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Tag: समसामयिक

Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
चैत्रेमासि सिते मक्षे हरिदिन्यां मघाभिधे। नक्षत्रे स समुत्पन्नो हनुमान रिपुसूदनः।। महाचैत्री पूर्णिमायां समुत्पन्नोऽञ्जनीसुतः। वदन्ति कल्पभेदेन बुधा इत्यादि केचन।। अर्थात्-चैत्र शुक्ल एकादशी के दिन  मघा नक्षत्र में भक्त शिरोमणि, भगवान राम के अनन्य स्नेह... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   2:30am 18 Apr 2019 #समसामयिक
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
चैत्रेमासि सिते मक्षे हरिदिन्यां मघाभिधे। नक्षत्रे स समुत्पन्नो हनुमान रिपुसूदनः।। महाचैत्री पूर्णिमायां समुत्पन्नोऽञ्जनीसुतः। वदन्ति कल्पभेदेन बुधा इत्यादि केचन।। अर्थात्-चैत्र शुक्ल एकादशी के दिन  मघा नक्षत्र में भक्त शिरोमणि, भगवान राम के अनन्य स्नेह... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:30am 18 Apr 2019 #समसामयिक
Blogger: Krishna Kumar Yadav at शब्द-सृजन की ...
वर्ष 2001 में जब सिविल सर्विसेज में हमारा चयन हुआ था तो उस समय सिविल सेवाओं में जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व लगभग शून्य ही था। वक़्त के साथ नवोदयी विद्यार्थियों ने सिविल सेवाओं में भी अपनी सफलता के परचम फहराने आरम्भ किये और इस वर्ष 2018 में जारी रि... Read more
clicks 319 View   Vote 0 Like   1:40pm 1 May 2018 #समसामयिक
Blogger: bhavpath at भाव-पथ...
जागो मोहन प्यारे...!    डॉमनमोहनसिंहभारतकेचौदहवेंसुशिक्षित, समझदारऔरयोग्यप्रधानमंत्रीहैंजिन्होनेपंजाबविश्वविद्यालयसेअपनीमैट्रिकुलेशनपरीक्षाउत्तीर्णकीतथाअर्थशास्त्रकीशिक्षाग्रहणकरनेयूनिवर्सिटीऑफकैम्ब्रिज,ब्रिटेनगए, तत्पश्चातऑक्सफोर्डयूनिवर्सिट... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   4:40pm 26 Jan 2013 #समसामयिक
Blogger: RAVI SHANKAR PRASAD at निर्झर लेखनी,...
श्रोत: http://cardillowiki.pbworks.comमुनादीकी जाती है जनता के लिए और खास-ओ-आम के लिए... यह बताने के लिए कि सजदे में झुके रहें...जब तक कमर और रीढ़ की हड्डी टूट न जाये...। कब तक निरीह जनता जानवर, ढोर-डंगरों की तरह हाँकी जाती रहेगी...?धर्मवीर भारती द्वारा 1975-77 के आपातकाल के समय लिखी गयी यह एतिहासिक कवि... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   6:09pm 7 Jan 2013 #समसामयिक
Blogger: पुंज प्रकाश at डायरी...
साम्प्रदायिकता के रथ पर सवार होकर भारतीय राजनीति के शीर्ष पर काविज होते ही फिलगुड फैक्टरमें फुस्स हुई एनडीएअभी कुछ राज्यों में सत्ता सुख का आनंद भोग रही है | बिहार के गाँव में इसे राज भोगना कहतें हैं | ये लगभग उन्हीं राज्यों में राज भोग रही है जिनमें कांग्रेस के दफ्तरो... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   2:37pm 4 Jan 2013 #समसामयिक
Blogger: पुंज प्रकाश at डायरी...
आजतक परती से काम लायक भूमि बनाने की कथा चलती थी पर जब से उद्योगीकरण का बाज़ार गर्म हुआ है तब से काम लायक भूमि पर ईमारत की कथा भी आम हो गई है. आए दिन भूमि अधिग्रहण की ख़बरों और जान देंगें ज़मीन नहीं देगें के नारों से सुचना तंत्र पटा रहता है. ध्यान से देखा जाय तो भारत का शायद ह... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   2:30pm 11 Dec 2012 #समसामयिक
Blogger: mukesh pandey 'chandan' at मुकेश पाण्डे...
अभी हाल में पूरे देश में धूम धाम से रावण  का पुतला जलाया गया . समाचार पत्रों और टी ० वी० न्यूज चैनलों पर " बुराई पर अच्छाई की जीत " ," जीत गयी अच्छाई ", " हो गया बुराई का अंत "  जैसे जुमले प्रयोग हुए . लेकिन क्या सचमुच बुराई ख़त्म हो गयी ? बहुत पहले दशहरा पर एक कविता लिखी थ... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   1:10pm 26 Oct 2012 #समसामयिक
Blogger: mukesh pandey 'chandan' at मुकेश पाण्डे...
आज भाजपा ने रखा भारत बंद जो संसद में खाते  रहे कलाकंद इतने घोटाले, इतनी महंगाई फिर इनके मुह में लगी थी जंग आपस में लड़ने से फुर्सत नही और सड़क पर झंडा बुलंद इतनी नाकारा  है सरकार फिर भी न लगा सके  पेबंद बस आम    आदमी हो परेशानइसी शान में करते रहो भारत बंद टू जी, आदर्श, कॉमन  वेल... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   1:24pm 31 May 2012 #समसामयिक
Blogger: श्याम कोरी 'उदय' at कडुवा सच ......
पेट्रोल के दाम ... पेट्रोल के दाम बढ़ाना हमारी मजबूरी है 'उदय' गर हम नहीं बढ़ाएंगे तो शायद पड़ोसी मुल्क हमसे आगे निकल जाएं ? पेट्रोल की कीमतें ... ये अपना देश किस आग में झुलस रहा है ?चहूँ ओर आग की लपटें-ही-लपटें हैं !क्या हुआ ?कब हुआ ?कैसे हुआ ? कुछ नहीं हुजूर सिर्फ पेट्... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   8:44am 31 May 2012 #समसामयिक
Blogger: mukesh pandey 'chandan' at मुकेश पाण्डे...
          अजन्मी की पुकार सुना है माँ तुम मुझे , जीने के पहले ही मार रही हो कसूर क्या मेरा लड़की होना , इसलिए नकार रही हो सच कहती हूँ माँ , आने दो मुझे जीवन में एक बार न मांगूंगी खेल-खिलौने , न मांगूंगी तुमसे प्यार रुखी सूखी खाकर पड़ी रहूंगी, मैं एक कोने में हर बात तुम्हारी मानूं... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   5:33am 7 May 2012 #समसामयिक
Blogger: श्याम कोरी 'उदय' at कडुवा सच ......
विशेष टीप :- विगत दिनों एक "बोल्ड कविता" पर खूब हाय-तौबा पढ़ने को मिली ... पता नहीं वह "बोल्ड कविता" है भी या डिलीट कर दी गई ... किन्तु कुछेक बुद्धिजीवियों की सोच व विचारधारा / हाय-तौबा ... से भी कुछ सीखने को मिलता है ... मैं तो इतना ही कहूंगा कि जो विरोध हुआ वह जायज नहीं था क्योंकि उसस... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   2:59am 14 Apr 2012 #समसामयिक
Blogger: mukesh pandey 'chandan' at मुकेश पाण्डे...
भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा युवा है । इनकी आबादी लगभग ५५ करोड़ है , मगर इनमे से अधिकांश बेरोजगार है ! जहाँ विकसित देशो में जनसँख्या को संसाधन माना जाता है, वहीँ भारत में इसे बोझ माना जाता है। आज हम भारत को भविष्य की महाशक्ति कहते है , मगर किस हिसाब से यह महाशक्ति हो पाये... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   10:57am 9 Apr 2012 #समसामयिक
Blogger: Dilbag Virk at Virk's View...
मानें ना कानून को , स्वयंभू हुए आप । लेकर सत्ता हाथ में , करे फैसले खाप ||करे फैसले खाप , रहे तोड़-फोड़ जारी |हो कोई भी बात , ट्रैक रोंकें नर-नारी ||लोग हैं परेशान, न दु:ख किसी का जानें |पशुतुल्य हुए भीड़, कब किसी की ये मानें ||* * * * *अदालत लगाती रही , बार-बार फटकार |बनकर भोली-बावली , चुप ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   12:20pm 2 Mar 2012 #समसामयिक
Blogger: mukesh pandey 'chandan' at मुकेश पाण्डे...
ये कैसा बसंत आया ?हर दिन एक यौवना पे किसी ने सितम ढायाप्रेम , उल्लास के मौसम में कैसी रुत आईजाने क्यों हवस हर तरफ छाईगर ऐसा हो बसंत तो मत आना अबकी बारपतझर ही अच्छा , ऐसा बसंत बेकारहे ऋतुराज ! क्यों आये ऐसे इस बारक्या यही है ? ऋतुराज का ऐसा दरबारधरती को आज भी है तुम्हारा इन्त... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   4:06pm 28 Feb 2012 #समसामयिक
Blogger: अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी at तस्बीरी ताखा...
हम चुनाव लड़ब तौ हारि जाब। जमानतौ जब्त होइ जाये। आज लोगै १०० रुपया, सराब कै बोतल, साड़ी अउर आन-आन समान लैके मतदान करत अहैं। ~ अन्ना हजारेजौन मनई आज तक मुखियौ कै चुनाव नाय जीति सका, ऊ यहि बात कै सर्टिफिकेट दे कि फलाने बेइमान हैं या इमानदार? .. चुनाव लड़ौ, जनता के बीच से, फिर कुछ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   1:11am 11 Apr 2011 #समसामयिक
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