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Tag: Poems

Blogger: Bal Sajag at बाल सजग...
"मैंने देखा एक सपना"जन्नत जैसा घर है अपना, मैंने देखा रात को सपना |सपने में एक चिड़िया आई,  उसने बोला सुन मेरे भाई |तोता आम है मीठा खाता ,मुझको है बहुत ललचाता |तब तक तोता उड़ कर आया ,अपने साथ वो आम भी लाया |तोते ने फिर मुझसे कहा ,मै कभी न चुपचाप रहा  |हरे रंग का है मेरा बाल ,चोच मे... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   4:31pm 9 Mar 2017 #poems
Blogger: Sanjay Grover at saMVAD-JUNCTIon...
कुछ रचनाएं आप शुरुआती दौर में, कभी दूसरों के प्रभाव या दबाव में तो कभी बस यूंही, लिख डालते हैं और भूल जाते हैं, मगर गानेवालों और सुननेवालों को वही पसंद आ जातीं हैं...... ग़ज़लआज मुझे ज़ार-ज़ार आंख-आंख रोना हैसदियों से गलियों में जमा लहू धोना है रिश्तों के मोती सब बिखर गए दूर-... Read more
clicks 274 View   Vote 0 Like   9:49am 30 Dec 2015 #poems
Blogger: Sanjay Grover at saMVAD-JUNCTIon...
कुछ रचनाएं आप शुरुआती दौर में, कभी दूसरों के प्रभाव या दबाव में तो कभी बस यूंही, लिख डालते हैं और भूल जाते हैं, मगर गानेवालों और सुननेवालों को वही पसंद आ जातीं हैं...... ग़ज़लआज मुझे ज़ार-ज़ार आंख-आंख रोना हैसदियों से गलियों में जमा लहू धोना है रिश्तों के मोती सब बिखर गए दूर-... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   9:49am 30 Dec 2015 #poems
Blogger: Someone at Dumb-Heart's Voice...
Nazaara Aisa ho ki Tassavur aa jaye Tasveer aisi ho ki Shayari ban jaaye... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   9:55am 29 May 2013 #Poems
Blogger: Someone at Dumb-Heart's Voice...
Barish ki boonden Or geeli mitti ki khusbu Ek hi chhatri Or bas mai or tu Ye mehek tujhsi hi bheeni h Mitti k jaiso tu gili h Tjhe chhuun toh or sikudti h Har boond pe mitti si dheeli padti h Durr jaun toh ghabrati h Paas aun toh chhatri le k aati h [...]... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   12:07pm 6 Mar 2013 #Poems
Blogger: Someone at Dumb-Heart's Voice...
बचपन की हसीं थी थोड़ी सी सस्ती तब काग़ज़ की कश्ती भी होती थी बड़ी महेंगी   एक छोटी सी गुड़िया चूरन की पूड़ीया चार आने की toffee भी मुस्कान दे जाती ओर रोती हुई आँखों में चमक सी आ जाती   वो बचपन की हँसी कुछ इतनी थी सस्ती   कुछ टीचर ने पूछा तो [...]... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   6:07am 6 Feb 2013 #Poems
Blogger: Someone at Dumb-Heart's Voice...
(Prologue: Technology, internet and social media has made us so dependent on itself that we feel handicapped, restless and helpless without it. Nowadays PEN is mostly used for signing some document..thats it. All other expression is made by typing and sharing through some social media. People are forgetting to call, meet and talk, what they [...]... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   11:45am 28 Jan 2013 #Poems
Blogger: Someone at Dumb-Heart's Voice...
Hum toh akele andheron me jeete hai Har par tufaano mein chalte hai Darte toh wo hai jo, Bheed me rahte hai Aur din k ujaale me bhi Hawa k jhokon se ghabra jaate hai... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   8:50am 29 Nov 2012 #Poems
Blogger: vaneetnagpal at City Jalalabad...
कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?मैं हर पल, हर वक्त अपनी पहचान ढूँढता हूँ,कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?सारा दिन सारी रात, चारों पहर,अपना नाम ढूँढता हूँ,कोई तो बता दे मेरा नाम क्या है ?चाँद से पूछा, सूरज से पूछा, धरती से पूछा, आसमान से पूछा,कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?ग... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   3:37pm 22 Nov 2012 #Poems
Blogger: vaneetnagpal at City Jalalabad...
कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?मैं हर पल, हर वक्त अपनी पहचान ढूँढता हूँ,कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?सारा दिन सारी रात, चारों पहर,अपना नाम ढूँढता हूँ,कोई तो बता दे मेरा नाम क्या है ?चाँद से पूछा, सूरज से पूछा, धरती से पूछा, आसमान से पूछा,कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?ग... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   3:37pm 22 Nov 2012 #Poems
Blogger:  at क्रिएटिव मंच ...
डा० दीप्ति भारद्वाजपरिचयजन्म : 25 जून 1973_/_जन्म स्थान :बरेलीवर्तमान निवास :'चित्रकूट, 43, सिन्धु नगर, बरेली -243005शिक्षा-एम. ए. हिंदी ; applied एम. ए. हिंदी ; applied एम.एड.; पीएच. डी. [हिंदीगुरु भक्त सिंह भक्त के काव्य में संवेदना और शिल्प]कार्यक्षेत्र - प्रकाशन अधिकारी, इन्वरटिज ग्रुप ऑफ़ इंस... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   1:55pm 22 Jul 2012 #Poems
Blogger: prakash govind at क्रिएटिव मंच ...
डा० दीप्ति भारद्वाजपरिचयजन्म : 25 जून 1973_/_जन्म स्थान :बरेलीवर्तमान निवास :'चित्रकूट, 43, सिन्धु नगर, बरेली -243005शिक्षा-एम. ए. हिंदी ; applied एम. ए. हिंदी ; applied एम.एड.; पीएच. डी. [हिंदीगुरु भक्त सिंह भक्त के काव्य में संवेदना और शिल्प]कार्यक्षेत्र - प्रकाशन अधिकारी, इन्वरटिज ग्रुप ऑफ़ इंस... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   1:55pm 22 Jul 2012 #Poems
Blogger: vaneetnagpal at City Jalalabad...
प्यार को कभी भीकिया नहीं जा सकता दिल से देसी ग्रुप द्वारा मेरे ई-मेल पर एक मेल प्राप्त हुई है जो कि राजेश कैंथ द्वारा पोस्ट की गई है | इसे जस का तस वैसे ही आपकी नज़र पेश किया जर रहा है |प्यार को कभी भी किया नहीं जा सकता प्यार को कभी भी किया नहीं जा सकता। प्यार तो अपने आप हो जात... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   1:40am 18 Jun 2012 #Poems
Blogger: Manik at माणिकनामा...
(1)ये वही चाँद है ना जो देर तक रुका हुआ सालगता रहा आकाश मेंएकटक ठहरा हुआएक ठौर चिपका हुआमेरी ढ़ाई साला बेटीके चन्दा मामा-सा(2)पूर्णिमा तुम्हेंपूरी गोलाई के साथआकाश में तकने कोगुज़ारे हैं पूरे तीस दिन मैंनेतब कहीं मिलीअब जाकर तुमअल्हड़ और धुलीहुई चांदनी सहित (3)और कहो कि... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   5:22pm 6 Apr 2012 #Poems
Blogger: Manik at माणिकनामा...
ये दुपहरी धूप ये दुपहरी धूपअब तेज़ और तीखी हैहाथ-पाँव और बदन सहितजलाने को सबकुछ आमादा खड़ी है मानोजलाना ही सीखी हैये दुपहरी धूपदरख़्त क्या,कोंपलें क्याचलती राहें तक मौन हुईआखिर उड़ गया भाप बन तमाम पानी,पोखर क्याछत आँगन सब और बही ये दुपहरी धूपघोंसलों में जा घुसे है... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   2:35pm 27 Feb 2012 #Poems
Blogger: Manik at माणिकनामा...
अधूरी कवितायेँ अलिखी,अधलिखीघुम चुकी,उड़ चुकीकवितायेँ बहुत सारीलौटा दी गयीफिर से मुझ तक आईऐसी तमाम रचनाएंकहलाई अधूरी कवितायेँअटकी रही मन में औरगले तक आ लौट गयीढ़लते-ढ़लते फूट गयीकुछ आखिर में रूठ गयीआ न सकी कागज़ परऐसी तमाम रचनाएंकहलाई अधूरी कवितायेँकभी झुकी नहीं ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   2:15pm 27 Feb 2012 #Poems
Blogger: Rajendra Naheshwari at जनमानस परिष्...
ह्रीं, श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ॥ शान्ति, क्रान्ति, जाग्रति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥ १॥जगत जननी, मङ्गल करनि, गायत्री सुखधाम । प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा पूरन काम ॥ २॥------------भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी। गायत्री नित कलिमल दहनी॥१॥ अक्षर चौविस परम प... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   4:14pm 13 Dec 2011 #Poems
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