POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: कबाड़

Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
मन पक्का करना है बस सोच को संक्रमित नहीं होने देना है भीड़ घेरती ही है उसे कौन सा अपनी सोच से कुछ लेना देना है शरीर नश्वर है आज नहीं तो कल मिट्टी होना है तेरा तुझ को अर्पण क्या लागे मेरा की याद आ रही हो सभी को जब नौ दिशाओंसे ऐसे माहौल में कुछ कहना जैसे ना कहना है सिक्का उछालन... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   5:48pm 24 Mar 2020 #कबाड़
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
एक भीड़ लिख रही है लिख रही है चेहरे खुद के संजीदा कुछ पढ़ लेने वालेअलग कर लेते हैं सहेजने के लिये खूबसूरती किसी भी कोण से बना लेते हैं त्रिभुज या वर्ग या फिर कोई भी आकृतिसीखने में समय लगता है सीखने वाले को पढ़ने वाले के पढ़ने के क्रमजहाँ क्रम होना उतना जरूरी न... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   4:28pm 2 Sep 2019 #कबाड़
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   एडम मिन्टर कबाड़ के व्यवसाय में है। वह एक कबाड़खाना मालिक का बेटा है, और विश्व भर में कबाड़ पर शोध करता हुआ, सँसार भर में घूमता रहता है। अपनी पुस्तक Junkyard Planet में उसने सँसार भर में कबाड़ को पुनः प्रयोग होने लायक बनाने के करोड़ों-बिलियन डॉलर व्यवसाय के बारे में बताया है। वह ध्... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:15pm 1 May 2018 #कबाड़
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
लिखे हुऐ को सात बार पढ़ कर जनाब पूछ्ते हैं ओये तू कहना क्या चाहता है साफ साफ असली बात को दो चार सीधे साधे शब्दों में ही बता कर क्यों नहीं जाता है बात को लपेट कर घुमा कर फालतू की जलेबी बना कर किसलिये लिखने को रोज का रोज यहाँ पर आ जाता है सुनिये जनाबजिसकी जितनी समझ होती है वो उ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   4:21pm 20 Dec 2017 #कबाड़
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
जैसे ही सोचो नये किस्म का कुछ नया करने की कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ ऐसा हो जाता है जो ध्यान भटकाता है और लिखना लिखाना शुरु करने से पहले ही कबाड़ हो जाता है बड़ी तमन्ना होती है कभी एक कविता लिख कर कवि हो जाने की लेकिन बकवास लिखने का कोटा कभी पूरा ही नहीं हो पाता है हर साल नये सा... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   1:54pm 4 Jan 2017 #कबाड़
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
अंदाज नहीं आयाउठा है या सो गयाकल सारे दिनइंटरनेट जैसेलिहाफ एकमोटा सा ओढ़ करउसी के अंदर हीकहीं खो गयाइन तरंगों मेंबैठ कर उधर सेइधर को वैसे भीकुछ कम हीआता है और जाता हैबहुत कोशिश करनेपर भी इधर का कुछउधर धक्के दे देकर भेजने परभी नहीं गयाये भी कोईकहने की बात हैअब नहीं चलात... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   5:18pm 2 Sep 2015 #कबाड़
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
पुरानी होती हुई चीजों से भी बहुत भ्रांतियां पैदा होती हैं एक समाचार पत्र एक दिन के बाद ही अपना मूल्य खो देता है रुपिये की जगह कुछ पैसों का हो लेता है रद्दी कहलाता है कबाड़ी मोल भाव करके उठा ले जाता है हाँ थैली बनाने के काम जरूर आता है कुछ देर के लिये दुबारा जिंदा होकर खड़ा ह... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   2:01pm 19 Jul 2014 #कबाड़
[Prev Page] [Next Page]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3969) कुल पोस्ट (190592)