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Tag: परिवार

Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
‘हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार ज़िन्दगी में, खुशनसीब है वो जिसको है मिली ये बहार ज़िन्दगी में’इस गीत की ये पंक्तियाँ बड़े ही दार्शनिक भाव से आये दिन किसी न किसी मंच से पढ़ने को मिलती हैं. इस दार्शनिक भाव के पीछे प्यार की परिभाषा को कितना संकुचित करके बताया जाता है, इस पर क... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   6:16pm 6 Sep 2020 #परिवार
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
संबंधों को, रिश्तों को बचाने की कोशिश क्या सभी लोग करते हैं? क्या सभी लोग ऐसा करते होंगे? या इस तरह की हरकत कुछ विशेष लोगों में ही देखी जाती है? सामाजिक रूप से सक्रिय रहने के कारण और बिटोली अभियान के द्वारा कन्या भ्रूण हत्या निवारण जैसे कार्यक्रम का सञ्चालन करने के कारण प... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   6:13pm 31 Aug 2020 #परिवार
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
स्नातक स्तर तक की पढ़ाई पूरी न हो सकी थी कि पिताजी का आदेश मिला कि वापस घर आ जाओ, आगे नहीं पढ़ाना है. उस समय हम स्थिति समझ सकते थे. घर से पढ़ने के लिए ग्वालियर पहुँचे और वहाँ पढ़ने से ज्यादा नाम सामने आने लगा लड़ाई-झगडा करने में. कहते हैं न कि बद अच्छा, बदनाम बुरा. कुछ नाम वास्तविक ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   5:31pm 5 Jun 2020 #परिवार
Blogger: satish saxena at मेरे गीत !...
अंततः इंतज़ार समाप्त हुआ , विधि, गौरव की पुत्री मिट्ठी ने, आज (3April) म्युनिक, जर्मनी में जन्म लिया और मुझे बाबा कहने वाली इस संसार में आ गयी !मिट्ठी का स्वागत है अपने घर में , ढेरों प्यार से !गुलमोहर ने भी बरसाए लाखों फूल गुलाल के !नन्हें क़दमों की आहट से,दर्द न जाने कहाँ गएनानी ,द... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   7:44am 4 Apr 2019 #परिवार
Blogger: anshumala at mangopeople...
    हम अपने परिवार के सभी सदस्यों से जैसे चाहे वैसे अपने प्रेम का प्रदर्शन कर सकते है | माँ की गोद में सर  रख सो गए , भाई बहन को गले लगा लिया , पिता का हाथ पकड़ पार्क में दौड़ भाग लिए , दोस्तों के कंधे पर हाथ रख बतिया लिया , तो अपने बच्चो को  हमने चुम लिए | ये सभी हमारे ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   1:26pm 26 May 2018 #परिवार
Blogger: विवेक रस्तोगी at कल्पनाओं का व...
    खुशी मतलब कि जब हम दिल से, आत्मा से, अंतरतम से प्रसन्न होते हैं, जिसके मिलने से हमारे रोयें रोयें खड़े हो जाते हैं और ऐसा लगता है कि दुनिया का सारा आनंद हमें मिल गया है। हम इस अवस्था को तभी प्राप्त होते हैं जब ऐसी कोई चीज हमें मिल जाये जिसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं हो... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   7:45am 22 Mar 2015 #परिवार
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   हमारे परिवार में एक आनन्द दायक परंपरा है; जब हम सब घर पर होते हैं और हम में से कोई पुकारता है, "पारिवारिक आलिंगन"तो हम सब एक ही स्थान पर एक साथ जमा हो जाते हैं, सामान्यतः यह हमारे रसोई घर में होता है; मैं बच्चों को अपने से चिपका लेती हूँ और मेरे पति हम सबको आलिंगन में भर ल... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   3:15pm 14 Sep 2014 #परिवार
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   जब प्रभु यीशु ने अपने चेलों को प्रार्थना करना सिखाया, तो प्रार्थना आरंभ करते हुए परमेश्वर को संबोधित करने के लिए जो शब्द प्रयोग करने को कहा वे हैं "हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है" (मत्ती 6:9)। परमेश्वर के वचन बाइबल में ऐसे ही अनेक अन्य पद हैं जहाँ परमेश्वर को पिता के... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   3:15pm 15 Jun 2014 #परिवार
Blogger: shashi kant trigun at परछाईं...
अमेरिका-यूरोप की महिलाएं रिश्तों में मनमानेपन से ऊब चुकी हैं,और लड़कियां भी यह सब देखकर डरने लगी हैं। सामाजिक रिश्तों पर नियंत्रण रखने वाला परिवार नाम की कोई संस्था नहीं बची है। वहां की लड़कियों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा का डर सताने लगा है। लेकिन भारतीय लड़के  परिवा... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   3:35pm 30 Sep 2012 #परिवार
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
उजड़ गयीजब फसल सारीतुम पूछतेखलिहान कहाँ हैबिखर चुकाजब परिवार सारातुम पूछते घर कहाँ हैखुद गएरास्ते में गडडेअब पूछते होरास्ता कहाँ हैंकैसे बताऊँखुद ने ही मारी थीकुल्हाड़ीअपने पैरों परचढ़ाया थासब को सर परसमझाया थाकोई बड़ा नहींकोई छोटा नहींसब बराबर घर में02-06-2012556-76-05-12Dr.... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   6:23pm 27 Jul 2012 #परिवार
Blogger: RITIKA RASTOGI at फुर्सत के पल.....
सोचा था, कई बार से गद्य लिख रही हूँ, इस बार कोई कविता डालूंगी मगर आज कुछ ऐसा हुआ कि फिर मन बदल गया.पिछले काफी समय में मैंने कई टूटती-जुडती प्रेम कहानियां और सफल-असफल शादियाँ देखी हैं. उन्हें देखकर जाना है कि जो भी जैसा भी है, उसके पीछे सबसे अहम् कारण परिवार है. साधारणतः लोगो... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   11:20am 15 Apr 2012 #परिवार
Blogger: dinesh chandra gupta ravikar at गंगा-दामोदर ब...
 पुरुष- प्रश्न कितने अपरचित ले गएधनिया उखाड़ कर -मैंने छुआ तो  मुझको बाहर भगा  दिया ?सब्जी बनाई थी खुश्बू भी आ सके -- ऐ बेमुरौवतक्यों ठोकर लगा दिया |             स्त्री -उत्तर किचेन  में  तुम्हारी,   तीन  पीढ़ी  से  --क्या घर  की  कोई  बेटी,  खाना  बनाई है ?तेरी  न  कोई  फुफ्फी, बा... Read more
clicks 373 View   Vote 0 Like   6:40am 18 Oct 2011 #परिवार
Blogger: dinesh chandra gupta ravikar at गंगा-दामोदर ब...
 टुकड़े-टुकड़े था  हुआ,  सारा   बड़ा   कुटुम्ब, पाक, बांगलाब्रह्मबन, लंकासे जल-खुम्ब || (मेरा बड़ा परिवारबाबा, परबाबा के भाइयों बीच बँटना शुरू हो गया था )( प्राचीन अखंड भारत खंड-खंड हो गया था)   अब घर छत्तीसगढ़हुआ,चंडीगढ़था यार,पांडिचेरी  बन  गया, बिखरा घर-परिवार ||(पत्नी के साथ ३... Read more
clicks 315 View   Vote 0 Like   4:33pm 12 Oct 2011 #परिवार
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