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Tag: बालगीत

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
नभ में छाये काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।दिन में छाया है अँधियारा,बादल से सूरज है हारा,बौराये हैं काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।चपला चम-चम चमक रही है,आसमान मॆं दमक रही है,बरस रहे हैं काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।बादल होते हैं मतवाले,जीवन जग को देने वाले,बारिश ला... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   7:30pm 23 Jun 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--रिमझिम-रिमझिम पड़ीं फुहारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--तन-मन में थी भरी पिपासा,धरती का था आँचल प्यासा,झुलस रहे थे पौधे प्यारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--आँधी आई, बिजली कड़की,जोर-जोर से छाती धड़की,अँधियारे ने पाँव पसारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--जल की मोटी बूँदें आयी,चौमासे ने ... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   11:30am 13 Jun 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at हँसता गाता बच...
--लाल रंग के सुमन सुहाते।लोगों को हैं खूब लुभाते।।--रूप अनोखा, गन्ध नहीं है,कागज-कलम निबन्ध नहीं है,उपवन से सम्बन्ध नहीं है,गरमी में हैं खिलते जाते।लोगों को हैं खूब लुभाते।।--भँवरों की गुंजार नहीं है,शीतल-सुखद बयार नहीं है,खिलने का आधार नहीं है,केवल लोकाचार निभाते... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   6:00am 9 May 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--दामोदर नरेन्द्र मोदी ने,सादा जीवन अपनाया।भारत भाग्य विधाता बनकर,पथ समाज को दिखलाया।।--छोड़ सभी आराम-ऐश को,संघं शरणम् में आया।मोह छोड़कर घर-गृहस्थ का,पथरीला पथ अपनाया।भारत भाग्य विधाता बनकर,पथ समाज को दिखलाया।।--केशर की क्यारी को जिसने है,संविधान में बाँध दिया।आजाद... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   12:47pm 11 Apr 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at नन्हे सुमन...
रोग अगर दिखलाई दे तो,कभी न करना जादू-टोना।अपने पैर पसार चुका है,पूरी दुनिया में कोरोना।।बाहर नहीं निकलना घर से,घर में पूरा समय बिताओ।हर घंटे हाथों को धोओ,साफ-सफाई को अपनाओ।अपनी पुस्तक को दोहराओ,यह अनमोल समय मत खोना।अपने पैर पसार चुका है,पूरी दुनिया में कोरोना।।शीतल प... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   7:30pm 31 Mar 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
नभ में छाये काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।दिन में छाया है अँधियारा,बादल से सूरज है हारा,बौराये हैं काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।चपला चम-चम चमक रही है,आसमान मॆं दमक रही है,बरस रहे हैं काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।बादल होते हैं मतवाले,जीवन जग को देने वाले,ब... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   10:30pm 6 Jul 2019 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
लम्बी-लम्बी हरी मुलायम।ककड़ी मोह रही सबका मन।।कुछ होती हल्के रंगों की,कुछ होती हैं बहुरंगी सी,कुछ होती हैं सीधी सच्ची,कुछ तिरछी हैं बेढंगी सी,ककड़ी खाने से हो जाता,शीतल-शीतल मन का उपवन।ककड़ी मोह रही सबका मन।।नदी किनारे पालेजों में, ककड़ी लदी हुईं बेलों पर,ककड़ी ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   1:43am 16 Apr 2018 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
मौसम कितना हुआ सुहाना।रंग-बिरंगे सुमन सुहाते।सरसों ने पहना पीताम्बर,गेहूँ के बिरुए लहराते।।दिवस बढ़े हैं शीत घटा है,नभ से कुहरा-धुंध छटा है,पक्षी कलरव राग सुनाते।गेहूँ के बिरुए लहराते।।काँधों पर काँवड़ें सजी हैं,बम भोले की धूम मची है,शिवशंकर को सभी रिझाते।गेहूँ के... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   11:30pm 14 Feb 2018 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
छिपा क्षितिज में सूरज राजा,ओढ़ कुहासे की चादर।सरदी से जग ठिठुर रहा है,बदन काँपता थर-थर-थर।।कुदरत के हैं अजब नजारे,शैल ढके हैं हिम से सारे,दुबके हुए नीड़ में पंछी,हवा चल रही सर-सर-सर।सरदी से जग ठिठुर रहा है,बदन काँपता थर-थर-थर।।कोट पहन और ओढ़ रजाई,दादा जी ने आग जलाई,मिल जात... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   1:07am 20 Dec 2017 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
कुहरा करता है मनमानी।जाड़े पर छा गयी जवानी।।  नभ में धुआँ-धुआँ सा छाया,शीतलता ने असर दिखाया,काँप रही है थर-थर काया,हीटर-गीजर शुरू हो गये,नहीं सुहाता ठण्डा पानी।जाड़े पर छा गयी जवानी।। बालक विद्यालय को जाते,कभी न मौसम से घबराते, पढ़कर सब काबिल बन पाते,करो साधना सच... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   1:31am 4 Dec 2017 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at नन्हे सुमन...
पूरब से जो उगता है और पश्चिम में छिप जाता है।यह प्रकाश का पुंज हमारा सूरज कहलाता है।। रुकता नही कभी भी चलता रहता सदा नियम से, दुनिया को नियमित होने का पाठ पढ़ा जाता है। यह प्रकाश का पुंज हमारा सूरज कहलाता है।। नही किसी से भेद-भाव ये बैर कभी रखता है, सदा हितैषी रह... Read more
clicks 430 View   Vote 0 Like   2:50pm 27 Jan 2017 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
मौसम कितना हुआ सुहाना।रंग-बिरंगे सुमन सुहाते।सरसों ने पहना पीताम्बर,गेहूँ के बिरुए लहराते।।दिवस बढ़े हैं शीत घटा है,नभ से कुहरा-धुंध छटा है,पक्षी कलरव राग सुनाते।काँधों पर काँवड़ें सजी हैं,बम भोले की धूम मची है,शिवशंकर को सभी रिझाते।तन-मन में मस्ती छाई है,अपनी बेरी ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   12:13am 21 Jan 2017 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
"गिलहरी"बैठ मजे से मेरी छत पर,दाना-दुनका खाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!तुमको पास बुलाने को, मैं मूँगफली दिखलाता हूँ,कट्टो-कट्टो कहकर तुमको,जब आवाज लगाता हूँ,कुट-कुट करती हुई तभी तुम,जल्दी से आ जाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!नाम गिलहरी, बह... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:42pm 17 Dec 2016 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
लम्बी-लम्बी हरी मुलायम।ककड़ी मोह रही सबका मन।।कुछ होती हल्के रंगों की,कुछ होती हैं बहुरंगी सी,कुछ होती हैं सीधी सच्ची,कुछ तिरछी हैं बेढंगी सी,ककड़ी खाने से हो जाता,शीतल-शीतल मन का उपवन।ककड़ी मोह रही सबका मन।।नदी किनारे पालेजों में, ककड़ी लदी हुईं बेलों पर,ककड़ी ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   1:00am 16 Apr 2016 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
कल केवल कुहरा आया था,अब बादल भी छाया है।हाय भयानक इस सर्दी ने,सबका हाड़ कँपाया है।।भीनी-भीनी पड़ी फुहारें,झीना-झीना उजियारा।आग सेंकता सरजू दादा,दिन में छाया अँधियारा।कॉफी और चाय का प्याला,सबसे ज्यादा भाया है। हाय भयानक इस सर्दी ने,सबका हाड़ कँपाया है।।आलू और शकरकन... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   1:08am 13 Dec 2015 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
"गिलहरी"बैठ मजे से मेरी छत पर,दाना-दुनका खाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!तुमको पास बुलाने को, मैं मूँगफली दिखलाता हूँ,कट्टो-कट्टो कहकर तुमको,जब आवाज लगाता हूँ,कुट-कुट करती हुई तभी तुम,जल्दी से आ जाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!नाम गिलहरी, बह... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   5:07am 2 Dec 2015 #बालगीत
Blogger: Poonam Srivastav at JHAROKHA...
लाला जी की पगड़ी गोलपगड़ी के अंदर था खोलपगड़ी में से निकला देखोरूपया एक पचास पैसा।हंसने लगे सभी बच्चेबजा-बजा के तालीलाला जी की पगड़ीरहती खाली-खाली।लाला जी शरम सेहो गये पानी-पानीकंजूसी की उनकीखुल गई थी कहानी।0000000000पूनम श्रीवास्तव... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   3:07pm 7 Sep 2015 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
बहुत पहले फेसबुक परडॉ. प्रीत अरोरा जी का यह चित्र देखातो बालगीत रचने सेअपने को न रोक सका! काश् हमारे भी पर होते।नभ में हम भी उड़ते होते।।पल में दूर देश में जाते,नानी जी के घर हो आते,कलाबाजियाँ करते होते।नभ में हम भी उड़ते होते।।चढ़े भाव हैं आज दूध के,बिलख रहे हम बिना दू... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   10:03am 28 Mar 2015 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
पापा की लग गई नौकरी,देहरादून नगर बाबा।कैसे भूलें प्यार आपका,नहीं सूझता कुछ बाबा।।छोटा घर है, नया नगर है,सर्द हवा चलती सर-सर है,बन जायेंगे नये दोस्त भी,अभी अकेले हैं बाबा।प्यारे चाचा-दादी जी की,हमको याद सताती है,विद्यालय की पीली बस भी,गलियों में नहीं आती है,भीड़ बहुत है इ... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   12:28am 15 Mar 2015 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
आयी होली, आई होली।रंग-बिरंगी आई होली। मुन्नी आओ, चुन्नी आओ,रंग भरी पिचकारी लाओ,मिल-जुल कर खेलेंगे होली।रंग-बिरंगी आई होली।। मठरी खाओ, गुँजिया खाओ,पीला-लाल गुलाल उड़ाओ,मस्ती लेकर आई होली।रंग-बिरंगी आई होली।। रंगों की बौछार कहीं है,ठण्डे जल की धार कहीं है,भीग रही टोल... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   9:28am 28 Feb 2015 #बालगीत
Blogger: Hemant Kumar at Fulbagiya...
सर्कस से भागा इक भालूसाथ में उसके बंदर कालूभालू के था हाथ में सोटासीटी लिये था साथ में कालू।चौराहे पर जाम दिखा तोपहुंचे पुलिस बूथ पर दोनोंबंदर सीटी बजा रहा थासोटा ले के जुट गया भालू।सारे पुलिस बूथ से भागेनया दरोगा सबसे आगेबंदर भालू ने जल्दी सेजाम हटा के सड़क की चालू।000... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   6:05pm 17 Nov 2014 #बालगीत
Blogger: Poonam Srivastav at JHAROKHA...
बिल्ली ने ये मन में ठानाचूहों को है सबक सिखानाखेल चुके घण्टी का खेलअब मुझको है शंख बजाना।बहुत विचार किया मौसी नेशुरू किया फ़िर गाना गानाजंगल के सारे जीवों कोलगी सिखाने ढोल बजाना।चूहों को भी शौक लगा फ़िरक्यूं ना सीखें हम भी गानाभूल गये मौसी का गुस्सालगे सीखने ढोल बजाना... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   4:56am 3 May 2014 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at सृजन मंच ऑनला...
मित्रों!आज से एक सप्ताह तक आप होली से सम्बन्धितअपनी रचनाएँ "सृजन मंच ऑनलाइन"परप्रकाशित करने की कृपा करें।--इस शृंखला में देखिए मेरी पहली पेशकश--बालगीत--आयी होली, आई होली।रंग-बिरंगी आई होली। मुन्नी आओ, चुन्नी आओ,रंग भरी पिचकारी लाओ,मिल-जुल कर खेलेंगे होली।रंग-... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   11:30am 11 Mar 2014 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at हँसता गाता बच...
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेबालगीत"टर्र-टर्र टर्राने वाला"टर्र-टर्र टर्राने वाला!मेंढक लाला बहुत निराला!!कभी कुमुद के नीचे छिपता,और कभी ऊपर आ जाता,जल-थल दोनों में ही रहता,तभी उभयचर है कहलाता,पल-पल रंग बदलने वाला!मेंढक लाला बहुत निराला!!लगता है यह बहुत भयानक,किन्तु ... Read more
clicks 336 View   Vote 0 Like   4:36am 11 Feb 2014 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at हँसता गाता बच...
माँ की आराधनाअपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेअन्धकार को दूर भगाएँ।मन मन्दिर में दीप जलाएँ।।जागो अब हो गया सवेरा,दूर हो गया तम का घेरा,शिक्षा की हम अलख जगाएँ।मन मन्दिर में दीप जलाएँ।।कुक्कुट कुकड़ूँकू चिल्लाया,चिड़ियों ने भी गीत सुनाया,आओ हम भी खिलकर गायें।मन मन्द... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   1:55pm 24 Jan 2014 #बालगीत
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