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Tag: उम्मीद

Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी : ...
घनघोर तिमिर आतंक करेवायु भी वेग प्रचंड करेहो सघन बादलों का फेराया अति वृष्टि का हो घेरातू हृदय घट में भरले उजासमत पीछे हट, तू कर प्रयासहै पथिक तू, न ये भूलनाकरने तुझे कई काज हैंवो मानव ही तो मानव हैंजिसमें उम्मीद और आस हैमाना पतझड़ का मौसम है पर ये मौसम भी बीतेगातूफान ... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   6:50pm 17 Mar 2018 #उम्मीद
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
बेतहाशा फिसलन की राह पर काम नहीं आता मुट्ठियों से घास पकड़ना   सुकून देता है उम्मीद के पत्थर से टकराना या रौशनी का लिबास ओढ़े अंजान टहनी का सहारा  थाम लेती है जो वक़्त के हाथ  चुभने के कितने समय बाद तक वक़्त का महीन तिनका  घूमता रहता है दर्द का तूफानी दरिया बन कर पाँव ... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   3:47am 12 Mar 2018 #उम्मीद
Blogger: मधुलिका पटेल at मेरी स्याही क...
सोचना समझना और चलना उन रास्तों पर पर फिर कभी न निकल पाना उन बंधनो से जो वक़्त के साथ बंधते और कस्ते जाते हैं |एक अजगर की पकड़ की तरह जहाँ दम घुटने के अलावा कुछ नहीं है जो दिन रात आपका सुख चैन निगल रहा है और धीरे - धीरे आपको भी |पर ज़िन्दगी अगर हार कर भी हारती नहीं निकल ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   7:51pm 15 Sep 2017 #उम्मीद
Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी : ...
व्यस्त हूँ मैं..क्योंकि मेरे पास कोई काम नहीं है,इसलिए व्यस्त हूँ मैं...काम की खोज में हूँ!रोजगार की तलाश में हूँ!रोज दर - दर की खाक छानता हूँ! डिग्रीयां लिए - लिएदफ्तर- दर- दफ्तर भटकता हूँ!इसलिए व्यस्त हूँ मैं...मेहनतकश इन्सान हूँ!पर सिफारिश नहीं है!दो वक़्त की रोटी की खातिरक... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   10:23am 15 May 2017 #उम्मीद
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
सोचता हूँ फज़ूल है उम्मीद की चाह रखना ... कई बार गहरा दर्द दे जाती हैं ... टुकड़ा टुकड़ा मौत से अच्छा है  खुदकशी कर लेना ...कुछ आहटें आती है उम्मीद की उस रास्ते से छोड़ आए थे सपनों के सतरंगी ढेर जहां   आशाओं के रेशमी पाँव रहने दो पालने में की ज़मीन नहीं मिल पायगी तुम्हारी दहलीज़ क... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   6:07am 3 Apr 2017 #उम्मीद
Blogger: सुशील बाकलीवाल at नजरिया...
            एक बेटा अपने वृद्ध पिता को रात्रि भोज के लिए एक अच्छे रेस्टॉरेंट में लेकर गया । खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया ।  रेस्टॉरेंट में बैठे दुसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को तिरस्कारपूर्ण नजरों से देख रहे थे, लेकिन वृद्ध ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   1:50pm 26 Jan 2017 #उम्मीद
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
आँख में उम्मीद जो पलती नहींरात काली ढल के भी ढलती नहींभूख भी है प्यास भी कुछ और भीप्रेम से बस जिंदगी चलती नहींहौंसला तो ठीक है लकड़ी भी होआग वरना देर तक जलती नहींइश्क तिकड़म से भरा वो खेल हैदाल जिसमें देर तक गलती नहींहै कहाँ मुमकिन हमारे बस में फिरज़िंदगी में हो कभी गलती न... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   10:09am 14 Jun 2016 #उम्मीद
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
आह! दुनिया नहीं चाहती मैं, मैं बनकर रहूँवो जो चाहती है, कहती हैं, बन चुपचाप रहूँ होठ भींच, रह ख़ामोश, ख़ुद से अनजान रहूँरहकर लाचार यूँ ही, मैं ख़ुद से पशेमान रहूँ बनकर तमाशबीन मैं क्यों, ये असबाब सहूँ? कहता हूँ ख़ुद से, जो हूँ जैसा हूँ वही ज़ात रहूँ नहीं समझे हैं वो, कोशिशें उल्टी प... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   12:31pm 29 Mar 2016 #उम्मीद
Blogger: मधुलिका पटेल at मेरी स्याही क...
सारी जिंदगी ढूँढती रहीन मंजिल मिली न किनारा न शब्दों का अर्थ  अनवरत चलते कदम कभी थकते हैं कभी रुकते हैं बस झुकना,वो कमबख़्त वक़्त भीनहीं सिखा पाया ये उम्मीद शब्द मैने सुना जरूर है मेरी कलम उसेबहुत अच्छे से लिख लेती हैपर मेरा मस्तिष्क उसका अर्थढूँढ पाने मे... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   7:32pm 23 Nov 2015 #उम्मीद
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी at palash "पलाश"...
उम्र के साठ बसन्त, पतझड और सावन देखने के बाद, आज दिल में अचानक जिन्दगी जीने की ख्वाइश पता नही कहाँ से जाग उठी। ये खवाइश तो दिल में तब भी नही उठी जब हाथों में मेंहदी रचाये, पायलों के मधुर संगीत के साथ आँखों में सतरंगी सपने लिये नव जीवन में प्रवेश किया था। जीवन जीने की ख्वाइश... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   8:19am 4 Apr 2015 #उम्मीद
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
गुफ़्तगू-ए-इश्क़ में पेश आए सवालों की तरहहम समझते ही रह गए उन्हें ख़यालों की तरह लोग करते रहे ज़िक्र-ए-जुनूं दीवानों की तरह अरमां जब टूट गए थे मय के प्यालों की तरहफ़लसफ़ा-ए-इश्क़ उम्मीद है बारिशों की तरह दिल जो भी भीगा रोशन रहा उजालों की तरहअंजाम-ए-मोहब्बत जागा फिर वफ़ा की तरह वक़... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   7:24am 25 Jan 2015 #उम्मीद
Blogger: Sumit at मेरी दुनिया.. ...
आप ज़िन्दगी में सफलता और आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको एक ख़ास पीएचडी (PhD) करनी होगी।। इसमें पी यानी पैशन (P), एच यानी हंगर (h) और डी यानी डिसिप्लिन (D) है.. लीडरशिप के लिए आपको करनी होगी ख़ास पीएचडी। इस पीएचडी में शामिल हैं आपके भीतरी गुण।।जब आप किसी काम को पसंद करते हैं तो वह पै... Read more
clicks 307 View   Vote 0 Like   11:38am 27 Sep 2014 #उम्मीद
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
इज़हार-ए-इश्क़ का आया मौसमअरमां मचलते इस दिल में सनममहफूज़ मुद्दत से रखा हमने इन्हेंआज क्यों ना कह दें तुमसे सनममालूम है फ़र्क पड़ता नहीं तुमकोहम जियें या मर जाएँ ऐसे ही सनमहसरत दिल की दिल में ना रह जायेयही सोच लिख बयां करते हैं सनमतुम कब समझोगी ये अंदाज़-ए-बयांहो ना जायें हम... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   8:26am 14 Feb 2014 #उम्मीद
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
मेरी कविता, मेरे अलफ़ाज़मेरी उम्मीद, मेरे उन्मादमेरी कहानी, मेरे जज़्बात मेरी नींद, मेरे ख्व़ाबमेरा संगीत, मेरे साज़मेरी बातें, मेरे लम्हातमेरा जीवन, मेरे एहसासमेरा जूनून, मेरा विश्वाससब तुम्हारे लिए ही तो हैफिर क्या ज़िन्दगी मेंतुमसे कह नहीं सकतामेरे जीवन का हर क्षणतुम... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   8:54am 2 Feb 2014 #उम्मीद
Blogger: डा.राजेंद्र तेला "निरंतर at "निरंतर" क...
उम्मीद कीछोटी सी किरण भीअब किनारा लगतीमंजिल की दूरियांकम लगतीअँधेरे में रोशनी कीकिरण लगतीबुझे हुए चिरागों मेंआग लगतीउम्मीद टूटतीना रोशन होते चिरागना मिलता किनाराना दिखती मंजिलफिर अंधेरी रातदिखती07-06-2012587-37-06-12Dr.Rajendra Tela"Nirantar"... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   6:15am 11 Aug 2012 #उम्मीद
Blogger: suhani at कुछ कहना है......
सब समझते हुए सरकार अनजान बन रही है। कोई 74 वर्ष की उम्र में दिनरात बिना कुछ खाए-पिए बेकार की जिद तो नहीं करेगा न...। सबके घर में बूढ़े बुजुर्ग होते हैं उन्हें तो लोग वक्त पर खाना, दवाईयां और सारी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं यहां खुले आसमां के नीचे भूखे प्यासे अन्ना हमारे लिए ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   10:43am 20 Aug 2011 #उम्मीद
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