POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: जिंदगी

Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
एक क्षण -ओझल हो गया सबभूत का बोझ उठायेशिथिल कदमों में आ गई आतुरताझुक गया 'मैं'का स्वामित्वआसान न थाउस पार का सफरमिथिल भ्रम की उपासना का मोहजन्मजात क्रियाओं का दम्भबहुतेरा था इस पार के स्थायित्व के लिए मझधार, भावनाओं का ज्वारडोलता रहा इस पार से उस पारस्थितप्रज्ञ तुम दे... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   10:29am 24 Jun 2020 #जिंदगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
जिंदगी  जिस घड़ी आ जाये होश जिंदगी से रूबरू हों एक पल में ठहर कर फिर  झांक लें खुद के नयन में बह रही जो खिलखिलाती गुनगुनाती धार नदिया चंद बूंदें ही उड़ेलें उस जहाँ की झलक पालें क्या यहाँ करना क्या पाना यह सिखावन चल रही है  बस जरा हम जाग देखें और अपने कान धर लें नहीं चाह... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   11:02am 23 Nov 2019 #जिंदगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
आस्था का दीप दिल में कुछ नहीं है पास अपने रिक्त है मन का समन्दर मौन की इक गूंज है या एक शुभ निर्वाण का स्वर नीलिमा आकाश की भी एक भ्रम से नहीं ज्यादा बह रहा जो पवन अविरत उसी ने यह जाल बाँधा श्वास की डोरी में खिंच चेतना का हंस आया जाल कैसा बुन दिया इक रचे जाता अजब माया ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   10:17am 28 Aug 2019 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
.............  सोचते सोचते यूँ ही  उम्र गुजर जाएगी कर्मों के निशां रह जायेंगे जिन्दगी फ़ना हो जाएगी !!सु-मन... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   8:23am 22 Jul 2019 #जिंदगी
Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी : ...
छूटा कुछ भी नहीं है ।जिन्दगी के हर सफ़हे कोबड़ी इत्मीनान से पढ़ा है मैंने।मटमैली जिल्द चढ़ी वह किताबबिलकुल सही पते पर आई थी।अच्छी तरह से उलट - पलट करबड़े गौर से देखा था मैंने उसे।उस पर मेरा ही नाम लिखा था।खिन्न हो गई थी मैंउस किताब को देखकर।रद्दी से पुराने जर्द पन्नेज... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   4:29pm 6 Feb 2019 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
पक्का निश्चय करसाध कर अपना लक्ष्यचले थे इस बार ये कदममंजिल की ओरमन में विश्वास लिएमान ईश्वर को पालनहारकर दिया था अर्पित खुद कोउस दाता के द्वारमेहनत का ध्येय लिएकर दिए दिन रात एकत्याग दिए थे हर सुख साधनकर्म के इम्तिहान मेंकभी किसी पलतुम आकर मुझे डरातेतोड़ने लगते थे मे... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   5:49pm 16 Aug 2018 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
रेशम सी जिंदगी में नीम से कड़वे रास्तेधुँधली सी हैं मंजिलें अनचाहे कई हादसे !!सु-मन... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   10:20am 4 Aug 2018 #जिंदगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
एक नगमा जिन्दगी का एक दरिया या समन्दर बह रहा जो प्रीत बनकर, बाँध मत बाँधें तटों पर उमग जाये छलछलाकर ! एक प्यारी सी हँसी भी कैद है जो कन्दरा में, कसमसाती खुदबुदाती बिखर जाएगी जहाँ में ! एक नगमा जिन्दगी का शायराना इक फसाना, दिलोबगिया में दबा जो बीज महके बन तराना ! एक ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   9:39am 28 Mar 2018 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
24 जून 2013 अस्पताल में अपनी दैनिक पूजा करते हुए माँ (मेरे लिए प्रार्थना भी)कर्मों के फल काउपासनाओं के तेज़ का दुख के भोगों का सुख की चाहों का मन के विश्वास का ईश्वर की आराधना का अपनों के साथ का रिश्तों के जुड़ाव का निश्छल प्रार्थनाओं का होता ही होगा कोई मोल ..**शरीर की नश्वरता क... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   8:50am 24 Jun 2017 #जिंदगी
Blogger: Nalin Chauhan at झरोखा-jharoka...
छोटी-सी बात पर वह ऐसा रूठाफासले जिंदगी में बड़े आ गए... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   4:25pm 7 Feb 2017 #जिंदगी
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
मेहनताना खेत खोदने का अगर मिलता है चुपचाप जेब में रख कर आना होता है किसने पूछना होता है हिसाब घरवालों के खुद ही बंजर किये खेत में वैसे भी कौन सा विशिष्ठ गुणवत्ता के धान ने उग कर आना होता है घास खरपतवार अपने आप उग जाती है रख रखाव के झंझट से भी मुक्ति मिल जाती है छोड़ कर खेत क... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   5:22pm 18 Aug 2016 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
रहें ना रहें हम , महका करेंगे बन के कली बन के सबा बागे वफ़ा में ..सर्दियों में क्यारी की शुरुआत आखिर मेहनत रंग ला ही गई |बात कई महीनों पहले की है | हमारे ऑफिस के प्रांगण में सामने की तरफ खाली पड़ी जगह थी जिसमें मैं पौधे लगाना चाहती थी पर सभी द्वारा मेरी बात नज़रअंदाज़ की जाती ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   6:09am 21 Jul 2016 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
मेरे जाने के बादहोती रहेंगी यूँ ही सुबहेंशामें भी गुजरेंगी इसी तरहरातें कभी अलसाई सी स्याह होगींकभी शबनमी चांदनी से भरपूरखिला करेंगे यूँ हीये बेशुमार फूल इस आँगनकमरा यूँ ही सजा रहेगाकुछ मामूली और कीमती चीज़ों सेयूँ चलती रहेगी घड़ी टिक-टिकचलता रहेगा वक़्त अपनी चालधड़क... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   2:09pm 21 May 2016 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
हम बंद कमरों में बैठे हैं,पंछी तो गीत गाते हैं,मां  के पास वक्त नहीं है, बच्चे लोरी सुनना चाहते हैं।न कल कल झरनों नदियों की,न किलकारियां मासूम बच्चों की,संगीत नहीं है जीवन में,निरसता में पल बिताते हैं।वर्षों बाद  गया    चमन में,लगा जैसे स्वर्ग यहीं है,क्रितरिम ह... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   6:55am 17 May 2016 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
बीते कल नेअनुभव दिये,उन अनुभवों सेआज कर्म किये,अब कल के लियेकई ख्वाब सजाए,मन में हैंकई आशाएं।आशाएं हैंजब तक मन मेंतब तक मानव सुखी है।जब निर्ाशाबस गयी मन में,समझो   मानवअब  दुखी है।खुशी और गमअवस्था है मन की,खुशी और गमआवशयक्ता है जीवन की।[धन्यवाद... कुलदीप ठाकुर... ई... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   9:04am 6 Apr 2016 #जिंदगी
Blogger: राजीवशंकर मिश्रा बनारस वाले at सिर्फ समय बदल...
अभी ऑफिस में वर्क लोड कुछ ज्यादा ही है, तो कुछ कम ही लिख पाते है... लेकिन इस साल कुछ खास सोचा था की इस साल हम संत वैलेंटाइन जरुर बनेगे.. इस लिए बनारस गया था पत्नी जी के साथ कुछ रोमांटिक फोटो खीचने के लिए, वैसे इस बार का थीम सोचा था "गोरी तेरा गाव बड़ा प्यारा "घाट किनारे बेटे की सा... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   7:19pm 14 Feb 2016 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
न खुश हैंवोजिन के पास पैसा बेशुमार हैं।सोने के लियेमखमल के बिसतर हैपर क्या करेनींद नहीं आती।भूख नहीं लगतीदेखो उन्हेजिनका एक वक्त का  खाना हीहजार जनों  की रोटी से महंगा है...क्योंकि वोभाग  रहे हैंपैसे के पीछेपैसा फिर भी कम लगता है।वो और तेजभागते हैंजब   नींद आन... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   5:33am 11 Feb 2016 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
ये सत्य हैजो आया हैउसे जाना भी है,मौत निश्चित है सब की।कुछ तो दोड़ देते हैं दमबिसतर पर ही,किसी को पता भी नहीं चलता।कोई मरता हैगले में लगा कर फंदाजिस की मौत परकेवल चर्चा होती है।एक घटोत्कच  की तरहदेश की लिये शहीद होता हैजो मरते हुए भीहजारों को मारता है।नमन हैंउस शहादत ... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   2:09am 5 Jan 2016 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
मैं चल रहा हूंकहीं रुका नहींआयी बाधाएंमैं झुका नहीं।जब कहा कदमों ने ठहरों यहींकहा मन नेये  मंजिल नहीं।निश्चय मेरा अटल है,चाल मेरी धीमे  सहीपहुंचना है मंजिल तकजीवन का है  लक्ष्य यहीं।  [धन्यवाद... कुलदीप ठाकुर... ईमेल: kuldeepsingpinku@gmail.com संपर्क नंबर 9418485128, 9459385128]... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   2:02am 10 Dec 2015 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
जब तकविश्वास था मुझे तुम परअटूट प्रेम थामुझे तुम से...जिंदगी और रंग-मंचएक नहीं अलग हैंजिंदगी हकीकत है....विश्वास तोड़नेसे पहले ही तुम कह देतीमैं मिट जाताप्रेम  तो न मरता....विश्वासमात्र  शब्द नहींहृदय मेंप्रेम का दीपजलाने वाला तेल है....जब तक तेल हैदीपक मेंजलता ह... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   1:38am 16 Oct 2015 #जिंदगी
Blogger: राजीवशंकर मिश्रा बनारस वाले at सिर्फ समय बदल...
वो बनारस का बचपन, खास मुझे याद आता है.. वो अस्सी का होली सम्मलेन, शायद मै जब बाहर किसी से अपने बनारस की बात करता हु, अगर वो पूछ ले हो गया आप के इज्जत का कबाड़ा.. लेकिन सही ये है की ये ही बनारस का रस है.. लोग गाली न दे तो शहर का अपमान है... “भोसड़ी के” तो बनारस का ताज है, अगर आप को न मिले त... Read more
clicks 287 View   Vote 0 Like   4:48pm 17 Aug 2015 #जिंदगी
Blogger: kuldeep thakur at मन का मंथन [man ka ...
क्यों होते होबार बार उदाससब कुछ हैआज तुम्हारे पास।कुछ खोना हार नहीं हैजो खोया हैउसे पाना सीखोपहले सोचो क्यों हारे होफिर विचार करोकैसे जीतोगे।देती है जिंदगी बार बार अवसरभर देगा वक्तसारे घाव।असफलता  कोअनुभव समझोहार को नअब याद करो।अटल मन सेविजय के पथ परबिना रुके ह... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   4:19am 11 Aug 2015 #जिंदगी
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
चलना है बहुत पर पहुँचना कहीं नहीं   किताबे-जिंदगी में आखिरी पन्ना ही नहीं घर जिसे माना निकला पड़ाव भर सितारों से आगे भी है एक नगर दिया हाथ में ले चलना है सफर पर साथ नहीं कोई न कोई फिकर कर जुबां नहीं खोलता वह चुप ही रहता है रौशनी का दरिया खामोश बहता है बिन बदली बरखा ब... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   9:49am 8 Jun 2015 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
एक कहानी होती है । जिसमें खूब पात्र होते हैं ।एक निश्चित समय में दो पात्रों के बीच वार्तालाप होता है । दो पात्र कोई भी वो दो होतें हैं जो कथानक के हिसाब से तय होते हैं । कथानक कौन लिखता है उन किसी को नहीं मालूम । मालूम है तो बस इतना कि उस लिखे को मिटाया नहीं जा सकता । प्रतिप... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   5:42am 5 May 2015 #जिंदगी
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
एक कहानी होती है । जिसमें खूब पात्र होते हैं ।एक निश्चित समय में दो पात्रों के बीच वार्तालाप होता है । दो पात्र कोई भी वो दो होतें हैं जो कथानक के हिसाब से तय होते हैं । कथानक कौन लिखता है उन किसी को नहीं मालूम । मालूम है तो बस इतना कि उस लिखे को मिटाया नहीं जा सकता । प्रतिप... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   5:42am 5 May 2015 #जिंदगी
[Prev Page] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3972) कुल पोस्ट (190674)