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Tag: गीत

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--आँचल में प्यार लेकर,भीनी फुहार लेकर.आई होली, आई होली,आई होली रे!--चटक रही सेंमल की कलियाँ, चलती मस्त बयारे।मटक रही हैं मन की गलियाँ,  बजते ढोल नगारे।निर्मल रसधार लेकर, फूलों के हार लेकर,आई होली,  आई होली,आई होली रे!--मीठे सुर में बोल रही है, बागों में कोयलिया।  ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   2:04am 25 Feb 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--जाने कहाँ खो गया अपना, आज पुराना गाँव।नहीं रही अपने आँगन में, आज नीम की छाँव।।--घर-घर में हैं टैलीवीजिन, सूनी है चौपाल,छाछ-दूध-नवनीत न भाता, चाय पियें गोपाल,भूल गये नाविक के बच्चे, आज चलानी नाव।नहीं रही अपने आँगन में, आज नीम की छाँव।।--पहले जैसा निश्छल बचपन, नहीं द... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   1:35am 18 Feb 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--आँख जब खोली जगत में, तभी था मधुमास पाया।चेतना मन में जगाने, जन्मदिन फिर आज आया।।--हूँ पुराना दीप, लेकिन जल रहा हूँ,मैं समय के साथ, फिर भी चल रहा हूँ,पर्वतों को काट करके, रास्ता मैंने बनाया।चेतना मन में जगाने, जन्मदिन फिर आज आया।।--था कभी शोला, अभी शबनम हुआ,साल मेरी जिन्दगी स... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   8:30pm 2 Feb 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--आँख जब खोली जगत में, तभी था मधुमास पाया।चेतना मन में जगाने, जन्मदिन फिर आज आया।।--हूँ पुराना दीप, लेकिन जल रहा हूँ,मैं समय के साथ, फिर भी चल रहा हूँ,पर्वतों को काट करके, रास्ता मैंने बनाया।चेतना मन में जगाने, जन्मदिन फिर आज आया।।--था कभी शोला, अभी शबनम हुआ,साल मेरी जिन्दगी स... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   8:30pm 2 Feb 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--उतरी हरियाली उपवन में,आ गईं बहारें मधुवन में,गुलशन में कलियाँ चहक उठीं,पुष्पित बगिया भी महक उठी, अनुरक्त हुआ मन का आँगन।आया बसन्त, आया बसन्त।१।--कोयल ने गाया मधुर गान,चिड़ियों ने छाया नववितान,यौवन ने ली है अँगड़ाई,सूखी शाखा भी गदराई,बौराये आम, नीम-जामुन।आया बसन्त... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   7:30pm 29 Jan 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--दशकों से गणतन्त्र दिवस पर, राग यही दुहराया है।होगा भ्रष्टाचार दूर, बस मन में यही समाया है।।--सिसक रहा जनतन्त्र हमारा, चलन घूस का जिन्दा है,देख दशा आजादी की, बलिदानी भी शर्मिन्दा हैं,रामराज के सपने देखे, रक्षराज ही पाया है।होगा भ्रष्टाचार दूर, बस मन में यही सम... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   11:58pm 25 Jan 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--नया वर्ष स्वागत करता है,पहन नया परिधान।सारे जग से न्यारा, अपना है गणतंत्र महान॥--ज्ञान गंग की बहती धारा,चन्दा-सूरज से उजियारा।आन-बान और शान हमारी,संविधान हम सबको प्यारा।प्रजातंत्र पर भारत वाले,करते हैं अभिमान।सारे जग से न्यारा, अपना है गणतंत्र महान॥--शीश मुकु... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   7:30pm 23 Jan 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--हिमगिरि के शिखरों से चलकर,कलकल-छलछल, बहती अविरल,कुदरत का उपहार कहाँ है?निर्मल गंगा धार कहाँ है??--मैदानों पर रूप निखारा,दर्पण जैसी निर्मल धारा,अर्पण-तर्पण करने वाली,सरल-विरल चंचल-मतवाली,पौधों में भरती हरियाली,अमल-धवल गुंजार कहाँ है?निर्मल गंगा धार कहाँ है??--भवसागर से पा... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   11:30am 18 Jan 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--नव-वर्ष खड़ा द्वारे-द्वारे!नव-वर्ष खड़ा द्वारे-द्वारे!जनसेवक खाते हैं काजू,महँगाई खाते बेचारे!!--काँपे माता-काँपे बिटिया, भरपेट न जिनको भोजन है,क्या सरोकार उनको इससे, क्या नूतन और पुरातन है,सर्दी में फटे वसन फटे सारे!नव-वर्ष खड़ा द्वारे-द्वारे!!--जो इठलाते हैं दौलत पर... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   2:02am 29 Dec 2019 #गीत
Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी : ...
माटी मेरे गाँव की विधा :मुक्त गीतमाटी मेरे गाँव की, मुझको रही पुकार।क्यों मुझको तुम भूल गए, आ जाओ एक बार।।बूढ़ा पीपल बाँह पसारे ।अपलक तेरी राह निहारे।।अमराई कोयलिया बोले।कानों में मिसरी सी घोले।।ऐसी गाँव की माटी मेरीजिसको तरसे संसार।।क्यों मुझको तुम भूल गए, आ जाओ ... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   4:47pm 25 Dec 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--मानवता के लिए,सलीबों को अपनाया।लोहे की कीलों से,अपना तन जिसने बिंधवाया।आओ उस यीशू को,हम प्रणाम करें!उस बलिदानी का,आओ गुणगान करें!!--सेवा का पावन पथ,जिसने दिखलाया।जातिवाद के भेद-भाव से,जिसने मुक्त कराया।आओ उस यीशू को,हम प्रणाम करें!उस बलिदानी का,आओ गुणगान करें!!--घूम-घूम ... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   12:55am 24 Dec 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--घर-आँगन-कानन में जाकर,मैं तुकबन्दी करता हूँ।अनुभावों का अनुगायक हूँ,मैं कवि लिखने से डरता हूँ।।--है नहीं मापनी का गुनिया,अब तो अतुकान्त लिखे दुनिया।असमंजस में हैं सब बालक,क्या याद करे इनको मुनिया।मैं बन करके पागल कोकिल,कोरे पन्नों को भरता हूँ।मैं कवि लिखने से डरता ह... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   2:05am 7 Nov 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--घर-आँगन-कानन में जाकर मैं,अपनी तुकबन्दी करता हूँ।अनुभावों का अनुगायक हूँ,मैं कवि लिखने से डरता हूँ।।--है नहीं मापनी का गुनिया,अब तो अतुकान्त लिखे दुनिया।असमंजस में हैं सब बालक,क्या याद करे इनको मुनिया।मैं बन करके पागल कोकिल,खाली पन्नों को भरता हूँ।मैं कवि लिखने से ड... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   2:05am 7 Nov 2019 #गीत
Blogger: आनन्द पाठक at गीत ग़ज़ल ...
दीपावली पर विशेष-------एक गीत : आओ कुछ दीप हम जलाएँ---एक अमा और हम मिटाएँआओ कुछ दीप हम जलाएँखुशियाँ उल्लास साथ लेकरयुग युग से आ रही दिवालीकितना है मिट सका अँधेराकितनी दीपावली  मना  लीअन्तस में हो घना अँधेरा ,आशा की किरण हम जगाएँ,आओ कुछ दीप हम जलाएँनफ़रत की हवा बह रही हैऔर इध... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   6:38am 26 Oct 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना।ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।--चन्द्रमा की कला की तरह तुम बढ़ो,उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो,आपकी सहचरी की यही कामना।-- ज़िन्दगी भर सलामत रहो साजना।।आभा-शोभा तुम्हारी दमकती रहे,मेरे माथे पे बिन्दिया चमकती रहे,मुझपे रखना पिया प्य... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   10:30pm 16 Oct 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
थक गईं नजरें तुम्हारे दर्शनों की आस में।आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।चमकते लाखों सितारें किन्तु तुम जैसे कहाँ,साँवरे के बिन कहाँ अटखेलियाँ और मस्तियाँ,गोपियाँ तो लुट गईं है कृष्ण के विश्वास में।आ भी आओ चन्द्रमा तारों भरे आकाश में।।आ गया मौसम गुलाबी, महकता ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   12:16am 16 Oct 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
मित्रों!13 सितम्बर को मेरे ज्येष्ठ पुत्र नितिन का जन्मदिन है।शुभकामनास्वरूप प्रस्तुत हैं मेरे कुछ उद्गार...!जीवन के क्रीड़ांगन में, तुम बनकर रहो विजेता।जन्मदिवस की बेला पर, आशीष तुम्हें मैं देता।--आदर्शों की नींव हमेशा, अपने बच्चों में डालो,जैसे मैंने पाला त... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   5:48am 12 Sep 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
ज़िन्दगी को आज खाती है सुरा।मौत का पैगाम लाती है सुरा।।उदर में जब पड़ गई दो घूँट हाला,प्रेयसी लगनी लगी हर एक बाला,जानवर जैसा बनाती है सुरा।मौत का पैगाम लाती है सुरा।।ध्यान जनता का हटाने के लिए,नस्ल को पागल बनाने के लिए,आज शासन को चलाती है सुरा,मौत का पैगाम लाती है सुरा।... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   12:05am 3 Sep 2019 #गीत
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
धूल कभी जो आँधी बन के आएगी पल दो पल फिर आँख कहाँ खुल पाएगी अक्षत मन तो स्वप्न नए सन्जोयेगाबीज नई आशा के मन में बोयेगा खींच लिए जायेंगे जब अवसर साधन सपनों की मृत्यु उस पल हो जायेगी पल दो पल फिर ...बादल बूँदा बाँदी कर उड़ जाएँगे चिप चिप कपडे जिस्मों से जुड़ जाएँगे चाट के ठेले जब ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   1:44am 2 Sep 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
दुशमन को अब सबक सिखाना भारत की मजबूरी हैअपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी हैदशकों से हमने झेला, आतंकी कुटिल-कुचालो कोपूर्णविराम लगा देंगे अब, उठते हुए सवालो कोमखबूजा कश्मीर बिना आजादी अभी अधूरी हैअपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी हैहमें तिरंगा पीओके पर ज... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   2:06am 28 Aug 2019 #गीत
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
क्या मिला सचमुच शिखर ?मिल गए ऐश्वर्य कितने अनगिनत पञ्च-तारा जिंदगी में हो गया विस्मृत विगत घर गली फिर गाँव फिर छूटा नगर क्या मिला सचमुच ...कर्म पथ पर आ नहीं पाई विफलता मान आदर पदक लाई सब सफलता मित्र बिछड़े चल न पाए साथ अपनेइस डगर क्या मिला सचमुच ...एकला चलता रहा शुभ लक्ष्य पा... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   4:51am 26 Aug 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
क्षणिक शक्ति को देने वाली।कॉफी की तासीर निराली।।जब तन में आलस जगता हो,नहीं काम में मन लगता हो,थर्मस से उडेलकर कप में,पीना इसकी एक प्याली।कॉफी की तासीर निराली।।पिकनिक में हों या दफ्तर में,बिस्तर में हों या हों घर में,कॉफी की चुस्की ले लेना,जब भी खुद को पाओ खाली।कॉफी ... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   3:49am 18 Aug 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
लालचौक पर आज तिरंगा, लहराता अभिमान से।आजादी का जश्न हो रहा, देखो कितनी शान से।।पत्थरबाजों के कुकृत्य से, मुक्त हो गयी है घाटी,उग्रवाद-आतंकवाद की, खतम हो गयी परिपाटी,अब भारतमाँ के जयकारे, उठते महल वितान से।आजादी का जश्न हो रहा, देखो कितनी शान से।।सीमाओं की रखवाली म... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   12:46pm 16 Aug 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
चाँद दिखाई दिया दूज का,फिर से रात हुई उजियाली।हरी घास का बिछा गलीचा,तीज आ गई है हरियाली।।भर सोलह सिंगार धरा ने,फिर से अपना रूप निखारा।सजनी ने साजन की खातिर,सावन में तन-बदन सँवारा।आँगन-कानन में बरसी है,बारिश बनकर आज मवाली।हरी घास का बिछा गलीचा,तीज आ गई है हरियाली।।आँगन ... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   4:14am 3 Aug 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
चाँद दिखाई दिया दूज का,फिर से रात हुई उजियाली।हरी घास का बिछा गलीचा,तीज आ गई है हरियाली।।भर सोलह सिंगार धरा ने,फिर से अपना रूप निखारा।सजनी ने साजन की खातिर,सावन में तन-बदन सँवारा।आँगन-कानन में बरसी है,बारिश बनकर आज मवाली।हरी घास का बिछा गलीचा,तीज आ गई है हरियाली।।आँगन ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   4:14am 3 Aug 2019 #गीत
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