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Tag: diary

Blogger: Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
यह बात न मैं पहली बार सुन रहा न शायद आप सुन रहे होंगे किआत्महत्या पलायन है.पहली बात तो मैं यह कहना चाहता हूं कि यह जीवन हमने मर्ज़ी से नहीं चुना होता, हमें किन्हीं और लोगों ने अपनी ख़ुशी के लिए जन्माया होता है। जो जीवन हमने चुना ही नहीं, वह पसंद न आने पर हम उसे अपनी मर्ज़ी&... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   8:09am 17 Jun 2020 #diary
Blogger: Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
आज पूरा एक महीना हो गया जब मुझे पैरालिसिस का दूसरा अटैक हुआ था। एक हफ़्ते तक तो मैंने किसी को बताया ही नहीं। मुझे लग रहा था कि मैं ऐसे ही ठीक हो जाऊंगा। एक हफ़्ते बाद मेरी बहिन का फ़ोन आया तो मैंने बताया। डॉक्टर ने कहा कि अब तो कुछ नहीं हो सकता, उसी समय बताते तो ठीक हो जाता। अभी... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   7:34am 28 Apr 2019 #diary
Blogger: Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
....तो मैंने कहा था मुझे पैदा करो.....आखि़र एक दिन तंग आकर मैंने पापाजी से कह ही दिया...उस वक़्त मुझे भी लगा कि मैंने कोई बहुत ही ख़राब बात कह दी है....कोई बहुत ही ग़लत बात....लेकिन यह तो मुझे ही मालूम है कि वो रोज़ाना मुझसे किस तरह की बातें कहते थे, कैसे ताने देते थे, क्या-क्या इल्ज़ाम ल... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   2:35am 15 Jan 2019 #diary
Blogger: Dalip vairagi at कथोपकथन...
नाटक पर काम करते हुए कई बार आप वो कर रहे होते हैं जो दरअसल नहीं करना चाहते। नवोन्मेष केवल चाहे हुए को करने से ही नहीं होता,कई बार अनचाहा भी रचनाशीलता के अवसर दे जाता है। अरे! माफ़ कीजियेगा,इस ज्ञान का साधारणीकरण करके मत देखिए। ऐसा केवल मेरे केस में होता है। इसका मतलब यह भी ... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   7:09am 26 Sep 2015 #Diary
Blogger: anil kant at मेरी कलम - मेर...
बरस २०१२, मेरी शादी का बरस. ऐसा प्रतीत होता था जैसे अभी कुल जमा चार दिन भी नहीं हुए विवाह को. और उन्हीं दिनों में मुझे सुबह ४ बजे उठ तैयार होकर मथुरा से आगरा पार हज़रतपुर के केन्द्रीय विद्यालय में पेट की खातिर जाना होता था. और श्रीमती जी की तैनाती मथुरा के ही केन्द्रीय विद... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   7:30am 29 Jan 2014 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
चेतावनी:‘डायरी के पन्ने’ मेरे निजी और अन्तरंग विचार हैं। कृपया इन्हें न पढें। इन्हें पढने से आपकी धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। 1 नवम्बर 2013, शुक्रवार1.वही हुआ जिसका अन्देशा था। नजला हो गया और तबियत अचानक गिर गई। शाम तक नाक बढिया तरह बहने लगी और बुखार भी च... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   11:30pm 15 Nov 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
चेतावनी:‘डायरी के पन्ने’ मेरे निजी और अन्तरंग विचार हैं। कृपया इन्हें न पढें। इन्हें पढने से आपकी धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। 16 अक्टूबर 2013, बुधवार1. अभिषेक साहबमिलने आये। वे पिछले सप्ताह भी आने वाले थे लेकिन नहीं आ पाये। फोटो तो ऐसा लगा रखा है कि लगता ह... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   11:30pm 31 Oct 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]1 अक्टूबर 2013, मंगलवार1. आज की शुरूआत ही बडी खराब रही। एक चूहा मारना पड गया। रात जब अच्छी नींद सो रहा था तो उसने पैर में काट खाया। हालांकि दांत नहीं गडे, नहीं तो चार इंजेक्शन लगवाने पड जाते रेबीज के। काटे जाने के बाद मै... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   2:34am 16 Oct 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]1 अक्टूबर 2013, मंगलवार1. आज की शुरूआत ही बडी खराब रही। एक चूहा मारना पड गया। रात जब अच्छी नींद सो रहा था तो उसने पैर में काट खाया। हालांकि दांत नहीं गडे, नहीं तो चार इंजेक्शन लगवाने पड जाते रेबीज के। काटे जाने के बाद मै... Read more
clicks 260 View   Vote 0 Like   2:34am 16 Oct 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]16 सितम्बर 2013, सोमवार1.एक मित्र ने कहा कि आप दिल्ली में रहते हैं, पढे लिखे हैं फिर भी जातिवाद और अलग-अलग धर्मों की बात करते हैं। अगर कोई छोटी जाति का होगा तो क्या आप उससे बात नहीं करेंगे? या आपके धर्म का नहीं होगा तो क्य... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   11:30pm 30 Sep 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]16 सितम्बर 2013, सोमवार1.एक मित्र ने कहा कि आप दिल्ली में रहते हैं, पढे लिखे हैं फिर भी जातिवाद और अलग-अलग धर्मों की बात करते हैं। अगर कोई छोटी जाति का होगा तो क्या आप उससे बात नहीं करेंगे? या आपके धर्म का नहीं होगा तो क्य... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   11:30pm 30 Sep 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]2 सितम्बर 2013, सोमवार1.पंजाब यात्रा रद्द कर दी। असल में हमारे यहां से कई सहकर्मी छुट्टी जा रहे हैं। ऐसे में मैं कभी भी छुट्टियां नहीं लिया करता। अजीत साहबसे मना करना पडा। उनसे न मिल पाने का मलाल है। 2.प्रशान्तदिल्ली ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   11:30pm 15 Sep 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]2 सितम्बर 2013, सोमवार1.पंजाब यात्रा रद्द कर दी। असल में हमारे यहां से कई सहकर्मी छुट्टी जा रहे हैं। ऐसे में मैं कभी भी छुट्टियां नहीं लिया करता। अजीत साहबसे मना करना पडा। उनसे न मिल पाने का मलाल है। 2.प्रशान्तदिल्ली ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   11:30pm 15 Sep 2013 #Diary
Blogger: Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
वह बिस्तर में पड़ा है, आंखें बंद हैं।आंखें बंद कर लेने से क्या नींद आ जाती है ? रात किस वक्त आंख लगती है, कितना वक्त नींद आती है, कुछ समझ में नहीं आता। बस सुबह मन होता है कि सोया रहे, अभी तो नींद आनी शुरु ही हुई थी और......। यूं भी कोई चुस्ती-फुर्ती उसे अपने बदन में महसूस नहीं होती... Read more
clicks 412 View   Vote 0 Like   12:26pm 14 Sep 2013 #diary
Blogger: Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
पापाजी कभी-कभी हंसते हैं। अकसर गंभीर दिखाई देते हैं। दिखाई भी कितना देते हैं ! हमेशा तो बिज़ी रहते हैं।पहले तो सभी कमरों में बल्ब लगे थे जो पीली-पीली रोशनी देते थे। एक-एक करके पापाजी ने सभी कमरों में ट्यूबलाइट लगवा दीं हैं। ट्यूबलाइट, स्विच ऑन करते ही बल्ब की तरह तुरंत न... Read more
clicks 412 View   Vote 0 Like   12:20pm 5 Sep 2013 #diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]18 अगस्त 2013, रविवार1. पिछले दो तीन दिनों से अमित का परिवार आया हुआ है। साथ में दो सालियां भी हैं। जमकर मन लग रहा था कि आज उनके जाने का फरमान आ गया। हर एक से पूछा कि अगली बार कब आओगी, किसी ने ढंग का उत्तर नहीं दिया। साढे दस ... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   5:09am 1 Sep 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]18 अगस्त 2013, रविवार1. पिछले दो तीन दिनों से अमित का परिवार आया हुआ है। साथ में दो सालियां भी हैं। जमकर मन लग रहा था कि आज उनके जाने का फरमान आ गया। हर एक से पूछा कि अगली बार कब आओगी, किसी ने ढंग का उत्तर नहीं दिया। साढे दस ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   5:09am 1 Sep 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]1 अगस्त 2013, गुरूवार1.डायरी के पन्ने छपे तो आशीष लाल साहब ने बडी भावपूर्ण बात कह दी- जब कोई बीमार हो जाता है तो उसे देखने जाना ही बहुत महत्वपूर्ण होता है। जो करेगा वो तो डॉक्टर करेगा। आज उत्तराखण्ड घायल है नीरज, तुझे भ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   5:46am 16 Aug 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
[डायरी के पन्ने हर महीने की पहली व सोलह तारीख को छपते हैं।]16 जुलाई 2013, मंगलवार1.ऑल इण्डिया रेडियो से एक फोन आया। वे एक पर्यटन कार्यक्रम में जयपुर के सिटी पैलेसके बारे में मुझसे बात करना चाह रहे थे। मैंने स्वीकृति दे दी तो बोले कि पांच मिनट बाद रिकार्डिंग के लिये पुनः फोन क... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   11:30pm 31 Jul 2013 #Diary
Blogger: नीरज जाट जी at मुसाफिर हूँ य...
1 जुलाई, दिन सोमवार1.कल दैनिक जागरण के यात्रा पेज पर अपना लेख छपा- चादर ट्रेकवाला। मार्च में भेजा था, तब से प्रतीक्षा थी कि अब छपे अब छपे। पूरे पेज पर बिना कांट-छांट के छापा गया। यह थी अच्छी बात। बुरी लगने वाली बात थी कि केवल दिल्ली में ही छपा। यूपी में नहीं छपा। बाकी कहां छप... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   1:09am 16 Jul 2013 #Diary
Blogger: harminder singh at School Live...
मैं कभी स्वीमिंग पूल गया नहीं। मेरे कुछ साथी वहां अक्सर जाते हैं। Jubilant के पूल में तैरने का आनंद अपना है। अब किताबों के साथ पूल पर जाया जाये तो फनी लगेगा न।   मैंने बहुत पहले सोचा था कि जब पूल में जाया जायेगा तो पूरी तैयारी के साथ। वो भी किताबें लेकर। किसी ने पूछा-‘यह कुछ ज... Read more
clicks 328 View   Vote 0 Like   5:00pm 12 Jul 2013 #diary
Blogger: Chakresh Surya at a drop...
With days the silly pointless dreams vanish,Hmm..the silly-ness that once I really enjoyed seems so pointless.A lot has changed.A lot of growth.Maturing is the right word.Maybe there comes a day where I will not be silly at all,who knows and who cares?Whatever I am Surya,sensible and simple.Maybe I am not perfect,Maybe I am just another typical girl who comes along now and then,But... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   2:20am 23 May 2012 #diary
Blogger: Shivam Shrotriya at || Shabdsaukarya ||...
(from old leaves of my diary- 04 April' 2006)“जैसे समुद्र की हर लहर           उसी तरह ढेरों शब्द          उलझ गया हूँढेरों रंग-बिरंगी सीपियाँ             बिखरा दिये हैं                     शब्दों की भीड़ मेंबिखरा जाती है                            मेरे मन ने                            परन्तुरेत पर                            ... Read more
clicks 312 View   Vote 0 Like   6:00am 9 Mar 2012 #Diary
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