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Tag: मेरी कलम से

Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
इस ज़माने के साथ , चलना है माना..        शराफत भी हो , शोहरत भी कमाना..इस तेज़ रफ़्तार में , खुद को ना खोना..लगे ना कभी की-" खुद को खोकर क्या पाना"..!!सचमुच बड़ी तेज़ , भाग रही जिंदगी ..थोडा मुश्किल है इसको , ठीक समझ पाना..पर सब्र ही सबसे वाज़िब दावा है..रुतबा तो ठीक , दिल जीत लाना..              ... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   11:23am 13 Oct 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
 ना तमन्ना है जीने की ना मरनेका हौसला बचा है,शायद मेरे नसीब ने ही ये चक्रव्यूह रचा है।रात आती तो है पर जाती कभी नहीँ,जैसे बना लिया है उसनेबसेरा मेरी जिंदगी को ही।उदासीयाँ बैठी रहती हैं मेरे फूलों वाले सफेदतकीए के पास,बिस्तर का दहिना हिस्सा आज भी पाले हैतुम्हारे आने की ... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   4:14pm 11 Oct 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
हमने उदासी को अपनी आदत कहना नहीं सीखा। गुमसुम किसी भी हाल में रहना नहीं सीखा।। बदले हैं हमने हरदम दरियाओं के रुख़, दरिया के साथ हमने बहना नहीं सीखा।।... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   3:09pm 10 Oct 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
कलम का रहस्यवो जानते हैंजो बांस का टुकडा बन केकिसी अगम्मी फूँक काइन्तजार करते हैंतो जो कवितासिर से पाँव तक महज बांसुरी हो जाए कलम का रहस्य वो जानते हैं जो अपने साये से मुखातिब होते रहतें हैं और तब तकउसे देखते रहते हैं जब तक वो सिकुडता -सिकुड़ता महज बिन्दु न हो जाए कल... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   8:24am 19 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
मुझको खुशी मिलती है तुमको हंसाने से,वर्ना मुझे क्या मिलता है युं ही मुस्कराने से।मैं तो हंस लेता हूं बिन बहाने के,वो कोइ और होन्गे जो रोते है बहाने से।गमों मे मुस्करांऊ पर पागल नहीं हूं मैं,गमों की आदत सी पडी गम ही गम उठाने से।जब पास थे तुम तो दूर हो गये,अब पास कैसे आंऊ तु... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   8:20am 19 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
मतलब की है दुनियां सारी, मतलब के सारे संसारी आज बड़े दिनों बाद ब्लॉग जगत में आना हुआ। बहुत कुछ बदल गया है। लोग वही हैं पर चेहरे बदल गए है।इसी बात पर उँगलियाँ कुछ लिखने को उतावली हो रही है।जमाना कितना बदल गया है,लोग वही हैं पर चेहरा बदल गया है।कहते थे तुम चलो हम तुम्हारे स... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   4:46pm 17 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
ज़िन्दगी मेरे साथ-साथ चलनासुनो ज़िन्दगी, मेरे साथ-साथ चलनाअब तो आओ तुम, और थाम लो मेरा हाथलम्बी अकेली राह मेरी है, दे दो अपना साथ तुम बिन अर्थहीन अस्तित्व है मेराजिसका तुम सवेरा हो, ये जीवन ऐसी रातरूठ जाओ तुम मुझसे हो ऐसा कोई पल नाज़िन्दगी मेरे साथ-साथ चलनागिर पड़ता जब-ज... Read more
clicks 243 View   Vote 0 Like   2:24pm 17 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
तू इस तरह से मेरी जिंदगी मेंशामिल है , जहाँ भी जाऊ ये लगता हैं तेरी महफ़िल है ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा हर एक चीज हैं अपनी जगह ठिकाने से कई दिनों से शिकायत नहीं जमाने से ये जिंदगी हैं सफर तू , सफर की मंजिल है!!!... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   6:18pm 15 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena at "जिंदगी का ...
अब तो सच यह है कि मैं लिखना  चाहता हूं। मैंने बहुत मजे कर लिये । अब मैं जिंदगी से आजिज आ गया हूं। आगे देखने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं जो भी जिंदगी में करना चाहता था, उसे कर चुका हूं। तब जिंदगी में घिसटते रहने का क्या मतलब है? वह भी तब, जब करने को कुछ भी न बचा हो। मुझे... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   6:08pm 15 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
जिसको पूजा पूजा की तरह,वो पूजा पूजा हो गयी ।इसमें पूजा का दोष नहीं ,हमारी पूजा मे ही कमीं रह गयी ।जिसको पूजा अश्क बहा के,वो पूजा अश्क धारा me पूजा हो गयी ।वो पूजा पूजा न रही,जो पूज के भी पूजी न गयी।वो पूजा जिसे चाहा हमने,वो पूजा पूजा न रही।वो पूजा जिसे पूजा दिल से,वो पूजा पूजा ... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   1:28pm 18 Feb 2011 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
वो स्कूल की सीड़ी पर प्यार भरी बातें, आते जातों पर कमेंट की बरसातें, वो स्लेबस की टेन्सन, वो इक्ज़ाम की रातें वो कैंट्टीन की पार्टी, वो बर्थडे की लातें वो रूठना मनाना, वो बंक वो मुलाकातें वो लैब वो लाइब्रेरी, वो सोना टैम्प्रेरी वो मूवी वो म्युजिक वो कार्ड के मैजिक वो प्रपोज़... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:56am 2 May 2010 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
*****कविता *****धरती कहे पुकार के अब तो सभलो भाई धड़कनें मेरे दिल की क्यूँ बढ़ाते हो भाई जबसे भेजा बच्चा तुमने स्कूल भेजे में भरते गये उसके ये फितूर दोहन नहीं हुआ धरती का ढंग से लूटो, खसोटो बचे आभूषण उसके तन से आभूषण मेरे पेड़, पहले ही छीन डाले तुमने सारे मेरे तन का खून, नदी नाले सा... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   1:07am 30 Apr 2010 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
आया मौसम गरमी का, आया मौसम नरमी का।गये कपड़े गरमी वाले, आये कपड़े गरमी वाले॥ गरमी आते खुल जाते पंखे, ए.सी, कूलर और हाथ के पंखे।जब आंख मिचौली करती बिजली, तब इंवर्टर से मिलती बिजली॥ लू से बचते लू को खाते, ना जाने कितने लोग।बढ़ती गरमी के चक्कर में, चक्कर खाकर गिरते लोग॥गरमी को दू... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   10:17pm 28 Apr 2010 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
*****हिन्दी दिवस पर हिन्दी***** हिन्दी दिवस पर हिन्दी को समर्पित कविता "हिन्दी" हिन्दीहिन्दी हिन्दी हिन्दीचलो मनाएं दिवस हिन्दीजहाँ मातृभाषा है हिन्दीजहाँ सोते जागते खाते पीते बोलते हैं हिन्दीजहाँ अपनापन जगाती है हिन्दीसबको एक बनाती है हिन्दीअजनबी सी होती हिन्दी अंग्... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   2:28am 14 Sep 2009 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
*****ब्लॉगिंग का धर्म*****पिछले कुछ दिनों से ब्लॉग जगत में ब्लॉगिंग हिन्दू बनाम मुसलमान बन रही है। ब्लॉगर ताल ठोकर खुद हो साबित करने का प्रयास कर रहा है। हिन्दू मुसलिम विवाद यहाँ साफ दिखाई देता है । क्या यह ब्लॉगिंग और ब्लॉग जगत में धर्म का प्रवेश है।ब्लॉगिंग का धर्मब्लॉग... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   1:44am 6 Sep 2009 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
*****अंतहीन इंतजार******वो बूढ़ी निगाहें तलाश रही एक आशियाना,अपनों से दूर अपनों की तलाश में ।एक अंतहीन इंतजार में॥कामोद... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   5:55am 5 Sep 2009 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
*****स्वतंत्रता दिवस- स्वतंत्रता के बदलते मायने और इसका स्वरूप*****स्वतंत्रता मतलब आज़ादी..... आज़ादी किसी कैद से, किसी पिंजरे से.. 62 साल पहले हम भारतीय भी आज़ाद हुए थे विदेशी राजनीति और विदेशी वर्चस्व से... नयी उमंग नये सपने.... अपनेपन का अहसास...आज़ादी से पहले संधर्ष एक गुलामी से था.... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   8:55pm 14 Aug 2009 #मेरी कलम से
Blogger: kaamod at कुछ खट्टी कुछ...
***** बोलो बांके बिहारी लाल की जै*****आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है. इस अवसर पर अधिकांश लोग व्रत एवं पूजा पाठ करते हैं. मन्दिरों में कीर्तन-भजन होता है. भक्तजन अपनी श्रद्धा का परिचय देते हुए कई घण्टे पंक्तिबद्ध दर्शनार्थ रहते हैं. वृन्दावन, मथुरा और गोकुल में आज के दिन श्रद्धा क... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   10:05pm 13 Aug 2009 #मेरी कलम से
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