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Tag: ख्याल

Blogger:  राजीव कुमार झा at यूं ही कभी...
मुद्दत से इक ख्याल दिल में समाया हैधरती से दूर आसमां में घर बनाया है मोह-माया,ईर्ष्या-द्वेष इंसानी फितरतें हैं इनसे दूर इंसान कहाँ मिलते हैं बड़ी मुश्किल से इनसे निजात पाया है परिंदों की तरह आसमां में घर बनाया है साथ चलेंगी दूर तक ये हसरत थी आंख खुली तो देखा अपना साया है ... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   2:03am 28 Nov 2015 #ख्याल
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
‘निर्जन’ जैसे चाहने वाले तुमने नहीं देखे जिगर में आग ऐसे पालने वाले नहीं देखे यहाँ इश्क़ और इमां का जनाज़ा सब ने देखा है किसी ने भी दिलजलों के दिल के छाले नहीं देखे---------------------------------------------------तेरी आँखों की नमकीन मस्तियाँ तुझसे 'निर्जन' क्या कहे क्या हैं ठहर जा... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   12:24pm 24 Dec 2013 #ख्याल
Blogger: shikha kaushik at भारतीय नारी...
              गीतसज़े--- मेंलगासोचनेगीतकोईलिखूं,ख्यालबनकरतुममनमेंसमानेलगे।तुमलिखोगीतजीवनकेसन्सारके ,गीतमेरेलिखोयूंबतानेलगे।जबउठाकरकलमगीतलिखनेचला,कल्पनाबनकेतुममुस्कुरातेरहे।लेखनीयूंहीकागज़पेचलतीरही,यूंहीलिखतारहातुमलिखातेरहे।छंदरसरागिनीस... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   3:24pm 16 Nov 2013 #ख्याल
Blogger: RAHUL MISHRA at खामोशियाँ...!!!...
दीवाल पर सजी पोट्रेट...बगल मँडराते झूमर...!!एक ही कमरे मे कैद...कितनी जीवंत वस्तुए...!!कुर्सियाँ भी बिठाने को... आतुर रहती अपने पे...!!शायद हफ्तों मे भी...कईयों की बारी ना आती...!!पुरानी अल्मारियों मे पैर जमाये बूढ़े धरौंदे...!!चांदी की काटी पर झूलती...काका की बनाई ऑयल पेंटिंग...!!दोनों ओर... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   8:19pm 29 Mar 2013 #ख्याल
Blogger: RAHUL MISHRA at खामोशियाँ...!!!...
कितने वादोका ख्याल किया...वक़्त मोह काचश्मा निकाल दिया...!!आसरा पालाटूटा फूटा सा...लोगो ने उससेभी सवाल किया...!!ईमानदारी काकुर्ता पड़ा खूटी पे...बेईमानो ने उसका क्या हाल किया...!!जो नहीं पासवो ताउम्र आया नहीं...जो था उसका...भी जीना मुहाल किया...!!~खामोशियाँ©... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   5:12am 26 Mar 2013 #ख्याल
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
ख्याल उमड़ रहे मन मेंउन्हें आने से क्यों रोकूँलफ्ज़ निकल रहे कलम सेउन्हें रोकूँ तो भी क्यों रोकूँहाल-ऐ-दिल सुनाने को बेताब हूँखुद को रोकूँ भी तो क्यों रोकूँबचे नहीं दुनिया मेंदिल की सुननेवालेसब लगे हैं अपनी सुनाने मेंतो पढने वालों को क्यों रोकूँजानता हूँ ना देगा को... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   7:14am 17 Dec 2012 #ख्याल
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
बरसात की बूँदेंजब कमरे की खिड़की परटप टप कर दस्तक देती हैंख्याल में डूब जाता हूँकभी खुदा भीमेरी किस्मत पररहम की बरसात करऐसी ही  आवाज़ सेसारी दुनिया को बता देमेरी बदकिस्मती ख़त्महो गयी हैअब कोई मुझे मनहूसना समझे03-09-2012718-14-09-12मनहूस,किस्मत,ख्यालDr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   6:58pm 13 Oct 2012 #ख्याल
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
जब से मिला हूँ तुमसेजो काटने को दौड़ता थाअब अच्छा लगने लगामन खुशदिल मदहोश रहने लगाचेहरा चमकने लगाजब से मिला हूँ तुमसेरातों को जागनेदिन में ख्वाब देखने लगाख्यालों में खोने लगाजब से मिला हूँ तुमसेआसमान में उड़ने कानाचने गाने का मनकरने लगाजीने का मकसदमिल गयाजब से मिल... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   10:41am 29 Jul 2012 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
ख्वाब देखा न करो, खुली आँखों से, इसकी कीमत देनी होती है, अधूरी सांसों से| हकीकत बदलती नहीं बस धुंधला जाती है, लकीरें कहाँ मिटती हैं, किसी के हाथों से| ख्वाब देखा न  करो, खुली आँखों से… आदमी अकेला था और अकेला ही रहेगा, क्या उम्मीद लगाई है तुमने रिश्ते-नातों से| ख्वाब दे... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   4:59am 7 Jun 2012 #ख्याल
Blogger: drshyamgupta at श्याम स्मृति....
                                 ....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...      सर  हमारा, आपके कांधों  पै  था।ख्याल सारा, आपकी बातों पे था ।क्या नज़ारा था,  कि  हम थे आपके ,क्या गुमां उन प्यार की रातों  पै  था।क्या बतायें, क्या कहैं, कैसे कहैं,क्या नशा उन दिल के ज़ज़्वातों प... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   12:45pm 8 May 2012 #ख्याल
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
ख्याल मेरे चेहरा उनका होता थाख़्वाबों में निरंतर उन्हें देखता  उनसे बात करता हाल-ऐ-दिल बयान करता वो बेखबर अदाएं बिखेरती रहती  मैं उन्हें दिल में ज़ज्ब करता रहता  हसरतें मचलने लगती  सांसें तेज़ होने लगती  हिम्मत भी बढ़ने लगती  अरमानों की मंजिल पर कदम रख लूं उनका हाथ थाम ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   9:25pm 5 Feb 2012 #ख्याल
Blogger: ali at ummaten...
बेशक उसका ख्याल मेरे वज़ूद से अलग नहीं रहा कभी  !  मौसम-ए-गर्मतरीन में बर्फ की सुफैद चादर सा बिछ जाता वो मेरे अहसासात के खुले जिस्म पर और फिर मौसम-ए-सर्माए तल्ख़ में अलाव की मद्धम गर्म आंच सा आगोश में भर लेता मेरी ठिठुरती धड़कनों को  !  कभी शिद्दत की बारिश के दरम्यान मेरे इ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   12:00am 8 Jan 2012 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांश...
कुछ कमी ज़रूरी है वफ़ा में, दर्द से ही तो मुकम्मल होती है मोहब्बत| तुम भी शीशे की असलियत जान ना पाए, बेज़ुबान है पर बेनज़र नही है वो| खुदी बिखर गयी है चारों तरफ, अरसों में खिला है ज़हन मेरा| आज तनहाई को कोई रंग नहीं दूँगा, देखों कितना फीका है ज़हन उसका| हर [...]... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   8:46am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
महंगी नहीं है ख्वाबों की ताबीर, बस एक जिंदगी की कमी है| पल पल का हिसाब जोड़ा, तो भी ज़िन्दगी ना मिली| जाने क्या अदा है इसकी तुममें घुल जाने की| उनसे क़ैद-ऐ-मोहब्बत ना देखी गयी.. तो ज़माने ने इसे सूली पर लटका दिया| अब महफ़िलों से लो उठ चले हम, सुना है कोई नया [...]... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   8:43am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांश...
महंगी नहीं है ख्वाबों की ताबीर, बस एक जिंदगी की कमी है| पल पल का हिसाब जोड़ा, तो भी ज़िन्दगी ना मिली| जाने क्या अदा है इसकी तुममें घुल जाने की| उनसे क़ैद-ऐ-मोहब्बत ना देखी गयी.. तो ज़माने ने इसे सूली पर लटका दिया| अब महफ़िलों से लो उठ चले हम, सुना है कोई नया [...]... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   8:43am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
अनकही समझने की अदा जाती रही, हमने घुटने टेक दिए लफ़्ज़ों के आगे| यूँ तो ओढ़ रखी थी हमने चादर ज़माने वाली, उसकी आँखों में देखा तो शरमिंदा ज़रूर हुए| ना पूछ साहिल कैसे डूबा मैं, तूफ़ानो की ज़िद थी और हम मगरूर रहे| दिलों के फ़ासले दिलों को मंज़ूर हुए, इतने करीब होकर भी [...]... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   8:06am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांश...
अनकही समझने की अदा जाती रही, हमने घुटने टेक दिए लफ़्ज़ों के आगे| यूँ तो ओढ़ रखी थी हमने चादर ज़माने वाली, उसकी आँखों में देखा तो शरमिंदा ज़रूर हुए| ना पूछ साहिल कैसे डूबा मैं, तूफ़ानो की ज़िद थी और हम मगरूर रहे| दिलों के फ़ासले दिलों को मंज़ूर हुए, इतने करीब होकर भी [...]... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   8:06am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
तुम्हें दिया हुआ वादा निभा रहा हूँ, मैं टूट कर भी मुस्कुरा रहा हूँ| क्या बात है दिन में ही जवान है बज़्म तेरी, तेरा साथ रहे और यूँ ही महकते रहे नज़्म मेरी| अगले सावन रोयेगा वो बादल मुझको, बह गया है मुझसे दूर जो हवाओं में| काश होती तुझसी मेरी भी फ़ितरत ‘वीर’, [...]... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   4:12am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
अब हर सज़ा को तैयार हूँ, जुर्म-ऐ-मोहब्बत का गुनहगार हूँ| अब दूरियां किधर अब फासला कहाँ, मैं कहाँ और तेरा फैसला कहाँ| भूल जाऊं वो सारी बातें कैसे, तू कहाँ और मेरा हौसला कहाँ| ऐसे भी हमने वक़्त गुज़ारा है, तेरे नाम से खुद को पुकारा है| मुझे वो याद आया बरसों के बाद, मैने [...]... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   3:59am 9 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
आ जाओ की देर ना हो जाये, तुम्हें कहीं आने में| क़ज़ा को बड़ी जल्दी है, हमें अपना बनाने में| अब मैं हूँ और चंद लफ्ज़ हैं, आरजू ले गयी सबकुछ जो दरमियाँ था| कहीं भीग ना जाए पलकों का दमन, लो छलक जाते हैं हम उन आँखों से| तेरी खुशबू से महक रहा हूँ, [...]... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   3:26am 7 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
ऐसा है अपनी फिराक का फ़साना ‘वीर’, सच पूछो तो हम को इंतजार-ए-विसाल नहीं| उम्मीद मैंने भी छोड़ दी है ‘वीर’, गर तुझे अपने हौसलों पर एतबार नहीं| तुम्हारे दिल का सुकून, मेरे इख्तियार में नहीं, शरमिंदा हूँ के असर इतना, मेरे प्यार में नहीं| मेरा हौसला जब चुभने लगा उन आँखों को ‘वीर’, ... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   3:11am 7 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांश...
ऐसा है अपनी फिराक का फ़साना ‘वीर’, सच पूछो तो हम को इंतजार-ए-विसाल नहीं| उम्मीद मैंने भी छोड़ दी है ‘वीर’, गर तुझे अपने हौसलों पर एतबार नहीं| तुम्हारे दिल का सुकून, मेरे इख्तियार में नहीं, शरमिंदा हूँ के असर इतना, मेरे प्यार में नहीं| मेरा हौसला जब चुभने लगा उन आँखों को ‘वीर’, ... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   3:11am 7 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांशवीरां...
मोहब्बत करते-करते तू बंदगी कर बैठा है, करीब आते-आते तू खुद को खो बैठा है| जब तलक बेपरवाह था ठीक ही था, अब सोचता है मुझे, तो मजबूरी की तरह| वो पहले सा हौसला ‘वीर’ में नहीं, घुटने टेक देता है अब जिंदगी के आगे वो| उलटे पांव ना चल सका जज़्बातों का मुसाफिर, जाने [...]... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   2:57am 7 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांश...
मोहब्बत करते-करते तू बंदगी कर बैठा है, करीब आते-आते तू खुद को खो बैठा है| जब तलक बेपरवाह था ठीक ही था, अब सोचता है मुझे, तो मजबूरी की तरह| वो पहले सा हौसला ‘वीर’ में नहीं, घुटने टेक देता है अब जिंदगी के आगे वो| उलटे पांव ना चल सका जज़्बातों का मुसाफिर, जाने [...]... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   2:57am 7 Dec 2011 #ख्याल
Blogger: वीर at वीरांश...
मायूस दिलों में उम्मीद जगाई जाए, वीर चलो इस बार ऐसी ईद मनाई जाए| मुफ़लिसी ने सितम ढाया है जिन पर, उन चेहरों पर मुस्कुराहट सजाई जाए| जुनून की इंतहा का इल्म है ‘वीर’ को, उसने सिर्फ रास्ता बदला है, हौसला नहीं| गीला ना रह जाए तुझे अपनी ज़िन्दगी से ‘वीर’, एक कोशिश लाज़मी है [...]... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   4:44pm 6 Dec 2011 #ख्याल
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