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Tag: हास्य कविता

Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
एक दिन एक हास्य कवि से हो गई मुलाकात,अवसर देख कर मैं करने लगा उनसे बात।मैंने कहा ज़नाब आप सारी दुनिया को हंसाते हैं ,लेकिन खुद कभी हँसते हुए नज़र नहीं आते हैं।क्या बता सकते हैं आप इस चक्कर में कब फंसे थे ,और दिल खोलकर आखिरी बार कब हँसे थे।  वो बोले, ज़रूर बता सकता हूँ मैं इस च... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   8:30pm 6 Nov 2019 #हास्य कविता
Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
एक दिन एक महिला बोली ,डॉक्टर साहब,आप पत्नी पर कविताक्यों नहीं सुनाते हैं।हमने कहा , हम लिखते तो हैं ,लेकिन पत्नी को सुनाने सेघबराते हैं।एक बार हमने,पत्नी पर लिखी कविता,पत्नी को सुनाई।गलती ये हुई कि,अपनी को सुनाई।उस दिन ऐसी मुसीबत आई ,कि हमेंघर छोड़कर जाना पड़ा।और तीन दिन ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   9:06am 29 Jan 2019 #हास्य कविता
Blogger: दिनेश प्रजापति at हास्य रस...
पिक क्रेडिट - pixabayजीवन क्रिकेट है,'इनिंग्स'का अर्थ जीवन है।'पिच'हमारी कर्मभूमि है।'कमेंटेटर'हमारे जीवन का सूत्रधार है।'एम्पायर'भाग्य का विधाता है।विपक्षी कप्तान यमराज है,तो 'बॉलर'यमदूत है।छक्का मरने का अर्थ सफलता प्राप्त करना है।'आउट'होने का अर्थ मृत्यु को प्राप्त होन... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   2:37am 31 Oct 2018 #हास्य कविता
Blogger: दिनेश प्रजापति at हास्य रस...
पिक्चर क्रेडिट -  pixabayगौर कीजिए नारद जी नेयमराज से पूछा -जग में असंख्य मौतें होती हैक्या उनके परिजनों की चीत्कार सेआपका दिल नहीं दहलताजब लोग फूट-फूट कर रोते हैं,तब आप चैन से कैसे सोते हैं?क्या आपका घर संवेदना प्रूफ है?यमराज ने हंसकर कहा -नारदजी! लगता है आपकी अक्ल ने भ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:36am 17 Oct 2018 #हास्य कविता
Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
एक हास्य कवि ने चुनाव में नामांकरण पत्र भर दिया,तो एक पत्रकार ने मंच पर ही कवि जी को धर लिया।  बोला, ज़नाब क्या एक सवाल का जवाब दे पाएंगे !आप तो कवि हैं, फिर आप जनता को क्या दे पाएंगे !कवि बोला, हम लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाएंगे।हंसा हंसा कर देश को एक स्वस्थ भारत बनाएंग... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   7:15am 3 Apr 2018 #हास्य कविता
Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
किसी को तो धर्म की लड़ाई मार गई ,किसी को गौ रक्षा की दुहाई मार गई।किसी को प्याज की महंगाई मार गई ,हमको तो दीवाली की सफाई मार गई !हमको तो दीवाली की सफाई मार गई ! -----तीन तीन नौकरों की मेहनत लगी थी ,साथ में मशीनों की मशक्कत लगी थी ।वक्त की पाबन्दी की दिक्कत सच्ची थी ,नौकरों को भी भा... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   7:37am 26 Oct 2016 #हास्य कविता
Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
आज फोकस हरयाणा टी वी चैनल पर एक छोरी को हरयाणवी में समाचार पढ़ते देखकर बहुत हंसी आई ! पहले तो समझ ही नहीं आया कि वो भाषा कौन सी बोल रही थी। फिर स्क्रॉल पर लिखा हुआ पढ़ा तो जाना कि वो तो हरयाणवी बोल रही थी।  उसकी हरयाणवी ऐसी थी जैसे कटरीना की हिंदी ! खैर , उसे देखकर हमें भ... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   1:30pm 3 Jul 2014 #हास्य कविता
Blogger: ARSHAD ALI at Arshad ke man se...........
लड़की वाले डरे-डरे से थे...लड़के वाले हरे-भरे से थे..हाँथ में थाल लिए कन्या जैसे आईलड़के की माँ, पति पर चिल्लाईमुझे सातवीं बार वही लड़की दिखला रहे होजगह बदल बदल कर एक हीं घराने में आ रहे होपति झुंझला गयाअपनी औकात पर आ गयाकहा,भाग्यवान लड़की के मामले में तुम थोडा लेट हो...क्य... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   8:16am 21 Dec 2012 #हास्य कविता
Blogger: डॉ टी एस दराल at अंतर्मंथन...
मेडिकल कॉलेज में हमारे बैच में सिर्फ लड़के थे , लड़की एक भी नहीं थी. अक्सर हम सबको यह बेइंसाफी सी लगती. ऐसे में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज जो गर्ल्स कॉलेज था, हमारे बीच बहुत लोकप्रिय था. आज भी लेडी हार्डिंग का नाम आते ही सभी के चेहरे पर एक रौनक सी आ जाती है. प्रस्तुत है, इस... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   2:30am 5 Dec 2012 #हास्य कविता
Blogger: डॉ टी एस दराल at अंतर्मंथन...
बहुत समय से हास्य काविता लिखने का समय और विषय नहीं मिल रहा था. हालाँकि दीवाली पर उपहारों के आदान प्रदान पर लिखने का बड़ा मूड था. इस बार अवसर मिल ही गया. आप भी आनंद लीजिये : जब भी दीवाली, सर पर चढ़ आती है साहब के दिल की, धड़कन बढ़ जाती है. जाने इस बार कितनी गिफ्ट्स आयेंगी कम र... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   7:30am 26 Nov 2012 #हास्य कविता
Blogger: धर्मेन्द्र कुमार सिंह ‘सज्जन’ at ग्रेविटॉन...
जहाँ न सोचा था कभी, वहीं दिया दिल खोयज्यों मंदिर के द्वार से, जूता चोरी होयसिक्के यूँ मत फेंकिए, प्रभु पर हे जजमानसौ का नोट चढ़ाइए, तब होगा कल्यानफल, गुड़, मेवा, दूध, घी, गए गटक भगवानफौरन पत्थर हो गए, माँगा जब वरदानताजी रोटी सी लगी, हलवाहे को नारमक्खन जैसी छोकरी, बोला राजकुम... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   5:25pm 4 Nov 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
पत्नी बोली हँसमुखजी सेदिल में दर्द हो रहा हैहँसमुखजी बोलेदर्द की दवा ले लोपत्नी बोली दिल का दर्ददवा से ठीक नहीं होगाजवाब मिलाबाम लगा लोपत्नी बोली नासमझ होबाम से भी ठीक नहीं होगाहँसमुखजी  बोलेडाक्टर को दिखा लोपत्नी को गुस्सा आयाजोर से गुर्राईनिपट मूर्ख होसमझते नह... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   9:35am 26 Aug 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
फिरंगीहँसमुखजी से बहसकरने लगापश्चिम की तारीफ़ मेंकसीदे पढने लगाहमने टीवी बनायादूर की घटना कोनज़दीक से देख सकते हैंहमने फ़ोन बनायाहज़ार मील दूर बैठेव्यक्ति सेबात कर सकते हैंबताओ हिन्दुस्तानियों नेअब तक क्या करा?हँसमुखजी बोलेअब इतनी भी डींगमत मारोहमारे यहाँ भीऐ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   5:37am 14 Aug 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
आशिक था बेचाराइश्क का मारासमझता था खुद कोशाहरुख का सालाचेहरा था मासूमहाथ अगरबत्तीपैर मोमबत्तीवज़न बीस किलोपकड़ कर नहीं रखो तोतेज़ हवा में उड़ जाएकोई ऊंगली लगा देतो ज़ख़्मी हो जाएगुस्सा इतनाकि आग भी शरमाएजुबान गालियों से भरीएक कन्या नज़र आयीतो सीटी बजायीफिर घूर क... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   5:30am 6 Jul 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
उसकी जुस्तजू में उम्रगुजारते रहेआसमान सेचाँद तारे तोड़ते रहेना वो मिलीना दिल को राहत मिलीहोश में आये तो शादी कीउम्र निकल चुकी थीचेहरे पर झुर्रियों की बहारआँखों में मोटा चश्माकानों में सुनने की मशीनकमर झुक चुकी थीमन फिर भी माना नहींएक मोहतरमा सेमोहब्बत का इज़हारक... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   7:27pm 23 Jun 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
कितना खुशगवार था वो लम्हा जब उसने मुस्करा कर मेरी तरफ देखा  करीब आकर मेरा पता पूछा दिल खुश हुआ जब रंग बिरंगे कागज़ में लिपटा एक तोहफा हाथ में थमाया दिल टूट कर बिखर गया जब उसने चहकते हुए कहा आपके पड़ोस में रहने वाले मेरे मंगेतर को भिजवा देना12-04-2012436-16-04-12Dr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   10:51am 5 Jun 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
हँसमुखजी नेकविता पाठ करना प्रारम्भ किया सर्द रात में उल्लू बोला एक मनचले श्रोता ने आवाज़ लगाई आज गर्मी की शाम को मंच से बोल रहा हैहँसमुखजी ने क्रोध काबू में किया नहले पर दहला मारा आवाज़ सुनते ही उल्लू का भाई श्रोताओं के बीच से बोला श्रोता ने चिढ कर सवाल किया तुमने मुझे उल... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   7:14pm 3 Jun 2012 #हास्य कविता
Blogger: धर्मेन्द्र कुमार सिंह ‘सज्जन’ at ग्रेविटॉन...
ये टिपियाने की खुजली, ऐसे न मिटेगी, आमैं तेरी पीठ खुजाऊँ, तू मेरी पीठ खुजाकिसने भाषा को तोला,किसने भावों को नापाकूड़ा कचरा जो पाया, झट इंटरनेट पर चाँपापढ़ने कुछ तो आएँगेंटिपियाकर भी जाएँगेदुनिया को दुनियाभर के,दिनभर दुख दर्द सुनापढ़ रोज सुबह का पेपर, फिर गढ़ इक छंद पुरानाब... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   12:06pm 26 May 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
हँसमुखजी परफोटो खिचवाने का भूत सवार था दिन भर सपनों में खोये रहते थेकिस नए पोज़ में फोटो खिचवाएंनिरंतर सोचते रहते थेएक दिन पहुँच गए किस्मत सेकिसी की मय्यत मेंदिमाग में विस्फोटक सोच आ गयाचेहरा खुशी से मुस्कारायामरने वाले की बीबी से कहने लगेअपने पती को थोड़ी देर के ल... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   6:35pm 24 May 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
खिली धूपबरसात के बादमुस्कान आयी होठों पर बरसों की उदासी के बाददिखा चेहरा तुम्हाराचेहरा खुद का सैकड़ों बार शीशे में देखने के बादसमझते थे खुद को जोकर छुपाते थे चेहरा अपना तुम्हें देखने से पहलेअब जान गए असलियत खुद की तुम्हें देखने के  बादतुम लगते हो जोकरहम लगते सिकंदर... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   6:15am 24 May 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
हुस्न के दीवानों सेकोई ये भी तो पूछ लेदुनिया की नज़रों सेघूरती निगाहों सेहुस्न को संभाल करकैसे रखेंगे?कैसे उनके नाज़ नखरेउठाएंगे?नाज़ुक हाथों सेरोटियाँ कैसे बनवायेंगे?कैसे घर का झाडू पौंचालगवाएंगे?कपडे क्या खुद धोयेंगे?बर्तनक्या किसी और सेमंजवायेंगेउनके हाथ पै... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   4:48am 23 May 2012 #हास्य कविता
Blogger: डॉ टी एस दराल at अंतर्मंथन...
गाँवकीपगडंडीपरएकमहिलाचलीजारहीथी।सामनेसेसाईकलपरआतेएकयुवकनेकहा -- अरीबुढियासामनेसेहटजा।महिलाबोली -- भाई, बुढियातोनहींथीपरबीमारीनेबनादी।बेशक , शरीरमेंकोईरोगलगजाएतोमनुष्यसमयसेपहलेहीबूढाहोजाताहै।लेकिनरोगनभीहोतोक्याबूढ़ेनहींहोते ?हालाँकिबुढ़ापेकीओरअ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   9:22am 16 May 2012 #हास्य कविता
Blogger: डॉ टी एस दराल at अंतर्मंथन...
गाँवकीपगडंडीपरएकमहिलाचलीजारहीथी।सामनेसेसाईकलपरआतेएकयुवकनेकहा -- अरीबुढियासामनेसेहटजा।महिलाबोली -- भाई, बुढियातोनहींथीपरबीमारीनेबनादी।बेशक , शरीरमेंकोईरोगलगजाएतोमनुष्यसमयसेपहलेहीबूढाहोजाताहै।लेकिनरोगनभीहोतोक्याबूढ़ेनहींहोते ?हालाँकिबुढ़ापेकीओरअ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   8:30am 16 May 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
जुखाम बुखार से पीड़ितहँसमुखजी सीधे पहुंचे डाक्टर के पासकहने लगे बुखार का इलाज कर दो जुखाम को यूँ ही छोड़ दो डाक्टर चकराया फ़ौरन बोला कारण बताओहँसमुखजी बोले पहले भी हुआ था जुखाम खाई थी गोली,हुआ रिएक्शनमुंह में हो गए छालेछालों की दवा खाई उसने भी किया रिएक्शनयाददाश्त चली ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   11:30am 30 Apr 2012 #हास्य कविता
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
पत्रिका के सम्पादक ने हँसमुखजी को चिट्ठी लिखीमुन्नीबाई,चमेलीबाईपर कोई बढ़िया कविता लिख कर भेज दोहँसमुखजी चकराए फ़ौरन उत्तर दिया देशभक्ती,भाईचारे ईमान,धर्म प्यार मोहब्बत परलिखवा लो मुन्नी,चमेली,जलेबी से पीछा छुडवा दोसम्पादक ने जवाब में खेद व्यक्त करते हुए जवाब दिया... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   10:37am 29 Apr 2012 #हास्य कविता
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