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Tag: ज़िन्दगी

Blogger: mantu kumar at मन के कोने से.....
उस दिन आसमान पर धूसर रंग का कब्ज़ा नीले रंग से कुछ ज्यादा था बाकि दिन पहले जैसा ही। बस स्टॉप पर भीड़ थी,पर कोई भी कुर्सी पर बैठना नहीं चाहता था।फिर एक लड़की आई और भीड़ को चीरते हुए एक कुर्सी पर खुद को कपड़ों के साथ समेटते हुए बैठ गई। वह घर से उस दिन जल्दी आ गई थी जो उसे बस के ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   11:00am 12 Oct 2014 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
अच्छा लिखने की पहचान शायद यही होती होगी कि किस तरह छोटे छोटे पहलुओं को एक धागे में पिरो कर सामने रखा जाये... मैं पिछले कई दिनों से कितना कुछ लिखता हूँ, जब भी मौका मिलता है शब्दों की एक छोटी सी गांठ बना कर रख देता हूँ,लेकिन इन गाठों को फिर एक साथ बुन नहीं पाता, दिमाग और दिल के च... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   3:00pm 28 Jan 2014 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
सर में बहुत तेज़ दर्द हो रहा है, लेकिन लिखना है... कुछ तो लिखना है ही... बाहर रात लगभग ठहर चुकी है, हाँ अंदर भले ही एक झंझावात से घिरा होकर लिख रहा हूँ... कई दिनों से ज़िंदगी के प्लेयर पर पौज़ बटन खोजने का दिल कर रहा है, आस-पास एक तरह का कान-फाड़ू संगीत बजता रहता है... इस सब से अलग मै... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   6:52pm 19 Oct 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
सूरज धीरे-धीरे अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहा है... हम भी धीरे थके क़दमों से उस तरफ बढ़ रहे हैं, जिधर से चांदनी भी बच कर निकल लेना चाहती है... ये वो बदनाम रास्ते हैं जिसके उसपार भी जीवन बसता है... खिडकियों और अधखुले दरवाजों के पीछे से कई सूनी आखें नज़र आती हैं... उन खिडकियों और दरवा... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   2:00am 24 Sep 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
ये दुनिया फरेबी है बहुत और हम हर किसी पर ऐतबार करते जाते हैं... कोई कल कह रहा था एक नीले रेगिस्तान से बारिश की बूँदें टपकती हैं,  आखें बंद करके महसूस करने की कोशिश की तो ऐसा बवंडर आया जो मेरे कई सपनों को रेत के ज़र्रे की तरह उड़ा कर ले गया... सेहरा की गीली रेत पर कुछ लिखने का जू... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   7:00am 19 Aug 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: bhavana lalwani at Life with Pen and Papers...
ज़िन्दगी तू  मुझसे खफा और मैं तुझसे ज़िन्दगी तू मुझसे परेशान और मैं तुझसे ज़िन्दगी तुझे मैं नापसंद और मुझे तू पसंद नहीं ज़िन्दगी तू मेरी आकांक्षाओं, महत्वकांक्षाओ और सपनों से परेशान  और मैं तेरी लगाईं हुई बंदिशों से ज़िन्दगी मैं तुझसे थक गई हूँ और तू तो ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   12:09pm 15 Aug 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: bhavana lalwani at Life with Pen and Papers...
"नालायक आज भी नहीं आएगी". "क्यों ?? अब आज कहाँ मर गई ? इस हफ्ते ये तीसरी बार हो गया।"" कहीं नहीं मर रही, वो जो गाँव के रिश्तेदारों का कुनबा आया है दस - ग्यारह लोगों का, उनको  बाज़ार घुमाने, खरीद दारी  कराने और पता नहीं  कौन कौन से मंदिरों के दर्शन करवाने ले जायेगी।" "अ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   3:28pm 25 Jun 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: Mukesh Kumar Sinha at जिंदगी की राह...
झील का शांत जलठंडा, शीतलपर एक पत्थर या कंकड़के गिरते हीझंकृत कर देती हैजल तरंग संगीतऔर फिरनाविक की पतवारजब करती हैजल को पीछे की ओरआगे बढ़ता नावऔर पृष्ठ भूमि सेएक बंगला गीत"जोदी तोर डाक सुने केयूना आसे तोबे एकला चलो रे ...... "  ... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   5:50am 25 Jun 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: Rajeev Ranjan Giri at अनुगूँज (Anugoonj)...
जो तुम रहगुज़र होगेतो राहें मैं बनाऊंगाबता दो बस तुम इतनाकहाँ तक साथ आओगे ?इक हाँ काफी हैये पुतला जी उठेगा अबनयी रूह भी होगीनए ज़ज्बात पाओगेलड़ाई ज़िन्दगी से हैखफ़ा तुम क्यूँ होते हो ?अदद इक रात है बाकीकल नए हालात पाओगेपूछा था कभी तुझसेकी चाहा  है मुझे  कितनामु... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   6:51am 26 May 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: Mukesh Kumar Sinha at जिंदगी की राह...
10 फरवरी को विश्व पुस्तक मेला में लोकार्पित हुई मेरे सह सम्पादन मे साझा कविता संग्रह "पगडंडियाँ" से मेरी एक रचना आप सबके लिए... Jपोस्टर !!नाम सुनते ही,बसबस आ जाते हैं फिल्मी दृश्यजेहन मे,है न !पर सोचना,क्या है जुड़ा नहीं ये जिंदगी के हर पड़ाव से ...याद है मुझे मिक्की-डोनाल्ड या ... Read more
clicks 335 View   Vote 0 Like   11:48am 9 May 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
मैं उदास हूँ, मन खंडित, तन निढाल... मैं इंसान की तरह नहीं, ठहरे हुए पानी की तरह नज़र आता हूँ.. जिसमे परछाईयाँ उभरती हैं फिर लहरों के साथ ओझल हो जाती हैं... अपनी दुनिया में खोया एक शख्स कितना अजीब लगता है.. इस दौर की दुनिया चाहती है सब एक जैसे हो जाएँ, सब एक जैसे सिपाहियों की तरह क... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   5:27pm 24 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
नित नए खेल दिखाती ज़िन्दगी कभी उठाती कभी गिराती ज़िन्दगीटुकड़ों टुकड़ों मेंबांटती ज़िन्दगीकभी रुलाती कभी हंसाती ज़िन्दगी किस की हुयी है ज़िन्दगी जो मेरी होगी पता नहीं कब साथ छोड़ देगी ज़िन्दगी973-90-19-12-2012ज़िन्दगीDr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   7:15pm 23 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
जब इंसान चाहताठहराव ज़िन्दगी मेंठहरती नहीं ज़िन्दगीजब चलना चाहताचलती नहीं ज़िन्दगीकिसी मन की इच्छामानती नहीं ज़िन्दगीसदा अपने तरीके सेचलती ज़िन्दगीजिसने जैसे भी देखाज़िन्दगी कोउसे वैसी ही लगीज़िन्दगी971-88-19-12-2012ज़िन्दगीDr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   6:41pm 22 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
ज़िदगी तेज़ भागती है बहुत, बिलकुल बुलेट ट्रेन की तरह... हर रोज़ ज़िन्दगी में कई लोग मिलते हैं.. कुछ लोग तयशुदा होकर प्लेटफोर्म में तब्दील हो जाते है, वहां आकर ज़िन्दगी हर रोज रूकती है... यहाँज़िन्दगी को थोडा धीमापन मिलता है... और कुछ यूँ ही अपने खोखले लिबास में आते हैं बस थोड़ी देर ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   10:12am 22 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
ज़िन्दगी भरमंजिल की तलाश मेंनिरंतरबिना रुके चलता रहापर इच्छाएं मुझसे भीआगे चलती रहीमंजिल भी हर दिनबदलती रहीना इच्छाएं रुकीना मंजिल मिलीदोनों की कशमकश मेंज़िन्दगी ज़रूरउलझ कर रह गयी970-87-19-12-2012ज़िन्दगी,कशमकशDr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   1:36pm 21 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
यूँ तो हर किसी की ज़िन्दगी एक कविता के सामान होती है... लेकिन हर कविता का रंग अलग अलग होता है, उनका छंद अलग होता है, उनका अंदाज़ अलग होता है... कुछ कवितायें आस-पास के थपेड़ों से ठोकर खाते-खाते अधूरी ही रह जाती हैं... यूँ बैठा सोचाके कभी अपनी आत्मकथा लिखूंगा, तो क्या लिखूंगा... कहाँ ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   5:33pm 20 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
अलगनी पर टंगेछोटे मोटे नए पुराने कपडेजैसी टंग गयी है ज़िन्दगीसमय की तेज़ हवाओं मेंझूल रही है ज़िन्दगीनए पुराने लोगों के बीचअटक गयी है ज़िन्दगीजो मुझे भुला चुकेउन्हें भुला नहीं पा रही है ज़िन्दगी ना ही नयों को पूर्ण ह्रदय सेअपना बना पा रही है नए पुराने के झंझावत में... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   6:41pm 18 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
सब कुछ समझ कर भीनासमझ बनता रहासच को झूठझूठ को सच कहता रहारिश्तों को निभाने के खातिरदुश्मनों को दोस्त कहता रहाकाले चेहरों कोपहचान कर भी सफेदकहता रहाखुद को ही धोखा देता रहा965-83-15-12-2012रिश्ते,ज़िन्दगी ,दुश्मन,दोस्त,समझ,नासमझ,Dr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   7:17am 17 Feb 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
ज़िन्दगी मोहब्बत तो हैमगर मोहब्बत ही नहीं हैज़िन्दगी हँसना हँसाना भी हैभाईचारा,दया भी हैसांस लेना,पेट भरना भी हैखुद को ज़िंदा रखनादूसरों के लिए जीना भी हैअगर मोहब्बत मेंनाकाम हो भी गएतो दूसरों कोमोहब्बत देते रहोजो भी तय किया खुदा नेतुम्हारे लिएउसे ही उसकी इबादतमा... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   7:29am 31 Jan 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman at खामोश दिल की ...
कुछ नहीं है, कुछ भी तो नहीं है...बस अँधेरा है, छितरा हुआ,यहाँ, वहाँ.. हर जगह...काले कपडे में लिपटी है ये ज़िन्दगी या फिर कोई काला पर्दा गिर गया है किसी नाटक का...इस काले से आसमान में ये काला सूरजकाली ही है उसकी किरणें भीचाँद देखा तो वो भी काला...जो उतरा करती थी आँगन मेंअब तो वो चांद... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   2:04pm 30 Jan 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
जब तक चल सकते हैंचलते रहेंगेहँसते रहेंगे ,गाते रहेंगेनए दोस्त बनाते रहेंगेधोखा खाते रहेंगेदर्द-ऐ-दिल सहते रहेंगेग़मों काबोझ उठाते रहेंगेजब भीकदम रुक जायेंगेहम भी रुक जायेंगेज़मीं का ज़मीं पर छोड़जायेंगेखाली हाथ आये थेखाली हाथ चले जायेंगे918-36-08-12-2012दर्द-ऐ-दिल, ज़िन्द... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   1:59pm 22 Jan 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
ज़िन्दगी के सफ़र मेंगिरते सभी हैंज़ख्म खाते भी सभी हैंदर्द से करहाते भी सभी हैंमुस्कराककर उठते वहीं हैंजो मंजिलतक पहुंचना चाहतेज़ज्बा नहीं खोतेजो रोते रह जातेवो रास्ते से भटक जातेमंजिल का पता हीभूल जाते हैं889-08-03-12-2012ज़िन्दगी,सफ़र,मंजिल ,ज़ज्बाDr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   5:51pm 9 Jan 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
खुद के वजूद का पता नहीं नया दोस्त बना कर क्या करूँये मुझे गवारा नहीं दोस्त बनाते हीदुनिया से उठ जाऊं दोस्त का दिल तोड़ दूं उसे आसूं बहाने पर मजबूर कर दूं वो मुझे दगाबाज़ समझेगानए दोस्त बनाने से डरेगानहीं चाहता दोस्ती के नाम से ही उसका आइतबार उठा दूँखुद के वजूद का पता नह... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   6:32pm 7 Jan 2013 #ज़िन्दगी
Blogger: vijay kumar sappatti at बस यूँ ही..........WR...
मैंने कभी नहीं सुना या पढ़ा कि जानवर बलात्कार करते है. ये सब "शुभ" कार्य , सिर्फ हम इंसान ही करते है . शर्म आती है मुझे . क्या हम जानवरों से भी गए गुजरे है . हमारी मानसिकता कितनी घृणित हो चुकी है . हैरत की बात ये है की उत्तर भारत में ये ज्यादा हो रहे है . समस्या कुछ और है . एक total me... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   1:44am 19 Dec 2012 #ज़िन्दगी
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
प्यार केरंगों से भरी ज़िन्दगीकभी एक खूबसूरत पेंटिंग का अहसास कराती थी पर अब बदरंग हो गयी है सारे रंग  बेतरतीबी सेइधर उधर फैले गए किसी  कोण से भी देखने की इच्छा नहीं होती ज़िन्दगी अब किसी समारोह के बाद समारोह स्थल जैसी हो गयी हैजहां हर तरफ गंद ही गंद नफरत और अविश्वास का ... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   6:07pm 26 Nov 2012 #ज़िन्दगी
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