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Tag: दोहे

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--यौवन है सबसे बड़ा, कुदरत का उपहार।सुन्दरता तो स्वयं में, होती है शृंगार।।--परिचय की होती नहीं, यौवन को दरकार।होता है सौन्दर्य का, नयनों से दीदार।।--अधिक समय रहता नहीं, जीवन में ठहराव।बढ़ती है जब आयु तो, आते हैं बदलाव।।--गरमी पावस-शीत का, चलता रहता चक्र।होती है आकाश में, चा... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   8:30pm 14 Oct 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
 --गाँधी और पटेल ने, जहाँ लिया अवतार।मोदी का गुजरात ने, दिया हमें उपहार।।--देवताओं से कम नहीं, होता है देवेन्द्र।सौ सालों के बाद में, पैदा हुआ नरेन्द्र।।--साधारण परिवार का, किया चमन गुलजार।मोह छोड़ संसार का, त्याग दिया घर-बार।।--युगों-युगों के बाद में, लेते जन्म सपूत।दया... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   1:18am 17 Sep 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--मन में जब उगने लगे, विष की पापी बेल।चूहे-बिल्ली का  शुरू, तब होता है खेल।।--माया नगरी में बढ़ी, आपस में तकरार।बड़बोलेपन से नहीं, लोग मानते हार।।--एक तीर से हो रहे, बिना लक्ष्य के वार।लड़ती हैं नेपथ्य में, दोनों ही सरकार।।--दो पाटों के बीच में, पिसता निरअपराध।कँगना की ... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   11:30pm 10 Sep 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--दादा जी का था कभी, देखा जैसा रूप।वैसा ही अनुमान से, बना दिया प्रतिरूप।।--दादा-दादी का नहीं, घर में कोई चित्र।मन में मेरे है बसा, उनका मात्र चरित्र।।--फोटोग्राफी उस समय, रही चलन से दूर।चित्राकंन से इसलिए, रहा आम मजबूर।।--दादी को देखा नहीं, कैसा था आकार।मन ही मन करता उन... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   8:30pm 6 Sep 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--कोरोना के काल में, मत होना मगरूर।एक-दूसरे से अभी, रहना होगा दूर।।--घूम रहा संसार में, कोरोना का दैत्य।रह कर हमें सचेत ही, करनी होगी *चैत्य।। *चिन्ता--कोरोना ने आज तो, बिछा दिया है जाल।सभी जगह परिवेश में, दस्तक देता काल।।--आवारा सा हो गया, दूषित प्रबल बहाव।कोरोना का है नहीं, ए... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   7:30pm 9 Aug 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--जब हर घर में जन्मते, दुनिया में इंसान।मानवता का क्यों हुआ, फिर जग में अवसान।।--देख दशा संसार की, हुए हौसले पस्त।भरी दुपहरी में हुआ, मानो सूरज अस्त।।--मान और अपमान का, नहीं किसी को ध्यान।सरे आम इंसान का, बिकता है ईमान।।--भरे पड़े इस जगत में, बड़े-बड़े धनवान।श्री के बिन कैसे ... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   10:55am 7 Aug 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--फ्रांस देश से आ गया, जंगी यान रफेल।चीन-पाक की नाक में, अब पड़ गयी नकेल।।--अब ड्रैगन-नापाक का, भन्ना रहा दिमाग। दिल पर इनके लोटने, आज लगे हैं नाग।।--कूटनीति का है नहीं, अपना कहीं जवाब। गाल बजाने से कुटिल, कैसे बने नवाब।।--ओढ़ लबादा शेर का, वीर न हो शृंगाल।पहचाने जाते यहाँ, करत... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   12:15pm 30 Jul 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--रिश्तों-नातों से भरा, सारा ही संसार।प्यार परस्पर हो जहाँ, वो होता परिवार।।--सम्बन्धों में हों जहाँ, छोटी-बड़ी दरार।धरती पर कैसे कहें, कौन सुखी परिवार।।--एक दूसरे के लिए, रहो सदैव उदार।प्यार सुखी परिवार का, होता है आधार।।--अपने कुनबे में करो, कभी न झूठा प्यार।सबके प्रति प... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   7:30pm 26 Jul 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--आये थे हरि भजन को, ओटन लगे कपास। कैसे जीवन में उगे, हास और परिहास।।--बन्धन आवागमनका, नियम बना है खास। अमर हुआ कोई नहीं, बता रहा इतिहास।।--निर्बल का मत कीजिए, कभी कहीं उपहास। आँधी में तूफान में, जीवित रहती घास।।--तुलसी-सूर-कबीर की, मीठी-मीठी तान। निर्गु... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   7:30pm 30 Jun 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--पल-पल रंग बदल रहा, चीन चल रहा चाल।क्रोधित अब भारत हुआ, देख समय विकराल।।--करके शस्त्र प्रयोग को, बैरी को दो मार।सेना को सरकार ने, दिये सभी अधिकार।।--बदला लेने के लिए, मत करना अब देर।वीर सौनिकों चीन को, करना होगा ढेर।।--अभिमानी के मान का, मर्दन है संकल्प।एकमात्र अब युद्ध का, ब... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   1:43am 18 Jun 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--काम कलम का बोलता, नहीं बोलता नाम।छोड़ मान-व्यामोह को, करते रहना काम।।--लोगों में सम्मान की, लगी हुई है होड़।करते लोग खुशामदें, मसी-लेखनी छोड़।।--दिल पर करते असर हैं, दिल से निकले भाव।बिना कलम के आसरे, पार न होगी नाव।।--प्रतिभाओं का हो रहा, दुनिया में अपमान।क्रय करते कुछ लो... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   4:14am 5 Jun 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--गघे नहीं खाते जिसे, तम्बाकू वो चीज।खान-पान की मनुज को, बिल्कुल नहीं तमीज।।--रोग कैंसर का लगे, समझ रहे हैं लोग।फिर भी करते जा रहे, तम्बाकू उपयोग।।--खैनी-गुटका-पान का, है हर जगह रिवाज।गाँजा, भाँग-शराब का, चलन बढ़ गया आज।।--तम्बाकू को त्याग दो, होगा बदन निरोग।जी... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   1:41am 31 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--पत्रकारिता दिवस पर, होता है अवसाद।गुणा-भाग तो खूब है, मगर नहीं गुणवाद।।--पत्रकारिता में लगे, जब से हैं मक्कार।छँटे हुओं की नगर के, तब से है जयकार।।--समाचार के नाम पर, ब्लैकमेल है आज।विज्ञापन का चल पड़ा, अब तो अधिक रिवाज।।--पीड़ा के संगीत में, दबे खुशी के बोल।देश-वेश-प... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   12:23am 30 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--जब भी लड़ने के लिए, लहरें हों तैयार।कस कर तब मैं थामता, हाथों में पतवार।।--बैरी के हर ख्वाब को, कर दूँ चकनाचूर।जब अपने हो सामने, हो जाता मजबूर।।--जब भी लड़ने के लिए, होता हूँ तैयार।धोखा दे जाते तभी, मेरे सब हथियार।।--साधन हो पैसा भले, मगर नहीं है साध्य।हिरती-फि... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   12:18am 27 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--अब अपनी सरकार ने, खड़े कर दिये हाथ।जीना होगा खुद हमें, कोरोना के साथ।।-- नहीं अभी कम है हुई, कोरोना की मार।सामाजिक अलगाव से, होगा बेड़ा पार।।--धीरे-धीरे हो रहा, जन-जीवन सामान्य।लोगों के घर में पुनः, आयेगा धन-धान्य।।--पालन करने हैं हमें, नियम और निर्देश।अनुशासन के साथ ही, स... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   12:25am 21 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--कोरोना के काल में, मौमिन को ताकीद।करना दुआ-सलाम ही, गले न मिलना ईद।।--बढ़ता जाता देश में, कोरोना का दम्भ।तालाबन्दी का हुआ, चरण चार आरम्भ।।--कोरोना की बढ़ रही, दिन-प्रतिदिन रफतार।ऐसी हालत देखकर, हैरत में सरकार।।--कोरोना के सामने, दुनिया है लाचार।दिखते सब चंगे-भले, लेकिन है... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   4:22am 18 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--सूरज तन झुलसा रहा, दुनिया है बेहाल।गुलमोहर का हो गया, बूटा-बूटा लाल।।--जितनी गरमी पड़ रही, उतना निखरा रूप।गुलमोहर खिलने लगा, खा कर निखरी धूप।। --सड़क किनारे है खड़ा, केसरिया को धार।सब लोगों को बाँटता, मुलमोहर उपहार।।--गरम हवाएँ पी रहा, खड़ा अनोखा सन्त।जेठ मास में आ... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   7:30pm 8 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--समता और समानता, था जिनका अभियान।जननायक थे देश के, बाबा भीम महान।।--धन्य-धन्य अम्बेडकर, धन्य आपके काज।दलितों वर्ग से आपने, जोड़ा सर्वसमाज।।--दिया हमें कानून का, खिला हुआ बागान।भीमराव अम्बेदकर, थे भारत की शान।।--समावेश करके सभी, देशों का मजमून।हितकारी सबके लिए, लिख... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   12:27pm 13 Apr 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--देशभक्ति का हो रहा, पग-पग पर अवसान।सब अपने ही नाम का, करते हैं गुणगान।।--देशभक्ति के हो रहे, रंग आज बदरंग।जनहित के कानून को, लोग कर रहे भंग।।--देशभक्ति का मत करो, कभी कहीं उपहास।देख आपदा काल को, घर में करो निवास।।--तबलीगी मरकज बना, भारत में शैतान।देश विरोधी कर रहा, वो जार... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   7:30pm 3 Apr 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--लिए अजूबे साथ में, कुदरत की करतूत।आलू धरती में पलें, डाली पर शहतूत।।--धुँधला सा नभ हो गया, बरसा नभ से नीर।बदला मौसम तो हुआ, मनवा बहुत अधीर।।--उपवन में मिलने लगा, भँवरों को मकरन्द।कुदरत की शीतल हवा, देती है आनन्द।।--लीची बौरायी हुई, ललचाते हैं आम।खरबूजा-तरबूज की, शोभा ह... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   7:30pm 1 Mar 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
रुद्रपुर (ऊधमसिंहनगर) में देशज सर्वोदय सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित देशी मेला एवं होली महोत्सव में आयोजित कवि सम्मेलन में मेरा काव्य पाठ।मित्रों!आज प्रस्तुत हैं मेरी तीन पुरानी रचनाएँ--(1)फूलों की मुझको चाह नहीं,मैं काँटों को स्वीकार करूँ।चन्दन से मुझको मोह नहीं,ज... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   7:30pm 29 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
0-0गूँगी गुड़िया बोलती, अब बातें बेबाक।चमत्कार को देखकर, दुनिया है आवाक।।0-0गया महीना माघ का, आया फागुन मास।लोगों को होने लगा, गरमी का आभास।।0-0दस्तक देता द्वार पर, होली का त्यौहार।धूल भरी चलने लगी, चारों ओर बयार।।0-0आया समय बसन्त का, खिलने लगा पलाश।देख विफलताएँ कभी, होना नही... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   7:30pm 28 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--सारा उपवन महकता, चहक रहा मधुमास।होली का होने लगा, जन-जन को आभास।।--गेहूँ का अब हो गया, कुन्दन जैसा रूप।सरसों और मसूर को, सुखा रही है धूप।।--प्रेम और सौहार्द्र है, होली का आधार।बैर-भाव को भूलकर, कर लो सबसे प्यार।।--सन्तों के सपने करो, जीवन में साकार।गले मिलो सब प्यार से, कहता ... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   1:26am 27 Feb 2020 #दोहे
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA at मेरी दुनिया...
दिल्ली की पब्लिक प्रिये, फिर से हुई हलाल।माल मुफ्त का हजमकर, चुना केजरीवाल।।1।।पप्पू तब भी फेल था, पप्पू अब भी फेल।जीरो की स्पीड पर, खिसक रही है रेल।।2।।योगी गैंया बैल को, दिल्ली देते भेज।और केजरीवाल का चरवा लेते खेत।।3।।कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य कर... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   4:23pm 16 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--सुमनों से करते सभी, प्यार और अनुराग।खेतों में मधुमक्खियाँ, लेने चलीं पराग।।-- आते ही मधुमास के, जीवित हुआ पराग।वासन्ती परिवेश में, रंगों का है फाग।।--उपवन में आकर मधुप, छेड़ रहे हैं राग।आम-नीम के बौर में, जीवित हुआ पराग।।--वासन्ती ऋतु आ गयी, शीत गया है भाग।फूलों का मधुमा... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   7:30pm 13 Feb 2020 #दोहे
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