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Tag: आलेख

Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट क...
वैश्विक स्तर पर जबसे कोरोना वायरस का हमला दिखाई दिया है तबसे सभी देश लगातार उसके खिलाफ लड़ाई सी छेड़े हुए हैं. संभवतः वैश्विक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ होगा जबकि एक विश्वयुद्ध सा मंजर दिख रहा है, बस शत्रु ही सामने नजर नहीं आ रहा है. सभी देशों को भली-भांति ज्ञात है कि उनका ... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   8:15am 21 Aug 2020 #आलेख
Blogger: Dhanesh Kothari at BOL PAHADI...
प्रबोध उनियाल |फागुन पूर्णिमा को मनाए जाने वाला होली का पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का अंतिम तथा जन सामान्य द्वारा मनाये जाने वाला सबसे बड़ा रंगों का त्योहार है. यह पर्व उल्लास का पर्व भी है, जिसमें सभी वर्ण एवं जाति के लोग बिना वर्ग भेद के सम्मिलित होते हैं. आदि -... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   7:48am 6 Mar 2020 #आलेख
Blogger: Dhanesh Kothari at BOL PAHADI...
नरेन्द्र कठैत //************ श्री शिवराज सिंह रावत निःसंग जी पर अभिनन्दन ग्रंथ और वर्तमान सन्दर्भ में दो शब्द!          पाश्चात्य कलमकारों ने इस देवभूमि से जो कुछ समेटा उसका आंकलन करने के लिए किसी कलमकार की लिखी यह पंक्ति  ‘धनुष भी उनके, बाण भी उनके, अपनी केवल आंख’ ही पर... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   9:10am 15 Aug 2019 #आलेख
Blogger: Dhanesh Kothari at BOL PAHADI...
दुर्गा नौटियाल //************हां, मैं लक्ष्मणझूला सेतु हूं! मैं अब बूढ़ा हो चला हूं। लेकिन मैं इतना कमजोर भी नहीं की मृत्यु के आगे नतमस्तक हो जाऊं...। मैं महाभारत के भीष्म की वह प्रतिज्ञा हूं, जो रणभूमि में बाणों की शैय्या पर लेटे हुए भी मृत्यु को अपने बस में कर सकता हूं। मैं महर्ष... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   4:55pm 4 Aug 2019 #आलेख
Blogger: Dhanesh Kothari at BOL PAHADI...
दुर्गा नौटियाल // *********मैं लक्ष्मणझूला सेतु हूं..! पहचाना मुझे... क्यों नहीं पहचानोगे... आखिर आपने और आपकी पीढ़ियों ने एक नहीं बल्कि कई बार मुझे जिया है। मेरी बलिष्ठ भुजाओं पर विश्वास करके न जाने कितनी बार तुमने मेरे सहारे गंगा के इस छोर से उस छोर का सफर तय किया। आज मैं आपको ... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   6:28am 1 Aug 2019 #आलेख
Blogger: Dhanesh Kothari at BOL PAHADI...
नरेन्द्र कठैत //अक्सर सुनने में आता है कि हम हिंदी भाषा के आचार व्यवहार में तालव्य ‘श’ का उच्चारण सही नहीं कर पाते। तालव्य ‘श’ के स्थान पर दन्त ‘स’ उच्चारित करते हैं। देश को देस, प्रदेश को प्रदेस, आकाशवाणी को आकासवाणी इत्यादि हमारे श्रीमुख से आम बोलचाल में निकल ही जाते ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   5:55am 28 Jul 2019 #आलेख
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
आचार्य पी.आदेश्वर राव (ज. 20 दिसंबर, 1936) दक्षिण भारत में हिंदी के उन आचार्यों में अग्रणी हैं जिन्होंने अपनी मौलिक साहित्य सर्जना के बल पर देश भर में प्रभूत यश अर्जित किया है। वे ‘गुरूणाम् गुरु’ हैं। हिंदी भाषा और साहित्य उनकी रग-रग में रमे हैं। उन्होंने काशी हिंदू विश्ववि... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   4:23pm 13 Jul 2019 #आलेख
Blogger: दिनेशराय द्विवेदी at अनवरत...
शायद कोई प्रोफाइल बनानी थी, वह भी अंग्रेजी में। अब अंग्रेजी में अपनी टांग जरा टेड़ी पड़ती है, चलते हुए सदा लगता है कि अब गिरे कि अब गिरे। मैंने सोचा कुछ तरीके से लिखना चाहिए। लिखना था कुछ और, मैं लिखने लगा कुछ और-– इन इंडियन सिस्टम द लूनर मंथस् स्टार्ट फ्रॉम न्यू-मून-डे, व्... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   11:55am 15 Oct 2018 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- अजय कुमार श्रीवास्तव एम.ए. (राजनीति विज्ञान एवं समाज शास्त्र) 3/277, विराट खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ-10 मोबाइलः 94159-60146 देश हित में नहीं है ‘त्रुटिपूर्ण शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’ अभी कुछ दिन पूर्व ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दायर हुए 40 हजार से अधिक मामले’’... Read more
clicks 319 View   Vote 0 Like   9:43am 28 Jul 2018 #आलेख
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
सौम्य शीतल व्यक्तित्व के धनी- डा. मयंक "आचार्य देवेन्द्र देव"परिवर्तिनि खलु संसारे मृतः को वा न जायते।स एव जातो यस्य जातेंन याति वंशं समुद्भवम्।         अर्थात् इस परिवर्तनशील संसार में कौन मरता नहीं है और कौन जन्म नहीं लेता है (सभी मरते-पैदा होते है) किन... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:03am 4 Apr 2018 #आलेख
Blogger: PAWAN KUMAR at Journey...
गहराई -----------'गहराई'शब्द अभी मेरे जेहन में आया है और मैं सोच रहा हूँ कि इसे कैसे परिभाषित करूँ, कैसे इसे अपने साथ जोड़ूँ, और कैसे इससे अनुभूत होऊँ। 'गहराई'क्या है - यह मात्र अनदेखी भ्रान्ति तो नहीं है जिसकी दूर से ही कुछ कल्पना करके हम अपना कुछ अस्पष्ट सा निष्कर्ष निकाल ल... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   12:38pm 1 Apr 2018 #आलेख
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
प्रधानमन्त्री के स्वच्छता के नारे कोधता बताता हुआ,--तीन फीट की गहराई में बना पुराने खटीमा स्टेशन का शौचालयजिसमें शौच जाना तो दूर,इसके पास खड़े होना भी दूभर है।क्योंक यहाँ गन्दगी का अम्बार लगा है।       बरेली-पीलीभीत-टनकपुर रेल रूट पर खटीमा नाम का एक प्रमुख स्टे... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   5:04am 15 Mar 2018 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- डॉ. सूर्यकांत मिश्रा जूनी हटरी, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) मो. नंबर 94255-59291 email- sk201642@gmail.com 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर विशेष युगर्व से सिर उठाने का दिन ० देश के जयघोषण का पर्व है-गणतंत्र दिवस     भारतीय गणतंत्र पर्व यानी गर्व से सिर उठाने का दिन। 26 जनवरी 1950 को हमनें अप... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   6:30pm 25 Jan 2018 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- डॉ. सूर्यकांत मिश्रा जूनी हटरी, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) मो. नंबर 94255-59291 email- sk201642@gmail.com 12 जनवरी युवा दिवस पर विशेष युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत रहे हैं स्वामी विवेकानंद ० विदेशों में भारत को दिलाया सम्मानजनक स्थान     बालक नरेन्द्र से विवेकानंद तक क... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:30pm 11 Jan 2018 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- अश्विनी कुमार लाल मूलत: उत्तर भारतीय हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुस्तफागंज गांव में हुआ पर पूरे परिवार के साथ आजीवन भर कोलकाता में रहे हैं। उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा आदर्श माध्यमिक विद्यालय तथा रिषड़ा स्वतंत्र हिंदी विद्यालय से ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   6:30pm 14 Dec 2017 #आलेख
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
'समन्वय दक्षिण' : अप्रैल-सितंबर, 2017 : पृष्ठ 84-92 : केंद्रीय हिंदी संस्थान, हैदराबाद आलूरि बैरागी चौधरी का कविकर्म-डॉ. ऋषभ देव शर्मा धुनी जा रही दुर्बल काया .मलिन चाम में हाड-मांस जिसमें स्वर्गिक सपनों की माया.नस-नस तांत बनी धुन जातीरग-रग में हिम-ज्वाल सुलगतीउड़ते उजले मन क... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   6:29am 27 Nov 2017 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- अश्विनी कुमार लाल मूलत: उत्तर भारतीय हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुस्तफागंज गांव में हुआ पर पूरे परिवार के साथ आजीवन भर कोलकाता में रहे हैं। उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा आदर्श माध्यमिक विद्यालय तथा रिषड़ा स्वतंत्र हिंदी विद्यालय से प... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   6:30pm 14 Nov 2017 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- डा0 जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक,  सिटी मोन्टेसरी स्कूल,  लखनऊ 15 अगस्त ‘‘स्वतंत्रता दिवस’’ पर विशेष लेख(हम सब मिलकर संकल्प लेते हैं, 2022 तक नए भारत के निर्माण का)-- डाॅ. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   6:30pm 14 Aug 2017 #आलेख
Blogger: sushil kumar at शब्द सक्रिय ह...
युवा आलोचक उमाशंकर सिंह परमार की नई आलोचना-पुस्तक है - 'पाठक का रोजनामचा' जो डायरी विधा में लिखी गई है । उन्हीं के किताब से उसका अध्याय सप्तम है जो सुशील कुमार की कविताई पर केन्द्रित है । यह जितनी समीक्षा है उतनी ही आलोचना। जितनी आलोचना है उतनी ही डायरी , यानि इन विधाओं के ... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   12:30pm 23 Jul 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम : at चलते -चलते...!...
गत अंक से आगे....सन 2011 तक आते-आते ऐसा लगने लगा था कि ब्लॉगिंग के माध्यम से हिन्दी ब्लॉगर आने वाले समय में साहित्य-समाज-संस्कृति-राजनीति-अर्थव्यवस्था जैसे विषयों के साथ-साथ उन तमाम विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे जो अभी तक चर्चा से अछूते रहे हैं. ब्लॉगिंग को अभिव्यक्ति की नय... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   11:32am 15 Jul 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम : at चलते -चलते...!...
गत अंक से आगे...!!! 4. धर्म के वास्तविक महत्व को समझने की कोशिश करें: आदमी किसी भी समाज में पैदा हो, लेकिन दो चीजें उसके जन्म के साथ ही उससे जुड़ जाती हैं. एक है “जाति” और दूसरा है “धर्म”. संसार में अधिकतर यह नियम सा ही बन गया है कि जो जिस जाति में पैदा होगा उसी के अनुसार उसका धर्... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   7:16pm 15 Mar 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम : at चलते -चलते...!...
गत अंक से आगे....मैं जहाँ तक समझ पाया हूँ कि दुनिया को बदलने का प्रयास करने से पहले हम खुद को बदलने का प्रयास करें. जब एक-एक करके हर कोई खुद को मानवीय भावनाओं के अनुरूप ढालने का प्रयास करेगा तो दुनिया का स्वरुप स्वतः ही बदल जायेगा. लेकिन आज तक जितने भी प्रयास हुए हैं उनका स्त... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   5:56pm 18 Feb 2017 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
  रचनाकार परिचय:- ललित गर्ग ई-253, सरस्वती कुंज अपार्टमेंट 25 आई. पी. एक्सटेंशन, पटपड़गंज, दिल्ली-92 फोनः 22727486, 9811051133 153वें मर्यादा महोत्सव- 3 फरवरी, 2017 के लिये मर्यादा महोत्सव है तेरापंथ का महाकुंभ मेला -ः ललित गर्ग:- भारत की वसुंधरा ऋषिप्रधान है। भारतीय संस्कृति में दो प्रकार क... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   6:30pm 2 Feb 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम : at चलते -चलते...!...
गत अंक से आगे....w.w.w. के विकास के साथ ही विभिन्न प्रकार के जाल स्थल भी अस्तित्व में आने लगे. एक तरफ जहाँ विभिन्न देशों की सरकारें और संगठन अपनी गतिविधियों को विभिन्न जाल स्थलों के माध्यम से आम जन तक पहुँचाने का प्रयास करने लगे, वहीँ दूसरी और कुछ ऐसे जाल स्थल भी अस्तित्व में भ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   7:46pm 27 Jan 2017 #आलेख
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- सुशील कुमार शर्मा व्यवहारिक भूगर्भ शास्त्र और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं। इसके साथ ही आपने बी.एड. की उपाध‍ि भी प्राप्त की है। आप वर्तमान में शासकीय आदर्श उच्च माध्य विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यर... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   6:30pm 25 Jan 2017 #आलेख
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