतज़ार करते रहे मुझे मिटाने की हर कोशिश की गयी लेकिन फिर भी हम डटे रहे खड़े रहे उसी राह पर कि.…कुछ बात तो है हममें भी.....कि हस्ती हमारी कभी मिटती नहीं...|||----------*----------... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   10:13am 10 Oct 2015 #
Blogger: suman sourabh
तुम कल थे मेरे पास..आज नहीं हो...धड़कने कल भी धड़कतीं थीधड़कने आज भी धड़कतीं हैं...फ़र्क सिर्फ ये है कि...कल तेरे साथ धड़कतीं थीं..आज तेरी याद में धड़कतीं हैं |तुमने एक वक़्त माँगा था मुझसे....देखो उस वक़्त ने तुमको ...आज कितना बदल दिया है,पर तेरी एक तस्वीर रखी है, अभी भी संभाल कर मैंने ||----------*--... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   7:43pm 30 Jun 2015 #
Blogger: suman sourabh
एक बार वक़्त लेकरहम आये थे तुम्हारे पासतुमने कहा थाअभी फुर्सत नहीं हैज़िन्दगी इतनी तेज़ भाग रही किचलो एक सौदा कर लेते हैं आजअगर तुम समय लेकर आओगेतो हम भी समय लेकर आएंगेवरना इतना समय नहीं है इंतज़ार काअब मैंने भी उनकी खबर रखनी छोड़ दीजो सिर्फ अपने लिये ही समय रखते हैं----------*-------... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   2:32pm 21 Mar 2015 #
Blogger: suman sourabh
मैं और मेरे अंदर का मैंमारता हूँ पल पल एक मैं कोन जाने फिर भीज़िन्दा हैं  कितने मैंज़िन्दा हैं अभी भीमेरे अंदर मेरा मैं----------*----------... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:55pm 22 Jan 2015 #
Blogger: suman sourabh
आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया....चुन चुन कर दोस्तों की ...महफ़िल सजाई थी मैंने !!अपनी अपनी बात सभी ने सुनाई...कुछ मैंने भी अपनी बताई !!रात जब और बड़ी हुई...महफ़िल का रंग भी गहराया...वक़्त कैसे कटा...कब रात बीती और कब उजाला हुआ...महफ़िल टूटी कि मैं....आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया..||----... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   5:50pm 6 Jan 2015 #
Blogger: suman sourabh
कुछ तो है जो कि हम कहीं रखकर भूल आये हैं ...अब ज़िन्दगी भर उसे खोजते रहेंगे ...पर ना वो चीज़ मिलेगी.... और ना ही उसकी याद मिटेगीअब ये सोचता हूँ कि....बड़े होकर भी क्या ख़ाक ज़िन्दगी जी रहे हैं....वो दिन ही अच्छे थे.... जब हम बच्चे थे....              ----------*----------... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   2:04pm 31 Jul 2014 #
Blogger: suman sourabh
बढ़ती हुई सी ये ज़िन्दगी और गिरता हुआ वो मकान बिछड़ता हुआ अपना बचपन खोती हुई सी ये  मासूमियत जाने क्यों ……अक्सर, ये बस ख्यालों में आते हैं ………----------*----------... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   8:24pm 21 Jul 2014 #
Blogger: suman sourabh
एक तुम थे, जो तुम पर ही रह गए...हम भी कुछ काम नहीं थे ज़िद्द तो हमने भी की थी.. और हम भी, हम पर ही रह गए ...अब देखो... ये क्या हुआ न तुम हारे..  न मैं हारा... पर जीता भी तो कौन ये दूरियाँ जीतीं.... और इतनी लम्बी जीतीं कि अब तेरी आवाज़ न आती है....न ही तुम मुझे सुन पाती हो....रोशनी भी क... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   11:20am 20 Jul 2014 #
Blogger: suman sourabh
बिछड़ के तुझसे...सज़दे में, ये दुआ करता हूँ कि तुम खुश रहो हर पल क्यूंकि... अक्सर तुम ये कहते थे मुझसे  - कि मैं जब पास रहता हूँ तेरे- तब ही तुझे ख़ुशी मिलती है!! ----------*----------... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:58pm 18 May 2014 #
Blogger: suman sourabh
मिली थी कितने बरसों बादवो आकर मेरे मकान में...बोली कुछ भी तो नहीं बदला यहाँ इतने साल के दरम्यान में उससे कहा मैंने....शायर का घर है... मोहतरमा ना मकान बदलता है कभी ...ना  सामान बदलता है कभी ...----------*----------... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   8:28am 27 Apr 2014 #
Blogger: suman sourabh
ज़िन्दगी के सफ़र में,सोचा कि...फिर तेरे शहर से गुजरूंउन यादों को पलटूं,कि तुझे फिर से ज़िंदा करूँ-एक शाम तेरे यहाँ बिताना है ,फिर सुबह उठकर निकल जाना है |तुम मिलोगी तो नहीं वहाँ--जहाँ हम अक्सर मिला करते थे ,पर बैठूंगा मैं तेरे इंतज़ार में..उस शान्त नदी के किनारे ..इस उम्मीद म... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   10:47am 23 Dec 2013 #
Blogger: suman sourabh
तब ...घर से जब बाहर निकलता थाकब दोपहर हुई ...कब शाम हुईरात ने कब घेरा पता ही नहीं चलता थाऔर वापस लौटना ही भूल जाता थातब ...माँ की आवाज़ आती ...बेटा रात बहुत हो गयी .. घर आ जा ..मानो घर खुद शाम मेंमुझे ढूंढ़ कर वापस बुला रहा हो…अब...घर से जब बाहर निकलता हूँ ...दोपहर होती है .. शाम होती है... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   1:55pm 11 Aug 2013 #shaam
Blogger: suman sourabh
ज़िन्दगी तू चलते चलते ये कैसी खामोश जगह पर ले आई है दूर दूर तक, कोई दिखता नहीं हर तरफ सिर्फ अन्धकार ही छायी है खड़ा हूँ .. अकेला इस ख़ामोशी में ना जाने किसका ... इंतज़ार है कल जब तेरे संग चला था इस सफ़र में सोचा ना था की ऐसा भी कोई मोड़ आएगाज़िन्दगी तू तो कभी.... इत... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   6:01pm 2 Aug 2013 #
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