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Tag: जीवन

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
ईनार******* मन के किसी कोने में   अब भी गूँजती हैं कुछ धुनें   रस्सी का एक छोर पकड़   छपाक से कूदती हुई बाल्टी   ईनार पर लगी हुई चकरी से   एक सुर में धीरे-धीरे ऊपर चढ़ती बाल्टी   टन-टन करती बड़ी बाल्टी छोटी बाल्टी   लोटा-कटोरा और बाल्टी-बटलोही   सब ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   1:36pm 23 Jun 2020 #जीवन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--जीवन !दो चक्रकभी सरलकभी वक्र,--जीवन !दो रूपकभी छाँवकभी धूप--जीवन!दो रुखकभी सुखकभी दुःख--जीवन !दो चक्रकभी सरलकभी वक्र,--जीवन !दो रूपकभी छाँवकभी धूप--जीवन!दो रुखकभी सुखकभी दुःख--जीवन !दो खेलकभी जुदाईकभी मेल--जीवन !दो ढंगकभी दोस्तीकभी जंग--जीवन !दो आसकभी तमकभी प्रकाश--जीवन !दो स... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   6:53am 16 Jun 2020 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
का मना ? क्या है मन में  दो ही तो हैं यहाँ एक ‘मैं’ दूजा ‘तू’  ‘मैं’ है, तो यही कामना है   अर्थात बंधन  यदि ‘तू’ है तो मुक्ति ! ‘मैं’  किसी का बचता नहीं  ‘तू’ कभी मिटता नहीं  ‘मैं’ लहर है ‘तू’ सागर है  ‘मैं’ किरण है ‘तू’ दिनकर है  ‘मैं’ युक्त है तुझसे पर जानता नहीं  ‘मैं... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   10:33am 9 Jun 2020 #जीवन
Blogger: दिनेशराय द्विवेदी at अनवरत...
पता नहींदोनों क्या कर रहे थे। लेकिन पर फड़फड़ाने की आवाजें बहुत जोर की थीं। फिर एक-एक कर तिनके गिरना शुरु हुए। मैं वहाँ से चला आया। कुछ देर बाद शोभा ने आ कर बताया कि उन्हों ने अपना घर गिरा कर नष्ट कर दिया है। मैं ने जा कर देखा तो सारी बालकनी में कबूतर का घोंसला गिरा पड़ा था... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   11:28pm 14 May 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
एकांत   ******* अपने आलीशान एकांत में   सिर्फ अपने साथ रहने का मन है   जिन बातों को जिलाया मन में   स्वयं को वह सब कहने का मन है   सवालों के वृक्ष जो वटवृक्ष बन गए   उन्हें जमींदोज कर देने का मन है।   मेरे हिस्से में आई है नफरत ही नफरत   उसे दूर किसी गहरी... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   5:30pm 26 Mar 2020 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें देश अपना फले-फूले संस्कृति अद्धभुत यहाँ की  सृष्टि के नव राज खोले,  पूर्वजों ने दी विरासत  वेद की हर ऋचा बोले ! धर्म के पथ पर चलें सब  अर्थ का भंडार भर लें,  कामना भी पूर्ण होगी  मोक्ष का भी स्वाद चख लें ! पांव धरती पर टिके हों  भा... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   9:49am 25 Jan 2020 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
मन से अमन तक  हर श्वास वर्तमान में घटती है  हर वचन वर्तमान में बोला जाता है  हर भाव वर्तमान में जगता है  हर फूल वर्तमान में खिलता है  हर भूख वर्तमान में लगती है  हर गलती वर्तमान में ही हो रही होती है  सब कुछ घटा है और घट रहा है वर्तमान में  तो मन क्यों नहीं रहता वर्तमान ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   10:47am 2 Dec 2019 #जीवन
Blogger: Kopal at नन्ही कोपल...
       कितना अच्छा महसूस होता है कि मैं बेटी हूँ । बेटी होना अपने आप में एक अदभुत एहसास है अगर कल को मेरी बेटी जन्म लेती है तब उस एहसास में खुद बेटी होना मेरा आत्मविश्वास है । पर मैं बेटी हूँ अपने आंगन की ये मेरा विश्वास है ।       हम बेटियां हैं हम में विश्वास है द... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   6:40pm 21 Sep 2019 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
मृगतृष्णा सा सारा जीवन जो भी चाहो सब मिलता है  माया का जादू चलता है, फिर भी जीवन उपवन सूना दिल का फूल कहाँ खिलता है ! रूप रंग है कोमल स्वर भी थमकर देखें समय कहाँ, सपनों का इक नीड़ बनाते नींद खो गयी चैन गया ! अरमानों को बड़ा सहेजा चुन-चुन कर नव स्वप्न संजोये, बिखर गये स... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   7:13am 29 Jul 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      जौन एफ. बर्न्स चालीस वर्ष तक ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के लिए संवाददाता के रूप में कार्य करते रहे और संसार भर में होने वाली घटनाओं के बारे में लिखते रहे। अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात, 2015 में उन्होंने अपने एक साथी संवाददाता और निकट मित्र, जो अब कैंसर से मर रहा था, के ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   3:15pm 25 Jul 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      अमेरिका के सिकोया वृक्ष सँसार के सबसे विशाल और टिकाऊ वृक्षों में से एक है। वह एक वृक्ष 300 फीट ऊँचा,  25 लाख पौंड (11 लाख किलो) वज़नी, और 3000 वर्ष तक जीवित रहने वाला हो सकता है। इस विशाल सिकोया वृक्ष का यह प्रदर्शित आकार और वैभव, सतह के नीचे अदृश्य जड़ों पर आधारित है। उस... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   3:15pm 16 Jul 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      मेरे पिता युवावस्था में, अपने मित्रों के साथ शहर से बाहर जा रहे थे, कि वर्षा से गीली सड़क पर उनकी कार के टायर फिसलने से कार की भयानक दुर्घटना हो गई, जिससे उनके एक मित्र की मृत्यु हो गई, दूसरे को लकवा मार गया, और मेरे पिता को मृतक कह कर शव-ग्रह में डाल दिया गया। उनके... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   3:15pm 16 Jun 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      मुझे कभी नहीं भूलेगा कि मैं अपनी सहेली के भाई की मृत्यु के समय उसकी शैया के निकट बैठी थी। वह साधारण में असाधारण के आगमन का दृश्य था। हम तीन जन शान्त होकर बातचीत कर रहे थे जब हमें एहसास हुआ कि रिचर्ड खींच-खींच कर साँस लेने लगा है। हम उसके चारों ओर जमा हो गए, उसे द... Read more
clicks 247 View   Vote 0 Like   3:15pm 30 Mar 2019 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
जीवन मधुरिम काव्य परम का फिरे सहज श्वासों की माला मन भाव सुगंध बने, जीवन मधुरिम काव्य परम का इक सरस प्रबंध बने ! जगती  के इस महायज्ञ में आहुति अपनी भी हो, निशदिन बंटता परम उजास मेधा ही ज्योति हो ! शब्द गूँजते कण-कण में नित बांचें जान ऋचाएं, चेतन हो हर मन सुन जिसको गी... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   5:24am 28 Mar 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      हमारे पुत्र और बहु के सामने एक विकट स्थिति थी; हमारा पोता निमोनिया और ब्रोंकाइटिस से ग्रस्त था और उन्हें उसे अस्पताल लेकर जाना था। उन्होंने हम से पूछ कि क्या हम उनके पाँच वर्षीय बेटे, नेथन, को स्कूल से घर ले कर आ सकते हैं? मैं और मेरी पत्नि इसके लिए सहर्ष तैयार... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   3:15pm 11 Feb 2019 #जीवन
Blogger: Himkar Shyam at शीराज़ा [Shiraza]...
(एक) रात अँधेरी कान्तिमय दीपक कंपित प्रज्वलित खड़ा अकेला सुख-दुःख संताप लड़ना चुपचाप (दो) सृजन सीख ठूंठ पर कोपल दुःख पे सुख जय आवाजाही है पतझड़ वसंत हंसते रोते जन (तीन) लघु जीवन कंटकित डगर कोशिशें बेअसर व्यथित मन हारे बैठे क्यूँ भला सीखें जीने की कला [सेदोक... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   2:48pm 4 Feb 2019 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
‘मैं’ से ‘हम’ होने में सुख है  दिल में जोश गीत अधरों पर लिए हाथ में हाथ डोलते, इक दूजे के मित्र बने अब अंतर्मन के राज खोलते ! जीवन एक यात्रा अभिनव प्रियतम का यदि संग साथ हो, ‘मैं’ से ‘हम’ होने में सुख है  धूप कड़ी या घन वर्षा हो ! दिवस महीने बरस दशक अब संग-संग जीते बी... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   4:26am 25 Jan 2019 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ      अपने आत्मिक जीवन को और परिपक्व करने तथा परमेश्वर के प्रति और अधिक धन्यवादी होना सीखने के लिए सू ने अपने लिए एक “धन्यवादी-मर्तबान” बनाया। प्रति संध्या वह एक कागज़ पर कम से कम एक ऐसी बात जिसके लिए वह परमेश्वर की धन्यवादी रही ... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   3:15pm 1 Jan 2019 #जीवन
Blogger: vani sharma at ज्ञानवाणी...
आपको पता है न. उसने जीवन भर हमारे साथ कितना बुरा व्यवहार किया. कभी हमारी तो क्या बच्चों की शक्ल तक नहीं देखी. कभी होली दिवाली नमस्कार करने जैसा भी नहीं. फिर भी हम सब भुलाकर रिश्ता निभाते रहे.हाँ. बात तो आपकी सही है. हमारे साथ भी उसका यही व्यवहार था.पर उस दिन उसकी गलती थी. कित... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   8:38am 23 Oct 2018 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
पाया परस जब नेह का तेरे बिना कुछ भी नहीं तेरे सिवा कुछ भी नहीं, तू ही खिला तू ही झरा तू बन बहा नदिया कहीं ! तू लहर तू ही समुन्दर हर बूंद में समाया भी, सुर नाद बनकर गूँजता गान तू अक्षर अजर भी ! है प्रीत करुणा भावना सपना बना तू भोर में, छू पलक तू ही जगाता सुख सम भरा हर पोर म... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   8:05am 23 Aug 2018 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      मेरी सहेली के शब्दों से मुझे पीड़ा हुई। मेरे दृढ़ विचारों के प्रति उसकी तीक्षण टिप्पणियाँ मेरे मन में गूंज रही थी, और मुझे सोने नहीं दे रही थीं। बिस्तर पर लेटे लेटे मैंनें परमेश्वर से परिस्थिति पर जयवंत होने के लिए बुद्धिमता और शान्ति माँगी। इसके कई सप्ताह प... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   3:15pm 26 Jul 2018 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
अस्तित्त्व और हम अस्तित्त्व खड़े करता है प्रश्न खोजने होते हैं जिनके उत्तर हमें आगे बढ़ने के लिए.. जरूरी है परीक्षाओं से गुजरना अनसीखा मन लौटा दिया जाता है बार-बार कच्चे घड़े की तरह अग्नि में ! जीवन कदम-कदम एक मौका है खड़े रहें इस पार.. डूब जाएँ मंझधार में.. या उतर जाएँ उ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   8:42am 16 Jul 2018 #जीवन
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
नदिया सा हर क्षण बहना है ख्वाब देखकर सच करना है  ऊपर ही ऊपर चढ़ना है,   जीवन वृहत्त कैनवास है  सुंदर सहज रंग भरना है ! साथ चल रहा कोई निशदिन  हो अर्पित उसको कहना है, इक विराट कुटुंब है दुनिया  सबसे मिलजुल कर रहना है ! ताजी-खिली रहे मन कलिका नदिया सा हर क्षण बहना है, घाट... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   3:40am 12 Jul 2018 #जीवन
Blogger: मधुलिका पटेल at मेरी स्याही क...
एक उम्र जो गुम हो गई आज बहुत ढूंढा मैंनेअपनी उम्र को पता नहीं कहाँ चली गई नहीं मिलीरेत की तरह मुट्ठी से फिसल गईया रेशा रेशा हो कर हवा में उड़ गईबारिश की बूँद की तरहमिट्टी में गुम हो गईसूरज की किरणों के साथपहाड़ों के पीछे छिप गईवो मुझे जैसे छू करकहीं ठहरी ही नहींग... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   4:57pm 5 Jun 2018 #जीवन
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   मैंने अपनी साइकिल खड़ी की, और साहस तथा सांत्वना के लिए केम्ब्रिज के नक़्शे को सहलाया। क्योंकि दिशानिर्देश पता लगाना मेरी कमजोरी था, इसलिए मैं जानती थी कि कैम्ब्रिज की उन ऐतिहासिक इमारतों की भूल-भुलैया में मैं सरलता से खो जाऊँगी।   मेरे लिए जीवन सुखद होना चाहिए थ... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   3:15pm 10 Mar 2018 #जीवन
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