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Tag: दोस्ती

Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
किसी से पहचान होना, किसी से कोई रिश्ता बन जाना, किसी से सम्बन्ध हो जाना, किसी से दोस्ती होना, किसी से सामान्य सा व्यवहार रखना आदि ऐसा लगता है जैसे अपने हाथ में नहीं वरन पूर्व निर्धारित होता है. कोई अकारण ही मन को, दिल को पसंद आने लगता है. कभी ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति ने कु... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   7:25am 3 Jan 2021 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो किसी भी रिश्ते से बड़ा है. हमने व्यक्तिगत रूप से महसूस किया है कि इस रिश्ते में जितना अधिकार है उतना किसी और रिश्ते में नहीं. हो सकता है कि बहुत से लोगों को इससे आपत्ति हो क्योंकि रिश्तों की कसौटी पर बहुत बार कई लोग दोस्ती से ऊपर पति-पत्नी के संबं... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   5:40pm 10 Oct 2020 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
सामाजिक रिश्तों, संबंधों में आज चाहे जितना स्वार्थ आ गया हो, चाहे जितनी भौतिकता हावी हो गई हो मगर आज भी दोस्ती को सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है. समाज के अपने विकासपरक आयाम भले ही बनते रहे हों मगर दोस्ती के आयाम उसी तरह पावन, पवित्र बने रहे हैं. समय की बदलती गति में अक्सर ... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   6:03pm 3 Sep 2020 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
कभी अच्छा माना जाता होगा दोस्तों को गलत राह पर जाने से रोकना, अब इसे दगाबाजी समझा जाने लगा है. दोस्ती का तात्पर्य, दोस्त का अर्थ महज एक-दूसरे से मिलना, मौज-मस्ती करना, समय बिताना मात्र नहीं होता है. दोस्त का सन्दर्भ ही बहुत पावन है, दोस्ती का अर्थ ही बहुत व्यापक है. इसमें कि... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   6:10pm 8 Aug 2020 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
किसी गलती की क्या सजा हो सकती है? ये गलती पर निर्भर करता है या सजा देने वाले की मानसिकता पर? अब सजा देने वाले के मन की कोई क्या जाने मगर जहाँ तक हमारी व्यक्तिगत राय है तो कोई भी सजा उसकी गलती के आधार पर ही निर्धारित होनी चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि सजा देने वाले की मानसिकता मे... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   6:25pm 10 Jul 2020 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
किसी घटना के सामने आने के बाद वैचारिकी उसी तरफ मुड़ जाती है या कहें कि तमाम विचार उसी घटना के इर्द-गिर्द भटकने लगते हैं. इन विचारों में पक्ष, विपक्ष जैसी स्थिति देखने को मिलने लगती है. विचार-विमर्श की दृष्टि से ऐसा होना गलत नहीं है मगर इसे लेकर विचार रखने वाले का आकलन, विश्... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:17pm 19 Jun 2020 #दोस्ती
Blogger: मधुलिका पटेल at मेरी स्याही क...
ऐ ज़िन्दगी तू इतना क्यों रुलाती है मुझे ये आँखे है मेरी कोई समंदर या दरिया नहीं --- ~ ---गुज़रे हुए कल मैंने तो हद कर दी वक़्त से ही वक़्त की शिकायत कर दी --- ~ ---मेरी मुस्कान गिरवी रखी थी जहाँवो सौदागर ही न जाने कहाँ गुम हो गयान तो मेरी चीज़ लौटाईन ब्याज़ बताया--- ~ ---तुम... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   5:25pm 26 Dec 2017 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
आज की कविता मेरे एक बिछड़े दोस्त पर,  काटकर ले गया कोई वो मेरा दोस्त, नीम का पेड़. रोज जिससे दिल की हर बात बताती थी, अब किसे बताऊँ दिल का राज?  अब किसे बताऊँ तुम्हारी बात? दुनिया समझ न सके वो दर्द  अब किससे कहूँ दिल का हर राज?  शाम को मिलता था फुरसत से. मुस्कुराते हरे,  लहलहा... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   11:52am 11 Feb 2016 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
कुछ दिनों पहले 'काफिया पोएट्री' द्वारा सुझाए शब्द 'अधुरा' पर छोटी कविताएँ जिसे मैं पंखुडियां कहती हूँ ट्वीट की थी. अधूरेपन की अलग अलग छटाओं पर कुछ और नई कविताएं... फिर वही बात दिल से उठती है अधूरे हैं ख्वाब अभी अधूरी हैं साँसे अधूरी है जिंदगी मिले बिना बिछड़े साथी से  ~~o~... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   5:59am 16 Jan 2016 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
आज कुछ पंक्तियाँ दोस्ती पर... बेवजह यूँही मुस्कान खिल उठे  लबों पर  जिसकी याद आने से  बेवजह यूँही सारे गम मिट जाए  जिसकी याद आने से  बेवजह यूँही आँखें देखने लगे खुबूसूरती अदृश्य हवा में  जिसकी  याद आने से ...वही दोस्त होता है सच्चा अपने दिल का   क्या आपने भी इसे अनुभव किया ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:44pm 2 Nov 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
कभी कभी उलझन भी कविता बन जाती है। न तुमको समझ पाती हूँ मैं  न मेरे इस बेचैन दिल को कैसी उलझन बन गई है जिन्दगी न तुम सुलझा पाओ न मैं सुलझा पाऊं रस्म-ए-इश्क क्यों होती है इतनी मुश्किल पास होकर भी तुम्हारे दिल के  दिल की बात न कर पाऊं  एक बार भी समझ जाती सुलझाना मेरे दिल ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:49pm 1 Nov 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
आज कुछ काव्यपुष्पों की या कहूं की भावनाओं की पंखुडियां ट्वीट की थी| उन्हींका विस्तृत हिंदी रूपांतरण ... शनिवार की शाम, न कोई काम, न दिल को आराम  कुछ खालीसे बहके ख्याल  अब आगे क्या? डार्क कॉफ़ी की कड़वाहट  सुकून से लाये मेरे चेहरेपर  खिलखिलाती मुस्कराहट  ~~~ o ~~~ पढ़ती हूँ गहरी क... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   5:02pm 10 Oct 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
कुछ ऐसेही आज लिखने का मन हुआ,  आपका गुस्सा, आपकी हताशा, आपकी नफरत? मैं फिर भी वही हूँ... बदली नहीं जरा भी, हमेशा की तरह  मधुर, शांत, और  मृदुमना  This poem in English from Narayankripa:  Immune दोस्ती की बात निकली ही है तो कुछ और कविताएँ इसी विषयपर: अनकही भावनाएँ  ... तो मुझसे बात करो   प्यार होता ह... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   8:59am 7 Oct 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
जहाँ अपने दोस्त हो, वहाँ जैसे भी हालात हो कुछ परेशानी नहीं होती| और जहाँ अपने न हो वहाँ... इसी शहरमें, हम मिलते थे कभी, बाते करते थे आज केवल अकेलापन है... इसी शहरमें, बाजार की भीड़ में, गाड़ियों के शोर में, आज एक चुपचाप बेचैनसा अकेलापन है ... इसी शहर में, जहाँ हम कभी ‘साथ’ चल... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   5:32am 13 Sep 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
आदर्श मित्रता कैसे होती है? बस...साथ देना! अपने दोस्त को साथ देना, अच्छे बुरे समय में हर वक्त 'मैं तुम्हारे साथ हूँ', यह एहसास ही दोस्ती को इतना खास बनाता है |  इसी एहसास पर एक प्यारी सी कविता... जिन्दगी से रूठ जाओ कभी  तो मुझसे बात करो  जिन्दगी तुमसे रूठे कभी  तो मुझसे बात करो... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   3:38am 2 Jun 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
आज की कविता प्यार के छोटे छोटे से क्षणों पर, जो हम सबकी जिन्दगी में होतें हैं, लेकिन जिनका महत्त्व कभी कभी हम भूल जातें हैं| एक छोटीसी कविता थी हमारा प्यार और आज बन गई है मेरी जिन्दगी छोटी छोटी सी थी वो बातें जो तुम कहते थे और आज बन गई है वही प्यार की सौगात   एक छोटासा... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   4:51pm 2 May 2015 #दोस्ती
Blogger: Mohini Puranik at चैतन्यपूजा...
आज की कविता कुछ अलग नए अंदाज में! मुझे उम्मीद है, आपको जरूर अच्छी लगेगी| यह अबोली के फूल हैं| अबोली का अर्थ मराठी में जो अबोल मतलब बोलती नहीं, ऐसा है|  क्या यह कभी किसीसे नाराज हो सकती है? इसका तो नाम ही अबोली है,  इसलिए अबोल ही रहती है| यह कविता इस अबोली की कविता है.. हालात ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   4:28pm 28 Mar 2015 #दोस्ती
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