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Tag: Social

Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
आदमी काम से नहीं चिन्ता से जल्दी मरता है गधा दूसरों की चिन्ता से अपनी जान गंवाता है धन-सम्पदा चिन्ता और भय अपने साथ लाती है धीरे-धीरे कई चीजें पकती तो कई सड़ जाती है विपत्ति के साथ आदमी में सामर्थ्य भी आता है सावधानी के कारण आत्मविश्वास आ जाता है लगातार प्रहार से मजबूत पेड़ भी गिर जाता है रेत पर नहीं पत्थर पर लिखा चिरस्थायी होता है आग से खेलने वालों के हाथ राख ही लगती है ईश्वर की चक्की धीरे-धीरे पर महीन पीसती है हर बात पर संदेह करने वाला कुछ भी नहीं कर पाता है दो काम एक साथ हाथ में लेने वाला बाद में पछताता है अपराधी को दंड न मिले तो अपराधों को बढ़... Read more
clicks 1646 View   Vote 0 Like   1:22am 26 Oct 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
प्रथम पूज्य गणपति जी की मूर्ति स्थापना के साथ ही पर्यावरण और हमारी झीलों को खतरनाक रसायनों से बचाने के उद्देश्य से मेरे शिवा ने इस बार गणेशोत्सव में अपने हाथों मिट्टी से एक-दो नहीं अपितु पूरी 30 गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। पिछले 4-5 वर्ष से निरंतर प्लास्टर ऑफ़ पेरिस से बनी प्रतिमाओं के स्थान पर पर्यावरण और तालाब को प्रदूषित होने से बचाने के लिए हमारी आस्था, श्रद्धा और पूजा विधि के अनुरूप मिट्टी के गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनका पूजन और विसर्जन करने की अपील की जा रही है, लेकिन आज भी पूर्ण जागरूकता के अभाव के चलते बहुत बड़ी संख्या में पीओपी की प्रतिमाओं क... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   6:00am 9 Sep 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
बुरे संग प्रार्थना करने से भले लोगों संग मिलकर डाका डालना भला सुन्दर वस्त्र पहनकर नरक जाने से चिथड़े पहनकर स्वर्ग जाना भला बेडौल लोहे को हथौड़े से पीट-पीटकर सीधा करना पड़ता है शेर की मांद में घुसने वाला ही उसका बच्चा पकड़ सकता है बूढ़ा भेड़िया जोर की चीख-पुकार सुन कभी नहीं डरता है शेर के दांत टूट जाने पर भी वह गरजना नहीं भूलता है कोई भी बुराई अपनी सीमा के भीतर नहीं रहती है बुराई काम चलताऊ लेकिन अच्छाई सदा फलती है धीरे-धीरे और लगातार आगे बढ़ने वाले दौड़ में जीत जाते हैं आशा के साथ जीने वाले दुःख की घड़ियों में भी मुस्कुराते हैं बुराई से बुराई लड़े तो समझो उ... Read more
clicks 380 View   Vote 0 Like   4:54am 2 Sep 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
आज हरियाली अमावस्या है। हमारे हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन माह में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या या श्रावणी अमावस्या कहते हैं। इसे विशेष तिथि के रूप में माना जाता है। इस दिन लोग पूर्वजों के निमित्त पिंडदान एवं दान-पुण्य के कार्य करने के साथ ही जीवन में पर्यावरण के महत्व को समझते हुए वृक्षारोपण करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन के सारे दुःख-दर्द दूर होते हैं तथा सुख-समद्धि का वास होता है। इस दिन किसान भी अपने खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं और ईश्वर से अच्छी फसल होने की कामना करते हैं। हरियाली अमावस्या के दिन आम, ... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   10:00am 8 Aug 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
बह चुके पानी से कभी चक्की नहीं चलाई जा सकती है लोहे से कई ज्यादा सोने की जंजीरें मजबूत होती है चांदी के एक तीर से पत्थर में भी छेद हो सकता है एक मुट्ठी धन दो मुट्ठी सच्चाई पर भारी पड़ता है निर्धन मनुष्य की जान-पहचान बहुत मामूली होती है गरीब की जवानी और पौष की चांदनी बेकार जाती है घर में दाने हों तो उसके पगले भी सयाने बनते हैं गरीब अपने घर में भी परदेशी की तरह रहते हैं अवसर बादल की तरह देखते-देखते गायब हो जाता है बेवकूफ डंडा तो समझदार इशारे की भाषा समझता है जरूरत से ज्यादा समझदार, समझदार नहीं कहलाते हैं भले लोग भेड़ जैसे जो किसी को हानि नहीं पहुँचाते ... Read more
clicks 343 View   Vote 0 Like   10:07am 7 Aug 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
कोरोना की मार झेलकर 10 दिन बाद हाॅस्पिटल से घर पहुंचा तो एक पल को ऐसे लगा जैसे मैंने दूसरी दुनिया में कदम रख लिए हों। गाड़ी से सारा सामान खुद ही उतारना पड़ा। घरवाले दूरे से ही देखते रहे, कोई पास नहीं आया तो एक पल को मन जरूर उदास हुआ लेकिन जैसे ही मेरे राॅकी की नजर मुझ पड़ी वह दौड़ता-हाँफता मेरे पास आकर मुझसे लिपट-झपट लोटपोट लगाने लगा तो मन को बड़ा सुकून पहुँचा, सोचा चलो कोई तो है जिसने हिम्मत दिखाकर आगे बढ़कर मेरा स्वागत किया। सारा सामान सीधे बगीचे में रखकर पहले सैनिटाईज हुआ और फिर सीधे बाथरूम में जाकर मन भर स्नान किया तो दिल को बड़ी राहत मिली। डाॅक्टरी परामर्श अन... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   6:25am 21 May 2021 #Social
Blogger: Shive Mishra at हम हिन्दुस्त...
अब तक का महत्वपूर्ण परन्तु अनुत्तरित प्रश्न: हिंदू गुलाम क्यों हुआ? यह बहुत ही अच्छा प्रश्न है और इस तरह के प्रश्न प्राय: अनेक संगोष्ठियों में और अन्य अवसरों पर उठाया जाता है . अक्सर लोग लोक कथाओं और अन्य दृष्टांतों के माध्यम से दार्शनिक भाव में बताने की कोशिश करते हैं, जो उचित भी है किंतु उनमें कोई भी इस प्रश्न का सही और सटीक जवाब देकर मुझे संतुष्ट नहीं कर पाया. पहली बार जब मैंने स्वर्गीय राजीव भाई दीक्षित जी का एक भाषण सुना, जिसमें उन्होंने इस पहलू को काफी हद तक छुआ था और उसे मैं बहुत प्रभावित हुआ था. इस प्रश्न का उत्तर और उसके के पीछे छिपी उत्कंठा और ... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   8:28am 20 May 2021 #Social
Blogger: Shive Mishra at हम हिन्दुस्त...
न्याय निर्णय : ज्ञानवापी परिसर में बाबा विश्वनाथ की तलाश स्वागत योग्य निर्णय एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसले में वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आदेश दिया है की ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण की सहायता से मंदिर के प्रमाण ढूंढे जाएं और जरूरत पड़ने पर अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए जिसमें ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार और जिओ रेडियोलॉजी सिस्टम शामिल है . लगता है काशी के अच्छे दिन आने वाले हैं क्योंकि अगर पुरातत्व सर्वेक्षण में यह सिद्ध हो जाता है कि मस्जिद का निर्माण मंदिर तोड़ कर किया गया था तो वांछित निर्णय इसके बाद ही आ ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   2:54pm 9 Apr 2021 #Social
Blogger: Shive Mishra at हम हिन्दुस्त...
यह व्यक्ति दूसरे नेताओं से बिल्कुल अलग है. इसका उदय ऐसे समय पर हुआ जब सनातन संस्कृति अपने विनाश के कगार पर खड़ी थी. भारत के ज्यादातर राजनीतिक दल सत्ता के लालच में तुष्टिकरण के काम में इतने अंधे हो चुके थे कि उन्हें ये एहसास भी नहीं था कि उनके कुकृत्यों से हिंदू समाज पतन की खाई में गिरता जा रहा है और सनातन संस्कृति मिटने के कगार पर पहुंच चुकी है. प्राचीन भारत की इस पावन भूमि पर जहां वेदों और उपनिषदों की छाया है, गीता का मार्गदर्शन है, इसके बाद भी भारत 1000 साल तक विधर्मियों की दासता का शिकार हुआ. पहले मुस्लिम आक्रांता उन्हें इस देश की धन संपदा और स... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   5:02pm 4 Apr 2021 #Social
Blogger: Shive Mishra at हम हिन्दुस्त...
अमावस्या और पूर्णिमा को लोग अलग व्यवहार क्यों करते है ? क्या चन्द्रमा मनुष्य और प्रकृति को प्रभावित करता है ? मेरा स्वयं का एक अनुभव है जिसका उल्लेख करना आवश्यक है. मैं कुछ समय पहले किसी काम से कोलकाता गया था. जिस दिन वापसी की फ्लाइट थी उसके एक दिन पहले ही मेरा काम खत्म हो गया था. मेरे मन में आया कि इस समय का उपयोग गंगासागर जाने के लिए करू. अगले दिन बहुत सुबह मैं सुंदरबन के काकदीप में जेटी के निकट पहुंच गया जहां से फेरी ( छोटा पानी का जहाज) सागर दीप जाने के लिए चलती है . मैं जल्दी पहुंचने के उद्देश्य इतनी सुबह आ गया था लेकिन बड़ा आश्चर्य हुआ कि 9:30 बजे के पह... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   12:07pm 3 Apr 2021 #Social
Blogger: Shive Mishra at हम हिन्दुस्त...
पश्चिम बंगाल के स्थिति दिन प्रतिदिन बहुत ख़राब होती जा रही है , ऐसा लगता है कि सत्ता के लालच में राजनैतिक दल देश के इस भूभाग को कश्मीर बनाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं. देखिये एक संक्षिप्त विश्लेषण. बंगाल 12 वीं शताब्दी तक भारत ही नहीं दुनिया में समृद्धि शाली राज्यों में गिना जाता था. यह राज्य जितना आर्थिक रूप से समृद्ध था उतना ही कला संस्कृति और प्रगतिशील सोच में भी समृद्ध था. कहा जाता था कि बंगाल जो आज सोचता है पूरी दुनिया उसे कल सोच पाएगी. उस समय बौद्ध धर्म के प्रभुत्व वाले इस शांतिप्रिय राज्य में 1204 में मोहम्मद बख्तियार खिलजी ने आक्रमण किया और चूंकि ह... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   1:33pm 8 Mar 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
आज प्रतिदिन बढ़ती मंहगाई ने घर-परिवार के बजट को फेल कर दिया है और एकाकी पुरुष आय से घर चलाने में असमर्थता उत्पन्न कर दी है। नारी भी आज घर-परिवार चलाने में समान रूप से अपनी भूमिका निभा रही है। अब नारी के लिए नौकरी या व्यवसाय न फैशन है, न अर्थ स्वातन्त्रय की ललक, अपितु यह जीवन जीने अर्थात् जीवकोपार्जन की अनिवार्यता बन गया है। अब ऐसे में कैसे उस नारी का एक दिन हो सकता है, जिसे मानवता की धुरी, मानवीय मूल्यों की संवाहक और मानवता की गरिमा माना गया है। यदि धरती का पुण्य उसकी सौन्दर्यता से व्यक्त होता है तो सृष्टि का पुण्य नारी में है। तभी तो प्रसाद जी कहते हैं- “ना... Read more
clicks 530 View   Vote 0 Like   3:12am 8 Mar 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
चिरकाल से लड़कों को घर का चिराग माना जाता है, लेकिन मैं समझती हूँ कि यदि उन्हें घर का चिराग माना जाता है तो मेरे समझ से वे केवल एक घर के ही हो सकते हैं, जबकि लड़कियाँ एक अपने माँ-बाप का तो दूसरा ससुराल वाला घर रोशन करती हैं। इस हिसाब से उन्हें एक नहीं दो घरों की चिराग कहे तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। लड़के-लड़की का भेद आज भी अनपढ़ ही नहीं, बल्कि सभ्‍य कहे जाने वाले समाज में भी सहज रूप से देखने को मिल जाता है, जो कि बहुत कष्टप्रद, दुःखद और सोचनीय स्थिति की परिचायक है। एक ही माँ के पेट से दोनों जन्में हाड़-मांस के बने होने के बावजूद एक को श्रेष्ठ और दूसरे का कम आंकने वालों... Read more
clicks 483 View   Vote 0 Like   6:35am 20 Feb 2021 #Social
Blogger: Anshu Mali Rastogi at लेकिन...
कोरोना अभी गया नहीं है किंतु हमने मान लिया है कि यह जा चुका है। चूंकि देश और राज्यों में अब सबकुछ खुल चुका है अतः बेपरवाही भी उसी प्रकार से बढ़ गई है। अब शायद ही कहीं दो गज की दूरी का पालन हो रहा हो। अब शायद ही- अपवादों को छोड़कर- कोई मास्क पहन रहा हो। बेफिक्र अंदाज में सब इधर-उधर घूम रहे हैं। सरकार और प्रशासन की तरफ़ से सख्ती भी अब उतनी नहीं रही। पहले जब सख्ती थी, तब ही हमने उसे कितना माना। बेफिक्र और लापरवाह बने रहना हमारी फितरत है। इसे कोई नहीं बदल सकता। शरीर को कितना ही कष्ट दे लेंगे मगर बने लापरवाह ही रहेंगे। पढ़ने व सुनने में आ रहा है कि कोरोना वायरस एक बार ... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   12:07am 20 Feb 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
जब मनुष्य सीखना बन्द कर देता है तभी वह बूढ़ा होने लगता है बुढ़ापा मनुष्य के चेहरे पर उतनी झुरियाँ नहीं जितनी उसके मन पर डाल देता है अनुभव से बुद्धिमत्ता और कष्ट से अनुभव प्राप्त होता है बुद्धिमान दूसरों की लेकिन मूर्ख अपनी हानि से सीखता है जिसे सहन करना कठिन था उसे याद कर बड़ा सुख मिलता है सुख दुर्लभ है इसीलिए उसे पाकर बड़ा आनन्द आता है भाग्य विपरीत हो तो शहद चाटने से भी दांत टूट जाते हैं जब शेर पिंजरे में बन्द हो तो कुत्ते भी उसे नीचा दिखाते हैं... Read more
clicks 366 View   Vote 0 Like   5:46am 19 Jan 2021 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
कोरोना काल में यदि नया साल मनाना हो जरूरी तो तय कर लो एक निश्चित दूरी कहीं अगर बीच में कोरोनो आ धमकेगा तो सारी मौज-मस्ती पर पानी फेर देगा इसलिए क्षण भर की खुशी के चक्कर में खतरे न लो मोल क्योंकि जीवन है अनमोल बस हैप्पी न्यू ईयर बोल बस हैप्पी न्यू ईयर बोल... Read more
clicks 477 View   Vote 0 Like   6:46am 31 Dec 2020 #Social
Blogger: Spark News at Spark News...
भारत में किसान प्रतिरोध की परंपरा बड़ी जीवन्त रही है। बंगाल में हुए कैवर्थ विद्रोह से लेकर मुगलिया सल्तनत के विरुद्ध सिक्खों, जाटों और सतनामी कृषकों के असंतोष ने भारतीय मानस पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। ब्रिटिश औनिवेशिक सत्ता की स्थापना के उपरांत उनकी भू राजस्व नीतियों के विरुद्ध बिरसा मुंडा, सिद्धू कान्हु, बाबा रामचन्द्र देव और महात्मा गांधी – पटेल की अगुआई में किसानों ने अपने हक – हकुकी की लड़ाई को आगे बढ़ाया। 1960-70 के दशक में भारत के कुछ क्षेत्रों में कृषि उत्पादन में आई क्रांति ने किसानों को आने वाले दशकों में बाज़ार की शक्तियों के मोहताज कर दिया... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   7:09am 15 Dec 2020 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
जब-जब भी मैं तेरे पास आया तू अक्सर मिली मुझे छत के एक कोने में चटाई या फिर कुर्सी में बैठी बडे़ आराम से हुक्का गुड़गुड़ाते हुए तेरे हुक्के की गुड़गुड़ाहट सुन मैं दबे पांव सीढ़ियां चढ़कर तुझे चौंकाने तेरे पास पहुंचना चाहता उससे पहले ही तू उल्टा मुझे छक्का देती ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   3:03am 28 Nov 2020 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
जाने कैसे मर-मर कर कुछ लोग जी लेते हैं दुःख में भी खुश रहना सीख लिया करते हैं मैंने देखा है किसी को दुःख में भी मुस्कुराते हुए और किसी का करहा-करहा कर दम निकलते हुए संसार में इंसान अकेला ही आता और जाता है अपने हिस्से का लिखा दुःख खुद ही भोगता है ठोकरें इंसान को मजबूत होना सिखाती है मुफलिसी इंसान को दर-दर भटकाती है... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   7:53am 27 Nov 2020 #Social
Blogger: S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
सभी पाठकों और शुभ चिंतकों को दीपावली की बधाई और शुभकामनायें |... Read more
clicks 392 View   Vote 0 Like   1:57am 16 Nov 2020 #Social
Blogger: S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
जानिए जौनपुर में तुग़लक़ , शर्क़ी और मुग़ल काल की खानकाहों के बारे में | ... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   5:00am 7 Nov 2020 #Social
Blogger: S.M.MAasum at S.M.MAsoom...
जी हाँ मेरे जीने का अंदाज़ अक्सर कुछ लोगों को अलग सा लग तो सकता है... Read more
clicks 397 View   Vote 0 Like   4:43am 7 Nov 2020 #Social
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
शत्रु की मुस्कुराहट से मित्र की तनी हुई भौंहे अच्छी होती है मूर्ख के साथ लड़ाई करने से उसकी चापलूसी भली होती है किसी कानून से अधिक उसके उल्लंघनकर्ता मिलते हैं ऊँचे पेड़ छायादार अधिक लेकिन फलदार कम रहते हैं पत्थर खुद भोथरा हो फिर भी छुरी को तेज करता है मरियल घोड़ा भी हट्टे-कट्टे बैल से तेज दौड़ सकता है पोला बांस बहुत अधिक आवाज करता है जो जिधर झुकता है वह उधर ही गिरता है आरम्भ के साथ उसका अंत भी चलता है तिल-तिल जीने वाला हर दिन मरता है ... कविता रावत ... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   7:09am 19 Oct 2020 #Social
Blogger: S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
कामयाब न्यूज़ पोर्टल कैसे बनाएं ? How to run NEWS Portal Successfully?... Read more
clicks 610 View   Vote 0 Like   2:59am 12 Oct 2020 #Social
Blogger: S.M.MAasum at S.M.MAsoom...
बहु को उसके ससुराल वाले मायके क्यों नहीं जाने देते ?... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   3:42am 7 Oct 2020 #Social
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